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विश्व मलेरिया दिवस: नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल ने मलेरिया मुक्त भारत का लिया संकल्प नरसिंहपुर: आज 'विश्व मलेरिया दिवस' के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के तत्वावधान में नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल द्वारा मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष का संकल्प है—"मलेरिया खत्म करने का संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा।" ​कार्यक्रम के दौरान डॉ. आर. आर. कुर्रे ने उपस्थित समुदाय, सरकारी संगठनों और नागरिकों को मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति सतर्क रहने और एकजुट होकर इसे समाज से जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। ​डॉ. कुर्रे ने स्पष्ट किया कि मलेरिया एक परजीवी जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है

3 hrs ago
user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

विश्व मलेरिया दिवस: नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल ने मलेरिया मुक्त भारत का लिया संकल्प नरसिंहपुर: आज 'विश्व मलेरिया दिवस' के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के तत्वावधान में नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल द्वारा मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष का संकल्प है—"मलेरिया खत्म करने का संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा।" ​कार्यक्रम के दौरान डॉ. आर. आर. कुर्रे ने उपस्थित समुदाय, सरकारी संगठनों और नागरिकों को मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति सतर्क रहने और एकजुट होकर इसे समाज से जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। ​डॉ. कुर्रे ने स्पष्ट किया कि मलेरिया एक परजीवी जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है

More news from Narsinghpur and nearby areas
  • अमरवाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम साहवन निवासी पन्नालाल अपने दोस्त नरेश के साथ में बाइक से नरसिंहपुर किसी काम से आ रहा था उसी दौरान सिंहपुर के पास बाइक का अगला टायर फट गया जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों बाइक से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए वही उन्होंने घटना की सूचना अपने परिजनों को दी और परिजन घर से वाहन लेकर घटना स्थल पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया जहां दोनों घायलों का डॉक्टर के द्वारा जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
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    अमरवाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम साहवन निवासी पन्नालाल अपने दोस्त नरेश के साथ में बाइक से नरसिंहपुर किसी काम से आ रहा था उसी दौरान सिंहपुर के पास बाइक का अगला टायर फट गया जिससे बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों बाइक से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए वही उन्होंने घटना की सूचना अपने परिजनों को दी और परिजन घर से वाहन लेकर घटना स्थल पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया जहां  दोनों घायलों का डॉक्टर के द्वारा जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    4 hrs ago
  • विश्व मलेरिया दिवस: नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल ने मलेरिया मुक्त भारत का लिया संकल्प आशीष कुमार दुबे ​नरसिंहपुर: आज 25 अप्रैल 2026 को 'विश्व मलेरिया दिवस' के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के तत्वावधान में नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल द्वारा मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष का संकल्प है—"मलेरिया खत्म करने का संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा।" ​कार्यक्रम के दौरान डॉ. आर. आर. कुर्रे ने उपस्थित समुदाय, सरकारी संगठनों और नागरिकों को मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति सतर्क रहने और एकजुट होकर इसे समाज से जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। ​क्या है मलेरिया और कैसे फैलता है?::- ​डॉ. कुर्रे ने स्पष्ट किया कि मलेरिया एक परजीवी जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम, प्लाज्मोडियम विवैक्स और प्लाज्मोडियम ओवल जैसे परजीवी रक्त के माध्यम से लीवर तक पहुँचते हैं और संक्रमण फैलाते हैं। ​यह बीमारी कैसे फैलती है? ​संक्रमित मच्छर का काटना। ​संक्रमित खून चढ़वाना। ​संक्रमित सुई (सिरिंज) का दोबारा इस्तेमाल करना।