आवास सर्वे में धांधली का आरोप अपात्रों को पात्र बनाने का दावा प्रधान व पंचायत सहायक की मिलीभगत के लगाए गए आरोप, सूची सार्वजनिक न किए जाने पर उठे सवाल विकास खंड फाजिलनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोहरवलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास की पात्रता सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे सर्वे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ग्राम सभा के लोगों द्वारा आवास की सूची मांगे जाने पर उन्हें सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। वहीं, सचिव की ओर से कथित तौर पर सूची उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। इस संबंध में पंचायत सहायक विकास अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका। ग्राम पंचायत लोहरवलिया निवासी एवं भाजपा के सेक्टर प्रमुख शम्भू यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की आवास सूची में करीब 80 प्रतिशत लोग अपात्र हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायत हुई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जांच कराई गई थी और कुछ अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए गए थे। शम्भू यादव का आरोप है कि जब भी आवास योजना की जांच होती है, तो कथित तौर पर कुछ लोगों की झोपड़ियों या मकानों को दूसरे व्यक्तियों के नाम पर दिखाकर सर्वे कराया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा में कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने का प्रयास करता है तो उसके साथ विवाद एवं मारपीट की स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है। उन्होंने ग्राम पंचायत के सचिव अशोक यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सचिव के विरुद्ध पूर्व में सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित रिकवरी का आदेश भी हो चुका है, इसके बावजूद विकास खंड स्तर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है और न ही उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, शम्भू यादव ने राजनीतिक पक्षपात का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ग्राम प्रधान समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और सचिव भी सपा समर्थक हैं। आरोप है कि राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से कथित रूप से अपात्र लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में ग्राम प्रधान, सचिव और संबंधित विकास खंड अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवास सूची सार्वजनिक कराने, पात्रता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आवास सर्वे में धांधली का आरोप अपात्रों को पात्र बनाने का दावा प्रधान व पंचायत सहायक की मिलीभगत के लगाए गए आरोप, सूची सार्वजनिक न किए जाने पर उठे सवाल विकास खंड फाजिलनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोहरवलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास की पात्रता सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे सर्वे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ग्राम सभा के लोगों द्वारा आवास की सूची मांगे जाने पर उन्हें सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। वहीं, सचिव की ओर से कथित तौर पर सूची उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। इस संबंध में पंचायत सहायक विकास अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका। ग्राम पंचायत लोहरवलिया निवासी एवं भाजपा के सेक्टर प्रमुख शम्भू यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की आवास सूची में करीब 80 प्रतिशत लोग अपात्र हैं। उनका कहना है कि पूर्व में भी आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायत हुई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जांच कराई गई थी और कुछ अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए गए थे। शम्भू यादव का आरोप है कि जब भी आवास योजना की जांच होती है, तो कथित तौर पर कुछ लोगों की झोपड़ियों या मकानों को दूसरे व्यक्तियों के नाम पर दिखाकर सर्वे कराया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा में कोई व्यक्ति इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने का प्रयास करता है तो उसके साथ विवाद एवं मारपीट की स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है। उन्होंने ग्राम पंचायत के सचिव अशोक यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सचिव के विरुद्ध पूर्व में सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित रिकवरी का आदेश भी हो चुका है, इसके बावजूद विकास खंड स्तर से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है और न ही उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, शम्भू यादव ने राजनीतिक पक्षपात का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ग्राम प्रधान समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और सचिव भी सपा समर्थक हैं। आरोप है कि राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से कथित रूप से अपात्र लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में ग्राम प्रधान, सचिव और संबंधित विकास खंड अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवास सूची सार्वजनिक कराने, पात्रता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- बारिश में रेनकट से टूटी सड़क, हादसे का बढ़ा खतरा। — बड़े वाहनों के पलटने और बाइक-साइकिल सवारों के गिरने की आशंका, ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की। नौतन।। प्रखंड के श्यामपुर कोतराहां पंचायत के रामनगर गांव से रामनगर-बैरिया बिन टोली-त्रिभुवान घाट जाने वाली सड़क बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। वार्ड नंबर 05 के पास सड़क में रेनकट होने से सड़क का एक हिस्सा टूट गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है।ग्रामीण परमानंद चौरसिया, कुंदन कुमार व शिवधर मुखिया ने बताया कि उक्त सड़क का निर्माण करीब एक वर्ष पहले मुख्यमंत्री संपर्क योजना के तहत कराया गया था। बारिश के दौरान सड़क के किनारे रेनकट होने से सड़क टूट गई है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क टूटने के कारण बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान उनके पलटने की आशंका बनी हुई है। वहीं रात के समय बाइक व साइकिल से गुजरने वाले लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और रेनकट वाले हिस्से को दुरुस्त कराने की मांग की है।4
- भारत की बेटियों का जलवा, एशिया कप पर जमाया कब्जा, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, 🏆1
