पहली ही बारिश में डूबा जख्खोपुर का सरकारी प्राइमरी स्कूल वार्ड नंबर-9 में जलभराव से बच्चों की पढ़ाई ठप, समय से पहले करनी पड़ी छुट्टी; हर साल दोहराई जाती है समस्या सोहना। संवाददाता राजेन्द्र कुमार होटला मानसून की पहली ही बारिश ने नगर परिषद सोहना के वार्ड नंबर-9 स्थित जख्खोपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। सोमवार को हुई बारिश के बाद स्कूल परिसर में चारों ओर पानी भर गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई। हालात ऐसे बन गए कि विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए समय से पहले छुट्टी करनी पड़ी। बारिश का पानी स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार, प्रांगण और कक्षाओं के आसपास जमा हो गया। छोटे-छोटे बच्चों को पानी के बीच होकर स्कूल से बाहर निकलना पड़ा, जबकि शिक्षक भी जलभराव के कारण परेशान नजर आए। विद्यालय में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित रहा। स्कूल प्रिंसिपल बिमलेश कुमारी ने बताया कि विद्यालय में बारिश के पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसी कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। इस समस्या से पार्षद , एव्म संबंधित विभाग को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। पार्षद एडवोकेट मुकेश कुमार ( मोगली ) ने बताया सूचना मिलने पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी मौके भेजे और नालियों की सफाई कर स्कूल परिसर से पानी की निकासी कराई गई । इसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी समाधान से काम नहीं चलेगा। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद व प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर वर्ष बारिश के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
पहली ही बारिश में डूबा जख्खोपुर का सरकारी प्राइमरी स्कूल वार्ड नंबर-9 में जलभराव से बच्चों की पढ़ाई ठप, समय से पहले करनी पड़ी छुट्टी; हर साल दोहराई जाती है समस्या सोहना। संवाददाता राजेन्द्र कुमार होटला मानसून की पहली ही बारिश ने नगर परिषद सोहना के वार्ड नंबर-9 स्थित जख्खोपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। सोमवार को हुई बारिश के बाद स्कूल परिसर में चारों ओर पानी भर गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी
तरह प्रभावित हुई। हालात ऐसे बन गए कि विद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए समय से पहले छुट्टी करनी पड़ी। बारिश का पानी स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार, प्रांगण और कक्षाओं के आसपास जमा हो गया। छोटे-छोटे बच्चों को पानी के बीच होकर स्कूल से बाहर निकलना पड़ा, जबकि शिक्षक भी जलभराव के कारण परेशान नजर आए। विद्यालय में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित रहा। स्कूल प्रिंसिपल बिमलेश कुमारी ने बताया
कि विद्यालय में बारिश के पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसी कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है। इस समस्या से पार्षद , एव्म संबंधित विभाग को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। पार्षद एडवोकेट मुकेश कुमार ( मोगली ) ने बताया सूचना मिलने पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी मौके भेजे और नालियों
की सफाई कर स्कूल परिसर से पानी की निकासी कराई गई । इसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी समाधान से काम नहीं चलेगा। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद व प्रशासन से मांग की है कि स्कूल परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर वर्ष बारिश के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
- फिरोजपुर झिरका में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, प्रशासन ने सड़क किनारे कब्जे हटाए फिरोजपुर झिरका में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया। अभियान के दौरान जेसीबी की मदद से दुकानों और अन्य अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। प्रशासन ने कहा कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।1
- समाज की सामाजिक बुराइयों के अंत के लिए होगी महापंचायत हथीन के पूर्व विधायक प्रवीण डागर ने दिया निमंत्रण1
- पति की दूसरी शादी की सूचना पर मैरिज लॉन पुलिस लेकर पहुंची पहली पत्नी कानपुर के श्यामनगर क्षेत्र में पति की दूसरी शादी की सूचना मिलने पर पहली पत्नी अपने परिजनों के साथ चौधरी मैरिज लॉन पहुंच गई, जहां जमकर हंगामा हुआ। । करीब एक घंटे तक मैरिज लॉन में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पति की दूसरी शादी की सूचना पर मैरिज लॉन पुलिस लेकर पहुंची पहली पत्नी कानपुर के श्यामनगर क्षेत्र में पति की दूसरी शादी की सूचना मिलने पर पहली पत्नी अपने परिजनों के साथ चौधरी मैरिज लॉन पहुंच गई, जहां जमकर हंगामा हुआ। । करीब एक घंटे तक मैरिज लॉन में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1
