बेलदौर से ग्राउंड रिपोर्ट — रजिस्टर-2 में छेड़छाड़ का मामला, पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा। Matter Of Fact Bihar | Anish Kumar बेलदौर (खगड़िया)। बेलदौर अंचल क्षेत्र के बेलनाबाद निवासी संजय कुमार अग्रवाल ने प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वर्षों से पूर्वजों के नाम पर संचालित जमाबंदी रिकॉर्ड के साथ हेरफेर कर खाता-खेसरा की प्रविष्टियों में बदलाव किया गया है, लेकिन लगातार शिकायतों और आदेशों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। #Beldour #KhagariaNews #BiharNews #LandScam #JamaBandi #Register2 #LandRecordTampering #RTIExpose #BiharAdministration #RevenueDepartment #LandDispute #JusticeDelayed #GroundReport #MatterOfFactBihar #AnishKumarReports #BreakingNews #LocalNews #CorruptionCase #BiharUpdates #PublicVoice
बेलदौर से ग्राउंड रिपोर्ट — रजिस्टर-2 में छेड़छाड़ का मामला, पीड़ित न्याय के लिए भटक रहा। Matter Of Fact Bihar | Anish Kumar बेलदौर (खगड़िया)। बेलदौर अंचल क्षेत्र के बेलनाबाद निवासी संजय कुमार अग्रवाल ने प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वर्षों से पूर्वजों के नाम पर संचालित जमाबंदी रिकॉर्ड के साथ हेरफेर कर खाता-खेसरा की प्रविष्टियों में बदलाव किया गया है, लेकिन लगातार शिकायतों और आदेशों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। #Beldour #KhagariaNews #BiharNews #LandScam #JamaBandi #Register2 #LandRecordTampering #RTIExpose #BiharAdministration #RevenueDepartment #LandDispute #JusticeDelayed #GroundReport #MatterOfFactBihar #AnishKumarReports #BreakingNews #LocalNews #CorruptionCase #BiharUpdates #PublicVoice
- बेलदौर (खगड़िया)। बेलदौर अंचल क्षेत्र के बेलनाबाद निवासी संजय कुमार अग्रवाल ने प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वर्षों से पूर्वजों के नाम पर संचालित जमाबंदी रिकॉर्ड के साथ हेरफेर कर खाता-खेसरा की प्रविष्टियों में बदलाव किया गया है, लेकिन लगातार शिकायतों और आदेशों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। #Beldour #KhagariaNews #BiharNews #LandScam #JamaBandi #Register2 #LandRecordTampering #RTIExpose #BiharAdministration #RevenueDepartment #LandDispute #JusticeDelayed #GroundReport #MatterOfFactBihar #AnishKumarReports #BreakingNews #LocalNews #CorruptionCase #BiharUpdates #PublicVoice1
- अहमदाबाद से आई ये तस्वीरें बताती हैं — भारत आज भी इंसानियत से जिंदा है ❤️🇮🇳 👇 #Insaniyat #Bhaichara #Ahmedabad #PositiveIndia #LockMoodNews1
- गोगरी आंचल पहुंचे खगड़िया जिलाधिकारी नवीन कुमार, उद्योग वार्ता के माध्यम से उद्यमी युवाओं को क्या प्रेरित।1
- नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग में जीरो माइल के समीप मुख्य सड़क मार्ग पर विशाल सूखे पेड़ रहने के कारण वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। इसको लेकर स्थानीय लोगों सहित नजदीकी दुकानदार ने बताया की पेड़ विशाल रहने के कारण सुखा भी है साथ ही बगल से बिजली तार भी लगा हुआ है इसीलिए पेड़ कभी भी बिजली खंभे पर गिर सकता है जिससे मुख्य सड़क मार्ग जाम की स्थिति पैदा होने के साथ साथ बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसको लेकर कई बार बन विभाग के अधिकारी को सूचना भी दिया गया है मगर अब तक कोई पहल नहीं किया गया है जिससे कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है।1
- Post by Pintu Bihari1
- मधेपुरा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां निजी अस्पतालों और दलालों के गठजोड़ ने एक गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं। आरोप है कि इलाज के नाम पर अवैध वसूली, दबाव और लापरवाही की वजह से एक नवजात की जान चली गई। मामला मधेपुरा शहर के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का है। पीड़ित परिवार ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत, वार्ड नंबर 09 का रहने वाला है। प्रकाश मंडल और उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने इस पूरे मामले को लेकर जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को लिखित शिकायत दी है। पीड़िता मीरा कुमारी का आरोप है कि तीन फरवरी को जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो पहले ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया, लेकिन वहां संसाधनों की कमी का हवाला देकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उदाकिशुनगंज के एक नर्सिंग होम ने भी हायर सेंटर भेज दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जैसे ही वे मधेपुरा पहुंचे, दो दलालों ने एंबुलेंस को रोक लिया और सदर अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर उन्हें जबरन कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को ICU में रखने के नाम पर पहले पांच हजार और फिर चार हजार रुपये जबरन वसूले। इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर पचास हजार रुपये तक खर्च होने की धमकी दी। मीरा कुमारी का कहना है कि जब उन्होंने अपनी गरीबी और असमर्थता बताई, तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, यहां तक कि उन्हें अपने नवजात को देखने तक नहीं दिया गया। इलाज में देरी और लापरवाही के चलते नवजात की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। दर्दनाक बात यह है कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। बाइट --पीड़िता मीरा कुमारी ने रोते हुए कहा— "मेरी गरीबी का फायदा उठाया गया, मेरे बच्चे की जान चली गई… हमें सिर्फ न्याय चाहिए।" इस मामले में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं सिविल सर्जन ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो ऐसे फर्जी और अवैध निजी क्लिनिकों को सील किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल सवाल यही है— क्या इस गरीब परिवार को न्याय मिलेगा, या यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?4
- बटेश्वर धाम मंदिर गुफा में पानी है हम गुफा में खो गएथे1
- Welcome Friends1