बीना में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक संस्था परमार्थ सेवा संगठन, बीना एवं शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल, बीना के संयुक्त तत्वावधान में बी.बी.एम. कॉलेज में आयोजित किया गया। समारोह में देशभक्ति गीतों और कविताओं की प्रस्तुति के साथ-साथ कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी अनिल ओझा थे, जबकि अध्यक्षता सेना के पूर्व कैप्टन महेश दत्त तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी एवं वरिष्ठ समाजसेवी शायर इरफान खान हिंदुस्तानी उपस्थित रहे। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से समां बांधा गया। मनोहर लाल दीक्षित ने "चिट्ठी आई है" गीत की प्रस्तुति से शुरुआत की, इसके बाद प्रो. डालचंद पटेल ने "दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए" गीत प्रस्तुत किया। परमार्थ सेवा संगठन की महिला शक्ति ने सामूहिक स्वर में "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि अनिल ओझा ने कहा कि भारतीय सेना के जवान शौर्य, साहस और देशभक्ति के प्रतीक हैं। पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी ने कारगिल युद्ध का विस्तृत उल्लेख किया और बताया कि यह युद्ध 3 मई से 26 जुलाई 1999 तक चला। भारतीय सेना में रहकर दो युद्धों में भाग ले चुके पूर्व कैप्टन महेश दत्त तिवारी ने अपने सैन्य जीवन और युद्ध के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध के सबसे बड़े नायक कैप्टन विक्रम बत्रा थे, जिन्हें अदम्य वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का पुष्पहार, शॉल, श्रीफल, डायरी, पेन एवं सम्मान-पत्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में कारगिल युद्ध के शहीद वीर सैनिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बीना में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक संस्था परमार्थ सेवा संगठन, बीना एवं शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल, बीना के संयुक्त तत्वावधान में बी.बी.एम. कॉलेज में आयोजित किया गया। समारोह में देशभक्ति गीतों और कविताओं की प्रस्तुति के साथ-साथ कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित
कर किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी अनिल ओझा थे, जबकि अध्यक्षता सेना के पूर्व कैप्टन महेश दत्त तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी एवं वरिष्ठ समाजसेवी शायर इरफान खान हिंदुस्तानी उपस्थित रहे। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से समां बांधा गया। मनोहर लाल दीक्षित ने "चिट्ठी आई है" गीत की प्रस्तुति से शुरुआत की, इसके बाद प्रो. डालचंद पटेल ने "दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ
वतन तेरे लिए" गीत प्रस्तुत किया। परमार्थ सेवा संगठन की महिला शक्ति ने सामूहिक स्वर में "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि अनिल ओझा ने कहा कि भारतीय सेना के जवान शौर्य, साहस और देशभक्ति के प्रतीक हैं। पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी ने कारगिल युद्ध का विस्तृत उल्लेख किया और बताया कि यह युद्ध 3 मई से 26 जुलाई 1999 तक चला। भारतीय सेना में रहकर दो युद्धों में भाग ले चुके पूर्व कैप्टन
महेश दत्त तिवारी ने अपने सैन्य जीवन और युद्ध के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध के सबसे बड़े नायक कैप्टन विक्रम बत्रा थे, जिन्हें अदम्य वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का पुष्पहार, शॉल, श्रीफल, डायरी, पेन एवं सम्मान-पत्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में कारगिल युद्ध के शहीद वीर सैनिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- बीना में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक संस्था परमार्थ सेवा संगठन, बीना एवं शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल, बीना के संयुक्त तत्वावधान में बी.बी.एम. कॉलेज में आयोजित किया गया। समारोह में देशभक्ति गीतों और कविताओं की प्रस्तुति के साथ-साथ कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी अनिल ओझा थे, जबकि अध्यक्षता सेना के पूर्व कैप्टन महेश दत्त तिवारी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी एवं वरिष्ठ समाजसेवी शायर इरफान खान हिंदुस्तानी उपस्थित रहे। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से समां बांधा गया। मनोहर लाल दीक्षित ने "चिट्ठी आई है" गीत की प्रस्तुति से शुरुआत की, इसके बाद प्रो. डालचंद पटेल ने "दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए" गीत प्रस्तुत किया। परमार्थ सेवा संगठन की महिला शक्ति ने सामूहिक स्वर में "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि अनिल ओझा ने कहा कि भारतीय सेना के जवान शौर्य, साहस और देशभक्ति के प्रतीक हैं। पूर्व संघ चालक मुरारी गोस्वामी ने कारगिल युद्ध का विस्तृत उल्लेख किया और बताया कि यह युद्ध 3 मई से 26 जुलाई 1999 तक चला। भारतीय सेना में रहकर दो युद्धों में भाग ले चुके पूर्व कैप्टन महेश दत्त तिवारी ने अपने सैन्य जीवन और युद्ध के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध के सबसे बड़े नायक कैप्टन विक्रम बत्रा थे, जिन्हें अदम्य वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। समारोह में 22 पूर्व सैनिकों का पुष्पहार, शॉल, श्रीफल, डायरी, पेन एवं सम्मान-पत्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में कारगिल युद्ध के शहीद वीर सैनिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।4
