*विश्व तेंदुआ दिवस पर अद्भुत संयोग : दक्षिण पन्ना में तेंदुए का सफल रेस्क्यू* *_वन विभाग ने पाइप में फंसे तेंदुए को सुरक्षित निकालकर वन क्षेत्र में किया रिलीज़_* आज प्रातः अमानगंज बफर रेंज के समीप दक्षिण पन्ना वनमण्डल की पवई रेंज के राजस्व क्षेत्र अंतर्गत हिनौती ग्राम के पास एक तेंदुआ देखा गया। आवारा कुत्ते का पीछा करते हुए तेंदुआ एक संकरे पाइप में प्रवेश कर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने पाइप के दोनों सिरों को पत्थरों से बंद कर वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दक्षिण पन्ना वनमण्डल का मैदानी अमला एवं पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। पाइप के एक सिरे पर सुरक्षित पकड़ के लिए ट्रैप केज लगाया गया तथा दूसरे सिरे को पूरी तरह बंद किया गया। तेंदुए को केज की दिशा में ले जाने के लिए विभिन्न उपाय अपनाए गए, जिनमें पानी के प्रवाह, कांटेदार झाड़ियों आदि का उपयोग शामिल रहा। अंततः पाइप के व्यास के अनुरूप टायरों को आपस में बांधकर रस्सियों की सहायता से धीरे-धीरे पाइप के भीतर बढ़ाया गया, जिससे तेंदुआ नियंत्रित रूप से केज की ओर बढ़ा और सुरक्षित रूप से पकड़ में आ गया। रेस्क्यू के बाद वन्यप्राणी चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, जिसमें तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। इसके उपरांत उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर छोड़ दिया गया। सम्पूर्ण कार्यवाही में पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल के नेतृत्व में स्थानीय वन अमले का सराहनीय योगदान रहा। इनमें परिक्षेत्र सहायक बी.के. खरे, वनरक्षक रामजी गर्ग, मनीष वर्मा, सचेंद्र मोहन, दिनेश राठौर, सतेंद्र भदौरिया, मनीष यादव, राहुल पटेल, गायत्री सिंह तथा चालक राजेंद्र खटीक की भूमिका उल्लेखनीय रही। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव गुप्ता के नेतृत्व में पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम (उदयमणि सिंह परिहार, अरविंद रैकवार, तफसील खान, अर्जुल पाल) का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तत्परता से उपस्थित रहा।
*विश्व तेंदुआ दिवस पर अद्भुत संयोग : दक्षिण पन्ना में तेंदुए का सफल रेस्क्यू* *_वन विभाग ने पाइप में फंसे तेंदुए को सुरक्षित निकालकर वन क्षेत्र में किया रिलीज़_* आज प्रातः अमानगंज बफर रेंज के समीप दक्षिण पन्ना वनमण्डल की पवई रेंज के राजस्व क्षेत्र अंतर्गत हिनौती ग्राम के पास एक तेंदुआ देखा गया। आवारा कुत्ते का पीछा करते हुए तेंदुआ एक संकरे पाइप में प्रवेश कर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने पाइप के दोनों सिरों को पत्थरों से बंद
कर वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दक्षिण पन्ना वनमण्डल का मैदानी अमला एवं पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। पाइप के एक सिरे पर सुरक्षित पकड़ के लिए ट्रैप केज लगाया गया तथा दूसरे सिरे को पूरी तरह बंद किया गया। तेंदुए को केज की दिशा में ले जाने के लिए विभिन्न उपाय अपनाए गए, जिनमें पानी के प्रवाह, कांटेदार झाड़ियों आदि का उपयोग शामिल रहा। अंततः पाइप के व्यास के
अनुरूप टायरों को आपस में बांधकर रस्सियों की सहायता से धीरे-धीरे पाइप के भीतर बढ़ाया गया, जिससे तेंदुआ नियंत्रित रूप से केज की ओर बढ़ा और सुरक्षित रूप से पकड़ में आ गया। रेस्क्यू के बाद वन्यप्राणी चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, जिसमें तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। इसके उपरांत उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर छोड़ दिया गया। सम्पूर्ण कार्यवाही में पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल के नेतृत्व में स्थानीय वन अमले का सराहनीय योगदान रहा।
इनमें परिक्षेत्र सहायक बी.के. खरे, वनरक्षक रामजी गर्ग, मनीष वर्मा, सचेंद्र मोहन, दिनेश राठौर, सतेंद्र भदौरिया, मनीष यादव, राहुल पटेल, गायत्री सिंह तथा चालक राजेंद्र खटीक की भूमिका उल्लेखनीय रही। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव गुप्ता के नेतृत्व में पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम (उदयमणि सिंह परिहार, अरविंद रैकवार, तफसील खान, अर्जुल पाल) का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तत्परता से उपस्थित रहा।
