हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जिले के अटरिया स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में है। एक मरीज के इलाज में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामला अब जांच के केंद्र में पहुंच गया है। जिलाधिकारी की सख्ती, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना देर किए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। टीम को निर्देश दिया गया कि वह मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और रिकॉर्ड की जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इस त्वरित कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया कि प्रशासन इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। बंद कमरे में घंटों चली जांच रविवार को जांच टीम हिंद मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां कई घंटे तक बंद कमरे में गहन पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक: अस्पताल प्रबंधन से विस्तार से पूछताछ की गई ऑपरेशन और इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए पीड़ित परिवार को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया जांच पूरी होने के बाद टीम बिना कोई आधिकारिक बयान दिए लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जिससे रहस्य और गहरा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज जांच खत्म होते ही अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा मीडिया के सामने आईं और सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि: अस्पताल में सभी सर्जरी अनुभवी डॉक्टरों द्वारा ही की जाती हैं जूनियर डॉक्टर केवल सहायक की भूमिका निभाते हैं पूरे मामले की आंतरिक जांच के लिए विशेषज्ञों की अलग टीम गठित कर दी गई है अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद सामने आ जाएगी। *दो जांच, एक सच — किस पर गिरेगी गाज?* एक ओर प्रशासन की त्रिस्तरीय जांच टीम है, तो दूसरी ओर अस्पताल की अपनी विशेषज्ञ टीम। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि: क्या लापरवाही हुई थी? अगर हुई, तो जिम्मेदार कौन? *जिलेभर की निगाहें रिपोर्ट पर* फिलहाल पूरा मामला जांच रिपोर्ट पर टिका हुआ है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हिन्द हॉस्पिटल के बंद कमरे में जांच, बाहर बयानबाज़ी—प्रकरण ने पकड़ा तूल हिंद हॉस्पिटल में कथित लापरवाही के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर बंद कमरे में गहन जांच की और इसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। हालांकि जांच के निष्कर्षों का खुलासा अभी नहीं हुआ है—अब सभी की नजरें टीम द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा टीम के साथ मौजूद रहीं। कुछ समय बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया। करीब कई घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जबकि परिजन अपने घर लौट गए। जांच के तुरंत बाद चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अस्पताल पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल स्तर पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. दीनदयाल, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. सोनकर और आर्थोपेडिक विभाग के एचओडी डॉ. गौरव की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। इसके अलावा ऑर्थो सर्जन डॉ. शकील द्वारा पूरे प्रकरण का आकलन किया जा रहा है। चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि संबंधित मरीज का ऑपरेशन डॉक्टर अश्वनी द्वारा किया गया, जो असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के अनुभवी चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की सर्जरी जूनियर डॉक्टरों से नहीं कराई जाती, बल्कि वे केवल सहायक की भूमिका में रहते हैं। अब देखना यह होगा कि त्रिस्तरीय जांच टीम अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। (विशेष टिप्पणी) स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप कोई मामूली बात नहीं होती। यह मामला न केवल एक अस्पताल की साख से जुड़ा है, बल्कि आम लोगों के भरोसे का भी सवाल है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता ही सच्चाई को सामने ला सकती है। वहीं लोगों में यह चर्चाएं जोरो से हैं कि हिंद प्रशासन के द्वारा जांच टीम और परिजनों को मैनेज करने के लिए एक साथ बन्द कमरे में बुलाया गया था अब बंद किस तरह की जांच हुई और क्या हुआ यह तो जांच टीम जानती है या हिन्द हॉस्पिटल प्रशासन
हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जिले के अटरिया स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में है। एक मरीज के इलाज में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामला अब जांच के केंद्र में पहुंच गया है। जिलाधिकारी की सख्ती, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना देर किए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। टीम को निर्देश दिया गया कि वह मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और रिकॉर्ड की जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इस त्वरित कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया कि प्रशासन इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। बंद कमरे में घंटों चली जांच रविवार को जांच टीम हिंद मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां कई घंटे तक बंद कमरे में
