बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी जून से अगस्त तक 873 परिजनों तक पहुँचाया भोजन, ₹17,460 की राशि हुई व्यय बारां। स्व. श्री ओमप्रकाश व्यास मानव सेवार्थ समिति बारां द्वारा शहीद राजमल मीणा चिकित्सालय के कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क भोजन सेवा संचालित की जा रही है। समिति द्वारा सुबह एवं शाम भोजन पहुँचाया जाता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार के दौरान भोजन की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति के कोषाध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि जून से अगस्त माह तक कुल 873 परिजनों तक भोजन पहुँचाया गया, जिस पर ₹17,460 की राशि व्यय हुई। इसके अतिरिक्त समिति द्वारा सेवा की नियमित व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन खिचड़ी, खीर, फल आदि भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषित वार्ड की इस सेवा के लिए समिति सदस्यों एवं सहयोगियों द्वारा स्वेच्छा से राशि प्रदान की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर शेष पूरा खर्च समिति द्वारा स्वयं वहन किया जाता है। आखिर शुरुआत कैसे हुई? समिति के प्रवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों के परिजनों को पूर्व में प्रतिदिन ₹225 की राशि नकद उपलब्ध करवाई जाती थी, जिससे वे भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च चला लेते थे। बाद में सरकार द्वारा योजना में बदलाव किया गया और इलाज के पश्चात राशि को बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने जैसी व्यवस्था लागू हुई। उन्होंने बताया कि कई मरीजों के परिजन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण उपचार के दौरान भोजन एवं अन्य खर्चों को लेकर परेशान होने लगे। इसका असर बच्चों के इलाज पर भी पड़ने लगा और कुपोषित वार्ड के प्रभावित होने की स्थिति सामने आने लगी। इसी दौरान इसकी जानकारी समिति परिवार को मिली। समिति ने इस समस्या को समाज की समस्या ही नहीं, बल्कि अपनी स्वयं की जिम्मेदारी मानते हुए उसी दिन से बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन व्यवस्था प्रारंभ की, जो आज भी निरंतर जारी है। दिनेश शर्मा ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को यह विश्वास दिलाना है कि कठिन समय में समाज उनके साथ खड़ा है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के भाव के साथ यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।
बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी जून से अगस्त तक 873 परिजनों तक पहुँचाया भोजन, ₹17,460 की राशि हुई व्यय बारां। स्व. श्री ओमप्रकाश व्यास मानव सेवार्थ समिति बारां द्वारा शहीद राजमल मीणा चिकित्सालय के कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क भोजन सेवा संचालित की जा रही है। समिति द्वारा सुबह एवं शाम भोजन पहुँचाया जाता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार के दौरान भोजन की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति के कोषाध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि जून से अगस्त माह तक कुल 873 परिजनों तक भोजन पहुँचाया गया, जिस पर ₹17,460
की राशि व्यय हुई। इसके अतिरिक्त समिति द्वारा सेवा की नियमित व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन खिचड़ी, खीर, फल आदि भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषित वार्ड की इस सेवा के लिए समिति सदस्यों एवं सहयोगियों द्वारा स्वेच्छा से राशि प्रदान की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर शेष पूरा खर्च समिति द्वारा स्वयं वहन किया जाता है। आखिर शुरुआत कैसे हुई? समिति के प्रवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों के परिजनों को पूर्व में प्रतिदिन ₹225 की राशि नकद उपलब्ध करवाई जाती थी, जिससे वे भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च चला लेते थे। बाद में सरकार द्वारा योजना में बदलाव किया गया और इलाज के पश्चात राशि को बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने जैसी व्यवस्था लागू हुई। उन्होंने बताया कि कई मरीजों के परिजन
आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण उपचार के दौरान भोजन एवं अन्य खर्चों को लेकर परेशान होने लगे। इसका असर बच्चों के इलाज पर भी पड़ने लगा और कुपोषित वार्ड के प्रभावित होने की स्थिति सामने आने लगी। इसी दौरान इसकी जानकारी समिति परिवार को मिली। समिति ने इस समस्या को समाज की समस्या ही नहीं, बल्कि अपनी स्वयं की जिम्मेदारी मानते हुए उसी दिन से बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन व्यवस्था प्रारंभ की, जो आज भी निरंतर जारी है। दिनेश शर्मा ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को यह विश्वास दिलाना है कि कठिन समय में समाज उनके साथ खड़ा है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के भाव के साथ यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।
- बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी बारां- नन्ही जिंदगियों के इलाज में भोजन की कमी न बने बाधा, समिति ने थामी जिम्मेदारी जून से अगस्त तक 873 परिजनों तक पहुँचाया भोजन, ₹17,460 की राशि हुई व्यय बारां। स्व. श्री ओमप्रकाश व्यास मानव सेवार्थ समिति बारां द्वारा शहीद राजमल मीणा चिकित्सालय के कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए नियमित रूप से निःशुल्क भोजन सेवा संचालित की जा रही है। समिति द्वारा सुबह एवं शाम भोजन पहुँचाया जाता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उपचार के दौरान भोजन की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति के कोषाध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि जून से अगस्त माह तक कुल 873 परिजनों तक भोजन पहुँचाया गया, जिस पर ₹17,460 की राशि व्यय हुई। इसके अतिरिक्त समिति द्वारा सेवा की नियमित व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन खिचड़ी, खीर, फल आदि भी उपलब्ध करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कुपोषित वार्ड की इस सेवा के लिए समिति सदस्यों एवं सहयोगियों द्वारा स्वेच्छा से राशि प्रदान की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर शेष पूरा खर्च समिति द्वारा स्वयं वहन किया जाता है। आखिर शुरुआत कैसे हुई? समिति के प्रवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों के परिजनों को पूर्व में प्रतिदिन ₹225 की राशि नकद उपलब्ध करवाई जाती थी, जिससे वे भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च चला लेते थे। बाद में सरकार द्वारा योजना में बदलाव किया गया और इलाज के पश्चात राशि को बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने जैसी व्यवस्था लागू हुई। उन्होंने बताया कि कई मरीजों के परिजन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण उपचार के दौरान भोजन एवं अन्य खर्चों को लेकर परेशान होने लगे। इसका असर बच्चों के इलाज पर भी पड़ने लगा और कुपोषित वार्ड के प्रभावित होने की स्थिति सामने आने लगी। इसी दौरान इसकी जानकारी समिति परिवार को मिली। समिति ने इस समस्या को समाज की समस्या ही नहीं, बल्कि अपनी स्वयं की जिम्मेदारी मानते हुए उसी दिन से बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन व्यवस्था प्रारंभ की, जो आज भी निरंतर जारी है। दिनेश शर्मा ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को यह विश्वास दिलाना है कि कठिन समय में समाज उनके साथ खड़ा है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के भाव के साथ यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।3
- स्कूल में घुसी दबंगई, शिक्षक को धमकी से लेकर छात्रा से बदसलूकी तक के आरोप वाहन स्कूल परिसर में ले जाने से रोकने पर विवाद; कक्षा तक बाहरी व्यक्ति पहुंचने का भी आरोप, 50-60 ग्रामीण पहुंचे थाने, एसडीएम को ज्ञापन कवाई. अमलावदा आली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल परिसर में चार पहिया वाहन ले जाने से रोकने को लेकर शुरू हुआ विवाद शिक्षक से गाली-गलौज, हाथापाई और धमकी के आरोप तक पहुंच गया। इसके बाद एक छात्रा के साथ अभद्रता, हाथ पकड़ने और थप्पड़ मारने के प्रयास का भी आरोप सामने आया। एक अन्य घटनाक्रम में छात्रा के चाचा पर कक्षा 12वीं में पहुंचकर छात्रा को डराने-धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। लगातार सामने आए घटनाक्रम से नाराज करीब 50-60 ग्रामीण छात्र-छात्राओं के साथ गुरुवार को छीपाबड़ौद थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एसडीएम अभिमन्यु सिंह कुन्तल को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय के समीप संचालित शराब ठेका हटाने सहित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। *******वाहन से स्टंट रोकने पर शुरू हुआ विवाद****** ग्रामीणों के अनुसार 16 सितंबर की सुबह एक युवक चार पहिया वाहन लेकर विद्यालय परिसर में पहुंचा। आरोप है कि उसने परिसर में वाहन से स्टंट किया। स्कूल स्टाफ के शिक्षक ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए उसे वाहन परिसर में नहीं चलाने की समझाइश दी। बताया गया कि वाहन छात्र का निजी नहीं था, बल्कि वह अपने मित्र से मांगकर लाया था। शिक्षकों की समझाइश के बाद छात्र ने वाहन मालिक को वापस कर दिया। इसके बाद वाहन मालिक के विद्यालय पहुंचने पर विवाद होने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार वाहन मालिक अपने सहयोगी आकाश मीणा पुत्र बनवारीलाल मीणा के साथ स्कूल पहुंचा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आकाश मीणा ने शिक्षक के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की तथा हाथापाई करते हुए स्कूल से बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद विद्यालय में भय का माहौल बनने का दावा किया गया। ग्रामीणों के अनुसार कुछ शिक्षक छुट्टी लेकर घर चले गए। ******कक्षा में पहुंचकर छात्रा को डराने का आरोप****** इसी दौरान एक अन्य मामला सामने आया। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में दो छात्राओं के बीच एक दिन पहले कहासुनी हुई थी। इसी बात को लेकर एक छात्रा का चाचा विद्यालय पहुंचा और सीधे कक्षा 12वीं में जाकर संबंधित छात्रा से कथित तौर पर अभद्रता की तथा उसे डराया-धमकाया। