किशनगढ़ बास में अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, व्यापारिक संगठनों के साथ किया निरीक्षण किशनगढ़ बास। कस्बे में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। प्रशिक्षु आरपीएस एवं थाना अधिकारी नेहा मीना तथा एसडीएम सतवीर सिंह यादव ने मंगलवार को खैरथल रोड और तिजारा रोड का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क किनारे ठेले, रेहड़ी और अन्य अस्थायी अतिक्रमण करने वालों को समझाइश देते हुए अपने ठेले एवं सामान को सड़क से पीछे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होता है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभियान के दौरान व्यापार महासंघ के अध्यक्ष परमानंद लखयानी सहित विभिन्न व्यापार मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी भी मौजूद रहे। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन की पहल का समर्थन करते हुए व्यापारियों से बाजार व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समझाइश के बाद भी यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया। प्रशासन का कहना है कि कस्बे में सुचारु यातायात, बाजार व्यवस्था और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
किशनगढ़ बास में अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, व्यापारिक संगठनों के साथ किया निरीक्षण किशनगढ़ बास। कस्बे में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। प्रशिक्षु आरपीएस एवं थाना अधिकारी नेहा मीना तथा एसडीएम सतवीर सिंह यादव ने मंगलवार को खैरथल रोड और तिजारा रोड का संयुक्त निरीक्षण कर सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क किनारे ठेले, रेहड़ी और अन्य अस्थायी अतिक्रमण करने वालों को समझाइश देते हुए अपने ठेले एवं सामान को सड़क से पीछे करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होता है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभियान के दौरान व्यापार महासंघ के अध्यक्ष परमानंद लखयानी सहित विभिन्न व्यापार मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी भी मौजूद रहे। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन की पहल का समर्थन करते हुए व्यापारियों से बाजार व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समझाइश के बाद भी यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया। प्रशासन का कहना है कि कस्बे में सुचारु यातायात, बाजार व्यवस्था और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- मानसून की पहली बरसात ने खोली नगर पालिका की व्यवस्था की पोल, अतिक्रमण हटाने के आदेशों पर कार्रवाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी किशनगढ़ बास। कस्बे में दोपहर को मानसून की पहली बरसात ने दी दस्तक, कस्बे के चारों तरफ मुख्य मार्गो पर भरा पानी। मानसून से पहले नालों की सफाई पर करीब 80 लाख रुपये खर्च किए जाने के दावों की मंगलवार को हुई करीब आधे घंटे की बारिश ने पोल खोल दी। हल्की अवधि की बारिश में ही कस्बे की गंज रोड, मुख्य बाजार, गली-मोहल्लों और विभिन्न आवासीय कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश बंद होने के बाद भी कई घंटों तक सड़कों पर पानी भरा रहा, जिससे आमजन, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कस्बे में जल निकासी के प्राकृतिक मार्गों और नालों पर हुए अतिक्रमण को लेकर न्यायालय एवं प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या की मूल वजह को दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे। कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब हो गईं और लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। दुकानदारों को भी जलभराव के कारण घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालों और पानी निकासी के मार्गों पर अतिक्रमण होने से पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में भर जाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि नालों की सफाई पर इतनी बड़ी राशि खर्च की गई है, तो पहली ही बारिश में शहर के हालात इतने खराब क्यों हो गए। उल्लेखनीय है कि पानी निकासी के रास्तों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने पिछले सप्ताह जिला कलेक्टर, नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही 27 जुलाई तक तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उपखंड अधिकारी ने भी उच्चतम न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों ने मांग की है कि न्यायालय एवं प्रशासन के निर्देशों की प्रभावी पालना करते हुए नालों और जल निकासी मार्गों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। साथ ही शहर में स्थायी और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिल सके।1
