जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा। विकासखंड मुख्यालय पर करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय में कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। दूर-दराज से आने वाले कई बच्चों को रोजाना 3 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे भी अध्ययनरत हैं। परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थी मुख्य मार्ग से पैदल आने-जाने को मजबूर हैं। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने के लिए रोजाना समय निकालना पड़ रहा है। विद्यालय टीकमगढ़-मऊरानीपुर मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग पर दिनभर बसों, मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों के पैदल स्कूल आने-जाने को लेकर अभिभावकों में चिंता है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच बच्चों का अकेले मुख्य मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। अभिभावकों ने उठाई परिवहन सुविधा की मांग अभिभावक प्रदीप कुशवाहा, धनीराम रैकवार सहित अन्य अभिभावकों ने विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जल्द परिवहन सुविधा शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार ने बेहतर शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए की लागत से विद्यालय तो तैयार कर दिया, लेकिन बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी अधूरी है। जल्द शुरू होगी परिवहन व्यवस्था : डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार जैन ने बताया कि विद्यार्थियों के आवागमन के लिए वाहन व्यवस्था के निर्देश प्राप्त हुए हैं। जल्द ही परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय की प्राचार्य संध्या कुशवाहा ने बताया कि परिवहन व्यवस्था शुरू कराने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा जा चुका है।
जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा। विकासखंड मुख्यालय पर करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय में कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। दूर-दराज से आने वाले कई बच्चों को रोजाना 3 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलकर
स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे भी अध्ययनरत हैं। परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थी मुख्य मार्ग से पैदल आने-जाने को मजबूर हैं। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने के लिए रोजाना समय निकालना पड़ रहा है। विद्यालय टीकमगढ़-मऊरानीपुर मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग पर दिनभर बसों, मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों
के पैदल स्कूल आने-जाने को लेकर अभिभावकों में चिंता है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच बच्चों का अकेले मुख्य मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। अभिभावकों ने उठाई परिवहन सुविधा की मांग अभिभावक प्रदीप कुशवाहा, धनीराम रैकवार सहित अन्य अभिभावकों ने विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जल्द परिवहन सुविधा शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार ने बेहतर शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए की लागत से विद्यालय तो
तैयार कर दिया, लेकिन बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी अधूरी है। जल्द शुरू होगी परिवहन व्यवस्था : डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार जैन ने बताया कि विद्यार्थियों के आवागमन के लिए वाहन व्यवस्था के निर्देश प्राप्त हुए हैं। जल्द ही परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय की प्राचार्य संध्या कुशवाहा ने बताया कि परिवहन व्यवस्था शुरू कराने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा जा चुका है।
- जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा सांदीपनि विद्यालय खुला, लेकिन बच्चों की राह अब भी मुश्किल—सुरक्षित सफर का इंतजार जतारा। विकासखंड मुख्यालय पर करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय में कक्षाओं का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। दूर-दराज से आने वाले कई बच्चों को रोजाना 3 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छोटे बच्चे भी अध्ययनरत हैं। परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थी मुख्य मार्ग से पैदल आने-जाने को मजबूर हैं। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने के लिए रोजाना समय निकालना पड़ रहा है। विद्यालय टीकमगढ़-मऊरानीपुर मार्ग पर स्थित है। इस मार्ग पर दिनभर बसों, मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों के पैदल स्कूल आने-जाने को लेकर अभिभावकों में चिंता है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के बीच बच्चों का अकेले मुख्य मार्ग से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। अभिभावकों ने उठाई परिवहन सुविधा की मांग अभिभावक प्रदीप कुशवाहा, धनीराम रैकवार सहित अन्य अभिभावकों ने विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए जल्द परिवहन सुविधा शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार ने बेहतर शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए की लागत से विद्यालय तो तैयार कर दिया, लेकिन बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था अभी अधूरी है। जल्द शुरू होगी परिवहन व्यवस्था : डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार जैन ने बताया कि विद्यार्थियों के आवागमन के लिए वाहन व्यवस्था के निर्देश प्राप्त हुए हैं। जल्द ही परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्यालय की प्राचार्य संध्या कुशवाहा ने बताया कि परिवहन व्यवस्था शुरू कराने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा जा चुका है।4
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- ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन । शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में दो कमरे में 200 छात्र बैठने पर मजबूर । शिक्षकों के द्वारा कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिया गया लेकिन पिछले दो तीन सालों में एक बार इंजीनियर के द्वारा स्टीमेट बनवाकर भिजवाया गया लेकिन आज तक सुधार नही हुआ ।टीकमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग की छत पर पानी भरने से जगह जगह से शीलिंग दिखाई दे रही है एक कमरे की छत पूरी तरह से टूट गयी है केवल विध्यालय में दो कमरे शेष है एक कमरे में किताबें रखी हुई है उसी में बच्चों की कक्षाएं लगानी पर मजबूर शिक्षक लगभग 200 बच्चों के नाम दर्ज है बार होती है तो छत गिरने का भय बना रहता है जिससे विध्यालय में बच्चों को बैठने की भी व्यवस्था नहीं है जिस पर विध्यालय के द्वारा कई वार आवेदन दिया गया लेकिन आजतक ना ही जिला शिक्षाधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं और जन शिक्षाधिकारी जतारा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई अब देखना यह है कि प्रदेश के मुखिया शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर आये दिन नयी नयी योजनायें व घोषणाएं करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजर आ रहा है कलेक्टर महोदय शिक्षा विभाग के लिए कई बड़े बड़े कार्य करते रहते हैं बच्चों के भविष्य के लिए क्या करते हैं या नहीं4
- बुंदेलखंड में पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल के रेट बड़े देखिए खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ1
- *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा* *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा*4
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