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भागलपुर बिहार कहलगांव दंगल कुश्ती प्रतियोगिता नन्दन पहलवान डिहारी
Nandan yadav
भागलपुर बिहार कहलगांव दंगल कुश्ती प्रतियोगिता नन्दन पहलवान डिहारी
More news from Sahebganj and nearby areas
- भागलपुर बिहार कहलगांव दंगल कुश्ती प्रतियोगिता नन्दन पहलवान डिहारी1
- सो कृपया ध्यान दें झारखंड का निवासी भाई बहन लोग वीडियो पर ज्यादा ज्यादा शेयर करने के कष्ट करें और क्या बोलूं हमें कुछ समझ में नहीं आ रहा है 😱👀🤣1
- प्राणपुर के महानंदा तटबंध की सड़क की स्थिति है जर्जर राहगीरों को आवागमन करने में हो रही परेशानी कटिहार जिला के प्राणपुर प्रखंड के महानंदा तटबंध पर बनी सड़क की स्थिति है जर्जर होने से राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह सड़क जल्ला हरेराम पुर गांव से काठघर दुर्गापुर गांव तक सड़क का स्थिति काफी जर्जर एवं इसमें काफी बड़े बड़े गड्ढे बन चुके हैं इस कारण राहगीरों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वही राहगीरों एवं उसे इलाके के लोगों को दिन रात काफी परेशानी की सामना करना पड़ता है प्रत्येक दिन सैकड़ो लोगों को इसी टट बंध से प्रखंड मुख्यालय आपने जिला मुख्यालय आते जाते हैं स्थानीय लोगों का मुताबिक रात में जर्जर सड़क एवं गड्ढे के कारण हर दिन कोई ना कोई हादसा होते रहता है ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में बताया है लेकिन अभी तक विभागीय अधिकारियों के तरफ से किसी प्रकार का कार्रवाई नहीं की गई है ग्रामीण विकास मंडल मनोज कुमार शंभू मंडल राजेश कुमारऔर हिमांशु कुमार शहीत दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से तटबंध का जल्द मरम्मत कराने का मांग कि है।1
- मंगल बाजार के अभिनव मार्केट मैं कटरा दुकानदारों को खाली करने का आदेश कटिहार की हृदय स्थलीय शहीद चौक के समीप मंगल बाजार के अभिनव मार्केट मैं कटरा दुकानदारों को खाली करने का आदेश दिया गया था डी डी सी का कहना है कि यह मार्केट काफी जर्जर स्थिति में है और यहां पर एक नया कम्प्लेक्स बनाया जाएगा अभिनव मार्केट की दुकानदारों का कहना है कि हम लोग डेवलपमेंट के खिलाफ नहीं है मगर हम लोग यहां लगभग 30 वर्षों से अपना व्यवसाय कर रहे है पूरे कटरे में लगभग 36 दुकानदार हैं इन दुकानदारों की रोजी-रोटी यही है अगर वह यह कटरा छोड़ देंगे तो अपना परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे जब तक उन्हें लिखित रूप से कहीं और जगह नहीं दी जाती है इस कटरे को खाली नहीं करेंगे और अगर मार्केट जर्जर है तो मरम्मत का काम करवा दें नहीं तो अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे अगर कंपलेक्स ही बनाना है तो उन्हें भी इसमें पहले की तरह दुकान दी जाए कम्प्लेक्स बनाने मेंसाल 2 साल अगर लगते हैं तो तब तक यह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे1
- दुर्गा माँ की प्रतिमा विसर्जन का अनुमति नहीं मिलने के बाद पंडाल के बगल में तालाब की खुदाई। "जो था असाध्य, साधने चला। जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। हरि ने भीषण हुंकार किया, अपना स्वरूप-विस्तार किया, डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान् कुपित होकर बोले- 'जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे। यह देख, गगन मुझमें लय है, यह देख, पवन मुझमें लय है, मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल। अमरत्व फूलता है मुझमें, संहार झूलता है मुझमें।'" #highlightseveryone #durgapujaspecial❤️ #everyonefollowers Kalipith - कालीपीठ1
- RPIA राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साहकनौजिया पूर्व संसद प्रत्याशी कटिहार बिहार RPIA Rashtriy sachiv basukinath Shah kanaujiya पूर्व संसद प्रत्याशी कटिहार बिहार ऑल इंडिया रेलवे शु शाइन वर्कर यूनियन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष1
- टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन. टालीपाड़ा में नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई, सुहागिनों ने खेली सिंदूर की होली बंगाली परंपरा के अनुसार ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत के बीच गंगा तट पर हुआ प्रतिमा विसर्जन. मनिहारी(कटिहार ) मनिहारी के टालीपाड़ा में शुक्रवार की संध्या मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नम आंखों से किया गया। इससे पहले बंगाली परंपरा के अनुसार सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर की होली खेली और मां को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान टालीपाड़ा का माहौल भक्ति, उल्लास और भावुकता से सराबोर रहा। ढोल-ढाक की धुन, नृत्य और संगीत के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर गंगा तट पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां से अगले वर्ष फिर आने की कामना की। इस अवसर पर ओली