एक शादीशुदा महिला चुपचाप एक युवक से मिलने उसके घर पहुंची थीं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके पीछे-पीछे पति भी वहां पहुंच जाएगा। बताया जा रहा है कि पति को पत्नी पर शक था, जिसके बाद वह उसका पीछा करते हुए युवक के घर तक पहुंच गया। जैसे ही पति ने वहां पत्नी को युवक के साथ देखा, मामला गरमा गया और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। हालांकि, इस पूरे मामले की असली वजह क्या थी और दोनों के बीच किस तरह का संबंध था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 😙😙 एक शादीशुदा महिला चुपचाप एक युवक से मिलने उसके घर पहुंची थीं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके पीछे-पीछे पति भी वहां पहुंच जाएगा। बताया जा रहा है कि पति को पत्नी पर शक था, जिसके बाद वह उसका पीछा करते हुए युवक के घर तक पहुंच गया। जैसे ही पति ने वहां पत्नी को युवक के साथ देखा, मामला गरमा गया और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। हालांकि, इस पूरे मामले की असली वजह क्या थी और दोनों के बीच किस तरह का संबंध था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 😙😙
एक शादीशुदा महिला चुपचाप एक युवक से मिलने उसके घर पहुंची थीं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके पीछे-पीछे पति भी वहां पहुंच जाएगा। बताया जा रहा है कि पति को पत्नी पर शक था, जिसके बाद वह उसका पीछा करते हुए युवक के घर तक पहुंच गया। जैसे ही पति ने वहां पत्नी को युवक के साथ देखा, मामला गरमा गया और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। हालांकि, इस पूरे मामले की असली वजह क्या थी और दोनों के बीच किस तरह का संबंध था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 😙😙 एक शादीशुदा महिला चुपचाप एक युवक से मिलने उसके घर पहुंची थीं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके पीछे-पीछे पति भी वहां पहुंच जाएगा। बताया जा रहा है कि पति को पत्नी पर शक था, जिसके बाद वह उसका पीछा करते हुए युवक के घर तक पहुंच गया। जैसे ही पति ने वहां पत्नी को युवक के साथ देखा, मामला गरमा गया और दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। हालांकि, इस पूरे मामले की असली वजह क्या थी और दोनों के बीच किस तरह का संबंध था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 😙😙
- खड्डा समेत तीन पंचायतों में लगा सहयोग शिविर, --- शिविर में ग्रामीणों ने रखी समस्याएं । नौतन: प्रखंड की खड्डा, बैकुंठवा और धुमनगर पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया। बिहार सरकार के निर्देश पर आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के कर्मियों ने पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की। शिविर में प्रखंड आपूर्ति कार्यालय, बिजली विभाग, जीविका समेत अन्य विभागों के काउंटर लगाए गए थे। आपूर्ति विभाग के डीलर रामेश्वर प्रसाद और दीपक कुमार ने ग्रामीणों से राशन व जनवितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतें सुनीं। बिजली विभाग के काउंटर पर बिजली बिल, कनेक्शन और अन्य विद्युत संबंधी समस्याएं दर्ज की गईं।जीविका कैडर ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार और जीविका की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बीडीओ गिरधारी लाल बीईओ रियाज अहमद,सीओ अलका कुमारी आदि ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी काउंटरों पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मियों से जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया।इस बीच खड्डा पंचायत में मुखिया पुत्र राहुल शर्मा बैकुंठवा मुखिया अफरोज नैयर धुमनगर के भोला साह आदि जनप्रतिनिधि शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के निराकरण की बात कही। मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे।1
- बारिश में रेनकट से टूटी सड़क, हादसे का बढ़ा खतरा। — बड़े वाहनों के पलटने और बाइक-साइकिल सवारों के गिरने की आशंका, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की। नौतन।। प्रखंड के श्यामपुर कोतराहां पंचायत के रामनगर गांव से रामनगर-बैरिया बिन टोली-त्रिभुवान घाट जाने वाली सड़क बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। वार्ड नंबर 05 के पास सड़क में रेनकट होने से सड़क का एक हिस्सा टूट गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।ग्रामीण परमानंद चौरसिया, कुंदन कुमार व शिवधर मुखिया ने बताया कि उक्त सड़क का निर्माण करीब एक वर्ष पहले मुख्यमंत्री संपर्क योजना के तहत कराया गया था। बारिश के दौरान सड़क के किनारे रेनकट होने से सड़क टूट गई है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क टूटने के कारण बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान उनके पलटने की आशंका बनी हुई है। वहीं रात के समय बाइक व साइकिल से गुजरने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और रेनकट वाले हिस्से को दुरुस्त कराने की मांग की है।4
- कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा,8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा 8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति - ग्रामीण फीडर पड़री से लगातार बिजली कटौती से नाराज थे लोग - सैकड़ों लोगों ने हाटा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पहुंच किया हंगामा - विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर जताई नाराजगी - प्रदर्शनकारियों ने जबरन सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति की बंद - सूचना पर एसडीओ बलदेव सिंह और जेई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे - जबरन फिडर में घुसकर की बिजली आपूर्ति बंद - हाटा नगर के मुख्य विद्युत सब स्टेशन का मामला।1
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। हंगामा टाइम्स न्यूज़ हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- बैकुंठवा में लगा सहयोग शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन नौतन। प्रखंड क्षेत्र के बैकुंठवा पंचायत में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायत के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतें अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। इस दौरान जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया गया। मुखिया अफरोज नय्यर ने कहा कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी तथा प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मौके पर बीएओ नेहा राज, पंचायत सचिव नगीना पासवान सहित अन्य कर्मी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- शिक्षा विभाग, खेल विभाग एवं बिहार राज्य खेल प्रतियोगिता की तैयारी शुरू हो गई है। 15 September. मास्टर ट्रेनरों की टीम द्वारा जिला ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज से किया गया। 15.09.2026.1
- पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।1