गहन पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक: अस्पताल प्रबंधन से विस्तार से पूछताछ की गई ऑपरेशन और इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए पीड़ित परिवार को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया जांच पूरी होने के बाद टीम बिना कोई आधिकारिक बयान दिए लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जिससे रहस्य और गहरा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज जांच खत्म होते ही अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा मीडिया के सामने आईं और सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि: अस्पताल में सभी सर्जरी अनुभवी डॉक्टरों द्वारा ही की जाती हैं जूनियर डॉक्टर केवल सहायक की भूमिका निभाते हैं पूरे मामले की आंतरिक जांच के लिए विशेषज्ञों की अलग टीम गठित कर दी गई है अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद सामने आ जाएगी। *दो जांच, एक सच — किस पर गिरेगी गाज?* एक ओर प्रशासन की त्रिस्तरीय जांच टीम है, तो दूसरी ओर अस्पताल की अपनी विशेषज्ञ टीम। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि: क्या लापरवाही हुई थी? अगर हुई, तो जिम्मेदार कौन? *जिलेभर की निगाहें रिपोर्ट पर* फिलहाल पूरा मामला जांच रिपोर्ट पर टिका हुआ है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हिन्द हॉस्पिटल के
बंद कमरे में जांच, बाहर बयानबाज़ी—प्रकरण ने पकड़ा तूल हिंद हॉस्पिटल में कथित लापरवाही के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर बंद कमरे में गहन जांच की और इसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। हालांकि जांच के निष्कर्षों का खुलासा अभी नहीं हुआ है—अब सभी की नजरें टीम द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा टीम के साथ मौजूद रहीं। कुछ समय बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया। करीब कई घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जबकि परिजन अपने घर लौट गए। जांच के तुरंत बाद चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अस्पताल पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल स्तर पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. दीनदयाल, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. सोनकर और आर्थोपेडिक विभाग के एचओडी डॉ. गौरव की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर
रही है। इसके अलावा ऑर्थो सर्जन डॉ. शकील द्वारा पूरे प्रकरण का आकलन किया जा रहा है। चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि संबंधित मरीज का ऑपरेशन डॉक्टर अश्वनी द्वारा किया गया, जो असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के अनुभवी चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की सर्जरी जूनियर डॉक्टरों से नहीं कराई जाती, बल्कि वे केवल सहायक की भूमिका में रहते हैं। अब देखना यह होगा कि त्रिस्तरीय जांच टीम अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। (विशेष टिप्पणी) स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप कोई मामूली बात नहीं होती। यह मामला न केवल एक अस्पताल की साख से जुड़ा है, बल्कि आम लोगों के भरोसे का भी सवाल है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता ही सच्चाई को सामने ला सकती है। वहीं लोगों में यह चर्चाएं जोरो से हैं कि हिंद प्रशासन के द्वारा जांच टीम और परिजनों को मैनेज करने के लिए एक साथ बन्द कमरे में बुलाया गया था अब बंद किस तरह की जांच हुई और क्या हुआ यह तो जांच टीम जानती है या हिन्द हॉस्पिटल प्रशासन
- हिंद हॉस्पिटल में लापरवाही का आरोप: बंद कमरे में जिला स्तरीय टीम ने की जांच, रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें क्या मैनेज का चल रहा खेल संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया सीतापुर जिले के अटरिया स्थित हिंद मेडिकल कॉलेज इन दिनों सुर्खियों में है। एक मरीज के इलाज में कथित गंभीर लापरवाही के आरोपों ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामला अब जांच के केंद्र में पहुंच गया है। जिलाधिकारी की सख्ती, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने बिना देर किए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया। टीम को निर्देश दिया गया कि वह मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और रिकॉर्ड की जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। इस त्वरित कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया कि प्रशासन इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। बंद कमरे में घंटों चली जांच रविवार को जांच टीम हिंद मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां कई घंटे तक बंद कमरे में गहन पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक: अस्पताल प्रबंधन से विस्तार से पूछताछ की गई ऑपरेशन और इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए पीड़ित परिवार को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया जांच पूरी होने के बाद टीम बिना कोई आधिकारिक बयान दिए लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जिससे रहस्य और गहरा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज जांच खत्म होते ही अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा मीडिया के सामने आईं और सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि: अस्पताल में सभी सर्जरी अनुभवी डॉक्टरों द्वारा ही की जाती हैं जूनियर डॉक्टर केवल सहायक की भूमिका निभाते हैं पूरे मामले की आंतरिक जांच के लिए विशेषज्ञों की अलग टीम गठित कर दी गई है अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद सामने आ जाएगी। *दो जांच, एक सच — किस पर गिरेगी गाज?