- बाल गृह में बच्चों के खान-पान और सुरक्षा पर डीएम की नजर रसोई, भोजन कक्ष और बच्चों के रहने के स्थानों का लिया जायजा, न्यायालय परिसर में जनसुविधाएं बेहतर करने के दिए निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को जनपद स्थित बाल गृह और जिलाधिकारी न्यायालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों स्थानों की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। डीएम ने सबसे पहले बाल गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर, रसोईघर, भोजन कक्ष और बच्चों के रहने के स्थानों की स्थिति देखी। रसोईघर में भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल गृह में रहने वाले बच्चों को पौष्टिक और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए। परिसर में नियमित साफ-सफाई के साथ बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि बाल गृह में रहने वाले बच्चों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए। उनके खान-पान, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और दैनिक आवश्यकताओं की नियमित निगरानी की जाए। किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी ने न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, सुव्यवस्था और जनसुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने न्यायालय परिसर में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी और उन्हें बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि न्यायालय परिसर में आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का डीएम ने किया औचक निरीक्षण छात्रावास सितंबर और एकेडमी ब्लॉक अक्टूबर तक हर हाल में हैंडओवर करने के निर्देश जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने गौरीबाजार स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निर्माणाधीन एकेडमी ब्लॉक एवं बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। परियोजना का कार्य प्रारंभ होने की तिथि फरवरी 2024 तथा पूर्ण होने की निर्धारित तिथि अगस्त 2025 थी। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बालिका छात्रावास का निर्माण सितंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। वहीं, एकेडमी ब्लॉक को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कर हैंडओवर करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की बाउंड्रीवॉल के संबंध में भी जानकारी ली। बताया गया कि परियोजना में बाउंड्रीवॉल निर्माण का प्रावधान नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालय की भूमि को वायर, पिलर आदि लगाकर सुरक्षित किया जाए, ताकि परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।2
- गोपालगंज में पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल में परिजनों का हंगामा! गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना के बसहाँ मोड़ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान क्लिनिक के एक स्टाफ के चोटिल होने की भी बात सामने आई है। घटना के बाद डॉक्टर के क्लिनिक छोड़कर फरार होने की सूचना है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह करीब 10 बजे तीज पर्व के दौरान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बसहाँ गांव निवासी शिवजी महतो की पत्नी प्रियंका देवी को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें इलाज के लिए बसहाँ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने महिला का उपचार शुरू किया। हालांकि महिला की स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस से महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन महिला के शव को वापस क्लिनिक लेकर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।1
- पूरे बिहार के किसानों की एक ही समस्या यूरिया और डाई उसमें भी ग्रामीण रिटेलरों ने किया अनिश्चितकालीन दुकान बंद और यूरिया डाई खरीद बिक्री करने का विरोध।1
- 19 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच, तीन में मिला कम हीमोग्लोबिन आयरन सुक्रोज के लिए तीन महिलाओं को पीएचसी बुलाया, गर्भावस्था में खान-पान व नियमित जांच की दी सलाह देवरिया। पथरदेवा ब्लॉक के रामपुर महुआबारी गांव में रविवार को गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात रंजन की मौजूदगी में आयोजित शिविर में गांव की 19 गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। शिविर में गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और वजन समेत अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच की गई। जांच के दौरान तीन महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर नौ ग्राम से कम पाया गया। उन्हें आयरन सुक्रोज की सुविधा के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुलाया गया। जांच के बाद महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्हें आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और विटामिन की दवाएं भी दी गईं। सभी महिलाओं के एमसीपी कार्ड पर आवश्यक सूचनाएं दर्ज की गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करने की जानकारी दी। साथ ही किसी तरह की परेशानी या असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क करने की सलाह दी गई। शिविर में बीपीएम नागेंद्र मल्ल, बीसीपीएम आशुतोष त्रिपाठी, आरबीएसके चिकित्सक, एचएस, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर टाटा मोटर्स में सर्विस को लेकर विवाद, कस्टमर और स्टाफ आमने-सामने ! देवरिया-गोरखपुर मार्ग स्थित आरकेएल टाटा मोटर्स में वाहन की सर्विस को लेकर कस्टमर और स्टाफ के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सर्विस को लेकर ग्राहक और कर्मचारियों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला विवाद में बदल गया। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि टाटा मोटर्स के सर्विस सेंटर में सर्विस से जुड़ी शिकायतों को लेकर ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। ग्राहकों का आरोप है कि वाहन की सर्विस के दौरान उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाता, जिससे नाराजगी बढ़ती है। फिलहाल विवाद के कारणों और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष जानना भी आवश्यक है। ग्राहकों का कहना है कि सर्विस सेंटर प्रबंधन को शिकायतों का समय से समाधान कर व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।1
- सोनौली में लंबा जाम,सर्विस लाइन कटिंग से बढ़ी लोगो की परेशानी महराजगंज नेपाल में आपदा के बाद सोनौली सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार से जाम लगा है। नेपाल की खराब सड़कों से रफ्तार धीमी है, इसी बीच सर्विस लाइन में ‘कटिंग’ का आरोप है।एनएच-24 पर सोनौली कोतवाली के बाद बाबालाज के सामने मुख्य सड़क को सर्विस लाइन से जोड़ती कटिंग है। आरोप है कि रात में ट्रकों को मुख्य कतार से अलग कर सर्विस लाइन में खड़ा कराया जाता है। रातभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। स्थानीय रमेश, अनिल, श्याम, मनोज का कहना है कि जबरन गाड़ियां खड़ी कराने से विवाद होता है।1