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खानपुर उपखंड की पखराना ग्राम पंचायत में प्रशासनिक अनदेखी के चलते मुख्य आम रास्ता पूरी तरह से कीचड़ के दलदल में बदल गया है। यह स्थिति लंबे समय से नालियों की सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे वे पूरी तरह चोक हो गई हैं। नतीजतन, इन नालियों से बदबूदार और दूषित पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है, जिसने राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी कर दी है, जो आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का बड़ा खतरा सता रहा है। सफाई व्यवस्था ठप होने से पखराना के ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है और वे इस प्रशासनिक अनदेखी से बेहद परेशान हैं।
Pradeep Nagar
खानपुर उपखंड की पखराना ग्राम पंचायत में प्रशासनिक अनदेखी के चलते मुख्य आम रास्ता पूरी तरह से कीचड़ के दलदल में बदल गया है। यह स्थिति लंबे समय से नालियों की सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे वे पूरी तरह चोक हो गई हैं। नतीजतन, इन नालियों से बदबूदार और दूषित पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है, जिसने राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी कर दी है, जो आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का बड़ा खतरा सता रहा है। सफाई व्यवस्था ठप होने से पखराना के ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है और वे इस प्रशासनिक अनदेखी से बेहद परेशान हैं।
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- यह प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता और कार्यप्रणाली के लिए सबसे शक्तिशाली अभ्यासों में से एक है। यह रक्तचाप को कम करने, हृदय गति को नियंत्रित करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर में शुगर के स्तर को संतुलित करने में सहायक है। इस बेहद सरल प्राणायाम में साँस को पूरी शक्ति या अपनी क्षमतानुसार अंदर लेना और बाहर छोड़ना होता है। इसे प्रतिदिन करने वाले व्यक्ति को यह बहुत पसंद है। आप भी इस योग वीडियो को अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें।1
- बारां जिला कलेक्टर कार्यालय पर कांग्रेस के एक धरना-प्रदर्शन के दौरान, महिलाएं पानी की कमी को लेकर अत्यधिक आक्रोशित हो गईं। विरोध जताते हुए, उन्होंने मंच पर बैठे कांग्रेस के नेताओं को खाली पानी के केम्पर उठाकर दिखाए। यह दृश्य तब और भी विरोधाभासी लगा, जब मंच पर आसीन नेता बिसलेरी की बोतलें पी रहे थे, जबकि धरना-स्थल पर मौजूद कार्यकर्ता प्यास से बेहाल थे।2
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- छिपाबड़ौद के स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियाँ ज़ोरों पर चल रही हैं। इस दौरान वीरभद्रासन (वॉरियर पोज़) और कुर्सी मुद्रा (चेयर पोज़) जैसे महत्वपूर्ण आसन सिखाए जा रहे हैं। साथ ही, प्राणायाम के अभ्यास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और लोगों से इन्हें सीखने व करने का आग्रह किया जा रहा है।1
- गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।1
- कोटा में आयोजित कांग्रेस ओबीसी अधिवेशन के दौरान, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा नेताओं को 'चवन्नी चोर' तक कह डाला।1
- चेचट क्षेत्र से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के यातायात को गलत तरीके से डायवर्ट किए जाने के कारण गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। 8-लेन से आने वाले वाहनों को भटवाड़ा-अमझार सड़क से होकर निकाला जा रहा है, जबकि कोटा की तरफ से जाने वाले वाहनों के लिए निर्धारित मार्ग ढाबादेह-मोड़क है। हालांकि, अमझार सड़क पर तैनात गार्ड अक्सर 8-लेन के वाहनों को अमझार-भटवाड़ा सड़क पर मोड़ देते हैं, जिससे यह सिंगल-लाइन सड़क आए दिन दुर्घटनाओं का गवाह बन रही है। बीती रात भी एक वाहन गलत दिशा से आते हुए भटवाड़ा में दुर्घटना का शिकार हो गया और एक दीवार तोड़कर अंदर घुस गया। इस घटना के बाद, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और आश्वासन दिया कि अब से 8-लेन पर जाने वाले वाहनों को ढाबादेह से होकर ही निकाला जाएगा। हालांकि, पुलिस के इस आश्वासन के बावजूद, गुरुवार को फिर से वही स्थिति देखने को मिली। इसके चलते भटवाड़ा में बार-बार जाम लग रहा है और गलत दिशा से आने वाले वाहनों के कारण अमझार-भटवाड़ा सड़क पर हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।4