* एक ओर प्रशासन की त्रिस्तरीय जांच टीम है, तो दूसरी ओर अस्पताल की अपनी विशेषज्ञ टीम। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि: क्या लापरवाही हुई थी? अगर हुई, तो जिम्मेदार कौन? *जिलेभर की निगाहें रिपोर्ट पर* फिलहाल पूरा मामला जांच रिपोर्ट पर टिका हुआ है। जैसे ही रिपोर्ट सामने आएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हिन्द हॉस्पिटल के बंद कमरे में जांच, बाहर बयानबाज़ी—प्रकरण ने पकड़ा तूल हिंद हॉस्पिटल में कथित लापरवाही के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित त्रिस्तरीय जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर बंद कमरे में गहन जांच की और इसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गई। हालांकि जांच के निष्कर्षों का खुलासा अभी नहीं हुआ है—अब सभी की नजरें टीम द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अस्पताल की चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा टीम के साथ मौजूद रहीं। कुछ समय बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना गया। करीब कई घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई, जबकि परिजन अपने घर लौट गए। जांच के तुरंत बाद चेयरपर्सन ऋचा मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अस्पताल पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल स्तर पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। उन्होंने बताया कि सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. दीनदयाल, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. सोनकर और आर्थोपेडिक विभाग के एचओडी डॉ. गौरव की टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। इसके अलावा ऑर्थो सर्जन डॉ. शकील द्वारा पूरे प्रकरण का आकलन किया जा रहा है। चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि संबंधित मरीज का ऑपरेशन डॉक्टर अश्वनी द्वारा किया गया, जो असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के अनुभवी चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की सर्जरी जूनियर डॉक्टरों से नहीं कराई जाती, बल्कि वे केवल सहायक की भूमिका में रहते हैं। अब देखना यह होगा कि त्रिस्तरीय जांच टीम अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और इस पूरे मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। (विशेष टिप्पणी) स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप कोई मामूली बात नहीं होती। यह मामला न केवल एक अस्पताल की साख से जुड़ा है, बल्कि आम लोगों के भरोसे का भी सवाल है। ऐसे में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता ही सच्चाई को सामने ला सकती है। वहीं लोगों में यह चर्चाएं जोरो से हैं कि हिंद प्रशासन के द्वारा जांच टीम और परिजनों को मैनेज करने के लिए एक साथ बन्द कमरे में बुलाया गया था अब बंद किस तरह की जांच हुई और क्या हुआ यह तो जांच टीम जानती है या हिन्द हॉस्पिटल प्रशासन4
- बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरा गजनी गांव के देर रात एक सड़क दुर्घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 35 वर्षीय शंकर अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी उन्होंने सड़क किनारे परिवार के साथ पंपिंग सेट खींचकर घर जा रही 40 वर्षीय राबिया बानो को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों व्यक्ति सड़क पर दूर जा गिरे और मौके पर ही दर्द से कराहने लगे। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और घायलों के परिजनों को सूचित किया गया। परिजनों ने तुरंत दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। आकस्मिक ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. देशराज ने बताया कि दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत में सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने परिजनों को आराम करने और किसी भी परेशानी पर तुरंत अस्पताल लाने के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद एक पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाद में अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया। उपनिरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by शुभम तिवारी भरावन हरदोई1
- *सीतापुर में नहर फटने से तबाही* सीतापुर के मिश्रिख विकासखंड क्षेत्र में अर्थाना नहर फटने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। नहर फटने से खेतों में पानी भर गया है, जिससे गेहूं, उरद, गन्ना और ज्वार की फसलें डूब गई हैं। सिंचाई विभाग के जेई दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि नहर फटने की वजह जानवर द्वारा खुदाई करना है ¹ ² ³। *क्या है मामला?* पुलिस के अनुसार, नहर फटने से किसानों की कई बीघा फसलें बर्बाद हो गई हैं। नहर फटने से खेतों में पानी भर गया है, जिससे गांवों में जाना मुश्किल हो गया है। सिंचाई विभाग द्वारा नहर को दुरुस्त कराने का काम किया जा रहा है ¹ ² ³। क्या आप जानना चाहेंगे कि किसानों को मुआवजा मिलेगा या नहीं, या सिंचाई विभाग ने आगे क्या कार्रवाई की है?2
