उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के माननीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए, जिसमें बड़े, छोटे, नर और मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए ताकि उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने का भी निर्देश दिया। अध्यक्ष महोदय ने यह भी कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएं, जिससे गोबर का वैज्ञानिक और उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को शीघ्र चालू कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के माननीय सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी दी और सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाएं देने और बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकतानुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। माननीय अध्यक्ष ने चंदौली की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी जागरूकता के कारण अन्य जनपदों की अपेक्षा यहां निराश्रित गोवंशों की संख्या कम है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने माननीय अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त दिशा-निर्देशों का शतप्रतिशत पालन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, पी डी डी आर डी ए बी बी सिंह, उपायुक्त मनरेगा आर के चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश, और समस्त खण्ड विकास अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के माननीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए, जिसमें बड़े, छोटे, नर और मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए ताकि उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने का भी निर्देश दिया। अध्यक्ष महोदय ने यह भी कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएं, जिससे गोबर का वैज्ञानिक और उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को शीघ्र चालू कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के माननीय सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी दी और सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाएं देने और बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकतानुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। माननीय अध्यक्ष ने चंदौली की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी जागरूकता के कारण अन्य जनपदों की अपेक्षा यहां निराश्रित गोवंशों की संख्या कम है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने माननीय अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त दिशा-निर्देशों का शतप्रतिशत पालन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, पी डी डी आर डी ए बी बी सिंह, उपायुक्त मनरेगा आर के चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश, और समस्त खण्ड विकास अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के माननीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए, जिसमें बड़े, छोटे, नर और मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए ताकि उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने का भी निर्देश दिया। अध्यक्ष महोदय ने यह भी कहा कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएं, जिससे गोबर का वैज्ञानिक और उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को शीघ्र चालू कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के माननीय सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी दी और सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाएं देने और बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकतानुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। माननीय अध्यक्ष ने चंदौली की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी जागरूकता के कारण अन्य जनपदों की अपेक्षा यहां निराश्रित गोवंशों की संख्या कम है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने माननीय अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त दिशा-निर्देशों का शतप्रतिशत पालन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, पी डी डी आर डी ए बी बी सिंह, उपायुक्त मनरेगा आर के चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश, और समस्त खण्ड विकास अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में सपा नेता औसाफ अहमद गुड्डू ने एक विशेष बातचीत के दौरान पार्टी की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य चंदौली की सभी सीटों पर जीत दर्ज करना है। औसाफ अहमद गुड्डू ने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए वे समाजवादी पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का काम करेंगे। पार्टी का पूरा ध्यान इन नीतियों के प्रसार के जरिए चुनावी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने पर केंद्रित है।1
