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स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा, नरसिहपुर: जिले के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आज 'नर्मदांचल पत्रकार संगठन' के बैनर तले पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।क्या है पूरा मामला? पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक वीडियो वायरल कर पत्रकारों पर नकारात्मकता फैलाने जैसे निराधार आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा, नरसिहपुर: जिले के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आज 'नर्मदांचल पत्रकार संगठन' के बैनर तले पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।क्या है पूरा मामला? पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा एक वीडियो वायरल कर पत्रकारों पर नकारात्मकता फैलाने जैसे निराधार आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
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- साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा। नगर में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि साईखेड़ा में लंबे समय से विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में कलेक्टर के दौरे के बावजूद भी इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे आम जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस दौरान समाजसेवी रंजीत तोमर ने आंदोलन को नया मोड़ देते हुए घोषणा की कि वे शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने नगर के विकास कार्यों की पारदर्शी जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बहाल हो। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन यदि उनकी अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: 1.2 करोड़ के मुक्ति धाम, नगर परिषद भवन, तालाब एवं नाले के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नरहरियानंद तालाब का NGT आदेश अनुसार संरक्षण प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच नगर परिषद की दुकानों का शीघ्र आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच कृषि उपज मंडी और सब्जी बाजार का विकास खेल मैदान का संरक्षण स्वच्छ भारत अभियान की राशि और सामग्री की जांच नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों1
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