- *विश्व तेंदुआ दिवस पर अद्भुत संयोग : दक्षिण पन्ना में तेंदुए का सफल रेस्क्यू* *_वन विभाग ने पाइप में फंसे तेंदुए को सुरक्षित निकालकर वन क्षेत्र में किया रिलीज़_* आज प्रातः अमानगंज बफर रेंज के समीप दक्षिण पन्ना वनमण्डल की पवई रेंज के राजस्व क्षेत्र अंतर्गत हिनौती ग्राम के पास एक तेंदुआ देखा गया। आवारा कुत्ते का पीछा करते हुए तेंदुआ एक संकरे पाइप में प्रवेश कर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने पाइप के दोनों सिरों को पत्थरों से बंद कर वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दक्षिण पन्ना वनमण्डल का मैदानी अमला एवं पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। पाइप के एक सिरे पर सुरक्षित पकड़ के लिए ट्रैप केज लगाया गया तथा दूसरे सिरे को पूरी तरह बंद किया गया। तेंदुए को केज की दिशा में ले जाने के लिए विभिन्न उपाय अपनाए गए, जिनमें पानी के प्रवाह, कांटेदार झाड़ियों आदि का उपयोग शामिल रहा। अंततः पाइप के व्यास के अनुरूप टायरों को आपस में बांधकर रस्सियों की सहायता से धीरे-धीरे पाइप के भीतर बढ़ाया गया, जिससे तेंदुआ नियंत्रित रूप से केज की ओर बढ़ा और सुरक्षित रूप से पकड़ में आ गया। रेस्क्यू के बाद वन्यप्राणी चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, जिसमें तेंदुआ स्वस्थ पाया गया। इसके उपरांत उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर छोड़ दिया गया। सम्पूर्ण कार्यवाही में पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल के नेतृत्व में स्थानीय वन अमले का सराहनीय योगदान रहा। इनमें परिक्षेत्र सहायक बी.के. खरे, वनरक्षक रामजी गर्ग, मनीष वर्मा, सचेंद्र मोहन, दिनेश राठौर, सतेंद्र भदौरिया, मनीष यादव, राहुल पटेल, गायत्री सिंह तथा चालक राजेंद्र खटीक की भूमिका उल्लेखनीय रही। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव गुप्ता के नेतृत्व में पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम (उदयमणि सिंह परिहार, अरविंद रैकवार, तफसील खान, अर्जुल पाल) का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी तत्परता से उपस्थित रहा।4
- लोकेशन: देवेंद्रनगर(पन्ना) रिपोर्टर: अशोक विश्वकर्मा स्लग / देवरी गढ़ी चौवन टोला में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही एंकर / देवेंद्रनगर तहसील के ग्राम देवरी गढ़ी चौवन टोला में बिजली विभाग की लापरवाही ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां पिछले करीब 10 वर्षों से बिजली के खंभों की जगह लकड़ी और बांस के सहारे लाइन खींचकर आपूर्ति की जा रही है — जो हर दिन हादसे को न्योता दे रही है। वीओ / रविवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खेत में चर रही भैंस के पास अचानक लकड़ी के अस्थायी खंभे से टकराव हुआ और शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते बिजली के तार टूटकर खेत में गिर गए और सूखी नरवाई में आग भड़क उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट की चपेट में आने से एक भैंस को तेज झटके लगे। हालात बेहद गंभीर हो सकती थी , लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ा हादसा टला । ग्रामीणों ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाई, जिससे 5 से 7 मवेशियों की जान बच गई। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो कई जानवरों की मौत तय थी और आसपास मौजूद लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। आग ने कुछ देर के लिए विकराल रूप ले लिया, हालांकि हवा नहीं चलने के कारण ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया। इस दौरान खेत में लगे आम के पेड़ भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से बिजली विभाग को शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मेंटेनेंस के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि गांव में आज भी लकड़ी के सहारे बिजली सप्लाई दी जा रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द यहां पक्के बिजली के खंभे लगाए जाएं, ताकि भविष्य में जान-माल का नुकसान न हो। बाइट / ग्रामीणों4
- मोहन्द्रा चौकी प्रभारी दीपक सिंह भदौरिया जी और सभी चौकी स्टाफ 🚨 मोहन्द्रा चौकी पुलिस अब पूरी सख्ती में है 🚔 छोटी दूरी हो या लंबा सफर… हेलमित लगा कर ही गाड़ी चलाय Helmet नहीं = Challan पक्का! बिना documents — अब कोई excuse नहीं चलेगा ⚠️1
- अजयगढ़ के झिन्ना धाम में सामूहिक विवाह एवं निकाह योजना का हो रहा आयोजन पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां हुई पूरी वर वधू के साथ उनके परिवार के लोग हो रहे एकत्रित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी सम्मेलन को संपन्न करने लगे कार्य में4
- खुद को आग लगाई जला पूरा शरीर फुल वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें चैनल को सब्सक्राइब करें1
