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जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, जहाँ सुबह 10 बजे भी एक्सरे रूम नहीं खुला। इसके चलते मरीजों को मजबूर होकर प्राइवेट पैथोलॉजी में पैसे देने पड़ रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है और किसकी गलती से मरीजों को यह परेशानी उठानी पड़ रही है, यह बड़ा सवाल है। यहाँ जिम्मेदार लोग इस बदहाली पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं और ऐसा लगता है कि यहाँ कोई नियम-कानून काम नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों के मन में यह सवाल भी है कि यहाँ पिछले 15 सालों से जमे डॉक्टरों को कब हटाया जाएगा। जालौन के CMO इस पर कब ध्यान देंगे और इन पर कब कार्रवाई होगी, जनता इसका जवाब चाहती है।
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जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, जहाँ सुबह 10 बजे भी एक्सरे रूम नहीं खुला। इसके चलते मरीजों को मजबूर होकर प्राइवेट पैथोलॉजी में पैसे देने पड़ रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है और किसकी गलती से मरीजों को यह परेशानी उठानी पड़ रही है, यह बड़ा सवाल है। यहाँ जिम्मेदार लोग इस बदहाली पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं और ऐसा लगता है कि यहाँ कोई नियम-कानून काम नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों के मन में यह सवाल भी है कि यहाँ पिछले 15 सालों से जमे डॉक्टरों को कब हटाया जाएगा। जालौन के CMO इस पर कब ध्यान देंगे और इन पर कब कार्रवाई होगी, जनता इसका जवाब चाहती है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन पकड़े गए शराब तस्करों के पास से करीब तीन दर्जन से अधिक देशी शराब के क्वाटर बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक गाँव में सफाई न होने और गंदगी के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव की नाली टूट चुकी है, जिससे चारों तरफ पानी भर जाता है और लोगों का रास्ता बंद हो जाता है। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल यह है कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते और महीने-दो महीने में एकाध बार ही गाँव का रुख करते हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी घोर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रधान भी गाँव में कुछ नहीं बनवा रहे हैं, जिसके कारण पूरे गाँव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने गांधी चबूतरे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षाएं कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जवाबदेही तय होना बेहद आवश्यक है। बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग जाता है, इसलिए सरकार को एक बेहद सख्त व्यवस्था लागू करनी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।4
- जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र स्थित चंदकुआं चौराहे पर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की। इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष रामानंद कुशवाहा ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों के कारण छात्र और युवा वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। जिलाध्यक्ष रामानंद कुशवाहा ने कहा कि छात्रों के हितों की लगातार की जा रही अनदेखी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर कदम उठाने को कहा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से हटने की मांग की। इस प्रदर्शन की वजह से चंदकुआं चौराहे पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जुट गई, हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के मुद्दों पर सरकार ने शीघ्र ही सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर शिवम यादव, माधव कुशवाहा, मुलायम सिंह, कौशल किशोर, प्रदीप अहिरवार, कार्तिक पटेल, हरिओम और मनीष सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- वाराणसी में डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से आधुनिक और सुदृढ़ अवसंरचना के विकास को नई गति मिल रही है। इसी कड़ी में प्रस्तावित 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से आवागमन में लगने वाले समय में कमी आएगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात का भारी दबाव भी काफी हद तक नियंत्रित हो सकेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी में व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी एक नई मजबूती मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय बाजारों और व्यवसायों को लाभ होने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का सफर भी काफी सुगम हो जाएगा। यह मजबूत परिवहन ढांचा स्थानीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस रेंज के आकाश कुलहरि के आदेश और एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश की गई है। इसके तहत जिले के सभी थानों में ऑनलाइन कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से थानों में डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत अब जिला पुलिस कार्यालय से सीधे फरियादियों की सुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही यह संकल्प भी लिया गया है कि प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति की त्वरित सुनवाई हो, व्यवस्था में जवाबदेही तय की जा सके और जनता के साथ पुलिस का बेहतर व्यवहार स्थापित हो।2
- जालौन कोतवाली पुलिस ने एक घर में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को चोरी के सोने-चांदी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी विवेक (उम्र लगभग 18 वर्ष), ग्राम हरकौती का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए एक जोड़ी कान के कुंडल, मंगलसूत्र का पेंडल, एक झल्लर पेटी और एक जोड़ी पायल बरामद की है। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ कोतवाली जालौन में मु0अ0सं0 155/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और बढ़ोत्तरी धारा 317(2) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस पूछताछ में आरोपी विवेक ने खुलासा किया कि उसने बीते 19 जुलाई 2026 को अपने ही गांव के रहने वाले कृपाल (पुत्र हंशे) के घर के कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़कर इन जेवरातों की चोरी की थी। वह इन चोरी किए गए आभूषणों को बेचने के इरादे से उरई जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर जरूरी कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक निसार अहमद, हेड कांस्टेबल विमल कुमार, आरक्षी मनोज कुन्तल और आरक्षी जितेंद्र कुमार पाल शामिल रहे।1
- अलीगढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। सड़कों पर पानी भर जाने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात तब और गंभीर हो गए जब कई स्थानों पर नालियों का पानी भी सड़कों पर आ गया। इस विकट स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जलनिकासी व्यवस्था में तुरंत सुधार करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से शीघ्र पानी निकासी कराने की पुरजोर मांग की है। हालिया रिपोर्टों में भी अलीगढ़ के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव की यही गंभीर समस्या सामने आई है।1
- जालौन की कालपी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत करमचंदपुर गांव में स्थित अस्थायी गौशाला में गोवंशों की भारी दुर्दशा और बदइंतजामी का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में जहां इस गौशाला में 82 गोवंश दर्ज हैं, वहीं मौके पर सिर्फ 45 गायें ही मौजूद मिली हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और कागजी दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गोवंशों के लिए न तो पर्याप्त चारा उपलब्ध है और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है। गायें पिछले कई दिनों से भूख और प्यास से बेहाल हैं और चारा रखने की जगहें भी खाली पड़ी हैं। करीब 10 दिन पहले भी इस गौशाला की बदहाली को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद थोड़ा भूसा उपलब्ध कराया गया था, लेकिन वह व्यवस्था भी जल्द ही खत्म हो गई। अब गोवंश फिर से भूख के संकट का सामना कर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले से आंखें मूंदे बैठे हैं। इस अव्यवस्था का खामियाजा ग्रामीणों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि पर्याप्त भोजन न मिलने पर गायें गौशाला से निकलकर खेतों में जा रही हैं जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इसके अलावा, गोवंशों को कीचड़ और गंदगी से भरे स्थानों पर रखा जा रहा है जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ दिन पहले गंदगी और देखभाल के अभाव में एक गाय की मौत भी हो चुकी है। कागजों में दर्ज 82 गोवंशों और मौके पर मौजूद 45 गायों के बीच का यह बड़ा अंतर एक गंभीर जांच का विषय है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और संबंधित अधिकारियों से इस गौशाला की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि बेजुबानों के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित हो सके और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गोसंरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि गौशालाओं में ऐसी बदहाली बनी हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है।4