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मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कोतमा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रात्रिकालीन वाहन चेकिंग के दौरान एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3.058 किलोग्राम गांजा, 3 जिंदा कारतूस, ₹37,300 नकद, 5 मोबाइल फोन और एक ग्रैंड विटारा कार बरामद की गई है। जब्त की गई इस तमाम सामग्री की कुल कीमत करीब ₹14 लाख आंकी गई है। यह घटना 13 जुलाई 2026 की रात की है, जब थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के निर्देशन में पुलिस टीम ग्राम पथरौड़ी स्थित एंजल किराना स्टोर के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की ग्रैंड विटारा कार (क्रमांक MP18ZE5709) पुलिस को देखकर पीछे मुड़कर भागने लगी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और गाड़ी को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर चालक शिवा विश्वकर्मा (उम्र 30 वर्ष, निवासी लालपुर, बुढ़ार, जिला शहडोल) और रेखा उर्फ मनीषा गुप्ता (उम्र 35 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, कोलगवां, जिला सतना) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन में गांजा होने की बात स्वीकार कर ली। कोतमा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20(b) एनडीपीएस एक्ट और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस पुलिस टीम में थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल के साथ सउनि सुखीनंद यादव, प्रधान आरक्षक रामखेलावन, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पासी, कपिल उइके, आरक्षक अभय त्रिपाठी, राकेश सिंह, महेश साहू, महिला आरक्षक सुप्रिया त्रिपाठी और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार शामिल रहे।

2 hrs ago
user_JIYAUDDIN ANSARI
JIYAUDDIN ANSARI
Voice of people Budar, Shahdol•
2 hrs ago

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में कोतमा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रात्रिकालीन वाहन चेकिंग के दौरान एक महिला समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3.058 किलोग्राम गांजा, 3 जिंदा कारतूस, ₹37,300 नकद, 5 मोबाइल फोन और एक ग्रैंड विटारा कार बरामद की गई है। जब्त की गई इस तमाम सामग्री की कुल कीमत करीब ₹14 लाख आंकी गई है। यह घटना 13 जुलाई 2026 की रात की है, जब थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के निर्देशन में पुलिस

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टीम ग्राम पथरौड़ी स्थित एंजल किराना स्टोर के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की ग्रैंड विटारा कार (क्रमांक MP18ZE5709) पुलिस को देखकर पीछे मुड़कर भागने लगी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और गाड़ी को रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर चालक शिवा विश्वकर्मा (उम्र 30 वर्ष, निवासी लालपुर, बुढ़ार, जिला शहडोल) और रेखा उर्फ मनीषा गुप्ता (उम्र 35 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, कोलगवां, जिला सतना) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वाहन में गांजा होने की बात स्वीकार कर

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ली। कोतमा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20(b) एनडीपीएस एक्ट और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस पुलिस टीम में थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल के साथ सउनि सुखीनंद यादव, प्रधान आरक्षक रामखेलावन, दिनेश राठौर, संजीव त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र पासी, कपिल उइके, आरक्षक अभय त्रिपाठी, राकेश सिंह, महेश साहू, महिला आरक्षक सुप्रिया त्रिपाठी और साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार शामिल रहे।

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  • अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय वर्ग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास सुविधाओं तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं आवश्यकताओं से अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनजातीय विद्यार्थियों के हितों के अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विश्वविद्यालय के जनजातीय अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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    अनूपपुर के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय वर्ग के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्र कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास सुविधाओं तथा जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक प्रणाली से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं आवश्यकताओं से अध्यक्ष को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनजातीय विद्यार्थियों के हितों के अनुकूल बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए अध्यक्ष श्री आर्य ने सभी संबंधित पक्षों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