:- ​डिलीवरी के समय संक्रमित माँ से बच्चे को। मलेरिया छूने, साथ बैठकर भोजन करने या खांसने-छींकने से नहीं फैलता है। यह भ्रम मन से निकाल देना चाहिए। ​किन्हें है ज्यादा खतरा?::- ​5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कम इम्यूनिटी वाले लोग और मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों में इसका खतरा सबसे अधिक होता है। ​मलेरिया के सामान्य लक्षण ​ठंड के साथ तेज बुखार और पसीना आना। ​सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द। ​उल्टी, कमजोरी, थकान और भूख न लगना। ​पेट दर्द के साथ दस्त होना। ​बचाव और उपाय (स्वच्छता ही सुरक्षा) ​डॉ. कुर्रे ने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए 'ड्राई डे' मनाने का सुझाव दिया: ​पानी जमा न होने दें: गमले, टायर, कूलर और नालियों में पानी जमा न होने दें। रुके हुए पानी में ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन या जला हुआ तेल डालें। सोते समय कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं और फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।लार्वा को नष्ट करने के लिए गम्बूसिया मछली का उपयोग किया जा सकता है। ​सरकार द्वारा नि:शुल्क सुविधा ​सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध है। यदि किसी को भी ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ​हमारा सामूहिक संकल्प::- मलेरिया से हर साल लाखों मौतें होती हैं। आइए, हम सब मिलकर अपने आसपास साफ-सफाई रखें, जलजमाव को रोकें और मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का खात्मा करें। मच्छरों पर वार और स्वच्छता के साथ ही हम एक स्वस्थ और मलेरिया-मुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।
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    विश्व मलेरिया दिवस: नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल ने मलेरिया मुक्त भारत का लिया संकल्प
आशीष कुमार दुबे ​नरसिंहपुर: आज 25 अप्रैल 2026 को 'विश्व मलेरिया दिवस' के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के तत्वावधान में नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल द्वारा मलेरिया के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस वर्ष का संकल्प है—"मलेरिया खत्म करने का संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा।"
​कार्यक्रम के दौरान डॉ. आर. आर. कुर्रे ने उपस्थित समुदाय, सरकारी संगठनों और नागरिकों को मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति सतर्क रहने और एकजुट होकर इसे समाज से जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया।
​क्या है मलेरिया और कैसे फैलता है?::-
​डॉ. कुर्रे ने स्पष्ट किया कि मलेरिया एक परजीवी जनित बीमारी है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम, प्लाज्मोडियम विवैक्स और प्लाज्मोडियम ओवल जैसे परजीवी रक्त के माध्यम से लीवर तक पहुँचते हैं और संक्रमण फैलाते हैं।
​यह बीमारी कैसे फैलती है?
​संक्रमित मच्छर का काटना।
​संक्रमित खून चढ़वाना।
​संक्रमित सुई (सिरिंज) का दोबारा इस्तेमाल करना।:-
​डिलीवरी के समय संक्रमित माँ से बच्चे को।
मलेरिया छूने, साथ बैठकर भोजन करने या खांसने-छींकने से नहीं फैलता है। यह भ्रम मन से निकाल देना चाहिए।
​किन्हें है ज्यादा खतरा?::-
​5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कम इम्यूनिटी वाले लोग और मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों में इसका खतरा सबसे अधिक होता है।
​मलेरिया के सामान्य लक्षण
​ठंड के साथ तेज बुखार और पसीना आना।
​सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द।
​उल्टी, कमजोरी, थकान और भूख न लगना।
​पेट दर्द के साथ दस्त होना।
​बचाव और उपाय (स्वच्छता ही सुरक्षा)
​डॉ. कुर्रे ने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए 'ड्राई डे' मनाने का सुझाव दिया:
​पानी जमा न होने दें: गमले, टायर, कूलर और नालियों में पानी जमा न होने दें। रुके हुए पानी में ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन या जला हुआ तेल डालें।  सोते समय कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं और फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।लार्वा को नष्ट करने के लिए गम्बूसिया मछली का उपयोग किया जा सकता है।
​सरकार द्वारा नि:शुल्क सुविधा
​सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध है। यदि किसी को भी ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
​हमारा सामूहिक संकल्प::-
मलेरिया से हर साल लाखों मौतें होती हैं। आइए, हम सब मिलकर अपने आसपास साफ-सफाई रखें, जलजमाव को रोकें और मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का खात्मा करें। मच्छरों पर वार और स्वच्छता के साथ ही हम एक स्वस्थ और मलेरिया-मुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आखिर क्यों होना पड़ा आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल
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    आखिर क्यों होना पड़ा आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल
    user_Tara patel - MO,9424301511
    Tara patel - MO,9424301511