गुहा, शिप्रा गुहा, रुमा गुहा, दीपांशा, शिल्पी, देवोश्री और लिली हालदर ने बताया कि टालीपाड़ा में बंगाली पद्धति से मां दुर्गा की पूजा की जाती है। पूजा के सभी विधान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होते हैं। विजयादशमी के अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरा भी इसी विधि-विधान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस रस्म में बंगाली समुदाय की महिलाओं के साथ स्थानीय महिलाएं भी मिल-जुलकर भाग लेती हैं। सभी महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशियां बांटती हैं। यह परंपरा आपसी प्रेम, सौहार्द और एकजुटता का संदेश देती है। इसके बाद ढाक-ढोल की धुन पर नृत्य-संगीत करते हुए मां की प्रतिमा को गंगा तट ले जाया गया। वहां श्रद्धा के साथ विसर्जन कर मां को विदाई दी गई।1
- बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला बारसोई में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कहीं एक साल से निर्माण ठप, तो कहीं पंचायत सरकार भवन पर लटका ताला महेशपुर और कमरोल पंचायत के ग्रामीणों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, प्रमाण पत्रों के लिए प्रखंड कार्यालय जाने की मजबूरी बारसोई (कटिहार)। गांवों में ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय की दौड़ से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। प्रखंड बारसोई की पंचायत महेशपुर में बिहार सरकार भवन का निर्माण करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कमरोल पंचायत में पंचायत सरकार भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी भवन ही बंद रहेंगे, तो ग्रामीणों को सुविधाएं आखिर कैसे मिलेंगी? महेशपुर में शिलान्यास के बाद थम गया निर्माण कार्य महेशपुर पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले वर्ष पुरानी मार्केट में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए दुकानों और मकानों को हटाया गया था। इसके बाद बिहार सरकार भवन का शिलान्यास हुआ, जिससे लोगों में उम्मीद जगी कि अब पंचायत स्तर पर ही जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन सहित अन्य सरकारी कार्यों की सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों को लगा कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और पंचायत में विकास की रफ्तार तेज होगी। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य करीब एक साल से बंद है। निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे योजना की जानकारी और कार्य की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। महेशपुर पंचायत के मुखिया अयूब अली ने बताया कि संवेदक काम बंद कर गायब हैं। उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। संबंधित पदाधिकारियों से भी बात की गई, परंतु संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही उच्चाधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग करेंगे और काम बंद रहने के कारणों की जानकारी लेंगे। कमरोल में भवन तो बना, लेकिन सुविधाओं पर ताला! महेशपुर के बाद कमरोल पंचायत से भी सरकारी व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई। यहां पंचायत सरकार भवन में आरटीपीएस काउंटर समेत पूरे भवन पर ताला लटका मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन महीने में मुश्किल से एक-दो दिन ही खुलता है। नियमित रूप से कार्यालय नहीं खुलने के कारण लोगों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित जरूरी कार्यों के लिए बारसोई प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण होने पर उन्हें उम्मीद थी कि यह मिनी ब्लॉक के रूप में काम करेगा और अधिकांश बुनियादी सरकारी सेवाएं पंचायत में ही मिलेंगी। लेकिन भवन के नियमित रूप से नहीं खुलने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य दिनों में पदाधिकारी, कर्मी और जनप्रतिनिधि यहां नजर नहीं आते तथा राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर ही झंडोत्तोलन होता है। ग्रामीणों ने उठाए सवाल, व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग महेशपुर में निर्माण कार्य बंद रहने और कमरोल में पंचायत सरकार भवन नियमित रूप से नहीं खुलने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो और वहां नियमित रूप से कामकाज हो। केवल भवन बन जाने से विकास नहीं होगा, बल्कि उसमें पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति तथा सेवाओं का संचालन भी जरूरी है। ग्रामीण मो. रिजाबुल, मो. हुसैन, संतोष कुमार रजक, माया कुमारी, सऊद आलम, अलीमुद्दीन, मिथुन दास, मास्टर नदीम, मोहन कुमार, असगर अली सहित अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से महेशपुर में निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और कमरोल पंचायत सरकार भवन को नियमित रूप से खोलने की मांग की है।1