छातापुर के राघोपुर-सिमराही इलाके में 33,000 वोल्ट का एक जर्जर बिजली पोल टूटकर गिर गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। यह घटना तब हुई जब करीब दो महीने पहले ही बिजली विभाग को आवेदन देकर इस जर्जर पोल को बदलने की मांग की गई थी। इतना ही नहीं, मीडिया और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी इस गंभीर खतरे को लगातार उठाया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और बेखबर बना रहा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा नतीजा यह है कि अब पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और जान-माल की क्षति भी हुई है। पोस्ट में कड़े शब्दों में सवाल उठाया गया है कि अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता या 10-12 लोगों की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता, और क्या सिस्टम हमेशा किसी बड़ी मौत या तबाही का इंतजार करता है। इस घटना को सिर्फ एक पोल का गिरना नहीं, बल्कि लापरवाही, सुस्त सिस्टम और जनता की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बताया गया है। पोस्ट में यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और सभी जर्जर पोलों को बदलने का काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस प्रशासनिक अनदेखी की कीमत अपनी जान देकर न चुकाए। इसके साथ ही, जनता से अब चुप न रहने और आवाज उठाने का आह्वान किया गया है, क्योंकि अगला हादसा किसी के भी घर के सामने हो सकता है।
छातापुर के राघोपुर-सिमराही इलाके में 33,000 वोल्ट का एक जर्जर बिजली पोल टूटकर गिर गया है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में बिजली बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। यह घटना तब हुई जब करीब दो महीने पहले ही बिजली विभाग को आवेदन देकर इस जर्जर पोल को बदलने की मांग की गई थी। इतना ही नहीं, मीडिया और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से भी इस गंभीर खतरे को लगातार उठाया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और बेखबर बना रहा। इस बड़ी लापरवाही का सीधा नतीजा यह है कि अब पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और जान-माल की क्षति भी हुई है। पोस्ट में कड़े शब्दों में सवाल उठाया गया है कि अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता या 10-12 लोगों की जान चली जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता, और क्या सिस्टम हमेशा किसी बड़ी मौत या तबाही का इंतजार करता है। इस घटना को सिर्फ एक पोल का गिरना नहीं, बल्कि लापरवाही, सुस्त सिस्टम और जनता की अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण बताया गया है। पोस्ट में यह मांग की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और सभी जर्जर पोलों को बदलने का काम शुरू किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस प्रशासनिक अनदेखी की कीमत अपनी जान देकर न चुकाए। इसके साथ ही, जनता से अब चुप न रहने और आवाज उठाने का आह्वान किया गया है, क्योंकि अगला हादसा किसी के भी घर के सामने हो सकता है।
- सुपौल जिले में एक सड़क पर मिट्टी डाल दिए जाने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण बारिश का सारा पानी भी सड़क पर जमा हो जाता है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। जब मिट्टी डालने वाले व्यक्ति से इस बारे में बात की जाती है, तो वह यह कहकर जवाब देता है कि यह सड़क उसकी निजी जमीन पर बनी है और वह अपनी मर्जी के अनुसार ही काम करेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह व्यक्ति चौबीसों घंटे शराब के नशे में रहता है। प्रभावित लोगों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल मदद की गुहार लगाई है।1
- मोहर्रम के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। इसी कड़ी में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला, जिसके ज़रिए लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई।1
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- सूरत रेलवे स्टेशन के सामने, रुपाली गेस्ट हाउस के नीचे, भोजन सेवा उपलब्ध है जहाँ 500 ग्राम सब्जी का डब्बा ₹120 में मिलेगा। वहीं, यदि पनीर की सब्जी ली जाती है, तो 500 ग्राम के डब्बे का मूल्य ₹160 होगा।1
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत मुख्य सड़क मार्ग स्थित बीडीओ चौक पर वेपर लाइट न होने के कारण रात के समय वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मुख्य सड़क मार्ग से दो टोलों के लिए सड़कें निकलती हैं, जहां देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अंधेरे के कारण मुख्य सड़क मार्ग से इन अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश करते समय लोगों को रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे कई बार वे दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य सड़क मार्ग से पूर्व दिशा की ओर दर्जनों किसानों के खेत हैं। किसान अपनी खेतीबाड़ी के काम से इस रास्ते से आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी उन्हें देर रात तक भी खेतों में काम करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों ने इस सड़क मार्ग के किनारे वेपर लाइट लगाने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी को आवागमन में काफी सुविधा मिल सके और दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो।1
- प्राणपुर में मै० रेणु संतोष पेट्रोलियम का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह प्रतिष्ठान अब अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार है।1
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- प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखने वाले लोगों को 'मोदी जी' के बताए गए मंत्र को सीखने की सलाह दी गई है। यह निर्देश दिया गया है कि इस मंत्र का ठीक से उपयोग किया जाए, उसे हमेशा याद रखा जाए और उसे दूसरे वीडियो में सुना जाए।1
- बैजनाथपुर सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग के वार्ड नंबर 22 में के एन फ्यूल सेंटर का उद्घाटन किया गया है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों ने बताया कि इस केंद्र के खुलने से बैजनाथपुर के ज्यादातर वाहन चालकों और अन्य लोगों को अब पेट्रोल-डीजल के लिए दूसरे स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय की बर्बादी रुकेगी और ईंधन पर खर्च होने वाला पैसा बैजनाथपुर में ही रहेगा। यह इसे एक बड़ी सौभाग्य की बात बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बैजनाथपुर चौक बिहार के सभी जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण स्थान है, ऐसे में इस फ्यूल सेंटर से कई वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल लेने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। के एन फ्यूल सेंटर के प्रोपराइटर, शिक्षाविद और डी एल कॉलेज बैजनाथपुर के संस्थापक कौशल किशोर यादव ने मीडिया से बात करते हुए आश्वासन दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, यह केंद्र ग्राहकों के लिए अन्य पेट्रोल पंपों से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने पीने के शुद्ध पानी, साफ-सुथरे शौचालय भवन, तथा पेट्रोल-डीजल की शुद्धता और माप को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी न होने का दावा किया। इस उद्घाटन समारोह में कई राजनीतिक दलों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उनके अलावा, सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग और जन प्रतिनिधि भी इस अवसर पर शामिल हुए, जिससे इस आयोजन की महत्ता उजागर हुई।1