- ---- *श्रमिक दिवस पर विशेष* ---- *अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ढह गया आशियाना, नहीं रही मजदूरों के बैठने, सिर छिपाने की जगह* नागौद। 1 मई पूरे विश्व में *अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस* के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सरकारी विभाग और श्रम संगठन विभिन्न प्रकार की घोषणाएं करते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही होती है। नागौद में दिनभर काम की तलाश में मजदूर भटकते रहते हैं, और कई बार निराश होकर बिना काम लगे ही वापस घर चले जाते हैं। नागौद में वन विभाग के ऑफिस के सामने, अगोल मैदान और सब्जी मंडी को जाने वाली रोड के कोने में मजदूर भारी संख्या में कार्य की तलाश में प्रतिदिन आते हैं। यहां पर कुछ दिन पहले तक उनके बैठने के लिए एक सेट नुमा स्थान बना हुआ था, जो मजदूरों के धूप-पानी से बचने के लिए उनका आशियाना था, लेकिन अगोल मैदान को सुंदर बनाने सजाने-सवारने के चक्कर में मजदूरों को अच्छे बनाने का ख्वाब दिखाकर उनका यह आशियाना नष्ट कर दिया गया, अब बेचारे रोड के दोनों तरफ खड़े रहते हैं काम के इंतजार में। बड़ी संख्या में दूरांचल से मजदूर आते हैं,और रोड में खड़े रहते हैं, कई वहां से वाहन लेकर निकलना कठिन होता है। यह पूछने पर कि रोड़ में क्यों खड़े होते हो तो एक साथ बोल पड़े जब हमारे बैठने बाली जगह ही तोड़ दी गई तो आखिर जांय कहां? यहीं रोड के किनारे खड़े होकर कार्य की तलाश के लिए नजर लगाए रहते हैं। पता नहीं अब यह कब बनेगा,इस ओर किसका ध्यान कब जाएगा?1
- Post by Rafi siddiqui4
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत पन्ना जिले में भव्य सामूहिक विवाह: झिन्ना धाम अजयगढ़ एवं जनपद पंचायत पन्ना में सजे वैवाहिक मंडप, मुख्य अतिथि रहे पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना। सामाजिक समरसता, सहयोग और बेटी के सम्मान को समर्पित प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पन्ना जिले में आज भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन अत्यंत गरिमामय और उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अजयगढ़ के प्रसिद्ध झिन्ना धाम तथा पन्ना जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में आयोजित इस विशाल आयोजन में बड़ी संख्या में जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक माननीय श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है। यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि बेटियों के विवाह को सामाजिक सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर बेटी को सम्मानपूर्वक जीवन की नई शुरुआत का अवसर देना है।समारोह के दौरान दोनों स्थानों पर भव्य वैवाहिक मंडप सजाए गए थे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं। एक साथ कई जोड़ों के फेरे, जयमाला और अन्य रस्मों का दृश्य अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक रहा। पूरे आयोजन स्थल पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, परिजनों की खुशियां और आशीर्वाद की गूंज ने माहौल को पूर्णतः उत्सवमय बना दिया।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, जनपद पंचायत के अधिकारियों, महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान की। सभी अतिथियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।योजना के अंतर्गत पात्र कन्याओं को शासन की ओर से आर्थिक सहायता, गृहस्थी का आवश्यक सामान एवं अन्य उपहार सामग्री प्रदान की गई। इस सहायता से नवविवाहित जोड़ों को अपने जीवन की शुरुआत में सहूलियत मिलती है और आर्थिक बोझ भी कम होता है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है, जिससे समाज में समानता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। दोनों ही स्थलों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ, जिसकी जिलेभर में सराहना की जा रही है।यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल नवदंपत्तियों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सहयोग, एकता और बेटी के सम्मान के संदेश को भी मजबूती से स्थापित करता नजर आया। पन्ना जिले में इस प्रकार के आयोजन सामाजिक सरोकारों को सशक्त करने के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता को भी प्रदर्शित कर रहे हैं।4
- पन्ना में नाबालिग से गैंगरेप: 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने शहर में निकाला जुलूस मध्यप्रदेश के पन्ना के देवेन्द्रनगर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर में जुलूस निकाला, जांच जारी।1