आलमपुर गांव में विकास कार्यों की खुली पोल, कागजों पर बनी सड़क, हकीकत में गंदगी का अंबार संडीला, हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे का दावा कर रही है, वहीं संडीला ब्लॉक का आलमपुर गांव इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। गांव में चारों ओर फैली गंदगी, बदहाल सड़कें और भ्रष्टाचार के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। भ्रष्टाचार का आरोप :- कागजों में बन गई सड़क! ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप सड़क निर्माण को लेकर है। राम शंकर के प्लाट से लेकर साहब लाल के मकान तक (लगभग 100 फीट लंबी और 13 फीट चौड़ी) सड़क का निर्माण आज तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के लिए आवंटित धन की निकासी पहले ही की जा चुकी है, लेकिन मौके पर धूल और मिट्टी के सिवा कुछ नहीं है। बजबजाती नालियां और प्यासा गांव - गांव की नालियों की स्थिति नारकीय बनी हुई है। आलमपुर में नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि महीनों से यहाँ सफाई कर्मचारी ने कदम भी नहीं रखा है। पानी की समस्या भी विकराल है :- हैंडपंपों की बदहाली - अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। दूषित जल - जो हैंडपंप चल रहे हैं, वे या तो बहुत कम पानी दे रहे हैं या बेहद गंदा पानी उगल रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आवास वितरण में धांधली और बेबस ग्रामीण :- गांव की कुंती (पत्नी मिथलेश कुमार) ने आवास वितरण प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। कुंती के अनुसार, पात्र लोगों को छोड़कर अपात्रों को आवास बांटे गए हैं। "मेरी बेटियां बड़ी हो गई हैं, घर की सुरक्षा का कोई साधन नहीं था। आए दिन आवारा कुत्ते घर में घुसकर खाने को जूठा कर देते थे। मजबूरी में घर का कुछ सामान बेचकर मैंने बाहर की दीवार खड़ी की है ताकि परिवार की मर्यादा और सुरक्षा बनी रहे।" — कुंती, पीड़ित ग्रामीण गीता (आलमपुर): "सफाई के नाम पर यहाँ कुछ नहीं होता। नालियों का गंदा पानी रास्तों पर भर रहा है, जिससे निकलना दूभर है।" राम किशोर (आलमपुर): "सड़क का पैसा निकाल लिया गया पर सड़क नहीं बनी। हैंडपंप खराब हैं, हम पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।" ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गांव में विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
आलमपुर गांव में विकास कार्यों की खुली पोल, कागजों पर बनी सड़क, हकीकत में गंदगी का अंबार संडीला, हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे का दावा कर रही है, वहीं संडीला ब्लॉक का आलमपुर गांव इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। गांव में चारों ओर फैली गंदगी, बदहाल सड़कें और भ्रष्टाचार के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। भ्रष्टाचार का आरोप :- कागजों में बन गई सड़क! ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप सड़क निर्माण को लेकर है। राम शंकर के प्लाट से लेकर साहब लाल के मकान तक (लगभग 100 फीट लंबी और 13 फीट चौड़ी) सड़क का निर्माण आज तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के लिए आवंटित धन की निकासी पहले ही की जा चुकी है, लेकिन मौके पर धूल और मिट्टी के सिवा कुछ नहीं है। बजबजाती नालियां और प्यासा गांव - गांव की नालियों की स्थिति नारकीय बनी हुई है। आलमपुर में नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि महीनों से यहाँ सफाई कर्मचारी ने कदम भी नहीं रखा है। पानी की समस्या भी विकराल है :- हैंडपंपों की बदहाली - अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। दूषित जल - जो हैंडपंप चल रहे हैं, वे या तो बहुत कम पानी दे रहे हैं या बेहद गंदा पानी उगल रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आवास वितरण में धांधली और बेबस ग्रामीण :- गांव की कुंती (पत्नी मिथलेश कुमार) ने आवास वितरण प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। कुंती के अनुसार, पात्र लोगों को छोड़कर अपात्रों को आवास बांटे गए हैं। "मेरी बेटियां बड़ी हो गई हैं, घर की सुरक्षा का कोई साधन नहीं था। आए दिन आवारा कुत्ते घर में घुसकर खाने को जूठा कर देते थे। मजबूरी में घर का कुछ सामान बेचकर मैंने बाहर की दीवार खड़ी की है ताकि परिवार की मर्यादा और सुरक्षा बनी रहे।" — कुंती, पीड़ित ग्रामीण गीता (आलमपुर): "सफाई के नाम पर यहाँ कुछ नहीं होता। नालियों का गंदा पानी रास्तों पर भर रहा है, जिससे निकलना दूभर है।" राम किशोर (आलमपुर): "सड़क का पैसा निकाल लिया गया पर सड़क नहीं बनी। हैंडपंप खराब हैं, हम पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।" ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गांव में विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
