अमेठी में अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, बोले—महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा अन्याय ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ अमेठी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता के साथ अन्याय हो रहा है। नोएडा में हाल ही में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरों की मांगों को आखिर सरकार ने क्यों नहीं सुना। सपा प्रमुख ने कहा कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों का वेतन बढ़ाया जा चुका है, तो उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में पीछे क्यों है। उन्होंने सरकार से मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मजदूरों के मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है।
अमेठी में अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, बोले—महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाकर हो रहा अन्याय ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ अमेठी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता के साथ अन्याय हो रहा है। नोएडा में हाल ही में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरों की मांगों को आखिर सरकार ने क्यों नहीं सुना। सपा प्रमुख ने कहा कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों का वेतन बढ़ाया जा चुका है, तो उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में पीछे क्यों है। उन्होंने सरकार से मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मजदूरों के मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है।
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- हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जिले के अटरिया स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में है। एक मरीज के इलाज में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामला अब जांच के केंद्र में पहुंच गया है। जिलाधिकारी की सख्ती, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना देर किए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। टीम को निर्देश दिया गया कि वह मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और रिकॉर्ड की जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इस त्वरित कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया कि प्रशासन इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। बंद कमरे में घंटों चली जांच रविवार को जांच टीम हिंद मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां कई घंटे तक बंद कमरे में गहन पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक: अस्पताल प्रबंधन से विस्तार से पूछताछ की गई ऑपरेशन और इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए पीड़ित परिवार को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया जांच पूरी होने के बाद टीम बिना कोई आधिकारिक बयान दिए लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जिससे रहस्य और गहरा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज जांच खत्म होते ही अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा मीडिया के सामने आईं और सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि: अस्पताल में सभी सर्जरी अनुभवी डॉक्टरों द्वारा ही की जाती हैं जूनियर डॉक्टर केवल सहायक की भूमिका निभाते हैं पूरे मामले की आंतरिक जांच के लिए विशेषज्ञों की अलग टीम गठित कर दी गई है अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद सामने आ जाएगी। *दो जांच, एक सच — किस पर गिरेगी गाज?* एक ओर प्रशासन की त्रिस्तरीय जांच टीम है, तो दूसरी ओर अस्पताल की अपनी विशेषज्ञ टीम। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि: क्या लापरवाही हुई थी? अगर हुई, तो जिम्मेदार कौन? *जिलेभर की निगाहें रिपोर्ट पर* फिलहाल पूरा मामला जांच रिपोर्ट पर टिका हुआ है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हिन्द हॉस्पिटल के बंद कमरे में जांच, बाहर बयानबाज़ी—प्रकरण ने पकड़ा तूल हिंद हॉस्पिटल में कथित लापरवाही के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर बंद कमरे में गहन जांच की और इसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। हालांकि जांच के निष्कर्षों का खुलासा अभी नहीं हुआ है—अब सभी की नजरें टीम द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा टीम के साथ मौजूद रहीं। कुछ समय बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया। करीब कई घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जबकि परिजन अपने घर लौट गए। जांच के तुरंत बाद चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अस्पताल पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल स्तर पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. दीनदयाल, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. सोनकर और आर्थोपेडिक विभाग के एचओडी डॉ. गौरव की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। इसके अलावा ऑर्थो सर्जन डॉ. शकील द्वारा पूरे प्रकरण का आकलन किया जा रहा है। चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि संबंधित मरीज का ऑपरेशन डॉक्टर अश्वनी द्वारा किया गया, जो असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के अनुभवी चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की सर्जरी जूनियर डॉक्टरों से नहीं कराई जाती, बल्कि वे केवल सहायक की भूमिका में रहते हैं। अब देखना यह होगा कि त्रिस्तरीय जांच टीम अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। (विशेष टिप्पणी) स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप कोई मामूली बात नहीं होती। यह मामला न केवल एक अस्पताल की साख से जुड़ा है, बल्कि आम लोगों के भरोसे का भी सवाल है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता ही सच्चाई को सामने ला सकती है। वहीं लोगों में यह चर्चाएं जोरो से हैं कि हिंद प्रशासन के द्वारा जांच टीम और परिजनों को मैनेज करने के लिए एक साथ बन्द कमरे में बुलाया गया था अब बंद किस तरह की जांच हुई और क्या हुआ यह तो जांच टीम जानती है या हिन्द हॉस्पिटल प्रशासन4
- उन्नाव जनपद के बिहार थाना क्षेत्र से पुलिस की दबंगई का एक मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना परिसर में एक युवक को बेरहमी से लात-घूसों से पीटा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी मामूली बात को लेकर थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने युवक के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दारोगा बीरेंद्र सिंह यादव की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि युवक को थाने के अंदर ही प्रताड़ित किया गया, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच की बात कही जा रही है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है। प्रशासन पर उठे सवाल इस घटना के बाद कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि थाने में ही इस तरह की घटनाएं होंगी, तो आम जनता कहां सुरक्षित रहेगी।1
- ग्वालियर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ महिला ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर शादी का झांसा दिया और कई बार संबंध बनाए। महिला के अनुसार वह गर्भवती हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- Post by Shiva Gautam1
- Post by Mangit1