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नहीं रहीं ‘लंबी जुदाई’ फेम एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा, अमिताभ की फिल्म में किया था ये 90 के दशक की स्टार एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु वक्त के साथ सिनेमा जगत से दूर हो गई थीं, लेकिन उनका हिंदी सिनेमा में योगदान हमेशा यादगार रहेगा। सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो, विश्वनाथ, रिश्ता कागज का और कयामत जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने 72 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु 90 के दशक की कामयाब एक्ट्रेस थीं और उन्होंने 1970 से 1980 के बीच अपने काम से खूब तारीफें लूटीं। मधु के करियर का ग्राफ यूं तो काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' के गाने 'लंबी जुदाई' के लिए किया गया। यह गाना ऑरिजनली फोक सिंगर रेशमा ने गाया था, लेकिन फिल्म ने इसे नेशनल पहचान दिला दी।
Nikhil Vyas Official
नहीं रहीं ‘लंबी जुदाई’ फेम एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा, अमिताभ की फिल्म में किया था ये 90 के दशक की स्टार एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु वक्त के साथ सिनेमा जगत से दूर हो गई थीं, लेकिन उनका हिंदी सिनेमा में योगदान हमेशा यादगार रहेगा। सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो, विश्वनाथ, रिश्ता कागज का और कयामत जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने 72 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु 90 के दशक की कामयाब एक्ट्रेस थीं और उन्होंने 1970 से 1980 के बीच अपने काम से खूब तारीफें लूटीं। मधु के करियर का ग्राफ यूं तो काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' के गाने 'लंबी जुदाई' के लिए किया गया। यह गाना ऑरिजनली फोक सिंगर रेशमा ने गाया था, लेकिन फिल्म ने इसे नेशनल पहचान दिला दी।
- MD IMTIYAJBermo, Bokaro😔2 hrs ago
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- बाराबंकी राम सनेही घाट प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज़ा मामला बाराबंकी के रामसनेही घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज़ के साथ सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और दवा माफियाओं के साथ मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य बीमारी, भारी-भरकम बिल मरीज़, जिन्हें सिर्फ सर्दी और जुकाम की शिकायत थी, इलाज के लिए सीएचसी रामसनेही घाट पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें अस्पताल में मौजूद मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर की दुकानों से 470 रुपये की दवाएं लिख दीं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक मामूली सर्दी-जुकाम के लिए सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं? या फिर यह जानबूझकर गरीब मरीजों की जेब ढीली करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है? बुजुर्ग की बेबसी और डॉक्टरों की मनमानी वीडियो में बुजुर्ग मरीज़ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिखाया कि कैसे सर्दी-जुकाम और नाक बहने जैसी आम बीमारियों के लिए भी उन्हें निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठाती है, बल्कि उन सफेदपोशों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है जिन्हें जनता की सेवा के लिए तैनात किया गया है। क्या है असली खेल? यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों के आसपास फल-फूल रहे निजी मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों के बीच का ‘कमीशन का खेल’ किसी से छिपा नहीं है। 470 रुपये एक गरीब और बुजुर्ग व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम होती है, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों के लिए यह शायद उनके दैनिक मुनाफे का एक छोटा हिस्सा भर है। अधिकारियों की चुप्पी अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या रामसनेही घाट सीएचसी के ये डॉक्टर अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे, या इसी तरह गरीब मरीजों का शोषण जारी रहेगा? ऐसी और खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।1
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- ब्रेकिंग अयोध्या मिल्कीपुर तहसील में तैनात लेखपाल का रिश्वत लेते वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल। वायरल वीडियो में लेखपाल वरासत संबंधित कागजात के लिए किसान से पहले ₹500 लेते हुए फिर ₹1000 की मांग करते आ रहा है नज़र । लेखपाल के पास हैरिग्टनगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलेथू और रामपुर जोहन सहित कई ग्राम पंचायत का है प्रभार। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में पहले भी आ चुके हैं भ्रष्टाचार के कई मामले। पूर्व में भी यहां दो लेखपालों को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया था गिरफ्तार, भेजा था जेल। इन घटनाओं के बावजूद ऐसे मामलों का दोबारा सामने आना बना चिंता का विषय। शुरू एप नहीं करता इस वायरल वीडियो की पुष्टि।1
