चार दिन से ठप बिजली से कपासी के किसानों में आक्रोश, पटवन नहीं होने से गेहूं की फसल पर संकट चेवाड़ा प्रखंड के कपासी गांव में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिजली नहीं रहने से खेतों की सिंचाई ठप हो गई है, जिससे गेहूं की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का एक पोल करीब 15 दिनों से झुका हुआ था। इसकी सूचना कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। लापरवाही के कारण बाद में दो बिजली पोल टूटकर गिर गए, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और नए पोल गाड़े गए। ग्रामीणों का कहना है कि पोल गाड़ने के दौरान कपासी गांव के उत्तर बाध की बिजली लाइन को काट दिया गया। उस लाइन को चालू करने के लिए केवल एक एंगल लगाकर तार को ऊंचा करना था, लेकिन चार दिनों से यह छोटा सा काम भी नहीं किया गया है। इस कारण गांव के उत्तर बाध क्षेत्र में बिजली पूरी तरह से बंद है। कपासी गांव निवासी किसान गोपाल कुमार, प्रवीण सिंह, चुनचुन सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में पटवन बेहद जरूरी है, लेकिन बिजली नहीं रहने से मोटर नहीं चल पा रही है। कई किसानों ने फोन कर बिजली विभाग के जेई और कार्यपालक अभियंता को भी सूचना दी, फिर भी अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। इधर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही आवश्यक कार्य कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
चार दिन से ठप बिजली से कपासी के किसानों में आक्रोश, पटवन नहीं होने से गेहूं की फसल पर संकट चेवाड़ा प्रखंड के कपासी गांव में पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिजली नहीं रहने से खेतों की सिंचाई ठप हो गई है, जिससे गेहूं की फसल पर संकट मंडराने लगा है। किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का एक पोल करीब 15 दिनों से झुका हुआ था। इसकी सूचना कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। लापरवाही के कारण बाद में दो बिजली पोल टूटकर गिर गए, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और नए पोल गाड़े गए। ग्रामीणों का कहना है कि पोल गाड़ने के दौरान कपासी गांव के उत्तर बाध की बिजली लाइन को काट दिया गया। उस लाइन को चालू करने के लिए केवल एक एंगल लगाकर तार को ऊंचा करना था, लेकिन चार दिनों से यह छोटा सा काम भी नहीं किया गया है। इस कारण गांव के उत्तर बाध क्षेत्र में बिजली पूरी तरह से बंद है। कपासी गांव निवासी किसान गोपाल कुमार, प्रवीण सिंह, चुनचुन सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में पटवन बेहद जरूरी है, लेकिन बिजली नहीं रहने से मोटर नहीं चल पा रही है। कई किसानों ने फोन कर बिजली विभाग के जेई और कार्यपालक अभियंता को भी सूचना दी, फिर भी अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। इधर बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही आवश्यक कार्य कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
- सियानी गांव में मारपीट मामले में महिला गिरफ्तार, भेजी गई जेल। गौरतलब है कि करंडे थाना क्षेत्र के सियानी गांव में हुए मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए करंडे थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि सियानी गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। घटना के बाद दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग आवेदन देकर करंडे थाना में मामला दर्ज कराया गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि पहले पक्ष की ओर से अमित कुमार पांडे ने मारपीट को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दूसरे पक्ष की आरोपी महिला संगीता देवी को सियानी गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपी संगीता देवी को मंगलवार की शाम करीब 5:00 बजे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।1
- शेखपुरा - माननीय मुख्यमंत्री बिहार, नीतीश कुमार की आगामी 'समृद्धि यात्रा' को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सर्वा पंचायत में हो रहे तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी ने आज कार्यक्रम स्थलों और रूट का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा से जुड़े हर छोटे-बड़े बिंदुओं पर गहन समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बैठने के प्रबंध, साफ-सफाई और विभागीय प्रदर्शनी समेत तमाम बुनियादी सुविधाओं का अवलोकन किया। समीक्षा के क्रम में उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाय । जिलाधिकारी महोदय ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि "मुख्यमंत्री जी की यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निदेश दिया, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर असुविधा न हो।" जिला पदाधिकारी महोदय ने सुरक्षा मानकों को लेकर कड़े निर्देश दिए। स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट ली गई। उन्होंने पेयजल, बिजली और सुगम यातायात को लेकर विशेष योजना बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, डीआरडीए निर्देशक, जिला विकास पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी के साथ साथ अन्य सभी वरीय पदाधिकारी और संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता भी उपस्थित रहे। *डी० पीo आरo ओo* *शेखपुरा।*1
- सुपरहिट, सॉन्ग,, लिखकर जो, गोबर, पूजे, उसे शिक्षित, ना कहना, एक दिन,,,,,,,1
- पकरीबरावां: माता सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, शिक्षा और सामाजिक न्याय का लिया संकल्प2
- जैसे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहे, वैसे ही अगर चुनाव से पहले 10 हजार रुपये नहीं बांटे गए होते, तो JDU को 25 सीटें भी नहीं मिलतीं।1
- निशांत के जदयू में आने से गिरिराज सिंह एवं जीतन राम मांझी ने क्या कहा1
- ड्राइवरों का बड़ा आंदोलन! बिहारशरीफ में 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना, एंकर, बिहारशरीफ मुख्यालय में ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले चालकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। श्रम कल्याण केंद्र मैदान में आयोजित इस धरने में बड़ी संख्या में चालक शामिल हुए और सरकार से अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। धरना में शामिल चालकों ने कहा कि सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल किया जाए और ड्राइवर आयोग का गठन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा, अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा घायल होने पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। चालकों ने 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग उठाई। साथ ही 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने की मांग भी की गई। धरना में शामिल चालकों का कहना था कि कोविड काल के दौरान जब लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे, तब भी ड्राइवरों ने अपने परिवार से दूर रहकर ईमानदारी से काम किया। इसके बावजूद आज उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल रही है। चालकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 90 दिनों के भीतर उनकी 10 सूत्री मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो देशभर के चालक स्टीयरिंग छोड़कर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- चेवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक आयोजित। गौरतलब है कि चेवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार की शाम बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संघ से जुड़े कर्मचारियों की आम सभा बुलाई गई, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान कर्मचारियों के आर्थिक, मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही सरकार के समक्ष लंबित मांगों को लेकर एकजुट होकर वार्ता करने और समस्याओं के समाधान के लिए रणनीति पर भी चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि राज्य स्तर पर जो भी समस्याएं सामने आती हैं, उनके समाधान के लिए संघ के माध्यम से प्रयास किया जाता है और कई मामलों का स्थानीय स्तर पर भी निराकरण किया जाता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए संघ के जिला मंत्री अनिल कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर सरकार से वार्ता कर कर्मचारियों के हित में निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में एएनएम एवं जीएनएम सहित संघ से जुड़े कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। यह बैठक मंगलवार की शाम करीब 4 बजे संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।2