- मुंडावर के सबलगढ़-बनठी मार्ग पर दिखा लेपर्ड, सुबह 4 बजे कंपनी जा रहे 5 लोगों के सामने आया तेंदुआ खैरथल-तिजारा। उपखंड मुंडावर के सबलगढ़-बनठी मार्ग पर मंगलवार तड़के करीब सुबह 4:00 बजे एक लेपर्ड (तेंदुआ) दिखाई देने से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहे पांच लोगों को रास्ते में अचानक लेपर्ड दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर सभी लोग घबरा गए और सुरक्षित दूरी बनाकर वहां से निकले। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। ⚠️ अपील: यदि क्षेत्र में लेपर्ड दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।1
- एडिश्नल आईजी विकास कुमार पहुंचे #नीमराणा, पुलिस थाने पर दी गार्ड ऑनर की सलामी, पुलिस थाने का करेंगे निरीक्षण एडिश्नल आईजी विकास कुमार पहुंचे #नीमराणा, पुलिस थाने पर दी गार्ड ऑनर की सलामी, पुलिस थाने का करेंगे निरीक्षण2
- बेनामी आश्रम गांधीनगर गढ़ी में हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ गांधीनगर गढ़ी | श्री श्री 108 नारायणदास जी बेनामी आश्रम, गांधीनगर गढ़ी में मंगलवार को 'गुरु पूर्णिमा महोत्सव' अत्यंत भक्ति भाव, धार्मिक विधि-विधान और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आश्रम पहुँचकर गुरुदेव के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु पूजन से हुई शुरुआत महोत्सव की शुरुआत प्रातः 7:15 बजे भव्य धार्मिक हवन एवं यज्ञ के साथ हुई, जिसमें यजमानों व साधकों ने विश्व शांति तथा सुख-समृद्धि की कामना के साथ आहुतियां दीं। इसके उपरांत प्रातः 9:30 बजे मुख्य गुरु पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने गुरुदेव के चरणों का पूजन कर उनका वंदन किया। भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति एवं विशाल भंडारा भजन संध्या: प्रातः 10:00 बजे से आयोजित विशेष भजन कार्यक्रम में गायकों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक भजनों और गुरु महिमा के गीतों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नज़र आए। महाप्रसाद (विशाल भंडारा): पूर्वाहन 11:30 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। हज़ारों की संख्या में पधारे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अनुशासित रूप से गुरु प्रसादी ग्रहण की। ये गणमान्य एवं ग्रामीण रहे उपस्थित महोत्सव के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों व समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर पटेल चंद, मुंशी राम, शैतान मास्टर, कृष्ण, राजपाल, बाबूलाल, गजेंद्र पंच, देशराज, किशोरी हलवाई, गोपी, पृथ्वी पंच, नरेश शर्मा, दयादीन, राधेश्याम, सतबीर, फूलसिंह पीटीआई और गोकुल चंद मास्टर के साथ अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम प्रबंधन एवं सेवादारों के सहयोग से संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्वक और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। दिनभर आश्रम परिसर "जय गुरुदेव" के जयकारों से गुंजायमान रहा।1
- शहर फिरोजपुर झिरका में एसडीएम ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बार-बार कहा जानें के बाद भी करते थे रोड़ जाम, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा था ! शहर फिरोजपुर झिरका में एसडीएम ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, बार-बार कहा जानें के बाद भी करते थे रोड़ जाम, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा था !1
- 🚨 "न्याय दो!" की गूंज से गूंजा ESIC मेडिकल कॉलेज, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र अलवर "ESIC मेडिकल कॉलेज अलवर से सामने आया एक ऐसा शिकायत पत्र, जिसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों ने नई सिक्योरिटी एजेंसी पर रिश्वतखोरी, फर्जी लिस्ट तैयार करने और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत पर कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, पूरे सिस्टम का मामला बन सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल—क्या होगी निष्पक्ष जांच? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?1
- gurjar samaj nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata y1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफा के बाद किशनगढ़ बास में निकला लोकतंत्र जिंदाबाद मार्च किशनगढ बास । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद किशनगढ़ बास में एनएसयूआई के नेतृत्व में लोकतंत्र जिंदाबाद मार्च निकाला गया मार्च में सैकड़ो युवाओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। यह मार्च एनएसयूआई राजस्थान के प्रदेश महासचिव ओमवीर रहीसा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान युवाओं ने लोकतंत्र के पक्ष में नारे लगाए और शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालकर अपनी भावनाएं व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जन भावना का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए1