रामसनेही घाट सीएचसी में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल: सर्दी-जुकाम के लिए भी बाहर से लिख रहे 470 रुपये की दवा बाराबंकी राम सनेही घाट प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज़ा मामला बाराबंकी के रामसनेही घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज़ के साथ सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और दवा माफियाओं के साथ मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य बीमारी, भारी-भरकम बिल मरीज़, जिन्हें सिर्फ सर्दी और जुकाम की शिकायत थी, इलाज के लिए सीएचसी रामसनेही घाट पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें अस्पताल में मौजूद मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर की दुकानों से 470 रुपये की दवाएं लिख दीं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक मामूली सर्दी-जुकाम के लिए सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं? या फिर यह जानबूझकर गरीब मरीजों की जेब ढीली करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है? बुजुर्ग की बेबसी और डॉक्टरों की मनमानी वीडियो में बुजुर्ग मरीज़ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिखाया कि कैसे सर्दी-जुकाम और नाक बहने जैसी आम बीमारियों के लिए भी उन्हें निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठाती है, बल्कि उन सफेदपोशों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है जिन्हें जनता की सेवा के लिए तैनात किया गया है। क्या है असली खेल? यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों के आसपास फल-फूल रहे निजी मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों के बीच का ‘कमीशन का खेल’ किसी से छिपा नहीं है। 470 रुपये एक गरीब और बुजुर्ग व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम होती है, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों के लिए यह शायद उनके दैनिक मुनाफे का एक छोटा हिस्सा भर है। अधिकारियों की चुप्पी अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या रामसनेही घाट सीएचसी के ये डॉक्टर अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे, या इसी तरह गरीब मरीजों का शोषण जारी रहेगा? ऐसी और खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।
रामसनेही घाट सीएचसी में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल: सर्दी-जुकाम के लिए भी बाहर से लिख रहे 470 रुपये की दवा बाराबंकी राम सनेही घाट प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज़ा मामला बाराबंकी के रामसनेही घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज़ के साथ सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और दवा माफियाओं के साथ मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य बीमारी, भारी-भरकम बिल मरीज़, जिन्हें सिर्फ सर्दी और जुकाम की शिकायत थी, इलाज के लिए सीएचसी रामसनेही घाट पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें अस्पताल में मौजूद मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर की दुकानों से 470 रुपये की दवाएं लिख दीं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक मामूली सर्दी-जुकाम के लिए सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं? या फिर यह जानबूझकर गरीब मरीजों की जेब ढीली करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है? बुजुर्ग की बेबसी और डॉक्टरों की मनमानी वीडियो में बुजुर्ग मरीज़ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिखाया कि कैसे सर्दी-जुकाम और नाक बहने जैसी आम बीमारियों के लिए भी उन्हें निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठाती है, बल्कि उन सफेदपोशों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है जिन्हें जनता की सेवा के लिए तैनात किया गया है। क्या है असली खेल? यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों के आसपास फल-फूल रहे निजी मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों के बीच का ‘कमीशन का खेल’ किसी से छिपा नहीं है। 470 रुपये एक गरीब और बुजुर्ग व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम होती है, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों के लिए यह शायद उनके दैनिक मुनाफे का एक छोटा हिस्सा भर है। अधिकारियों की चुप्पी अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या रामसनेही घाट सीएचसी के ये डॉक्टर अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे, या इसी तरह गरीब मरीजों का शोषण जारी रहेगा? ऐसी और खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।
- बाराबंकी राम सनेही घाट प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताज़ा मामला बाराबंकी के रामसनेही घाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज़ के साथ सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और दवा माफियाओं के साथ मिलीभगत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सामान्य बीमारी, भारी-भरकम बिल मरीज़, जिन्हें सिर्फ सर्दी और जुकाम की शिकायत थी, इलाज के लिए सीएचसी रामसनेही घाट पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी समस्या सुनने के बाद उन्हें अस्पताल में मौजूद मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर की दुकानों से 470 रुपये की दवाएं लिख दीं। यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक मामूली सर्दी-जुकाम के लिए सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं? या फिर यह जानबूझकर गरीब मरीजों की जेब ढीली करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है? बुजुर्ग की बेबसी और डॉक्टरों की मनमानी वीडियो में बुजुर्ग मरीज़ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिखाया कि कैसे सर्दी-जुकाम और नाक बहने जैसी आम बीमारियों के लिए भी उन्हें निजी स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठाती है, बल्कि उन सफेदपोशों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है जिन्हें जनता की सेवा के लिए तैनात किया गया है। क्या है असली खेल? यह कोई पहला मामला नहीं है। सरकारी अस्पतालों के आसपास फल-फूल रहे निजी मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों के बीच का ‘कमीशन का खेल’ किसी से छिपा नहीं है। 470 रुपये एक गरीब और बुजुर्ग व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी रकम होती है, लेकिन यहाँ के डॉक्टरों के लिए यह शायद उनके दैनिक मुनाफे का एक छोटा हिस्सा भर है। अधिकारियों की चुप्पी अब देखना यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर ‘जांच का भरोसा’ देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्या रामसनेही घाट सीएचसी के ये डॉक्टर अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे, या इसी तरह गरीब मरीजों का शोषण जारी रहेगा? ऐसी और खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।1
- एक शेयर और एक कमेंट इस गरीब परिवार की मदद बन सकता है… 🙏 ग्राम पंचायत पानसरे के रहने वाले महादेव की दर्द भरी कहानी आज हम सबके सामने है। यह परिवार आर्थिक तंगी और परेशानियों से जूझ रहा है। हम सभी से विनम्र निवेदन है कि इस वीडियो को एक शेयर और एक कमेंट जरूर करें, ताकि यह आवाज़ उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के माननीय मंत्री श्री सतीश शर्मा जी तक पहुँच सके और इस गरीब परिवार की मदद हो सके। कभी-कभी सोशल मीडिया की छोटी-सी पहल भी किसी के जीवन में बड़ी उम्मीद बन जाती है। आइए हम सब मिलकर इंसानियत का फर्ज निभाएं और इस परिवार की मदद के लिए अपनी आवाज़ उठाएं। आप भी अपनी राय जरूर दें और इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें। #ग्राम_पंचायत_पानसरे #सतीश_शर्मा #गरीब_परिवार_की_मदद #मानवता #एक_शेयर_एक_कमेंट @हाइलाइट Ranjeet Kumar Vaishy Vaishy रवि गुप्ता जिला ब्यूरो चीफ बाराबंकी भारत लाइव21 Sunil Gupta Gomti Motor समर्थक जगदीश गुप्ता Ramresh Verma Jagdish Prasad Gupta Ravi Gupta Balji1
- नहीं रहीं ‘लंबी जुदाई’ फेम एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा, अमिताभ की फिल्म में किया था ये 90 के दशक की स्टार एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु वक्त के साथ सिनेमा जगत से दूर हो गई थीं, लेकिन उनका हिंदी सिनेमा में योगदान हमेशा यादगार रहेगा। सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो, विश्वनाथ, रिश्ता कागज का और कयामत जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा ने 72 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मधु 90 के दशक की कामयाब एक्ट्रेस थीं और उन्होंने 1970 से 1980 के बीच अपने काम से खूब तारीफें लूटीं। मधु के करियर का ग्राफ यूं तो काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' के गाने 'लंबी जुदाई' के लिए किया गया। यह गाना ऑरिजनली फोक सिंगर रेशमा ने गाया था, लेकिन फिल्म ने इसे नेशनल पहचान दिला दी।1
- बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा आजाद संसद जनसभा में संबोधित की2
- बाराबंकी *बाराबंकी पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय द्वारा जनपद में संगठित होकर अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में गैंगस्टर एक्ट के तहत इनके द्वारा अपराध से स्वयं एवं परिजनों के नाम पर अर्जित चल/अचल सम्पत्तियों को श्रीमान जिलाधिकारी बाराबंकी के आदेश के अनुक्रम में जब्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना फतेहपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 543/2025 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के *अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम पुत्र स्व0 लल्लन हुसैन निवासी ग्राम सिहाली थाना फतेहपुर जनपद बाराबंकी* तथा गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्य अभियुक्त मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद असलम निवासी ग्राम सिहाली थाना फतेहपुर जनपद बाराबंकी के साथ मिलकर आर्थिक, भौतिक एवं दुनियावी लाभ हेतु जनता के लोगों के साथ छल कपट, कूटरचना, धोखाधड़ी व जालसाजी कर सम्पत्ति हड़पने जैसे जघन्य अपराध कारित किए जाने में लिप्त हैं। इस गिरोह द्वारा कारित किए गए आपराधिक कृत्यों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम द्वारा थाना फतेहपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सिहाली में स्वयं के नाम पर भिन्न-भिन्न गाटा संख्याओं में क्रय की गई अचल सम्पत्ति कीमत लगभग 01 करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपये को थाना मोहम्मदपुर खाला पुलिस द्वारा चिन्हित कर श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी को आख्या प्रेषित की गई थी। इसी क्रम में अन्तर्गत धारा 14(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत श्रीमान जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी द्वारा कुर्की का आदेश निर्गत किया गया, थाना मोहम्मदपुर खाला पुलिस व प्रशासन द्वारा अभियुक्त/गिरोह सरगना मोहम्मद असलम की अचल सम्पत्ति कीमत लगभग 01 करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपये/- की सम्पत्ति को कुर्क किया गया। साथ ही बाराबंकी पुलिस द्वारा लगातार गिरोह बनाकर धोखाधड़ी व जालसाजी करके सम्पत्ति हड़पने जैसे आपराधिक कृत्य कारित करने वाले अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उनके द्वारा अपराध से धनोपार्जन कर अर्जित की गयी चल/अचल सम्पत्ति को चिन्हित कर राज्य के पक्ष में कुर्क कराए जाने हेतु कार्यवाही प्रचलित है।*1
- *बाराबंकी* शातिर अपराधी सूरज सिंह गिरफ्तार, पैर में लगी गोली पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश घायल1
- छात्र पंचायत ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष का फूखा पुतला इटियाथोक/गोंडा राष्ट्रीय छात्र पंचायत की कार्यकर्ताओं के द्वारा एलबीएस चौराहे पर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष का पुतला फूंका इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडे ने बताया की कल यूपीएसआई की परीक्षा के गलियारों में जो हुआ वह केवल एक प्रश्न नहीं था वही देश के एक गौरवशाली समाज की जड़ों पर प्रहार था मैं पूछना चाहता हूं उस चयन बोर्ड से उन्नति निर्धारकों से क्या आप की कलम इतनी कुंठित हो गई है कि आपको परीक्षा के सवालों में ब्राह्मणवाद दिखने लगा है जिन ब्राह्मण समाज ने देश को मंगल पांडे और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी दिए क्या आज सरकारी तंत्र उन्हें अवसर वादी कहकर प्रमाणित करेगा व छात्र नेता सूरज शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि उस अपमानजनक प्रश्न को तुरंत निरस्त किया जाए तथा पेपर सेट करने वाली एजेंसी को ता उम्र के लिए ब्लैकलिस्टेड किया जाए और भरती बोर्ड सामाजिक रूप से माफी मांगे इस अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला, रंजीत पांडेय, नीरज, शहजाद ,आलोक पांडे, उमंग मिश्रा, हिमांशु तिवारी,सोनू , आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ के थाना चौक क्षेत्रान्तर्गत हुई घटना में गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिमी द्वारा दी गयी बाइट!!1