- सगर नगर के लोगों ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वे नफरत को बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन दिखावे का अपनापन उन्हें मंजूर नहीं है। स्थानीय समुदाय ने दोगलापन और पाखंड को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वे दुश्मन को भी स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन दोगले इंसान को नहीं। यह भावनात्मक और स्पष्ट रुख सगर नगर की सामाजिक ताने-बाने को दर्शाता है जहां ईमानदारी और वास्तविकता को महत्व दिया जाता है।4
- बीना तहसील विधिक सेवा समिति बीना के तत्वावधान में सोमवार को कोर्ट परिसर में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दोपहर 1 बजे से प्रारंभ हुआ और जिला चिकित्सालय की रक्तदान बस के माध्यम से संचालित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं द्वितीय जिला न्यायाधीश संजय जैन, प्रथम जिला न्यायाधीश देवेंद्र कुमार कुंड, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनाक्षी शर्मा जोशी एवं मृदुल जैन की उपस्थिति में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और फीता काटकर की गई। सर्वप्रथम एडवोकेट भूपेंद्र राय एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी ने रक्तदान किया। कार्यक्रम के दौरान, तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं द्वितीय जिला न्यायाधीश संजय जैन ने कहा कि रक्तदान महादान है और न्यायिक सेवा से जुड़े सभी लोगों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा, "आइए, रक्तदान करें और समाज को स्वस्थ बनाएं।" जेएमएफसी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा जोशी ने कहा कि समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन होना चाहिए ताकि समाज में जागरूकता बढ़े। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी ने भी समाज सेवा की दिशा में रक्तदान शिविर की महत्वपूर्ण पहल पर ज़ोर दिया और सभी से रक्तदान करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ बीना के अध्यक्ष सुरेन्द्र सोनी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र जैन, सचिव सुरेश यादव, वीरेन्द्र प्रजापति, भूपेंद्र राय, मनीष दीक्षित, एड. कृष्ण कैथोरिया, एड. मोहिनी कश्यप सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन स्टाफ उपस्थित रहे। शिविर में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी रक्तदाताओं की जांच कर रक्त संग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में गोल्डी अरोड़ा ने समस्त न्यायाधीशों, अधिवक्तागण, न्यायालयीन स्टाफ, एवं रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया।4
- बीना के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में सोमवार, 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के तहत स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता रैली आयोजित की गई। कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य मंजू यादव के संरक्षण तथा नोडल अधिकारी ज्ञानी चौधरी एवं शुभ्रा शुक्ला, प्रभारी शिक्षक राकेश पुरोहित एवं रतनजोत सिद्धू के मार्गदर्शन में हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता की जिम्मेदारी विकसित करना और समाज को प्लास्टिक मुक्त बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु पूजन के साथ हुआ। प्राचार्य मंजू यादव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया और कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छता संदेशों के साथ जागरूकता रैली निकाली, जिसमें एकल उपयोग प्लास्टिक के बहिष्कार, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। रैली के समापन के बाद विद्यालय परिसर और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने श्रमदान करते हुए परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। प्राचार्य मंजू यादव ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा केवल पठन-पाठन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना ही सच्ची गुरु-भक्ति है। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य, नोडल अधिकारियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा विद्यालय कर्मचारियों को निरंतर स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के दौरान ही नहीं, बल्कि वर्षभर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।3
- गढ़ाकोटा के सागर-दमोह रोड स्थित चनौआ गांव में विद्युत कटौती को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम लगा दिया है। सड़क पर ग्रामीणों द्वारा जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है।1