    मीडिया कंपनी नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • वन विभाग की सूझबूझ से दोनों की सुरक्षित जान बची; तेंदुए को गांव से दूर जंगल की राह दिखाकर टाला गया संभावित खतरा_ दक्षिण पन्ना वनमण्डल के अंतर्गत रैपुरा रेंज की अलौनी बीट के पास ग्राम मक्केपाला में एक तेंदुए के रेस्क्यू का कार्य वन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। सूचना प्राप्त होते ही वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थल को सुरक्षित किया, भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया तथा सुविचारित रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग ने अत्यंत सूझबूझ एवं तकनीकी समझ का परिचय देते हुए लकड़ी के लट्ठों को आपस में बांधकर तथा उन पर रस्सी लपेटकर एक मजबूत अस्थायी “सीढ़ी” तैयार की। इसे इस प्रकार स्थापित किया गया कि तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकल सके। तेंदुआ गांव की ओर न जाए और केवल जंगल की दिशा में ही अग्रसर हो, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। गांव की ओर अवरोध के रूप में कई वाहन एवं ग्रामीणों के ट्रैक्टर खड़े किए गए, जबकि जंगल की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह साफ किया गया तथा कुछ खेतों की फेंसिंग/बाड़ी को अस्थायी रूप से हटाया गया। साथ ही, पूरे ऑपरेशन के दौरान ऐसी रणनीति अपनाई गई कि तेंदुआ बाहर निकलने के बाद गांव की ओर न जाकर सीधे नजदीकी वन क्षेत्र की ओर अग्रसर हो। विभाग की इस रणनीति के परिणामस्वरूप तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकलकर जंगल की दिशा में चला गया, जिससे किसी भी प्रकार के मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। इस रेस्क्यू की एक विशेष बात यह भी रही कि तेंदुए के साथ एक बछड़ा भी कुएं में गिर गया था। वन विभाग ने न केवल तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता की, बल्कि बछड़े को भी सकुशल बचा लिया। इस प्रकार दोनों ही जीवों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित किया गया, जो वन्यजीव प्रबंधन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेस्क्यू के दौरान एक रोचक व्यवहार भी देखने को मिला, जिसमें बछड़ा समय-समय पर तेंदुए के पास जाकर उसे चाटता एवं उसके साथ सहज रूप से रहता देखा गया। आश्चर्यजनक रूप से तेंदुए ने भी बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और पूरी अवधि में आक्रामक व्यवहार नहीं दिखाया। यह घटना वन्यजीवों के व्यवहार के एक अनोखे पक्ष को दर्शाती है, जहां तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शिकारी एवं शिकार के बीच असामान्य सह-अस्तित्व देखने को मिला। इस अभियान में नवागत उपवनमण्डल अधिकारी श्रीमती रचना शर्मा, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक श्री अंकुर गुप्ता, रैपुरा रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं रैपुरा वन परिक्षेत्र के समस्त वन अमले की सराहनीय भूमिका रही। वनपाल श्रीमती रंजना नागर, श्री रामप्रताप गौतम तथा वनरक्षक श्री बद्री प्रसाद यादव, श्री अरविंद विश्वकर्मा, श्री धीरेन्द्र सिंह, श्री रजनीश चौरसिया, श्री सतीश द्विवेदी, श्री अरविंद सिंह, श्री प्रकाश प्रजापति, श्री कमल प्यासी, श्री सुमंत सिंह, श्री लक्ष्मीकांत तिवारी एवं श्री रामकुंवर सिंह ने इस कार्य में सक्रिय योगदान दिया। इसके अतिरिक्त सरपंच ग्राम पंचायत फतेहपुर श्री नित्यपाल सिंह एवं सहायक सचिव श्री जगदीश सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वनमण्डल द्वारा मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) तथा छतरपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक को स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया गया, जिसके अनुरूप पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के उपरांत भी रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं परिक्षेत्र सहायक श्रीमती रंजना नागर के नेतृत्व में एहतियात के तौर पर निकटवर्ती ग्रामों में मुनादी करवाई गई है। साथ ही, क्षेत्र में निरंतर रात्रि गश्त जारी रखी गई है, ताकि तेंदुआ पुनः भटककर गांव की ओर न आए और स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
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    वन विभाग की सूझबूझ से दोनों की सुरक्षित जान बची; तेंदुए को गांव से दूर जंगल की राह दिखाकर टाला गया संभावित खतरा_
दक्षिण पन्ना वनमण्डल के अंतर्गत रैपुरा रेंज की अलौनी बीट के पास ग्राम मक्केपाला में एक तेंदुए के रेस्क्यू का कार्य वन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। सूचना प्राप्त होते ही वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थल को सुरक्षित किया, भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया तथा सुविचारित रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया।
रेस्क्यू के दौरान वन विभाग ने अत्यंत सूझबूझ एवं तकनीकी समझ का परिचय देते हुए लकड़ी के लट्ठों को आपस में बांधकर तथा उन पर रस्सी लपेटकर एक मजबूत अस्थायी “सीढ़ी” तैयार की। इसे इस प्रकार स्थापित किया गया कि तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकल सके।
