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भंदहा में स्वास्थ्य सेवा की पहल, आरजे शंकरा हॉस्पिटल ने लगाया नेत्र शिविर
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भंदहा में स्वास्थ्य सेवा की पहल, आरजे शंकरा हॉस्पिटल ने लगाया नेत्र शिविर
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- कलम की तेज धार से अयोध्या जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार: मौत के बाद भी नहीं मिला शव वाहन, ठेले पर शव ले जाने को मजबूर हुए परिजन अयोध्या। कहते हैं सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, बड़े-बड़े दावे हैं। लेकिन अयोध्या जिला चिकित्सालय की हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी। यहां एक मरीज की मौत के बाद सिस्टम इतना लाचार निकला कि उसके परिजनों को शव को कंधा तो दूर, ठेले पर लादकर ले जाना पड़ा। घंटों तड़पते रहे परिजन, स्टाफ बोला - ड्राइवर का नंबर ही नहीं है! इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। टूटे हुए परिजनों ने अस्पताल स्टाफ से हाथ जोड़कर एक शव वाहन की मांग की। आरोप है कि उन्हें घंटों इधर से उधर दौड़ाया गया। जब थक-हारकर वार्ड की महिला स्टाफ से पूछा तो गैर-जिम्मेदाराना जवाब मिला - "ड्राइवर का नंबर उपलब्ध नहीं है।" सोचिए, जिला अस्पताल जैसा बड़ा संस्थान, जहां हर रोज मौतें होती हैं, वहां शव वाहन के ड्राइवर का नंबर तक मौजूद नहीं! यह लापरवाही नहीं तो और क्या है? सवाल तो बनता है साहब... 1. प्राइवेट एंबुलेंस का धंधा परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में शव वाहन होते हुए भी नहीं दिया जाता ताकि बाहर खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस वालों का धंधा चलता रहे। क्या अस्पताल परिसर में शुल्क लेकर चल रही निजी एंबुलेंस सेवा और स्टाफ की मिलीभगत है? 2. कहां गई संवेदनशीलता? क्या जिला अस्पताल प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया है कि एक लाश को भी सम्मान नहीं दे सकता? 3. जांच कौन करेगा? अगर जिला अस्पताल में ही यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की क्या दुर्दशा होगी? यह घटना सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर तमाचा है। जब शासन-प्रशासन बड़े-बड़े आयोजन और वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त है, तब आम आदमी को ठेले पर अपने अपनों की लाश ढोनी पड़ रही है। कलम की धार मांग करती है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषी स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई हो और शव वाहन की व्यवस्था को 24x7 सुनिश्चित किया जाए। वरना यह मान लिया जाए कि अयोध्या का जिला अस्पताल सिर्फ बिल्डिंग है, व्यवस्था नहीं।3
- रक्षाबंधन का त्योहार केवल रेशम के धागे और उपहारों का लेन-देन नहीं है। सनातन परंपरा में इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक, रक्षाबंधन का त्योहार केवल रेशम के धागे और उपहारों का लेन-देन नहीं है। सनातन परंपरा में इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपे हैं।जब हम इन पौराणिक कथाओं की परतों को खोलते हैं, तो हमें जीवन जीने के अनमोल सूत्र मिलते हैं।पौराणिक ग्रंथों (जैसे भविष्य पुराण, श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण) में रक्षाबंधन की शुरुआत से जुड़ी ऐसी कथाएं मिलती हैं, जो इस त्योहार को केवल इंसानों का नहीं, बल्कि देवताओं, दानवों और स्वयं त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का त्योहार बनाती हैं।उत्तर प्रदेश के सुराना, बेनीपुर चक और भीखमपुर जगत पुरवा गांवों में रक्षाबंधन न मनाने के पीछे सदियों पुरानी ऐतिहासिक और दर्दनाक कहानियां छिपी हैं। इन गांवों के लोग आज भी रक्षाबंधन को उत्सव के बजाय एक शोक या खौफनाक दिन के रूप में देखते हैं।1
- लखनऊ: रक्षाबंधन के मौके पर CM योगी आदित्यनाथ को स्कूली बच्चियों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया उपहार न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर उत्सव का माहौल रहा। स्कूली बच्चियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राखी बांधी। इस दौरान बच्चियों ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर आरती उतारी और कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री योगी ने भी बच्चियों को स्नेह दिया और उन्हें चॉकलेट, गिफ्ट और मिठाई देकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। सरकार बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मौके पर मुख्यमंत्री आवास पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चियां और अधिकारी मौजूद रहे। बच्चियों ने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं, वहीं मुख्यमंत्री ने भी सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी।1