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद छात्रा बाहर आई और परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि विद्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश की व्यवस्था है तो कोई व्यक्ति कक्षा तक कैसे पहुंच गया? *******छात्रा का हाथ पकड़ने और थप्पड़ मारने के प्रयास का भी आरोप****** ग्रामीणों के अनुसार इसी घटनाक्रम के दौरान नरेश मीणा नामक व्यक्ति के विद्यालय पहुंचने का भी आरोप है। पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसने विद्यालय में पढ़ रही एक छात्रा का हाथ पकड़ा, गाली-गलौज की और थप्पड़ मारने का प्रयास किया। छात्राओं द्वारा विरोध करने पर उनके सामने भी हाथ उठाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों के साथ इस तरह के कथित व्यवहार को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 50-60 ग्रामीण पहुंचे थाने लगातार सामने आए घटनाक्रम के विरोध में करीब 50-60 ग्रामीण छात्र-छात्राओं के साथ छीपाबड़ौद थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना अधिकारी गंभीर सिंह कसाना को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों में पूर्व डायरेक्टर हेमराज नागर, भीम आर्मी के आशीष रैगर सहित कई लोग शामिल रहे। ग्रामीणों ने पुलिस से विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। *****विद्यालय के पास शराब ठेका हटाने की मांग***** ग्रामीणों ने विद्यालय के समीप संचालित शराब ठेके को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका आरोप है कि ठेके के आसपास दिनभर लोगों का जमावड़ा रहता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि नशे में कुछ लोग छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं, जिससे विद्यालय आने-जाने वाली बालिकाओं के लिए असहज माहौल बनता है। ग्रामीणों ने एसडीएम अभिमन्यु सिंह कुन्तल को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय के समीप से शराब ठेका हटाने की मांग की। साथ ही स्कूल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी। *****राजनीतिक संरक्षण के आरोप, पुष्टि जांच में***** ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण विद्यालय में इस प्रकार की स्थिति बनने का दावा किया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। अब सवाल सिर्फ विवाद का नहीं, बच्चों की सुरक्षा का अमलावदा आली विद्यालय का पूरा घटनाक्रम अब केवल शिक्षक और ग्रामीणों के बीच विवाद तक सीमित नहीं है। स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश, कक्षा तक पहुंचने का आरोप, छात्रा के साथ कथित अभद्रता और शिक्षकों को धमकी जैसे आरोप सीधे विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस आरोपों की निष्पक्ष जांच करे और शिक्षा विभाग विद्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश, विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा शिक्षकों के सुरक्षित कार्य वातावरण को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करे। ""’"''""""शिक्षा विभाग ने मांगी जांच रिपोर्ट मामले को लेकर छीपाबड़ौद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश भार्गव ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पूरे घटनाक्रम की संपूर्ण जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। '''''''''''""""पुलिस ने भेजा जाप्ता, आरोपियों की तलाश घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जाप्ता अमलावदा आली विद्यालय भेजा गया। थाना अधिकारी गंभीर सिंह कसाना ने बताया कि मामले में आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ''''''''कक्षा दसवीं का छात्र कृष्णा सहरिया बुधवार को चार पहिया वाहन लेकर विद्यालय आया था जिसे विद्यालय के अध्यापक शाहिद खान द्वारा वाहन लाने का मना किया गया था वही उच्च की उम्र नाबालिक होने के अनुसार लाइसेंस नहीं होने पर भी उसे बोला गया था। बाद में वाहन स्वामी स्कूल पहुंचने की जानकारी भी मिली है मैं 2 दिन से अवकाश पर था वही दूसरे दिन उक्त अध्यापक भी अवकाश पर रहा ऐसे में मामले की संपूर्ण जानकारी लेकर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी '''''''मुकेश मिणा प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमलावदा हाली4
- बागोद देवनारायण भगवान की जागरण के बाद मंगाल के नीचे से निकले ग्रामीण पनवाड़ क्षेत्र के बागोद में देवनारायण भगवान की रात्रि जागरण के बाद श्रद्धालुओं ने परंपरा अनुसार मंगाल के नीचे से निकलकर अपनी मन्नतें मांगी। मान्यता है कि देवनारायण भगवान की जागरण के बाद मंगाल के नीचे से निकलने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। जागरण में देर रात तक भजन-कीर्तन हुए, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। मंगाल के नीचे से निकलते समय लोगों ने भगवान देवनारायण से गांव में खुशहाली और अच्छी फसल की कामना की।3
