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सर्राफ से दो लाख की वसूली के आरोप में चार सिपाही फंसे, सेवा समाप्ति की तैयारी जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
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सर्राफ से दो लाख की वसूली के आरोप में चार सिपाही फंसे, सेवा समाप्ति की तैयारी जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
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- भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी।भेलूपुर थाना के ठीक बगल स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार बीती रात एक गंभीर घायल मरीज को इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल परिसर में नर्स और अन्य स्टाफ मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे।वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसके परिजन अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर के इंतजार में परेशान घूम रहे हैं। अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे।परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक मरीज को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। जब परिजनों ने मोबाइल से लाइव वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर स्टाफ ने डॉक्टर से संपर्क किया और कुछ देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया।गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों पर गरीब,मजदूर, बुनकर और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रात की इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी और उनकी तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।फिलहाल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।1
- पुलिस के मिली भगत से चहनिया में धडल्ले से सुबह 7:00 बजे से बिक रहा है देशी शराबसुबह ही नशे में द्युत शराबी आने जाने वाले लोगों से करते हैं दुर्व्यवहार चन्दौली क्षेत्र चहनिया कस्बा में ब्लाक रोड पर स्थित देसी शराब की दुकान से पुलिस की मिली भगत से सुबह 7:00 बजे से ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। सुबह से ही नशे में चूर होकर नशेड़ी आने जाने वाली महिलाओं एवं स्कूल जाने वाले छात्राओं व के साथ दुर्व्यवहार करते हैं सुबह में देशी शराब के दुकान का दरवाजा खोलकर सेल्समेन पहले देशी शराब दुकान से निकालने के बाद दरवाजा बंद कर धड़ल्ले से देसी शराब को चोरी से बेचा जाता है। इस घटना की पूरी कहानी का एक वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की नजर अंदाजी से आए दिन सुबह में महंगे दामों में ही देशी शराब बिकना शुरू हो जाता है। और नशेड़ी दारू पीकर के नशे में धुत होकर राहगीरों के साथ दुर्गा व्यवहार करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा कार्य पुलिस की मिली भगत से हो रहा है जो सबसे बड़ी समस्या का सबब है। जबकि इसी रोड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लाक मुख्यालय, आंगनबाड़ी कार्यालय, पशु चिकित्सालय, जल निगम टंकी, मेडिकल स्टोर,बैंक, कपड़ा, किराना के दुकानो, घरों के साथ मंदिर भी है, प्रतिदिन नशेड़ियों के चलते महिलाओं का आना-जाना दुश्वार हो गया है नशेड़ियों के चलते आए दिन मुश्किलें बढ़ती जा रहे हैं।स्थानीय लोगों ने जिला अधिकारी का अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए देसी शराब के दुकान पर हो रहे अनैतिक कार्य के लिए पाबंदी की मांग की है। यदि इस समस्या पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थानीय महिलाये, ग्रामीण आन्दोलन के लिए बाध्य होंगे।1
- रुस्तमपुर मारपीट कांड में बड़ा एक्शन, 55 वर्षीय आजाद की मौत के आरोपी को पुलिस ने दबोचा1
- सर्राफ से दो लाख की वसूली के आरोप में चार सिपाही फंसे, सेवा समाप्ति की तैयारी जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश1
- वाराणसी मे महिला ने लगाया ससुराल वालों पर दहेज का गंभीर आरोप वाराणसी मे महिला ने लगाया ससुराल वालों पर गंभीर आरोप। बताया जा रहा है कि महिला के अनुसार ससुराल में दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाता है। पुलिस मे शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नही होती है। Varanasi Breking News1
- जंसा में तीन घरों में मास्क लगाए चोरों ने बोला धावा, लाखों के जेवर पार जंसा में तीन घरों में मास्क लगाए चोरों ने बोला धावा, लाखों के जेवर पार वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र के लहिया (जोगीबीर पाही) गांव में शुक्रवार की भोर लगभग 2- 3 बजे मास्क लगाए चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाया। चोर लाखों रुपये के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना से गांव में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, चोर सबसे पहले जमुना प्रसाद के मकान में पीछे के दरवाजे से दाखिल हुए। परिवार के कुछ सदस्य बाहर और बरामदे में सो रहे थे। चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे आभूषण पार कर दिए। इसके बाद चोर छत के रास्ते चंद्रिका पटेल के मकान में पहुंचे। चोरी के दौरान उनकी बहू रंजना की नींद खुल गई। उसने शोर मचाया तो चोरों ने पिस्टल सटाकर सोने का लॉकेट, पायल और पांच हजार रुपये नकद लूट लिए और सिवान की ओर भाग निकले। वहीं, चोरों ने रामसूरत के मकान में रखे बक्से का ताला तोड़कर आभूषण और नकदी भी पार कर दी। सूचना पर जंसा पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष सत्यजीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से एक पेचकस और टॉर्च बरामद की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वही पीड़ितों के अनुसार लगभग 10से 12 लाख रुपए के आभूषण चोरों के हाथ लगे है।1
- किसी भी कार्यक्रम के लिए फंड की जरूरत पड़ती है। वो फंड रजनीगंधा दे रहे हैं तो उनका नाम जाएगा। छात्र : रजनीगंधा का प्रचार विश्विद्यालय परिसर में करना क्यों जरूरी हो गया? दैनिक जागरण : किसी भी कार्यक्रम के लिए फंड की जरूरत पड़ती है। वो फंड रजनीगंधा दे रहे हैं तो उनका नाम जाएगा। छात्र : फिर तो शराब की कंपनी भी दे सकती है, उसका भी हो जाना चाहिए। पटना यूनिवर्सिटी, बिहार1
- वाराणसी:भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भेलूपुर थाना के ठीक बगल स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार बीती रात एक गंभीर घायल मरीज को इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल परिसर में नर्स और अन्य स्टाफ मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे।वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसके परिजन अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर के इंतजार में परेशान घूम रहे हैं। अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे।परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक मरीज को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। जब परिजनों ने मोबाइल से लाइव वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर स्टाफ ने डॉक्टर से संपर्क किया और कुछ देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया।गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों पर गरीब,मजदूर, बुनकर और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रात की इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी और उनकी तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।फिलहाल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।1