*शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?* *शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?*
*शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?* *शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?*
- *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं। *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं।1
- खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* IG रीवा गौरव राजपूत जी निर्देशन में पूरे सम्भाग में जगह जगह पुलिस द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा,,आप की पुलिस आपके द्वार अन्तर्गत मैहर जिले एस .पी अबधेश प्रताप सिंह आदेशानुसार एसडीओपी अमरपाटन ख्याती मिश्रा के निर्देशन में थाना ताला प्रभारी महेंद्र मिश्रा पुलिस चौकी मुकुन्दपुर प्रभारी नागेश्वर मिश्रा द्वारा ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत ललितपुर नम्बर 2 में जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया सैकड़ों ग्रामीण चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे सभी को साइवर अपराध, सहित अबैध मादक पदार्थों की क्षेत्र में हो तस्करी पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग का आग्रह किया साथ ही महिलाओं पर होने वाले अपराधो के बारे में आम जन को जानकारी दी गई साथ साथ कार्यक्रम में मौजूद पुलिस चौकी प्रभारी मुकुन्दपुर नागेश्वर मिश्रा ने चौपाल में मौजूद क्षेत्रीय ग्रामीणों की नशामुक्ति की सपथ दिलाई1
- कोलगवा कोतवाली क्या अपराधी को बचा रही है❗️ नीतू सिंह का कहना है उसके पति के साथ उसके जान को खतरा है उनके साथ कोई भी घटना होती है उसकी जबाब देही शिवशंकर पाण्डेय,संयोग जयसवाल राकेश मिश्रा सवर्ण सोनी जबाब देह होगा। सतना भारतीय जन मोर्चा पार्टी के आफिस मै आकर अपनी आप बिती सुनाई ।जिसमे भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने आश्वासन दिया है आपके साथ किसी भी तरह से गलत नही होना दिया जायेगा। पुलिस प्रशासन अपराध करने की छूट दे रखा है❗️1
- मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी? वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?1
- मां शारदा धाम में जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की जन चौपाल, नशा मुक्ति सायबर सुरक्षा सड़क सुरक्षा, महिला अपराधों सहित अन्य विषयों पर जनता को किया जागरूक1
- *शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?* *शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल* *मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा!* *मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ* *सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* *अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?* *वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है* *क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं* *अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे* *क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?*1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *सेउटा में प्रवासियों का हमला: मोरक्को से आया घुसपैठियों का जन सैलाब, स्पेन सरकार अलर्ट पर 💥 *बड़ी खबर*💥 *सेउटा में प्रवासियों का हमला: मोरक्को से आया घुसपैठियों का जन सैलाब, स्पेन सरकार अलर्ट पर* मोरक्को से छोटी छोटी नाव में तैरकर स्पेन के सेउटा पहुंचे हजारों प्रवासियों ने यूरोप की सीमा पर अवैध घुसपैठ कर भारी मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। सीमा में इन लोगों की भीड़ से स्थानीय प्रशासन हतप्रभ है। स्पेन सरकार ने त्वरित वापसी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे हजारों प्रवासियों को वापस भेजने की तैयारी हो रही है। इस घटना ने पूरे यूरोपीय संघ में सुरक्षा और प्रवासन नीतियों पर नई बहस छेड़ दी है।स्थानीय प्रशासन ने राष्ट्रीय आपातकाल की मांग की।2