इस समीक्षा बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विश्वविद्यालय के जनजातीय अधिकारी और प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शहडोल जिले के जयसिंहनगर के कनाडी खुर्द का मुख्य मार्ग (SH-10) आजकल प्रशासनिक अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी से किसी बड़े तालाब जैसा नजर आ रहा है। अफसरों की गहरी नींद और नेताओं के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय जनता और राहगीर रोजाना इस मटमैले पानी में उतरकर अपनी गाड़ियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मुफ्त आनंद लेने को मजबूर हैं। इस दुर्दशा पर तंज कसते हुए कनाडी खुर्द के इस "जल-महोत्सव" को अधिकारियों की दूरदर्शिता और बिना किसी अतिरिक्त बजट के सड़क को स्विमिंग पूल में तब्दील करने का 'स्मार्ट विकास' बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव के समय चमचमाते वादे करने वाले नेता शायद अब इस मार्ग पर सड़क परिवहन बंद करके राष्ट्रीय जलमार्ग योजना शुरू करना चाहते हैं।
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    शहडोल जिले के जयसिंहनगर के कनाडी खुर्द का मुख्य मार्ग (SH-10) आजकल प्रशासनिक अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की मेहरबानी से किसी बड़े तालाब जैसा नजर आ रहा है। अफसरों की गहरी नींद और नेताओं के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय जनता और राहगीर रोजाना इस मटमैले पानी में उतरकर अपनी गाड़ियों के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स का मुफ्त आनंद लेने को मजबूर हैं।

इस दुर्दशा पर तंज कसते हुए कनाडी खुर्द के इस "जल-महोत्सव" को अधिकारियों की दूरदर्शिता और बिना किसी अतिरिक्त बजट के सड़क को स्विमिंग पूल में तब्दील करने का 'स्मार्ट विकास' बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव के समय चमचमाते वादे करने वाले नेता शायद अब इस मार्ग पर सड़क परिवहन बंद करके राष्ट्रीय जलमार्ग योजना शुरू करना चाहते हैं।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सीधी जिले की ग्राम पंचायत भदौरा के शंकरपुर रेलवे स्टेशन के समीप निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज में जल निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे के ठेकेदार ने अंडरब्रिज का निर्माण तो कर दिया है, लेकिन घरों के सामने पक्की नाली का निर्माण नहीं कराया। ऐसे में बारिश के दौरान पानी सीधे घरों में घुसने की आशंका बनी हुई है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को कुसमी एसडीएम अजय शर्मा की जनसुनवाई में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अंडरब्रिज निर्माण के दौरान घरों के सामने लगभग 6 फीट ऊंची दीवार बना दी गई है, जिससे लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी रेलवे विभाग को इस संबंध में शिकायत की थी, तब विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जल निकासी के लिए पक्की नाली बनाई जाएगी। लेकिन अब निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद नाली का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। शिकायतकर्ताओं में अयोध्या गुप्ता, पार्वती पनिका, बिहारी लाल पनिका, राजकुमार पनाडिया, राजकुमार गुप्ता, मनोज पनाडिया, पवन गुप्ता, भारतलाल जायसवाल, शत्रुघ्न जायसवाल, रामप्रसाद जायसवाल, दूधनाथ, श्यामलाल केवट और धर्मेंद्र सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। एसडीएम अजय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी परिवार को जलभराव और आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े।
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    सीधी जिले की ग्राम पंचायत भदौरा के शंकरपुर रेलवे स्टेशन के समीप निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज में जल निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे के ठेकेदार ने अंडरब्रिज का निर्माण तो कर दिया है, लेकिन घरों के सामने पक्की नाली का निर्माण नहीं कराया। ऐसे में बारिश के दौरान पानी सीधे घरों में घुसने की आशंका बनी हुई है।

इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को कुसमी एसडीएम अजय शर्मा की जनसुनवाई में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अंडरब्रिज निर्माण के दौरान घरों के सामने लगभग 6 फीट ऊंची दीवार बना दी गई है, जिससे लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी रेलवे विभाग को इस संबंध में शिकायत की थी, तब विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जल निकासी के लिए पक्की नाली बनाई जाएगी। लेकिन अब निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद नाली का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। शिकायतकर्ताओं में अयोध्या गुप्ता, पार्वती पनिका, बिहारी लाल पनिका, राजकुमार पनाडिया, राजकुमार गुप्ता, मनोज पनाडिया, पवन गुप्ता, भारतलाल जायसवाल, शत्रुघ्न जायसवाल, रामप्रसाद जायसवाल, दूधनाथ, श्यामलाल केवट और धर्मेंद्र सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं।

एसडीएम अजय शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी परिवार को जलभराव और आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े।
    user_Rajneesh Mauriya journalist
    Rajneesh Mauriya journalist
    Court reporter कुसमी, सीधी, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से इस जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से लोगों को नशे को 'ना' कहने और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहने का संदेश दिया गया है। अभियान के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें और नशा मुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
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    मध्य प्रदेश के शहडोल में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से इस जागरूकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