- भारती किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति जिंदाबाद माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कमलेश चौधरी जिंदाबाद। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आजाद जिंदाबाद। तुंगनाथ सिंह मंडल अध्यक्ष अयोध्या जिंदाबाद। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या जिंदाबाद। जिला अध्यक्ष एडवोकेट अब्बास जैदी जिंदाबाद। आवश्यक सूचना सभी किसान भाइयों माता और बहनों कल 14 तारीख माननीय बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाएगी जो की कोठी उस्मानपुर में उसमें मुख्य अतीत माननीय राष्ट्रीय कमलेश चौधरी जी वह प्रदेश और मंडल के सभी पदाधिकारी आएंगे उसके लिए कई आल्हा अधिकारी के फोन गए हैं माननीय राष्ट्रीय कमलेश चौधरी के पास आने से मना किया गया है तो मैं कहना चाहता हूं सभी अधिकारियों को कल हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी आएंगे और कार्यक्रम होगा शांतिपूर्वक होगा मैं पहले बता चुका हूं कार्यक्रम किसी एक का नहीं है 14 अप्रैल को माननीय बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है और मनाई जाएगी शांतिपूर्वक लिखित में और वीडियो के माध्यम से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी सूचित भी कर दिए थे और बराबर चल भी रहा है तभी दबाव बनाया जा रहा है तो सभी किसान मजदूर भाइयों से कहना चाहता हूं ज्यादा से ज्यादा संख्या में उस्मानपुर कोठी पहुंचे जितने पदाधिकारी बाराबंकी के हैदरगढ़ के सिद्धौर के रामसनेहीघाट के जितने बाराबंकी जिला के पदाधिकारी कार्यकर्ता सदस्य हैं सभी लोग उस्मानपुर कोठी पहुंचे समय का विशेष ध्यान रखें 11:00 कोठी उस्मानपुर पहुंचे किसी की आनाकानी नहीं चलेगी तो मैं शिवकुमार युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या सभी को बता चुका हूं समय का विशेष ध्यान रखें ज्यादा से ज्यादा संख्या में आए और प्रशासन से निवेदन करता हूं कार्यक्रम शांतिपूर्वक किया जाएगा ऐसा कोई काम ना करा जाए जिससे विवाद हो तो सभी किसान भाइयों पहुंचे जय जवान जय किसान जय संविधान भारत माता की जय।1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ अमेठी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता के साथ अन्याय हो रहा है। नोएडा में हाल ही में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरों की मांगों को आखिर सरकार ने क्यों नहीं सुना। सपा प्रमुख ने कहा कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों का वेतन बढ़ाया जा चुका है, तो उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में पीछे क्यों है। उन्होंने सरकार से मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मजदूरों के मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है।1
- नोएडा- भारी पुलिस बल, पीएसी भी तैनात रिचा ग्लोबल गारमेंट्स के कर्मचारी होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक में प्रदर्शन नोएडा के फेस 2 थाना क्षेत्र का मामला3
- सिधौली, नहर फटी, किसानों की किस्मत डूबी: कसमंडा में ‘पानी का कहर’ बना आफत, गेहूं की फसल बर्बाद संवाददाता, नरेश गुप्ता सिधौली सीतापुर जिले के कसमंडा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा किसानों के लिए मुसीबत बनकर सामने आया है। कसमंडा ब्लॉक के नवादा गांव के पास खीरी ब्रांच नहर अचानक फट गई, जिससे सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि नहर फटने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में भर गया। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, वहीं भूसा भी बह गया या सड़कर खराब हो गया। गेहूं के अलावा उड़द, गन्ना और ज्वार जैसी अन्य फसलें भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले ही बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, और अब इस नहर हादसे ने उनकी बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी है। किसानों के मुताबिक, “पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया।” शारदा सहायक नहर बनी संकट का कारण यह घटना शारदा सहायक नहर से जुड़ी खीरी ब्रांच में हुई, जिसके फटने से पूरे इलाके में पानी ही पानी नजर आने लगा। कई खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर दिलीप कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में उन्होंने आशंका जताई कि किसी जानवर द्वारा किनारे की खुदाई किए जाने से नहर कमजोर हो गई होगी, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं, सिधौली के उपजिलाधिकारी, कमलापुर थाना क्षेत्र की पुलिस और अन्य तहसील प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। मरम्मत कार्य जारी, मुआवजे की मांग तेज सिंचाई विभाग की टीम नहर को दुरुस्त करने में लगी हुई है ताकि आगे और नुकसान को रोका जा सके। उधर, प्रभावित किसान प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। फिलहाल पूरे इलाके में चिंता और मायूसी का माहौल है, और किसानों की नजर अब प्रशासनिक राहत पर टिकी हुई है।1