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Parashuram gupta Parashuram
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- Post by Parashuram gupta Parashuram4
- उनके बच्चे बच्चे को पता है कि क्या करना है यह मुस्लिम बच्ची अपनी मां के साथ स्कूल से आ रही थी रास्ते में एक हिंदू के घर के सामने इसने ओणम की रंगोली देखी और तुरंत अपने पैरों से उसे रंगोली को मिटा दिया आप इस बच्ची की उम्र देखी और सोचिए कि इसे इतना जहर इसके परिवार वालों ने कैसे दे दिया कि यह ओणम की रंगोली भी नहीं देख सकती है1
- Varanasi के Manikarnika Ghat पर demolition, लोगों ने क्या-क्या कहा?1
- चंदौली में 286 करोड़ का कोर्ट कॉम्प्लेक्स | CJI सूर्यकांत और CM योगी आदित्यनाथ Live #Chandauli #UP #Court #Judiciary #CJIIndia #YogiJi #NewsUpdate1
- वार्ड संख्या 21 मोहल्ला सुद्धिपुर शिवपुर के नॉटीनियादाई रोड से महेशपुर के ठीक सामने से एक लिंक मार्ग शिव एवं सती माता मंदिर होते हुए चंद्रिका देवी मंदिर तक जाता है उक्त मार्गकी दयनीय दशा को देखकर माननीय रविंद्र जायसवाल जी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उक्त मार्ग को बनाने हेतु नगर निगम को आदेश दिए परंतु नगर निगम वाराणसी बजट का रोना रो रहा है मोहल्ले में काफी आक्रोश है लोग विगत दो वर्ष से मार्ग पर चलना फिरना दुर्लभ हो गया है फेसबुक पे यह सारी स्थिति को बताया गया संबंधित अधिकारियों को भेजा गया परंतु कोई सुनवाई नहीं इस मार्ग को बनवाने का कृपा करें मोहल्ला वासी4
- Prayagraj Magh Mela : आज मौनी अमावस्या स्नान पर जल, थल और नभ से रहेगी पुलिस की निगरानी1
- आधे घंटे में पति-पत्नी का देहांत, अटूट प्रेम की मार्मिक विदाई वाराणसी/पिंडरा। विकास खंड पिंडरा के लल्लापुर गांव से शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव निवासी विशुन उर्फ सिपाही (80) और उनकी पत्नी दूइजा देवी (77) का मात्र आधे घंटे के अंतराल में देहांत हो गया। जीवनभर साथ निभाने वाले इस दंपति ने मानो एक-दूसरे के बिना जीने से ही इनकार कर दिया। सुबह करीब 5 बजे दूइजा देवी का निधन हो गया। यह दुखद समाचार जब बड़े पुत्र ने विशुन उर्फ सिपाही को दिया, तो वह सदमा वे सहन नहीं कर सके। पत्नी के जाने की पीड़ा ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। गांव के लोग बताते हैं कि विशुन और दूइजा देवी का जीवन प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की मिसाल था। घर का काम हो या खेतों की मेहनत—दोनों हमेशा साथ रहते थे। गांव वालों के अनुसार उनके बीच कभी तू-तू, मैं-मैं या झगड़े की बात किसी ने नहीं सुनी। उनका शांत और सादा जीवन पूरे गांव के लिए प्रेरणा था। इस दंपति के चार पुत्र—अनंत प्रकाश उर्फ तूफानी, रतन कुमार उर्फ बासु, चंद्रभान उर्फ चंदू, चंद्र भूषण उर्फ बल्ली—और एक पुत्री उर्मिला देवी हैं। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद पति-पत्नी का एक साथ यूं दुनिया छोड़ जाना हर किसी की आंखें नम कर गया। घटना की खबर फैलते ही लल्लापुर ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए। हर जुबान पर बस यही चर्चा थी—इतना गहरा प्रेम शायद ही कहीं देखने को मिले। परिवार के अनुसार, विशुन उर्फ सिपाही के दो पुत्र सूरत में रहते हैं। उनके पहुंचने के बाद दोनों की शव यात्रा घर से निकलकर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट जाएगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर शोक व्यक्त करने वालों में रामजी सिंह, दशरथ पटेल, देवप्रकाश देवा, पूर्व प्रधान रामनारायण, जगनारायण, वंशराज पटेल, नसरुद्दीन, शमशेर, वर्तमान प्रधान राजेंद्र प्रसाद पटेल, पूर्व प्रधान लाल बहादुर विश्वकर्मा, प्यारेलाल वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। लल्लापुर गांव आज दो व्यक्तियों के नहीं, बल्कि एक मिसाल के विदा होने का गवाह बना—एक ऐसा प्रेम, जो जीवन के साथ-साथ मृत्यु में भी साथ रहा।3
- Definition of Success1