अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय वर्ग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास सुविधाओं तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं आवश्यकताओं से अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनजातीय विद्यार्थियों के हितों के अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विश्वविद्यालय के जनजातीय अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय वर्ग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास सुविधाओं तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं आवश्यकताओं से अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनजातीय विद्यार्थियों के हितों के अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विश्वविद्यालय के जनजातीय अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय को देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक बताते हुए इसे एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। अनूपपुर के अमरकंटक में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके लिए सतत प्रयास करने को कहा है। शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के नामांकन की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय में अधिक से अधिक जनजातीय छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। चूंकि यह विश्वविद्यालय जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक उत्थान के उद्देश्य से स्थापित हुआ है, इसलिए जनजातीय वर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटों पर पात्र जनजातीय विद्यार्थियों का ही प्रवेश सुनिश्चित होना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने अध्ययनरत जनजातीय विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर देने और उनके शैक्षणिक व सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कोतमा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रात्रिकालीन वाहन चेकिंग के दौरान एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3.058 किलोग्राम गांजा, 3 जिंदा कारतूस, ₹37,300 नकद, 5 मोबाइल फोन और एक ग्रैंड विटारा कार बरामद की गई है। जब्त की गई इस तमाम सामग्री की कुल कीमत करीब ₹14 लाख आंकी गई है। यह घटना 13 जुलाई 2026 की रात की है, जब थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के निर्देशन में पुलिस टीम ग्राम पथरौड़ी स्थित एंजल किराना स्टोर के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की ग्रैंड विटारा कार (क्रमांक MP18ZE5709) पुलिस को देखकर पीछे मुड़कर भागने लगी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और गाड़ी को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर चालक शिवा विश्वकर्मा (उम्र 30 वर्ष, निवासी लालपुर, बुढ़ार, जिला शहडोल) और रेखा उर्फ मनीषा गुप्ता (उम्र 35 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, कोलगवां, जिला सतना) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन में गांजा होने की बात स्वीकार कर ली। कोतमा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20(b) एनडीपीएस एक्ट और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस पुलिस टीम में थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल के साथ सउनि सुखीनंद यादव, प्रधान आरक्षक रामखेलावन, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पासी, कपिल उइके, आरक्षक अभय त्रिपाठी, राकेश सिंह, महेश साहू, महिला आरक्षक सुप्रिया त्रिपाठी और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार शामिल रहे।3
- शहडोल के बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत चंगेरा में खसरा नंबर 28/1 की शासकीय जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। पंचायत की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद भी यहां अवैध रूप से मकानों का निर्माण जारी है। इस मामले को लेकर तहसील में भी आवेदन दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सभी ग्रामवासी चाहते हैं कि इस शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त रखा जाए, क्योंकि इस पर पहले कभी किसी का कब्जा नहीं रहा है। भविष्य में यदि कोई सरकारी योजना आती है, तो हाई स्कूल, हॉस्पिटल या हॉस्टल जैसे बड़े सरकारी कार्यों के लिए यह जमीन सबसे उपयुक्त है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अतिक्रमणकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।1
- शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम देवगांव में खनिज विभाग ने अवैध खनिज भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने शासकीय भूमि पर जमीन के भीतर गाड़कर छिपाए गए करीब 20 टन लावारिस कोयले को जब्त किया है और मौके पर मिले लगभग 25 घनमीटर अवैध रेत के भंडारण को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि देवगांव के पास सरकारी जमीन में भारी मात्रा में कोयला दबाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम को वहां लगभग 10 फीट चौड़ा, 20 फीट लंबा और 2 फीट गहरा गड्ढा मिला, जिसमें कोयला दबाकर छिपाया गया था। विभाग ने बिना देरी किए जेसीबी और डंपर की मदद से इस कोयले को गड्ढे से बाहर निकलवाया और सुरक्षित स्थान पर रखवाया। इसके साथ ही मौके पर अवैध रूप से भंडारित रेत में जेसीबी से मिट्टी मिलवाकर उसे वहीं पर नष्ट कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को खनि निरीक्षक अभिषेक पटेल के नेतृत्व में विभागीय दल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। कार्रवाई के बाद खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि शहडोल जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध आगे भी इसी तरह लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बाल संप्रेक्षण गृह से 13 अपचारी बालक फरार हो गए हैं। इस संप्रेक्षण गृह से महज एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है जब एक साथ 13 बालक भागने में सफल रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश में मंत्री परिषद द्वारा 10800 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, क्षेत्र में एक अत्याधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा का भी लोकार्पण किया गया है।1
- अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय वर्ग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास सुविधाओं तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं आवश्यकताओं से अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनजातीय विद्यार्थियों के हितों के अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विश्वविद्यालय के जनजातीय अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम थोड़ीपानी में खेत की जुताई करने के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ खेत जोतते समय एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम थोड़ीपानी में ट्रैक्टर से खेत की जुताई का काम चल रहा था, तभी अचानक ट्रैक्टर का स्टीयरिंग लॉक हो गया या मुड़ना बंद हो गया। स्टीयरिंग फेल होते ही ट्रैक्टर पूरी तरह अनियंत्रित हो गया और पास ही स्थित एक गहरी खाई में जा गिरा, जिसके कारण चालक की जान चली गई।1