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अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर. केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

5 hrs ago
user_नरेंद्र कुमार आचार्य
नरेंद्र कुमार आचार्य
Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
5 hrs ago

अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर.

केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट,

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कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पीसांगन पहुंचने पर ग्रामीणों और सर्वसमाज द्वारा ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड को स्थायी अध्यक्ष मिलने और वह भी पीसांगन के मूल निवासी होने के कारण पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। कस्बे की सीमा पर प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने राठौड़ को साफा पहनाकर और फूलों के बड़े हार भेंट कर उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इसके बाद उन्हें ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के साथ एक विशाल विजय जुलूस के रूप में कस्बे के प्रमुख मार्गों से ले जाया गया, जहां स्थानीय महिलाओं और नागरिकों ने अपने घरों की छतों से उन पर भारी पुष्पवर्षा की। इस दौरान उन्होंने गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेककर बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हुए बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान उनकी जन्मभूमि और क्षेत्र की जनता के अटूट स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने सरकार द्वारा दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का भरोसा देते हुए कहा कि राजस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करना और बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इस गरिमामयी अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीजेपी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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    राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पीसांगन पहुंचने पर ग्रामीणों और सर्वसमाज द्वारा ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड को स्थायी अध्यक्ष मिलने और वह भी पीसांगन के मूल निवासी होने के कारण पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। कस्बे की सीमा पर प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने राठौड़ को साफा पहनाकर और फूलों के बड़े हार भेंट कर उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इसके बाद उन्हें ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के साथ एक विशाल विजय जुलूस के रूप में कस्बे के प्रमुख मार्गों से ले जाया गया, जहां स्थानीय महिलाओं और नागरिकों ने अपने घरों की छतों से उन पर भारी पुष्पवर्षा की। इस दौरान उन्होंने गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेककर बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया।

स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हुए बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान उनकी जन्मभूमि और क्षेत्र की जनता के अटूट स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने सरकार द्वारा दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का भरोसा देते हुए कहा कि राजस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करना और बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

इस गरिमामयी अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीजेपी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
    user_PRADEEP CHOUDHARY
    PRADEEP CHOUDHARY
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • अजमेर के पीसांगन में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष हनुमानसिंह राठौड़ का उनके पैतृक गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार यहां आगमन पर उनके लिए एक अभिनंदन समारोह रखा गया। इस समारोह में हनुमानसिंह राठौड़ को साफा पहनाकर और फूल मालाओं से उनका अभिनंदन करते हुए ढेरों बधाईयां दी गईं।
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    अजमेर के पीसांगन में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष हनुमानसिंह राठौड़ का उनके पैतृक गांव पहुंचने पर जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार यहां आगमन पर उनके लिए एक अभिनंदन समारोह रखा गया। इस समारोह में हनुमानसिंह राठौड़ को साफा पहनाकर और फूल मालाओं से उनका अभिनंदन करते हुए ढेरों बधाईयां दी गईं।
    user_Ramesh Gujrati
    Ramesh Gujrati
    Local News Reporter पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर. केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
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    अजमेर जिले के मांगलियावास और लामाना में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मियावाकी तकनीक पर आधारित दो सघन वन वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। भारत विकास परिषद् की मुख्य शाखा ब्यावर के तत्वावधान में रविवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के तहत दोनों स्थानों पर 600-600 देसी पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे लामाना के गोपालपुरा से होगी, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे मांगलियावास स्थित बी.आर. केल्सियम प्राइवेट लिमिटेड के नसीराबाद रोड परिसर में दूसरा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस अभियान के तहत नीम, कचनार, करंज, गूलर, पारस पीपल, सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, सरस, केसिया श्यामा, चुरैल, अमरूद, अमलतास और पलाश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। भाविप के दीपक झंवर के अनुसार, सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से पौधों का विकास काफी तेजी से होता है। इस तकनीक में मिट्टी की विशेष तैयारी के साथ गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कोकोपिट और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है, जिससे कम समय में घना वन तैयार हो जाता है।

इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदित्य ग्रुप द्वारा पूरे क्षेत्र की मजबूत तारबंदी करवाई गई है। इस पूरे आयोजन में मंगलम् ग्रुप, मांगलियावास भी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
    user_नरेंद्र कुमार आचार्य
    नरेंद्र कुमार आचार्य
    Agricultural service पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के चम्पापुर गांव में टूटी सड़क और भीषण जलभराव के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो चुका है। रोजाना स्कूल आने-जाने वाले छोटे मासूम बच्चों को इसी बदहाल और खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बच्चे इस कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उनके कपड़े और स्कूल बैग पूरी तरह खराब हो जाते हैं। इसके अलावा उन्हें गंभीर चोट लगने का खतरा भी लगातार बना रहता है। बारिश के दौरान पानी से भरे इन गड्ढों की गहराई का सही अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यह समस्या केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और अन्य ग्रामीणों को भी रोजाना भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बदहाली से प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या गड्ढों को भरने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर पूरी तरह उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। बच्चों के चिंतित परिजनों का कहना है कि इस मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा काम हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि बच्चों और आम जनता को सुरक्षित रास्ता मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के चम्पापुर गांव में टूटी सड़क और भीषण जलभराव के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश से सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो चुका है। रोजाना स्कूल आने-जाने वाले छोटे मासूम बच्चों को इसी बदहाल और खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बच्चे इस कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उनके कपड़े और स्कूल बैग पूरी तरह खराब हो जाते हैं। इसके अलावा उन्हें गंभीर चोट लगने का खतरा भी लगातार बना रहता है। बारिश के दौरान पानी से भरे इन गड्ढों की गहराई का सही अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यह समस्या केवल बच्चों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और अन्य ग्रामीणों को भी रोजाना भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बदहाली से प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या गड्ढों को भरने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग पर पूरी तरह उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। बच्चों के चिंतित परिजनों का कहना है कि इस मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा काम हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कर गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि बच्चों और आम जनता को सुरक्षित रास्ता मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    46 min ago
  • अजमेर के निकटवर्ती ग्राम सुरजपुरा में 25 मोहर्रम की देर रात शिया समुदाय के चौथे इमाम, हज़रत ईमाम हुसैन के बेटे ईमाम जैनुल आबेदीन की शहादत के मौके पर सालाना मजलिस का आयोजन किया गया। इस मौके पर अकीदतमंदों को अलम मुबारक और शबीहे ताबूते जनाबे बीमार-ए-कर्बला की जियारत करवाई गई। सुरजपुरा के इमामे जुमा मौलाना सैय्यद गुलाम मुस्तफा जाफरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अंजुमने जुल्फिकारे हैदरी के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सोजखान हजरात ने मर्सियाखानी के साथ मजलिस की शुरुआत की। इस मजलिस को हुज्जतुल इस्लाम आलि जनाब मौलाना सैय्यद अली अब्बास छपरवी साहब ने खिताब किया। मजलिस के बाद निकाले गए जुलूस में शामिल अंजुमनों के नौजवानों, बच्चों और बुजुर्गों ने नौहा पढ़कर मातम किया और श्रद्धांजलि दी। अंजुमने जुल्फिकारे हैदरी के अध्यक्ष सैय्यद शौकत अली ने बताया कि सुरजपुरा में अंजुमन की तरफ से यह 43वां सालाना मजलिस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में दौराई, गुवाड़ीया, मोतीपुरा, तारागढ़, जयपुर, राजोसी और रूपनगढ़ की अंजुमनों सहित दूर-दराज से आए सैकड़ों अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ा। मजलिसों और मातम के जरिए आशिकान-ए-इमाम हुसैन ने अपना पुरसा पेश किया। इस धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित अकीदतमंदों को नजरें हुसैन का लंगर खिलाया गया।
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    अजमेर के निकटवर्ती ग्राम सुरजपुरा में 25 मोहर्रम की देर रात शिया समुदाय के चौथे इमाम, हज़रत ईमाम हुसैन के बेटे ईमाम जैनुल आबेदीन की शहादत के मौके पर सालाना मजलिस का आयोजन किया गया। इस मौके पर अकीदतमंदों को अलम मुबारक और शबीहे ताबूते जनाबे बीमार-ए-कर्बला की जियारत करवाई गई। सुरजपुरा के इमामे जुमा मौलाना सैय्यद गुलाम मुस्तफा जाफरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अंजुमने जुल्फिकारे हैदरी के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सोजखान हजरात ने मर्सियाखानी के साथ मजलिस की शुरुआत की। इस मजलिस को हुज्जतुल इस्लाम आलि जनाब मौलाना सैय्यद अली अब्बास छपरवी साहब ने खिताब किया। मजलिस के बाद निकाले गए जुलूस में शामिल अंजुमनों के नौजवानों, बच्चों और बुजुर्गों ने नौहा पढ़कर मातम किया और श्रद्धांजलि दी।

अंजुमने जुल्फिकारे हैदरी के अध्यक्ष सैय्यद शौकत अली ने बताया कि सुरजपुरा में अंजुमन की तरफ से यह 43वां सालाना मजलिस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में दौराई, गुवाड़ीया, मोतीपुरा, तारागढ़, जयपुर, राजोसी और रूपनगढ़ की अंजुमनों सहित दूर-दराज से आए सैकड़ों अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ा। मजलिसों और मातम के जरिए आशिकान-ए-इमाम हुसैन ने अपना पुरसा पेश किया। इस धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित अकीदतमंदों को नजरें हुसैन का लंगर खिलाया गया।
    user_Shahid hussain
    Shahid hussain
    Local News Reporter अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।
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    मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया।

पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।
    user_KHABRON KA SAFAR NEWS
    KHABRON KA SAFAR NEWS
    Ajmer, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के सराधना न्यू स्टेशन पर गुरुवार रात एक 32 वर्षीय युवक ने अवसाद में आकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले विश्वजीत (पुत्र सुशांत प्रमाणिक) के रूप में हुई है, जो यहां काम के सिलसिले में रह रहा था। सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को तुरंत इसकी सूचना दी। शनिवार को परिजनों के अजमेर पहुंचने के बाद उनकी मौजूदगी में कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले की रिपोर्ट सीकर निवासी अजय भूकर ने दर्ज कराई है। मांगलियावास थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला अवसाद से जुड़ा लग रहा है और मामले की जांच की जा रही है।
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    अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के सराधना न्यू स्टेशन पर गुरुवार रात एक 32 वर्षीय युवक ने अवसाद में आकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले विश्वजीत (पुत्र सुशांत प्रमाणिक) के रूप में हुई है, जो यहां काम के सिलसिले में रह रहा था। सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

पुलिस ने शव को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को तुरंत इसकी सूचना दी। शनिवार को परिजनों के अजमेर पहुंचने के बाद उनकी मौजूदगी में कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले की रिपोर्ट सीकर निवासी अजय भूकर ने दर्ज कराई है। मांगलियावास थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला अवसाद से जुड़ा लग रहा है और मामले की जांच की जा रही है।
    user_PRADEEP CHOUDHARY
    PRADEEP CHOUDHARY
    पीसांगन, अजमेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • अजमेर के बलदेव नगर में एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
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    अजमेर के बलदेव नगर में एक निर्माणाधीन मकान के पानी के टैंक में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
    user_Akshay parihar
    Akshay parihar
    Media house अजमेर, अजमेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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