- Post by Anoopshukla1
- संडीला, हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे का दावा कर रही है, वहीं संडीला ब्लॉक का आलमपुर गांव इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। गांव में चारों ओर फैली गंदगी, बदहाल सड़कें और भ्रष्टाचार के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। भ्रष्टाचार का आरोप :- कागजों में बन गई सड़क! ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप सड़क निर्माण को लेकर है। राम शंकर के प्लाट से लेकर साहब लाल के मकान तक (लगभग 100 फीट लंबी और 13 फीट चौड़ी) सड़क का निर्माण आज तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के लिए आवंटित धन की निकासी पहले ही की जा चुकी है, लेकिन मौके पर धूल और मिट्टी के सिवा कुछ नहीं है। बजबजाती नालियां और प्यासा गांव - गांव की नालियों की स्थिति नारकीय बनी हुई है। आलमपुर में नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि महीनों से यहाँ सफाई कर्मचारी ने कदम भी नहीं रखा है। पानी की समस्या भी विकराल है :- हैंडपंपों की बदहाली - अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। दूषित जल - जो हैंडपंप चल रहे हैं, वे या तो बहुत कम पानी दे रहे हैं या बेहद गंदा पानी उगल रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आवास वितरण में धांधली और बेबस ग्रामीण :- गांव की कुंती (पत्नी मिथलेश कुमार) ने आवास वितरण प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। कुंती के अनुसार, पात्र लोगों को छोड़कर अपात्रों को आवास बांटे गए हैं। "मेरी बेटियां बड़ी हो गई हैं, घर की सुरक्षा का कोई साधन नहीं था। आए दिन आवारा कुत्ते घर में घुसकर खाने को जूठा कर देते थे। मजबूरी में घर का कुछ सामान बेचकर मैंने बाहर की दीवार खड़ी की है ताकि परिवार की मर्यादा और सुरक्षा बनी रहे।" — कुंती, पीड़ित ग्रामीण गीता (आलमपुर): "सफाई के नाम पर यहाँ कुछ नहीं होता। नालियों का गंदा पानी रास्तों पर भर रहा है, जिससे निकलना दूभर है।" राम किशोर (आलमपुर): "सड़क का पैसा निकाल लिया गया पर सड़क नहीं बनी। हैंडपंप खराब हैं, हम पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।" ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गांव में विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं।1
- USA से आएगा 70 डॉलर प्रति बैरल, रूस से मिलता था 65 डॉलर प्रति बैरल, महंगा लेंगे तो महंगा बेंचेगे, आम आदमी की जेब ढीली होगी। इस सवाल पर क्या कुछ कहा मंत्री असीम अरुण ने सुनिए । यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण आज हरदोई में बतौर प्रभारी मंत्री बजट के फायदे गिनाने आये थे, इसी दौरान ये सवाल जबाब हुए । जबाब जैसा भी देना पर धैर्य और शालीनता गम्भीरता से देना ये खासियत है असीम साहब की जिसका मैं भी कायल हूँ। बाकी वो होंगे हम होंगे और सवाल सामने होंगे1
- aakhir mahara bharat desh China ki brabri kiyu nhi karta sari sachchai janiye esme #oye_hoye_tv_channel1
- लखनऊ दुबग्गा थाना के कुछ कदमों की दूरी पर हुई महिला के साथ लूट महिला ने दिया थाने में तहरीर नहीं हुई कोई कार्यवाही महिला ने क्या कुछ बयान दियाआइये सुनते हैं महिला का वायरल वीडियो1
- Post by F K Khan1
- पहली बार स्टूडियो सेटअप | Black Board, Ring Light और Tripod का टेस्ट #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup आज हमने पहली बार अपने ब्लैक पर्दा, ब्लैक बोर्ड, रिंग लाइट और ट्राइपॉड को सही तरीके से सेट करने की कोशिश की। इस वीडियो में आप देखेंगे कि शुरुआती सेटअप कैसे किया जाता है और पढ़ाने के लिए सही लाइटिंग और कैमरा एंगल क्यों जरूरी है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो यूट्यूब पर पढ़ाने या कंटेंट बनाने की शुरुआत करना चाहते हैं। #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup #BlackBoardClass #TeachingSetup #NewStudio #ContentCreation #YouTubeJourney #EducationChannel #FirstSetup1
- Post by Anoopshukla1