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सुपरहिट, सॉन्ग,, लिखकर जो, गोबर, पूजे, उसे शिक्षित, ना कहना, एक दिन,,,,,,,
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सुपरहिट, सॉन्ग,, लिखकर जो, गोबर, पूजे, उसे शिक्षित, ना कहना, एक दिन,,,,,,,
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- शेखपुरा - माननीय मुख्यमंत्री बिहार, नीतीश कुमार की आगामी 'समृद्धि यात्रा' को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सर्वा पंचायत में हो रहे तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी ने आज कार्यक्रम स्थलों और रूट का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यात्रा से जुड़े हर छोटे-बड़े बिंदुओं पर गहन समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, बैठने के प्रबंध, साफ-सफाई और विभागीय प्रदर्शनी समेत तमाम बुनियादी सुविधाओं का अवलोकन किया। समीक्षा के क्रम में उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाय । जिलाधिकारी महोदय ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि "मुख्यमंत्री जी की यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निदेश दिया, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर असुविधा न हो।" जिला पदाधिकारी महोदय ने सुरक्षा मानकों को लेकर कड़े निर्देश दिए। स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट ली गई। उन्होंने पेयजल, बिजली और सुगम यातायात को लेकर विशेष योजना बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, डीआरडीए निर्देशक, जिला विकास पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी के साथ साथ अन्य सभी वरीय पदाधिकारी और संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता भी उपस्थित रहे। *डी० पीo आरo ओo* *शेखपुरा।*1
- जिले में भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल संकट से निपटने के लिए तैयार है। इसी क्रम में आज श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा द्वारा समाहरणालय परिसर से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कुल 12 चापाकल मरम्मती दल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न प्रखंडों के लिए रवाना किया गया। जिला पदाधिकारी महोदय ने विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित किए गए 288 खराब चापाकल को आगामी एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से क्रियाशील बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मी के दौरान आम जनमानस को पानी के लिए भटकना न पड़े, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता दे। पेयजल और नल-जल योजना से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यदि किसी भी पंचायत या वार्ड में चापाकल खराब है या नल-जल योजना में तकनीकी खराबी है, तो ग्रामीण सीधे लोक स्वास्थ्य कार्य प्रमंडल, शेखपुरा द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। 📞 कंट्रोल रूम नंबर: 06341-223262 ये 12 मरम्मती वाहन जिले के सभी प्रखंडों में भ्रमण करेंगे और मौके पर ही खराब चापाकल की मरम्मत करेंगे। उपकरणों की उपलब्धता: वाहनों में मिस्त्री के साथ-साथ आवश्यक पाइप, सिलेंडर और अन्य तकनीकी किट उपलब्ध कराई गई है। जिला पदाधिकारी महोदय ने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन मरम्मत किए गए चापाकल की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपें। "गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत एक गंभीर समस्या है। 12 विशेष टीमों को रवाना किया गया है ताकि गांव-गांव जाकर चापाकल ठीक किए जा सकें। मेरी अपील है कि नागरिक कंट्रोल रूम नंबर का उपयोग करें ताकि हम समय रहते आपकी समस्याओं को दूर कर सकें।"1
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- पकरीबरावां में माता सावित्री बाई फुले पर क्या बोले राजेन्द्र पासवान1
- जैसे नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहे, वैसे ही अगर चुनाव से पहले 10 हजार रुपये नहीं बांटे गए होते, तो JDU को 25 सीटें भी नहीं मिलतीं।1
- आप सभी को बुधवार श्री शीतला अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🥀♥️2
- चेचक रोग से मुक्ति की आस्था! मां शीतला मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ग्राउंड रिपोर्ट देखें, एंकर, नालंदा जिले के ऐतिहासिक मघड़ा गांव में स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की शुरुआत हो चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी आस्था का यह मेला हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। परंपरा और आस्था का संगम मां शीतला मंदिर के पुजारी बताते हैं कि प्राचीन काल से ही चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी के दिन मघड़ा और आसपास के गांवों में बसिऔड़ा मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत मंगलवार की शाम गांव के लोग भोजन बनाकर अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और अगले दिन यानी अष्टमी के दिन किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता। लोग रात में बनाए गए भोजन को ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मिट्ठी कुआं की खास मान्यता मघड़ा गांव के लोगों का कहना है कि यहां स्थित ‘मिट्ठी कुआं’ का पानी कभी नहीं सूखता और इसका स्वाद काफी मीठा होता है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि जिस दिन इस कुएं से मां शीतला की प्रतिमा निकाली गई थी वह दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी थी और अष्टमी के दिन मां की प्रतिमा की स्थापना की गई थी। उसी समय से यहां मेले की परंपरा शुरू हुई जो आज भी जारी है। रोगमुक्ति की आस्था ऐसी मान्यता है कि मंदिर की विभूति और तालाब के जल का सेवन करने से चेचक के रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं। रोगमुक्त होने के बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर प्रांगण में स्थित तालाब में स्नान कर मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु मघड़ा मेले में हर साल बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां शीतला के दरबार में अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। आस्था, परंपरा और विश्वास से जुड़ा मघड़ा का यह ऐतिहासिक मेला आज भी लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।1
- शेखपुरा - आज दिनांक 10 मार्च 2026 को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में श्री शेखर आनंद, जिला पदाधिकारी शेखपुरा की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में जिले के कृषि परिदृश्य, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों को मिल रही सुविधाओं की बारीकी से जांच की गई। जिला पदाधिकारी महोदय ने बैठक के दौरान विभागवार निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना के तहत पइन जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा निर्देश दिया कि जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें पुनर्जीवित किया जाए ताकि अंतिम छोर के किसानों तक पानी पहुँच सके। जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज भी उपलब्ध कराए।कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत उपकरणों की खरीद और उन पर दी जाने वाली सब्सिडी की स्थिति जाँची गई। साथ ही, किसान चौपाल के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया गया ताकि आधुनिक खेती की जानकारी जन-जन तक पहुँचे। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई किसानों के पंजीकरण नाम और जमीन की रसीद में 'मिसमैच' (अशुद्धि) की समस्या है। जिला पदाधिकारी द्वारा प्राथमिकता के आधार पर सुधारने का निर्देश दिया ताकि किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहें। पशुओं के समयबद्ध टीकाकरण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए चल रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उक्त बैठक में मुख्य रूप जिला कृषि पदाधिकारी,जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थें। जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा बताया गया कि "कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। साथ ही कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।" डी॰पी॰आर॰ओ॰, शेखपुरा।1