सिधौली, नहर फटी, किसानों की किस्मत डूबी: कसमंडा में ‘पानी का कहर’ बना आफत, गेहूं की फसल बर्बाद सिधौली, नहर फटी, किसानों की किस्मत डूबी: कसमंडा में ‘पानी का कहर’ बना आफत, गेहूं की फसल बर्बाद संवाददाता, नरेश गुप्ता सिधौली सीतापुर जिले के कसमंडा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा किसानों के लिए मुसीबत बनकर सामने आया है। कसमंडा ब्लॉक के नवादा गांव के पास खीरी ब्रांच नहर अचानक फट गई, जिससे सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि नहर फटने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में भर गया। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, वहीं भूसा भी बह गया या सड़कर खराब हो गया। गेहूं के अलावा उड़द, गन्ना और ज्वार जैसी अन्य फसलें भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले ही बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, और अब इस नहर हादसे ने उनकी बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी है। किसानों के मुताबिक, “पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया।” शारदा सहायक नहर बनी संकट का कारण यह घटना शारदा सहायक नहर से जुड़ी खीरी ब्रांच में हुई, जिसके फटने से पूरे इलाके में पानी ही पानी नजर आने लगा। कई खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर दिलीप कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में उन्होंने आशंका जताई कि किसी जानवर द्वारा किनारे की खुदाई किए जाने से नहर कमजोर हो गई होगी, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं, सिधौली के उपजिलाधिकारी, कमलापुर थाना क्षेत्र की पुलिस और अन्य तहसील प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। मरम्मत कार्य जारी, मुआवजे की मांग तेज सिंचाई विभाग की टीम नहर को दुरुस्त करने में लगी हुई है ताकि आगे और नुकसान को रोका जा सके। उधर, प्रभावित किसान प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। फिलहाल पूरे इलाके में चिंता और मायूसी का माहौल है, और किसानों की नजर अब प्रशासनिक राहत पर टिकी हुई है।
सिधौली, नहर फटी, किसानों की किस्मत डूबी: कसमंडा में ‘पानी का कहर’ बना आफत, गेहूं की फसल बर्बाद सिधौली, नहर फटी, किसानों की किस्मत डूबी: कसमंडा में ‘पानी का कहर’ बना आफत, गेहूं की फसल बर्बाद संवाददाता, नरेश गुप्ता सिधौली सीतापुर जिले के कसमंडा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा किसानों के लिए मुसीबत बनकर सामने आया है। कसमंडा ब्लॉक के नवादा गांव के पास खीरी ब्रांच नहर अचानक फट गई, जिससे सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई और किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि नहर फटने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में भर गया। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, वहीं भूसा भी बह गया या सड़कर खराब हो गया। गेहूं के अलावा उड़द, गन्ना और ज्वार जैसी अन्य फसलें भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर बर्बाद हो गईं। स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले ही बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, और अब इस नहर हादसे ने उनकी बची-खुची उम्मीद भी खत्म कर दी है। किसानों के मुताबिक, “पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया।” शारदा सहायक नहर बनी संकट का कारण यह घटना शारदा सहायक नहर से जुड़ी खीरी ब्रांच में हुई, जिसके फटने से पूरे इलाके में पानी ही पानी नजर आने लगा। कई खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर दिलीप कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में उन्होंने आशंका जताई कि किसी जानवर द्वारा किनारे की खुदाई किए जाने से नहर कमजोर हो गई होगी, जिससे यह हादसा हुआ। वहीं, सिधौली के उपजिलाधिकारी, कमलापुर थाना क्षेत्र की पुलिस और अन्य तहसील प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। मरम्मत कार्य जारी, मुआवजे की मांग तेज सिंचाई विभाग की टीम नहर को दुरुस्त करने में लगी हुई है ताकि आगे और नुकसान को रोका जा सके। उधर, प्रभावित किसान प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। फिलहाल पूरे इलाके में चिंता और मायूसी का माहौल है, और किसानों की नजर अब प्रशासनिक राहत पर टिकी हुई है।
- नोएडा घटना पर DGP राजीव कृष्ण का बड़ा बयान!!1
- Post by Anoopshukla1
- फतेहपुर के झांसापुरवा स्थित अंबेडकर पार्क में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारासिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम साधुराम चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। ट्रस्ट के चेयरमैन अजय कुमार वर्मा ने मुख्य अतिथि दारासिंह चौहान का माला पहनाकर और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। पार्क परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था, और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा परिचय 14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने। संघर्ष की कहानी अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं। महान विरासत अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं। आज का संदेश अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।1
- Post by मोहित पासी ब्लॉक अध्यक्ष लाखन आर्मी1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ उत्तराखंड। प्रधानमंत्री ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने देश को एक ऐसी व्यवस्था दी, जिसमें सभी को समान अधिकार और सम्मान मिले। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार भी उसी भावना के साथ काम कर रही है और समाज के हर वर्ग को सच्चा सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं और नीतियां विशेष रूप से गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं, ताकि समाज में समानता और अवसर सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे बाबासाहेब के आदर्शों को अपनाते हुए एक समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।2
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- संविधान के रचियता डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गईं cp maurya मानवी समय न्यूज़ हरदोई जनपद के संडीला नगर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर भव्य एवं विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह शोभायात्रा इमलियाबाग मैनचेस्टर मैदान से प्रारंभ होकर सदर बाजार होते हुए बेगमगंज में सम्पन्न हुई। शोभायात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। छोटा चौराहा पर हसन मक्की एवं समस्त सभासदों द्वारा स्वागत किया गया, वहीं किला मार्केट के पास पूर्व सभासद लताफत द्वारा भव्य स्वागत किया गया। गल्ला मंडी के पास उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश सिंह, शुभम गुप्ता एवं अनुराग त्रिपाठी के नेतृत्व में शोभायात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज कुमार गौतम (अध्यक्ष), बबलू कुमार (सभासद उपाध्यक्ष), मनोज कुमार बौद्ध (महामंत्री), सरोज कुमार गौतम (कोषाध्यक्ष) सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा सतीश कार्यक्रम सफल बनाने के लिए संडीला कोतवाली प्रभारी विद्यासागर पाल के नेतृत्व में इस कार्यक्रम सफल बनाने में पुलिस महकमा नजर आया भारतीय संविधान के निर्माता, भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती (14 अप्रैल 2026) पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। सामाजिक समानता, ज्ञान और सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबासाहेब के विचार हमें एक सशक्त व समतावेशी भारत बनाने के लिए सदैव प्रेरित करते रहें।शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो! बाबासाहेब के इन महान विचारों के साथ अंबेडकर। आइए उनके आदर्शों को अपनाएं। समता, स्वतंत्रता एवं न्याय बंधुत्ता के प्रबल समर्थक डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को कोटि-कोटि नमन। संविधान निर्माता को सलाम, जिन्होंने हमें समानता का अधिकार दिया।समाज में न कोई छोटा है न कोई बड़ा है सभी एक समान है जैसा कि उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में लिखा है "We, the People of India" यानि कि हम सब पूरा समाज जिसमें हर वर्ग है सभी भारतीय है और एक समान है बाबासाहेब के विचारों का सार: सामाजिक समरसता और समानता। शिक्षा को नारी सशक्तिकरण का हथियार मानना। न्यायपूर्ण समाज का निर्माण । पुनः आप सभी को बाबा साहब डॉ.भीम राव अंबेडकर जयंती "जीवन लंबा नहीं, महान होना चाहिए।" - डॉ. भीमराव शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेगा1