जनसुनवाई में दिखी संवेदनशील पुलिसिंग: एसपी राजेश कुमार ने सुनीं फरियादियों की पीड़ा, मासूम को चॉकलेट देकर जीता दिल कौशाम्बी। जनपद में आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे एसपी के समक्ष रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब एक फरियादी के साथ आया छोटा बच्चा एसपी कार्यालय में मौजूद था। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बच्चे को अपने पास बुलाकर उसे चॉकलेट दी और स्नेहपूर्वक बातचीत की। इस छोटे से मानवीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और पुलिस की संवेदनशील छवि को और मजबूत किया। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर विधिक और पारदर्शी तरीके से निस्तारित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस व जनता के बीच विश्वास और संवाद और अधिक सुदृढ़ हो। कौशाम्बी पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आमजन की सेवा, सुरक्षा और सहयोग के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनसुनवाई में दिखी संवेदनशील पुलिसिंग: एसपी राजेश कुमार ने सुनीं फरियादियों की पीड़ा, मासूम को चॉकलेट देकर जीता दिल कौशाम्बी। जनपद में आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे एसपी के समक्ष रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब एक फरियादी के साथ आया छोटा बच्चा एसपी कार्यालय में मौजूद था। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बच्चे को अपने पास बुलाकर उसे चॉकलेट दी और स्नेहपूर्वक बातचीत की। इस छोटे से मानवीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और पुलिस की संवेदनशील छवि को और मजबूत किया। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर विधिक और पारदर्शी तरीके से निस्तारित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस व जनता के बीच विश्वास और संवाद और अधिक सुदृढ़ हो। कौशाम्बी पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आमजन की सेवा, सुरक्षा और सहयोग के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- User6359Chail, Kaushambi🤝27 min ago
- कौशाम्बी। जनपद में आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे एसपी के समक्ष रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब एक फरियादी के साथ आया छोटा बच्चा एसपी कार्यालय में मौजूद था। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बच्चे को अपने पास बुलाकर उसे चॉकलेट दी और स्नेहपूर्वक बातचीत की। इस छोटे से मानवीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और पुलिस की संवेदनशील छवि को और मजबूत किया। एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर विधिक और पारदर्शी तरीके से निस्तारित किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस व जनता के बीच विश्वास और संवाद और अधिक सुदृढ़ हो। कौशाम्बी पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आमजन की सेवा, सुरक्षा और सहयोग के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- कौशांबी में कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत फकीर बाख्श का पूरा का मामला है सुनील कुमार Indian national news" सच कीखोज (भारतीय राष्ट्रीय समाचार ) Kaushambi viral video Kaushambi public1
- उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में “पंडित” शब्द को लेकर पूछे गए कथित आपत्तिजनक प्रश्न के मामले को गंभीरता से लेते हुए मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंच पर इस प्रकार का प्रश्न पूछे जाने से सामाजिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और यह समाज में आपसी सौहार्द के विपरीत है। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इसमें किसी संस्था या व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विधायक ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में समरसता और भाईचारे के विरुद्ध षड्यंत्र जैसी प्रतीत होती हैं, इसलिए भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी विधायक के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा समाज के सम्मान और सौहार्द की रक्षा के लिए आवाज उठाना एक जिम्मेदार पहल है।1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- Post by T B NEWS1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- क्या ये उस मासूम बेटी की गलती है कि वो सवर्ण समाज से आती है😭😭 उसके बलात्कारी दरिंदे खुले आकाश के तले घूम रहे हैं😡😡,और किसी मे ये दम नही की कोई उनका एनकाउंटर कर पाए😡😡😡1
- कौशाम्बी। जनता की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए कौशाम्बी पुलिस ने तकनीक का सहारा लेते हुए जनसुनवाई की प्रक्रिया को नया स्वरूप दिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार की पहल पर अब फरियादियों की शिकायतों को सीधे ऑनलाइन माध्यम से सुना जा रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है और मामलों का तेजी से समाधान संभव हो पा रहा है। इस व्यवस्था के तहत जनपद के विभिन्न थानों पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं की जानकारी पुलिस अधीक्षक द्वारा ऑनलाइन संवाद के जरिए संबंधित क्षेत्राधिकारियों और प्रभारी निरीक्षकों/थानाध्यक्षों से ली जाती है। संवाद के दौरान एसपी प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए उसकी वस्तुनिष्ठ समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि शिकायतों का समाधान पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार थानों और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। तकनीक के इस प्रभावी उपयोग से जहां पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बन रही है, वहीं आमजन का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। जनपद में शुरू की गई यह पहल लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है और पुलिस-जन संवाद को नई दिशा दे रही है।1