- भंदहा में स्वास्थ्य सेवा की पहल, आरजे शंकरा हॉस्पिटल ने लगाया नेत्र शिविर1
- उत्तर प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ जी महाराज का दावा हवा हवाई रक्षाबंधन पर योगी आदित्यनाथ जी महाराज का आदेश महिलाओं के लिए फ्री बस का दावा हवा हवाई ही साबित हुआ। पेश है रिपोर्ट Varanasi Breking News1
- हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की जिम्मेदारी भोलू शाहपुरिया सोनीपत ने ली शामली से बीते दिन दिन दहाड़े गोलियों से भून कर अंजाम दिए गए अंकित बालियान हत्याकांड के मामले में नया अपडेट सामने आया है....* *हरियाणा के बड़े अपराधी गिरोह गोगी गैंग ने सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की जिम्मेदारी ली है*1
- चौबेपुर रक्षाबंधन पर चौबेपुर पुलिस रही मुस्तैद चौराहे पर खुद कमान संभाले थाना प्रभारीभीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त हुड़दंगियों को चेतावनी सम्पादक हाजी हफीजुल्ला वारसी की खास रिपोर्ट चौबेपुर क्षेत्र वाराणसी रक्षाबंधन पर्व को लेकर गुरुवार शाम चौबेपुर चौराहा पुलिस की निगरानी में नजर आया चौबेपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा अपने हमराहियों के साथ अचानक चौराहे पर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद संभाल ली बाजार में बढ़ी भीड़, पुलिस रही सक्रिय पर्व को लेकर बाजार और चौराहे पर बढ़ती भीड़ के बीच पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए पुलिस का संदेश पुलिस की सक्रियता से चौराहे पर आने-जाने वाले वाहनों को व्यवस्थित कराया गया रक्षाबंधन के मौके पर चौबेपुर पुलिस का साफ संदेश रहा पर्व मनाइए बेफिक्र लेकिन नियम तोड़ने वालों पर नजर रहेगी पुलिस की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।1
- वाराणसी में बनेगा 64 करोड़ का 10 मंजिला पुलिस भवन न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट। वाराणसी,27 अगस्त 2026: कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिस प्रशासन को एक नई पहचान मिलने जा रही है। आज मंत्री रविन्द्र जायसवाल एवं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने नवीन पुलिस प्रशासनिक भवन के निर्माण हेतु विधिवत भूमि पूजन किया।लगभग 64.02 करोड़ रुपये की लागत से 1.35 लाख वर्गफीट क्षेत्रफल में 10 मंजिला अत्याधुनिक भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा-"64 करोड़ की लागत से 1.35 लाख वर्गफीट में बनेगा 10 मंजिला अत्याधुनिक भवन, एक छत के नीचे साकार होगी समेकित पुलिस प्रशासन की व्यवस्था।"पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा-"एक छत के नीचे पूरा पुलिस प्रशासन - जनता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, बेहतर मॉनीटरिंग और फैसलों में आएगी अभूतपूर्व तेजी।नवीन प्रशासनिक भवन से बदलेगी कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली की तस्वीर।"नए भवन की मुख्य विशेषताएं:एक ही छत के नीचे पूरा प्रशासन:कमिश्नरेट के सभी प्रमुख पुलिस अधिकारी एक ही भवन में बैठेंगे।इससे आमजन को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।भूतल पर ही जन-सुविधाएं:आरटीआई, जनशिकायत प्रकोष्ठ, पासपोर्ट सेल, चरित्र सत्यापन जैसे आमजन से जुड़े सभी सेल भूतल पर होंगे।आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय और कैंटीन की भी सुविधा होगी।एडीजी जोन और आईजी रेंज भी साथ:नए भवन में एडीजी जोन और आईजी रेंज के कार्यालय भी होंगे, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय होगा।आधुनिक सुविधाओं से लैस: 10 फ्लोर के इस भवन में बेसमेंट में 37 कारों की पार्किंग,मीडिया सेल,ट्रेनिंग सेंटर, तकनीकी केंद्र,सर्वर रूम,कंट्रोल रूम और 150 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी प्रस्तावित है।अधिकारियों का मानना है कि सभी शाखाओं के एक ही परिसर में आने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम जनता को त्वरित न्याय मिलेगा।इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी,पुलिस उपायुक्त लाइन/मुख्यालय/वरुणा जोन प्रमोद कुमार सहित पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1