रैली के माध्यम से लोगों को नशे को 'ना' कहने और एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य को 'हाँ' कहने का संदेश दिया गया है। अभियान के तहत लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें और नशा मुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    3 hrs ago
  • बच्चे किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं, इसलिए उन्हें एक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। केवल माता-पिता या शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को बच्चों की सुरक्षा का प्रहरी बनना होगा। आज के समय में बच्चों को शारीरिक, मानसिक और ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए जागरूकता और सतर्कता दोनों बेहद आवश्यक हैं। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील समाज की पहचान है। यदि कहीं भी किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार, शोषण या हिंसा की आशंका दिखाई देती है, तो चुप रहने के बजाय संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हम सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक सच्चे सेनापति की भूमिका निभानी होगी, क्योंकि बच्चों की मुस्कान तभी सुरक्षित रहेगी जब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सब मिलकर उठाएंगे।
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    बच्चे किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं, इसलिए उन्हें एक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। केवल माता-पिता या शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को बच्चों की सुरक्षा का प्रहरी बनना होगा। आज के समय में बच्चों को शारीरिक, मानसिक और ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए जागरूकता और सतर्कता दोनों बेहद आवश्यक हैं।

बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह एक संवेदनशील समाज की पहचान है। यदि कहीं भी किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार, शोषण या हिंसा की आशंका दिखाई देती है, तो चुप रहने के बजाय संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हम सभी को एक जिम्मेदार नागरिक बनकर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक सच्चे सेनापति की भूमिका निभानी होगी, क्योंकि बच्चों की मुस्कान तभी सुरक्षित रहेगी जब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सब मिलकर उठाएंगे।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने छत्तीसगढ़ के गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दे दी है, जिससे पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। इन नए स्वीकृत कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटों के साथ कुल 250 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बड़े अवसर मिलेंगे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा और नई उड़ान मिली है। इन कॉलेजों के शुरू होने से राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में डॉक्टर बनने का बेहतर मौका मिलेगा, साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं भी काफी मजबूत होंगी। संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय विधायकों ने भी इस निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया है और इसे अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उनका मानना है कि मेडिकल कॉलेज खुलने से न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आधारभूत संरचना के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार जताते हुए भरोसा दिया कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा।
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    राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने छत्तीसगढ़ के गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दे दी है, जिससे पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। इन नए स्वीकृत कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटों के साथ कुल 250 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बड़े अवसर मिलेंगे।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा और नई उड़ान मिली है। इन कॉलेजों के शुरू होने से राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में डॉक्टर बनने का बेहतर मौका मिलेगा, साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं भी काफी मजबूत होंगी।

संबंधित क्षेत्रों के स्थानीय विधायकों ने भी इस निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया है और इसे अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उनका मानना है कि मेडिकल कॉलेज खुलने से न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आधारभूत संरचना के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार जताते हुए भरोसा दिया कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ को चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा।
    user_स्वरांजली न्यूज
    स्वरांजली न्यूज
    Newspaper publisher पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने मांग की है कि ट्रस्ट को मिलने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी पूरी पारदर्शिता जनता के सामने आनी चाहिए। विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सवाल उठाया है कि यदि ट्रस्ट के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अब भी इतना अभाव क्यों बना हुआ है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि क्या ट्रस्ट का कार्य केवल नर्मदा जयंती के आयोजन और दिखावे की रंगाई-पुताई करने तक ही सीमित है, या फिर विकास कार्यों पर भी प्रभावी ढंग से कोई राशि खर्च की जा रही है? विधायक ने नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और एक पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। विधायक के इस बयान के बाद अमरकंटक के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।
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    अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने मांग की है कि ट्रस्ट को मिलने वाली राशि का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी पूरी पारदर्शिता जनता के सामने आनी चाहिए।

विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सवाल उठाया है कि यदि ट्रस्ट के पास पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अब भी इतना अभाव क्यों बना हुआ है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए पूछा कि क्या ट्रस्ट का कार्य केवल नर्मदा जयंती के आयोजन और दिखावे की रंगाई-पुताई करने तक ही सीमित है, या फिर विकास कार्यों पर भी प्रभावी ढंग से कोई राशि खर्च की जा रही है?