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- अयोध्या जिले में सिविल कोर्ट परिसर के आठ तल्ला बिल्डिंग के सभागार में आज १४मार्च २०२६ को वर्ष २०२६ के प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज रणंजय कुमार वर्मा द्वारा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजनी शुक्ला,बार के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र व न्यायिक अधिकारियों के साथ माॅं सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पणकर व धूप दीप प्रज्जवलन के साथ शुभारम्भ किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ के अवसर पर रवि कान्त पीठासीन अधिकारी एमएसीटी, वेद प्रकाश वर्मा, पीठासीन अधिकारी, कामर्शियल न्यायालय, श्रीमती शिवानी जायसवाल, सुरेन्द्र मोहन सहाय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम, राकेश कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, सुश्री निरूपमा विक्रम, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट-प्रथम, रजत वर्मा, विशेष न्यायाधीश, विशेष कोर्ट १, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत दीपक यादव अपर जनपद न्यायाधीश मोहिन्दर कुमार, श्रीमती प्रतिभा नारायण, श्री प्रेम प्रकाश, इन्द्रजीत सिंह, अनिल कुमार वर्मा, सुश्री अर्चना तिवारी,प्रदीप कुमार सिंह,रवि कुमार गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधांशु शेखर उपाध्याय,एकता सिंह,रुपाली सिंह,व अन्य सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण के साथ विभिन्न बैंकों के अधिकारीगण उपस्थित रहे, मां सरस्वती जी के गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की गई,लोक अदालत को सुलह समझौते के आधार पर सफल बनाने हेतु न्यायिक अधिकारीगण व अन्य द्वारा अपने अपने विचार रखे गए,मीटिंग हाल में बनाए हुए सेल्फी प्वाइंट का जिलाजज के अलावा अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा अपनी सैफिया लेकर अवसर का लाभ उठाया गया, अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रंजिनी शुक्ला द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालय व कार्यालय की प्रक्रियात्मक जटिलता से इतर सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय सभी को उपलब्ध कराना है,यह तथ्य हम सभी से छिपा नहीं है कि मुकदमों की बढ़ती संख्या व उनके अग्रिम निस्तारण हेतु हमें एक वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता है। इस क्रम में नियमित अंतराल पर होने वाली लोक अदालत का आयोजन इसी दिशा में बढ़ाया गया एक सराहनीय कदम है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अयोध्या द्वारा अपने उद्बोधन में यह भी कहा गया कि सुलह समझौते के माध्यम से वादकारी के धन व समय की बचत होती है। यह प्रयास किया जा रहा है कि आज इस वृहद लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को आपसी सुलह-समझौता के माध्यम से समाप्त कराकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्य का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंनें आगे बताया की धारा 138 पराक्राम्य लिखत अधिनियम (एन.आई.ऐक्ट), बैंक वसूली वाद, श्रम विवाद वाद, विद्युत एवं जलवाद बिल, (अशमनीय वादों को छोड़कर) अन्य आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक एंव अन्य व्यवहार वाद, पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सर्विस मैटर से संबन्धित वेतन, भत्ता और सेवानिवृत्ति लाभ के मामले, राजस्व वाद, जो जनपद न्यायालय में लम्बित हों, अन्य सिविल वाद आदि निस्तारित किये गये।राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर परिसर में लगाए गए कैंपों का न्यायिक अधिकारियों के साथ जिला जज द्वारा निरीक्षण कर व्यवस्था को परखा गया व आवश्यक निर्देश दिए गए,जिला जेल कैंप में पहुंचकर जिला जज द्वारा महिला बंदियों द्वारा बनाए गए सामानों को देखा, खरीदा व सराहा भी गया,राष्ट्रीय लोक अदालत में १४ जोड़ो के घर दोबारा बसे एक साथ विदा होकर अपने घर जाते देखे गए,राष्ट्रीय लोक अदालत में विद्युत विभाग का कैंप न लगे होने से दूर दराज से आए फरियादी परेशान दिखे।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजनी शुक्ला द्वारा मामले में जानकारी से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक अधिकारी महेंद्र पासवान द्वारा किया गया।1
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