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जनपद उन्नाव के हसनगंज तहसील क्षेत्र में अजगैन पुलिस की बदमाशों से भिड़ंत हो गई। जानकारी के अनुसार, ये बदमाश एक ट्रक चालक से लूट की घटना में शामिल थे। इस भिड़ंत के साथ ही उन्नाव जनपद पुलिस का 'लंगड़ा अभियान ऑपरेशन' लगातार जारी है।
✍️पत्रकार अनिल सिंह चौहान🎤
जनपद उन्नाव के हसनगंज तहसील क्षेत्र में अजगैन पुलिस की बदमाशों से भिड़ंत हो गई। जानकारी के अनुसार, ये बदमाश एक ट्रक चालक से लूट की घटना में शामिल थे। इस भिड़ंत के साथ ही उन्नाव जनपद पुलिस का 'लंगड़ा अभियान ऑपरेशन' लगातार जारी है।
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- जनपद उन्नाव के हसनगंज तहसील क्षेत्र में अजगैन पुलिस की बदमाशों से भिड़ंत हो गई। जानकारी के अनुसार, ये बदमाश एक ट्रक चालक से लूट की घटना में शामिल थे। इस भिड़ंत के साथ ही उन्नाव जनपद पुलिस का 'लंगड़ा अभियान ऑपरेशन' लगातार जारी है।4
- भारत में एक विवाहिता अपने तलाक के मुकदमे के दौरान अपने वकील के 'पेशेवर कदाचार' का शिकार हुई है। आरोपों के अनुसार, वकील ने महिला से सारी जानकारी हासिल कर उसे ‘ट्रैप में ले लिया’। पीड़िता ने इस गंभीर और चिंताजनक मामले को मीडिया के सामने रखा, जो पेशेवर और नैतिक सीमाओं के घोर उल्लंघन को दर्शाता है। तलाक के मामलों में अक्सर पीड़ितों को अत्यधिक भावनात्मक और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, जिसका ऐसे मामलों में कुछ वकील फायदा उठाते हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में महिलाओं को तुरंत कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज, केस की फाइलें और सबूत मौजूदा वकील से वापस लेने और अपना नया केस किसी भरोसेमंद या महिला वरिष्ठ वकील को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, शादी का सपना दिखाने वाले मौजूदा वकील से सभी प्रकार के संपर्क तुरंत तोड़ना हितकर बताया गया है। पीड़िता भारतीय दंड संहिता (#IPC) या नए भारतीय न्याय संहिता (#BNS) के तहत वकील के खिलाफ एफआईआर (#FIR) दर्ज करा सकती हैं। इसमें विश्वासघात और धोखाधड़ी (यदि वकील ने कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यौन शोषण किया है) और गर्भपात के लिए दबाव (अपनी मर्जी के खिलाफ गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना) जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। इस हेतु स्थानीय पुलिस स्टेशन या महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर तुरंत कॉल करने की भी बात कही गई है। बिना डरे किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच (#MedicalEvidence) करवाकर अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स (#MedicalPregnancyReports) सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। ये मेडिकल रिपोर्ट्स और पीड़िता के इंटरव्यू में लगाए गए आरोप अदालत में सबसे मजबूत सबूत बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बार काउंसिल (#BarCouncil) में भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। यह वकील का 'पेशेवर कदाचार' (#ProfessionalMisconduct) है। महिला अपने राज्य की स्टेट बार काउंसिल में 'मंदिर में शादी' और 'गर्भपात का दबाव' बनाने वाले वकील के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जिससे उसका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। भारत के कानून (#MTPAct) के अनुसार, पीड़िता को अपनी गर्भावस्था को लेकर निर्णय लेने का पूरा कानूनी और शारीरिक अधिकार है। यदि गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ है या उसे इसके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, तो इसके खिलाफ कानूनी मदद लेने की सलाह दी गई है।1
- योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके लिए परिवार के समान है।1
- उन्नाव जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान जारी है। इस अभियान के तहत 1 अप्रैल से अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन ने मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। टास्क फोर्स द्वारा हर दूसरे दिन रात में औचक निरीक्षण किया जा रहा है, वहीं प्रमुख चेक प्वाइंटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन सड़कों पर न चल सकें। एआरटीओ के अनुसार, 1 अप्रैल से अब तक लगभग 750 वाहनों पर बिना नंबर प्लेट के लिए कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, ओवरलोडिंग के आरोप में लगभग 250 वाहनों का चालान कर उन्हें बंद किया गया है, जबकि क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले करीब 170 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। सड़क हादसों का कारण बनने वाले नो पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाकर 125 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। बिना नंबर प्लेट या नंबर छिपाकर चलने वाले 724 डंपर और ट्रकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें नंबर प्लेट पर कालिख पोतना, कीचड़ लगाना या नंबर अधूरा प्रदर्शित करने जैसी शिकायतें शामिल थीं; ऐसे वाहनों पर पहले चालान और फिर सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों पर भी कार्रवाई करते हुए 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। इस अभियान से अब तक लगभग दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एआरटीओ ने यह भी बताया कि ओवरलोडिंग में काफी कमी आई है और पहले की तुलना में सड़क पर ओवरलोड वाहन कम दिखाई दे रहे हैं। विभाग का लक्ष्य ओवरलोडिंग को पूरी तरह समाप्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रिकालीन अभियान लगातार जारी रहेगा और टास्क फोर्स समय-समय पर कार्रवाई करती रहेगी, जिसमें ओवरलोडिंग और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।4
- जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक तीन दिवसीय विकास प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। विधायक किरण सिंह देव ने फीता काटकर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसे उन्होंने देश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'नए भारत' की उपलब्धियों का एक सशक्त प्रदर्शन बताया। यह भव्य प्रदर्शनी मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत करती है।1
- लखनऊ में पोस्टेड उत्तर प्रदेश की असिस्टेंट कमिश्नर श्रद्धा पांडेय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने कुल 593 नंबर प्राप्त किए हैं, जिसके बाद उनके लिए एसडीएम का पद आसानी से प्राप्त होने की संभावना है। इस परीक्षा में शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592 नंबर लाकर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्तमान में यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर कार्यरत श्रद्धा पांडेय अब बिहार में एसडीएम के रूप में कार्यभार संभालेंगी।1
- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने योगा का समर्थन करते हुए कहा है कि यह सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि मदरसों में प्रतिदिन 15 मिनट का योगा अभ्यास कराया जाना चाहिए। मौलाना रजवी ने यह भी स्पष्ट किया कि योगा को किसी विशिष्ट स्थान तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे मस्जिद के पास पार्कों में या मदरसों सहित किसी भी उपलब्ध जगह पर किया जा सकता है।1
- सुल्तानपुर जनपद के दियारा घाट स्थित गोमती नदी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां बहती दिखाई देने से स्थानीय लोगों में गहरी चिंता का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी के किनारे और जलधारा में सैकड़ों मछलियां मृत अथवा अचेत अवस्था में बहती नजर आईं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना को असामान्य बताते हुए कहा कि इतनी भारी संख्या में मछलियों का अचानक मरना सामान्य नहीं है, और इसे लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों ने आशंका जताई है कि मछलियों के मरने का कारण जल प्रदूषण, नदी में ऑक्सीजन की कमी, या कोई अन्य अज्ञात वजह हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से इस मामले की तत्काल जांच कर मछलियों के मरने के वास्तविक कारणों का पता लगाने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है, लेकिन फिलहाल प्रशासन या मत्स्य विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि मछलियों के मरने की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1