लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है। सात साल तक बंधक रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता को बहला-फुसलाकर करीब सात महीने तक मध्य प्रदेश से बाहर दिल्ली तथा बाद में बीना की साईं धाम कॉलोनी सहित अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से रखा गया। इस दौरान उन्हें अपने पिता के ठिकाने की जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। पैतृक जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत *बिहरना निवासी बुजुर्ग को सात साल तक बंधक बनाकर जमीन-जायदाद हड़पने का गंभीर आरोप* *बेटे ने कलेक्टर-एसपी को शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की* बीना। तहसील क्षेत्र के ग्राम बिहरना निवासी एक बुजुर्ग को कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी पैतृक जमीन, सोना-चांदी और बैंक खातों में जमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में बुजुर्ग के बेटे शिवनारायण तिवारी ने सागर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में शिवनारायण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता हजारीलाल तिवारी सीधे-साधे बुजुर्ग हैं। आवेदन में मुन्नालाल तिवारी, नीलेश सहित हरिराम पिता बुद्धे पटेल निवासी बिहरना, करिया उर्फ पप्पू पिता परमानंद निवासी कनखर तथा हटे सिंह पिता जवाहर सिंह निवासी बेलई सहित अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर बुजुर्ग की जमीन का सौदा कराने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं शिवचरण पाल, पूर्व सरपंच सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका पर भी संदेह 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रजिस्ट्री कराने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम बिहरना स्थित हजारीलाल तिवारी की पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्टर्ड करा दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उसके बदले मिलने वाली राशि भी उनके पिता को नहीं दी गई। इसके अलावा बुजुर्ग के पास मौजूद सोना-चांदी तथा बैंक खातों में जमा राशि को भी कथित रूप से अपने कब्जे में लेने के आरोप लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा की मांग शिवनारायण तिवारी ने प्रशासन से अपने पिता को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने राजेश, कमलेश, नीलेश और आनंद दुबे सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अपने और अपने पिता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यदि उनके या उनके पिता के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए शिकायत में नामजद लोगों को जिम्मेदार माना जाए। अब पुलिस एवं प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप कुरवाई में पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप एसपी के निर्देश के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होने का दावा, साक्षियों और दस्तावेजों की अनदेखी का आरोप कुरवाई। पत्रकार गजेन्द्र सिंह दांगी ने कुरवाई थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में पुलिस ने पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई की तथा उनके पक्ष में उपलब्ध साक्षियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को जांच में उचित महत्व नहीं दिया। पत्रकार दांगी का कहना है कि मामला भूमि एवं पेड़ काटने के विवाद से जुड़ा था। उनके अनुसार संबंधित भूमि के खसरा, नक्शा एवं अन्य राजस्व दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने भूमि संबंधी तथ्यों की पर्याप्त जांच नहीं की। दांगी का आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उनके अनुसार एसपी स्तर से जांच के संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया में अपेक्षित निष्पक्षता नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्षियों के कथनों तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पर्याप्त रूप से जांच में शामिल नहीं किया गया। दांगी का कहना है कि यदि सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाती तो मामले की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती थीं। पत्रकार गजेन्द्र दांगी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पुलिस अधिकारी से कराई जाए तथा उनके द्वारा प्रस्तुत सभी साक्षियों, खसरा-नक्शा, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता और कानून के समान पालन को सुनिश्चित कराना है।1
- jarua Kheda ward number 1 Aaj Tak Kuchh Nahin Hua Hai Aaj Tak🙏🙏🙏 65 Ghar ismein se hi nikal kar Jaate Hain Sagar collector Sahab aap ek bar dekh lo Hamare Yahan ka koi nahin Sunta is video mein Dekh Lo aap🙏🙏🙏🙏🙏1
- वाकई में सच कहा जाए तो इस संसार में मनुष्य जन्म जाति धर्म से नहीं, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों से महान बनता है। अतः इंसान को अपना कर्म श्रेष्ठ बनाना चाहिए।1
- Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus! Exams have a syllabus, life does not. Life is often completely out of syllabus!1
- देश की जल, ज़मीन और जंगल के पहले हक़दार आदिवासी परिवारजनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। “जय जोहार, जय मध्यप्रदेश” देश की जल, ज़मीन और जंगल के पहले हक़दार आदिवासी परिवारजनों को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। “जय जोहार, जय मध्यप्रदेश”1