तेंदुआ गांव की ओर न जाए और केवल जंगल की दिशा में ही अग्रसर हो, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। गांव की ओर अवरोध के रूप में कई वाहन एवं ग्रामीणों के ट्रैक्टर खड़े किए गए, जबकि जंगल की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह साफ किया गया तथा कुछ खेतों की फेंसिंग/बाड़ी को अस्थायी रूप से हटाया गया।
साथ ही, पूरे ऑपरेशन के दौरान ऐसी रणनीति अपनाई गई कि तेंदुआ बाहर निकलने के बाद गांव की ओर न जाकर सीधे नजदीकी वन क्षेत्र की ओर अग्रसर हो। विभाग की इस रणनीति के परिणामस्वरूप तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकलकर जंगल की दिशा में चला गया, जिससे किसी भी प्रकार के मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
इस रेस्क्यू की एक विशेष बात यह भी रही कि तेंदुए के साथ एक बछड़ा भी कुएं में गिर गया था। वन विभाग ने न केवल तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता की, बल्कि बछड़े को भी सकुशल बचा लिया। इस प्रकार दोनों ही जीवों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित किया गया, जो वन्यजीव प्रबंधन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रेस्क्यू के दौरान एक रोचक व्यवहार भी देखने को मिला, जिसमें बछड़ा समय-समय पर तेंदुए के पास जाकर उसे चाटता एवं उसके साथ सहज रूप से रहता देखा गया। आश्चर्यजनक रूप से तेंदुए ने भी बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और पूरी अवधि में आक्रामक व्यवहार नहीं दिखाया। यह घटना वन्यजीवों के व्यवहार के एक अनोखे पक्ष को दर्शाती है, जहां तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शिकारी एवं शिकार के बीच असामान्य सह-अस्तित्व देखने को मिला।
इस अभियान में नवागत उपवनमण्डल अधिकारी श्रीमती रचना शर्मा, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक श्री अंकुर गुप्ता, रैपुरा रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं रैपुरा वन परिक्षेत्र के समस्त वन अमले की सराहनीय भूमिका रही। वनपाल श्रीमती रंजना नागर, श्री रामप्रताप गौतम तथा वनरक्षक श्री बद्री प्रसाद यादव, श्री अरविंद विश्वकर्मा, श्री धीरेन्द्र सिंह, श्री रजनीश चौरसिया, श्री सतीश द्विवेदी, श्री अरविंद सिंह, श्री प्रकाश प्रजापति, श्री कमल प्यासी, श्री सुमंत सिंह, श्री लक्ष्मीकांत तिवारी एवं श्री रामकुंवर सिंह ने इस कार्य में सक्रिय योगदान दिया। इसके अतिरिक्त सरपंच ग्राम पंचायत फतेहपुर श्री नित्यपाल सिंह एवं सहायक सचिव श्री जगदीश सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि वनमण्डल द्वारा मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) तथा छतरपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक को स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया गया, जिसके अनुरूप पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
रेस्क्यू के उपरांत भी रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं परिक्षेत्र सहायक श्रीमती रंजना नागर के नेतृत्व में एहतियात के तौर पर निकटवर्ती ग्रामों में मुनादी करवाई गई है। साथ ही, क्षेत्र में निरंतर रात्रि गश्त जारी रखी गई है, ताकि तेंदुआ पुनः भटककर गांव की ओर न आए और स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Jay kanare
    1
    Post by Jay kanare
    user_Jay kanare
    Jay kanare
    Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
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    Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    user_पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    पंकज गुप्ता "पत्रकार"
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा, ​नरसिहपुर: जिले के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आज 'नर्मदांचल पत्रकार संगठन' के बैनर तले पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।​क्या है पूरा मामला? पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक वीडियो वायरल कर पत्रकारों पर नकारात्मकता फैलाने जैसे निराधार आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
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    स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा,
​नरसिहपुर: जिले के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आज 'नर्मदांचल पत्रकार संगठन' के बैनर तले पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।​क्या है पूरा मामला? पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक वीडियो वायरल कर पत्रकारों पर नकारात्मकता फैलाने जैसे निराधार आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
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    Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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