विधायक ने नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने और एक पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। विधायक के इस बयान के बाद अमरकंटक के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है और अब सभी की नजरें ट्रस्ट प्रबंधन की ओर से आने वाले जवाब पर टिकी हुई हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • आगरा स्थित ताजमहल घूमने आई अर्जेंटीना की एक विदेशी महिला उस समय असहज हो गई, जब साड़ी पहनने का अनुभव न होने के कारण उसकी साड़ी खुलने लगी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला कांस्टेबल गुड्डी देवी ने बिना देर किए आगे बढ़कर महिला की साड़ी ठीक कराई और उसे सहज महसूस कराया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला कांस्टेबल की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे "अतिथि देवो भव" की भावना और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत मिसाल बताया है। यह घटना न केवल पर्यटकों के प्रति यूपी पुलिस के सहयोगात्मक रवैये को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी मदद किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
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    आगरा स्थित ताजमहल घूमने आई अर्जेंटीना की एक विदेशी महिला उस समय असहज हो गई, जब साड़ी पहनने का अनुभव न होने के कारण उसकी साड़ी खुलने लगी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला कांस्टेबल गुड्डी देवी ने बिना देर किए आगे बढ़कर महिला की साड़ी ठीक कराई और उसे सहज महसूस कराया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग महिला कांस्टेबल की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे "अतिथि देवो भव" की भावना और भारतीय संस्कृति की खूबसूरत मिसाल बताया है। यह घटना न केवल पर्यटकों के प्रति यूपी पुलिस के सहयोगात्मक रवैये को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी मदद किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
    user_रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    रिपोर्टर छत्तीसगढ़
    Advertising Photographer बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • कटनी जिले के बड़वारा ग्राम में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में अपात्र लोगों ने साजिश रचकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर गरीबों के हक की जमीन हड़प ली है। ज्ञापन में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि कई मामलों में महिलाओं ने पति के जीवित रहते हुए खुद को 'विधवा/बेवा' बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर पट्टा हासिल कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह योजना मूलतः भूमिहीनों और गरीबों के कल्याण के लिए थी, लेकिन पक्के मकान और पर्याप्त भूमि वाले रसूखदार लोगों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर जमीनें हथिया ली हैं। खसरा संख्या 39, 25, 197, 46, 429, 127, 485, 436/1, 425, 63, 486/1, 453, 466/1, 458/1, 132, 426/1, 446, 427/1 और 432 सहित अन्य जमीनों पर अवैध निर्माण और बेनामी सौदों का आरोप है, जहां पट्टा धारक कोई और है और निर्माणकर्ता कोई और। इसके अलावा, ग्रामीणों ने हल्का पटवारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है कि गरीबों के कच्चे घरों को तोड़ने के लिए तो नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन रसूखदारों के भव्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें उल्लेखित खसरा नंबरों की तत्काल भौतिक व अभिलेखीय जाँच करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर धारा 420, 467, 468 के तहत एफआईआर दर्ज करना, अपात्रों के पट्टे निरस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और भेदभावपूर्ण रवैये को तुरंत बंद करना शामिल है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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    कटनी जिले के बड़वारा ग्राम में शासन की आवासीय पट्टा वितरण योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना में अपात्र लोगों ने साजिश रचकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर गरीबों के हक की जमीन हड़प ली है।

ज्ञापन में सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि कई मामलों में महिलाओं ने पति के जीवित रहते हुए खुद को 'विधवा/बेवा' बताकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर पट्टा हासिल कर लिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह योजना मूलतः भूमिहीनों और गरीबों के कल्याण के लिए थी, लेकिन पक्के मकान और पर्याप्त भूमि वाले रसूखदार लोगों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर जमीनें हथिया ली हैं। खसरा संख्या 39, 25, 197, 46, 429, 127, 485, 436/1, 425, 63, 486/1, 453, 466/1, 458/1, 132, 426/1, 446, 427/1 और 432 सहित अन्य जमीनों पर अवैध निर्माण और बेनामी सौदों का आरोप है, जहां पट्टा धारक कोई और है और निर्माणकर्ता कोई और। इसके अलावा, ग्रामीणों ने हल्का पटवारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है कि गरीबों के कच्चे घरों को तोड़ने के लिए तो नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन रसूखदारों के भव्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें उल्लेखित खसरा नंबरों की तत्काल भौतिक व अभिलेखीय जाँच करना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर धारा 420, 467, 468 के तहत एफआईआर दर्ज करना, अपात्रों के पट्टे निरस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और भेदभावपूर्ण रवैये को तुरंत बंद करना शामिल है। जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
    user_Jay Suryavanshi
    Jay Suryavanshi
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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