- फरीदाबाद गांव दयालपुर के युवक की यूपी में हत्या, वाराणसी से दर्शन कर परिवार समेत लौट रहा था घर। फर्रुखाबाद में नेशनल हाईवे पर उस समय सनसनी फैल गई जब देर रात वाराणसी से दर्शन कर परिवार के साथ लौट रहे एक युवक की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। युवक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ हाईवे किनारे एक दुकान पर कोल्ड ड्रिंक और चिप्स लेने के लिए रुका था। तभी कार सवार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।। फर्रुखाबाद के कादरीगेट थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 9 बजे हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी। फरीदाबाद के दयालपुर निवासी 32 वर्षीय अरुण हुड्डा अपनी पत्नी राखी और बच्चे के साथ कार से वाराणसी दर्शन के लिए गए थे। रविवार को परिवार के साथ वापस लौटते समय वह पांचाल घाट के पास एक किराना दुकान पर रुके।जब म्रतक अरुण ने दुकान से कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और पानी की बोतल खरीदी। वह कोल्ड ड्रिंक खोलकर उसमें नमक डाल रहे थे1
- गुरुग्राम के सेक्टर-50 में मंदिर की दीवार व मूर्तियां तोड़े जाने पर बवाल गुस्साए लोगों ने की सड़क जाम साउथ सिटी 2 में मंदिर की दीवार और मूर्ति खंडित करने पर भड़के लोग बाबा बालकनाथ मंदिर के बाहर भगवान की मूर्ति खंडित होने से स्थानीय निवासियों में रोष स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप एसीपी ने लोगो को समझाबुझा किया मामले को शांत साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित साउथ सिटी-2 में बाबा बालकनाथ मंदिर की चारदीवारी और प्राचीन मूर्तियों को खंडित किए जाने के बाद स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और इस कार्रवाई को धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे इलाके में आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और मंदिर के साधु-संतों ने प्रशासन व भू-माफिया की मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि करीब 70-80 साल पुराने और पंचायती जमीन पर बने इस मंदिर परिसर पर कुछ भू-माफिया जबरन कब्जा करना चाहते हैं। बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी और हाइड्रा मशीनों से मंदिर की दीवार गिरा दी गई तथा भगवान शिव और शीतला माता की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सड़क जाम और बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ पहुंचे एसीपी ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने गुस्साए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ और सड़क पर यातायात बहाल कराया जा सका। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।1
- जिला एवं सत्र न्यायालय का सख्त फैसला : व्यापारी का अपहरण कर आठ लाख से अधिक की फिरौती वसूलने वाले दो दोषियों को उम्रकैद नूंह। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने वर्ष 2017 में महाराष्ट्र के एक व्यापारी को कारोबार का झांसा देकर हरियाणा बुलाने, उसका अपहरण करने और उससे 8 लाख से अधिक की फिरौती वसूलने के मामलें में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामलें में दोषी पाए गए मुबारिक निवासी गांव चाहल्का तथा रतिराम निवासी गांव पलड़ी, जिला नूंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है । पुलिस प्रवक्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के सांगमनेर निवासी व्यवसायी संजय भगचंद असावा ने अगस्त 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक कथित कारोबारी द्वारा सस्ते दामों पर जंबो बैग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था। बातचीत ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट और व्हाट्सएप के माध्यम से हुई। आरोपी पक्ष ने उन्हें माल देखने के लिए हरियाणा बुलाया। शिकायतकर्ता 9 अगस्त 2017 को हरियाणा पहुंचे, जहां उन्हें एक कार में बैठाकर गांव पल्ला स्थित एक फार्म हाउस में ले जाया गया। वहां चार लोगों ने उन्हें बंधक बना लिया, उनकी तलाशी लेकर नकदी, मोबाइल फोन और सोने की अंगूठी छीन ली तथा रिहाई के बदले भारी रकम की मांग की। आरोपियों ने पहले 20 लाख की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। भय और दबाव के माहौल में लंबे समय तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपियों ने 8 लाख रुपये की फिरौती पर सहमति जताई। अगले दिन शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र को फोन कर रकम की व्यवस्था करने के लिए कहा । फिरौती की राशि मिलने के बाद आरोपियों ने उन्हें छोड़ दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतार दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर नूंह पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया और जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। मामलें की सुनवाई लगभग नौ वर्षों तक अदालत में चली, जिसके दौरान पुलिस ने विभिन्न साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने 27 जुलाई को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद मंगलवार 28 जुलाई को सजा सुनाते हुए अदालत ने दोनों दोषियों को विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास व जर्माने की सजा सुनाई।1