- तेजाजी महाराज के स्थान पर कथा श्रवण का समय 12 से 3:00 बजे तक है ग्राम हिंगोनिया में तेजाजी महाराज के मन्दिर पर श्री भागवत कथा श्रवण करते हुए भगत गण आनन्द लेते हुए भगवान का जन्म उत्सव मनाया गया उस में सभी भगत जनों ने आनन्द के साथ जुम उठे आओर इस पास के लोग कथा श्रवण करने आते हे। इस कथा का समापन 20 तारीख को होगा आप सभी से अनुरोध है कथा श्रवण के लिए ग्राम हिंगोनिया तहसील कनवास जिला कोटा राजस्थान तेजाजी महाराज का स्थान पर पड़ता है यहां पर आसपास के गांव से लोग कथा श्रवण के लिए आते हैं समस्त धर्म प्रेमियों से हम अनुरोध है कि आप कथा का श्रवण करने के लिए तेजाजी महाराज के स्थान पर पधारे1
- ग्राम राई में चोरी की वारदात, घर से चांदी के जेवर, बकरी और नए कपड़े ले गए चोर ग्राम राई में चोरी की वारदात, घर से चांदी के जेवर, बकरी और नए कपड़े ले गए चोर छीपाबड़ौद / बारां छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के ग्राम राई में चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर घर के पीछे की तरफ से प्रवेश कर सामान चोरी कर ले गए। घटना के बाद पीड़ित ने छीपाबड़ौद थाने में मामला दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार, *मोहनलाल रेगर* के घर में चोरों ने पीछे की ओर से सेंध लगाकर चोरी की। पीड़ित के अनुसार, चोर घर से चांदी की एक जोड़ी तोड़िया, पैरों की फुलरिया, एक बकरी और नए कीमती कपड़े चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित पूर्व सरपंच *भरतराज मीणा* के नेतृत्व में छीपाबड़ौद थाने पहुंचा और चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चोरों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास की जानकारी जुटा रही है।1
- कोटा के रामपुरा कोतवाली नगर सेठ गणेश जी की आरती शामिल श्रद्धालु कोटा के रामपुरा कोतवाली नगर सेठ गणेश जी की आरती शामिल श्रद्धालु1
- राजस्थान भूगोल परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में समकालीन भौगोलिक चुनौतियों पर मंथन दूसरे दिन 25 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत, उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण के लिए शोधार्थियों का सम्मान; यंग जियोग्राफर अवार्ड और पोस्टर प्रेजेंटेशन भी कोटा, 18 सितंबर। राजस्थान भूगोल परिषद के 52वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन शुक्रवार को कोटा विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में देशभर से जुटे प्रख्यात भूगोलवेत्ताओं, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने समकालीन भौगोलिक चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया। विभिन्न तकनीकी सत्रों में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कृषि, शहरी विकास, आपदा प्रबंधन और सतत विकास जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी. पी. सारस्वत ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे दिन 25 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। द्वितीय सत्र के टेक्निकल सेशन में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्य रखे। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भूगोल विषय की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं क्षेत्रीय विकास की चुनौतियों को समझने में भौगोलिक दृष्टिकोण उपयोगी है। शोधपत्रों में राजस्थान के थार क्षेत्र में भूजल फ्लोराइड एवं स्वास्थ्य जोखिम, शेखावाटी में कृषि स्वरूप में बदलाव, उदयपुर के राजमार्ग कॉरिडोर में आर्थिक गतिविधियों का भौगोलिक विश्लेषण, जयपुर में वर्षाजल प्रबंधन तथा हरियाणा में कृषि संरचना में परिवर्तन जैसे विषय प्रमुख रहे। अधिवेशन में यंग जियोग्राफर अवार्ड” प्रदान किए गए। प्रथम स्थान विवेक राज सिंह, दितिय अमित कुमार यादव और तृतीय अंकिता कुमावत को यंग जियोग्राफर अवार्ड” के लिए चयनित किया गया। वहीं पोस्टर प्रेजेंटेशन में प्रियंशु, हिमालय पांडेय और हर्षिल आदित्य पाठक विजेता रहे। उत्कृष्ट शोधपत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतीकरण करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।4
- अमलावदा आली में पिता की हत्या का मामला, बेटे पर आरोप; वारदात के बाद से फरार अमलावदा आली में पिता की हत्या का मामला, बेटे पर आरोप; वारदात के बाद से फरार छीपाबड़ौद - बारां छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के अमलावदा आली गांव में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। ग्रामीणों को शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद छीपाबड़ौद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को दी रिपोर्ट में *शिवप्रकाश पुत्र रंगलाल मीणा*, निवासी अमलावदा आली ने बताया कि उसके भाई *घनश्याम पुत्र रंगलाल मीणा (65)* का शव उसके घर पर पड़ा मिला। रिपोर्ट में घनश्याम की हत्या का शक उसके पुत्र *सुरेंद्र मीणा* पर जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या में कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद से सुरेंद्र फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर थानाधिकारी *गंभीर सिंह कसाना* पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।3