- कैमूर के एक युवक के बयान के बाद उसके वीडियो के वायरल होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा में पुलिस ने लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, 09 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी भूपेन्द्र कुमार निषाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव इटवा स्थित एक मकान में छापेमारी कर छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने धार्मिक प्रचार सामग्री, मोबाइल फोन और अन्य कई सामान बरामद किए। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया। छापेमारी के समय, एक बड़े कमरे में भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौजूद थे, जहां कुछ लोग माइक्रोफोन का उपयोग कर ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे और अन्य व्यक्ति धार्मिक पुस्तकें व पम्पलेट वितरित कर रहे थे। मौके से 7 धार्मिक बाइबिल, लगभग 200 पम्पलेट, 50 धार्मिक पुस्तिकाएँ, एक होम थिएटर, दो माइक्रोफोन, एक चार-पहिया वाहन (मारुति सुज़ुकी जेन VXI, र.नं. UP65AH9024) और दो मोटर साइकिलें (UP63 BA 5546 और UP67AJ0919) जब्त की गईं। पूछताछ में, अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सामूहिक प्रार्थना सभाएँ आयोजित कर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। इसके लिए वे धार्मिक पुस्तिकाएँ और प्रचार सामग्री बांटते थे, साथ ही लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते थे। बरामदगी और जांच के आधार पर, थाना सकलडीहा में मु0अ0सं0 145/2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (संशोधित 2024) की धारा 3/5(1) के तहत धीरज सिंह सहित कुल 06 अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है, और अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान धीरज सिंह (गौरहट, गाजीपुर), राजेश मौर्य (इटवा, चंदौली), कमलेश कुमार (इटवा, चंदौली), गुड्डू उर्फ गिरजा उर्फ करिया (नेवादा, वाराणसी), दिनेश कुमार पटेल (पहड़िया गनपत नगर, वाराणसी) और अजीत कुमार (नेगुरा, चंदौली) के रूप में हुई है। इस अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उ0नि0 वरुणेन्द्र कुमार राय, कां0 रोहित कुमार गौड, कां0 दिलीप कुमार और म0का0 श्वेता साहनी प्रमुख रूप से शामिल थे। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है, इस अवैध धर्मांतरण रैकेट पर की गई कार्रवाई की जानकारी ऑल इंडिया न्यूज़ 24 द्वारा भी साझा की गई है।2
- चंदौली जिले के ग्राम बड़ठा निवासी किसान बृजेश कुमार सिंह सहित क्षेत्र के किसानों ने बदहाल जसुरी माइनर की स्थिति को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कटसीला हेड से पड़या तक जाने वाली यह जसुरी माइनर पूरी तरह से झाड़ियों, घास-फूस और पेड़ों से पटी हुई है, जिसके कारण पानी का बहाव पूरी तरह बाधित हो गया है। बताया गया है कि यह माइनर लगभग 10 से 15 गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई का मुख्य स्रोत है, लेकिन लंबे समय से सफाई न होने के कारण किसानों को धान समेत अन्य फसलों की सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी फसलें सूखने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग उनकी शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है; न तो अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं और न ही नहर की सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही, स्थानीय विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों पर भी किसानों ने केवल आश्वासन देने का आरोप लगाया है। किसानों ने विशेष रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बदहाल माइनर जिलाधिकारी कार्यालय से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उनका मानना है कि जब जिला मुख्यालय के इतने करीब यह स्थिति है, तो दूरदराज के गांवों की सिंचाई व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। क्षेत्र के किसानों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर जसुरी माइनर की सफाई कराने और सिंचाई व्यवस्था को बहाल करने की मांग की है, ताकि उनकी फसलों को सूखने से बचाया जा सके।1
- उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के माननीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में चन्दौली के कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण और उनके समुचित प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए, जिससे बड़े एवं छोटे तथा नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखकर उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण और देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहजन एवं नेपियर घास का बड़े पैमाने पर रोपण कराने का भी निर्देश दिया। माननीय अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि जनपद की सभी गौशालाओं में बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे गोबर का वैज्ञानिक और उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, कठौरी में बंद पड़े बायोगैस प्लांट को भी शीघ्र चालू कराने का निर्देश दिया। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के माननीय सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाएँ देने तथा बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकतानुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने किसान भाइयों को प्राकृतिक विधि से खेती करने का भी सुझाव दिया। गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए, साथ ही अधिकारियों से शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई। माननीय अध्यक्ष महोदय ने चंदौली की जनता की जागरूकता के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि अन्य जनपदों की अपेक्षा इस जनपद में निराश्रित गोवंशों की संख्या कम है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने अध्यक्ष महोदय को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, पी डी डी आर डी ए बी बी सिंह, उपायुक्त मनरेगा आर के चतुर्वेदी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश और समस्त खण्ड विकास अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- केरल के क्ाडी में मीनाक्षी ब्रिज के पास एक भूस्खलन हुआ है। यह हादसा उस स्थान पर हुआ जहाँ मलप्पुरम और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली एक सुरंग परियोजना का काम चल रहा था। इस दुखद घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, जबकि सात लोग घायल हुए हैं और अन्य सात व्यक्ति लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना का खौफनाक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1