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Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus! Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus!
Rajkapur
Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus! Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus!
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- Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus! Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus!1
- कीचड़ भरे रास्ते से निकालना पड़ता है मूढ़रा हरिसिंह के वासियों एवं स्कूली बच्चे विदिशा से लगभग 8 से 9 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम मूढ़रा हरिसिंह का रास्ता इतना कीचड़ गड्ड से भरा हुआ और खराब है जहां स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को पैदल निकलना भी मुसीबत का सामना करना पड़ता है प्रशासन को गंभीरता से लेते हुए यहां पर रास्ते को सुगम और सरल बनाई जाए यह ग्रामीणों की मांग वीडियो जो आपके सामने छोटे-छोटे बच्चे निकल रहे हैं कोई भी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता1
- jarua Kheda ward number 1 Aaj Tak Kuchh Nahin Hua Hai Aaj Tak🙏🙏🙏 65 Ghar ismein se hi nikal kar Jaate Hain Sagar collector Sahab aap ek bar dekh lo Hamare Yahan ka koi nahin Sunta is video mein Dekh Lo aap🙏🙏🙏🙏🙏1
- कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप एसपी के निर्देश के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होने का दावा, साक्षियों और दस्तावेजों की अनदेखी का आरोप कुरवाई। पत्रकार गजेन्द्र सिंह दांगी ने कुरवाई थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में पुलिस ने पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई की तथा उनके पक्ष में उपलब्ध साक्षियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को जांच में उचित महत्व नहीं दिया। पत्रकार दांगी का कहना है कि मामला भूमि एवं पेड़ काटने के विवाद से जुड़ा था। उनके अनुसार संबंधित भूमि के खसरा, नक्शा एवं अन्य राजस्व दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने भूमि संबंधी तथ्यों की पर्याप्त जांच नहीं की। दांगी का आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनके अनुसार एसपी स्तर से जांच के संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया में अपेक्षित निष्पक्षता नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्षियों के कथनों तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पर्याप्त रूप से जांच में शामिल नहीं किया गया। दांगी का कहना है कि यदि सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाती तो मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती थीं। पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पुलिस अधिकारी से कराई जाए तथा उनके द्वारा प्रस्तुत सभी साक्षियों, खसरा-नक्शा, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और कानून के समान पालन को सुनिश्चित कराना है।1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- देश की जल, ज़मीन और जंगल के पहले हक़दार आदिवासी परिवारजनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। “जय जोहार, जय मध्यप्रदेश” देश की जल, ज़मीन और जंगल के पहले हक़दार आदिवासी परिवारजनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। “जय जोहार, जय मध्यप्रदेश”1
- रायपुरा चोरी कांड का थाना कोतवाली पुलिस ने किया खुलासा — तीन आरोपी गिरफ्तार, ₹15 हजार का चोरी गया मशरूका बरामद* *प्रेस नोट* *दिनांक : 08 अगस्त 2026* *जिला : विदिशा* *रायपुरा चोरी कांड का थाना कोतवाली पुलिस ने किया खुलासा — तीन आरोपी गिरफ्तार, ₹15 हजार का चोरी गया मशरूका बरामद* विदिशा जिले के थाना कोतवाली पुलिस ने रायपुरा क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया फ्रिज, कूलर एवं मिक्सर ग्राइंडर सहित कुल ₹15,000 कीमत का मशरूका बरामद कर प्रकरण का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। *घटना का संक्षिप्त विवरण:* दिनांक 23 जुलाई 2026 को फरियादी राज नारायण यादव पिता कामता प्रसाद यादव, निवासी तोपपुरा थाना कोतवाली उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि रॉयल पैलेस के पास रायपुरा स्थित उनके मकान में चोरी हो गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 458/2026, धारा 331(4), 305(ए) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। *पुलिस की कार्रवाई:* प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश एवं पतारसी की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया— 👉दीपक पिता राजेंद्र रैकवार, उम्र 21 वर्ष, निवासी राजेंद्र नगर बक्सरिया, विदिशा। 👉मोनू पिता बबलू रैकवार, उम्र 20 वर्ष, निवासी राजेंद्र नगर बक्सरिया, विदिशा। 👉साजिद खान पिता पतंजलि मंसूरी, उम्र 30 वर्ष, निवासी राजेंद्र नगर बक्सरिया, विदिशा। पूछताछ में आरोपियों द्वारा चोरी की घटना में संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपियों की निशानदेही पर कुल ₹15,000 कीमत का मशरूका बरामद किया गया। *बरामद मशरूका:* 👉एक फ्रिज 👉एक कूलर 👉एक मिक्सर ग्राइंडर 👉कुल कीमत ₹15,000 उक्त कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली के नेतृत्व में संपन्न हुई। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी गए संपूर्ण मशरूका की बरामदगी के साथ प्रकरण का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया। *सराहनीय भूमिका:* इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आनंद राज, प्रधान आरक्षक धर्मेश बर्थ, आरक्षक आशीष अहिरवार, नीरेश बघेल, रामवीर कुशवाह, मनोज भदौरिया एवं सुनील कोरी की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।1