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मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज अंतर्गत बाढ़ प्रभावित बंगरा निज्जामत पंचायत में पुल नहीं होने के कारण हजारों परिवारों में दहशत का माहौल है। पुल के अभाव में क्षेत्र के लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है और बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो चुकी है।
Dayanand kumar sahani
मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज अंतर्गत बाढ़ प्रभावित बंगरा निज्जामत पंचायत में पुल नहीं होने के कारण हजारों परिवारों में दहशत का माहौल है। पुल के अभाव में क्षेत्र के लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है और बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो चुकी है।
- User8666Araria, Bihar😡7 hrs ago
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- मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना पहुंचे सिटी SP मोहिबुल अंसारी ने वहाँ सभी लंबित केसों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह हमारा थाना है और इसे गोद लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती में मुकेश सहनी का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुकेश सहनी खूब गरजे और उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि आरक्षण नहीं तो वोट नहीं।1
- बिहार के पीपराकोठी स्थित महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का 98वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान परिसर में पौधारोपण, स्वच्छता अभियान और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान परिसर में पपीता, आम, अमरूद और केले सहित कुल 262 फलदार पौधे लगाए गए। इसके बाद वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और किसानों ने मिलकर परिसर से गाजर घास (पार्थेनियम) हटाकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने भारतीय कृषि के विकास में आईसीएआर के पिछले 98 वर्षों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया और किसानों से आधुनिक व वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में डॉ. एस. के. पुर्बे, डॉ. एस. के. सिंह और डॉ. वी. एस. मीणा ने किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और जलवायु के अनुकूल खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत डॉ. अमोल के. जाधव के नेतृत्व में उच्च तकनीक सब्जी बीज उत्पादन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसके बाद अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को सब्जी बीज किट वितरित की गईं। इस पूरे कार्यक्रम में कुल 70 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 40 महिलाएं और 30 पुरुष शामिल थे। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के 40 किसान प्रशिक्षण और बीज किट वितरण से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लैमेला ओझा और डॉ. शुभम मुखर्जी ने किया और अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ, हरित और वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।4
- सारण जिले के मसरख प्रखंड के बंगरा गांव में मौजूद सड़क को जिले की सबसे बदहाल और खतरनाक सड़क बताया जा रहा है। इस मार्ग की हालत पूरी तरह से जर्जर और टूटी-फूटी है। इस सड़क की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां वास्तविक सड़क के मुकाबले ब्रेकर और गड्ढों की संख्या काफी ज्यादा है, जिससे यह मसरख प्रखंड का सबसे खतरनाक रास्ता बन गया है।1
- मुजफ्फरपुर के औराई में बड़े अधिकारियों और नेताओं के बैठे रहने के बावजूद क्षेत्र की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह खस्ताहाल रास्ता स्वास्थ्य केंद्र आने-जाने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद जानलेवा बन गया है। इस गंभीर समस्या के बाद भी जिम्मेदार नेता और बड़े अधिकारी मूकदर्शक बनकर बैठे हैं और इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।1
- पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखण्ड क्षेत्र के सिरसिया में ठनका गिरने से एक युवक की मौत हो गई है। इस हादसे के बाद युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- शिवहर जिले के डुमरी कटसरी अंतर्गत श्यामपुर गांव के वार्ड नंबर 8 में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पीछे बारिश के कारण भारी जलजमाव हो गया है। इस जलभराव की वजह से वहां से गुजरने वाले और आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्यामपुर गांव में बारिश के बाद बने जलजमाव के इन हालातों ने राहगीरों के आवागमन को बेहद मुश्किल बना दिया है।1
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