साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा। नगर में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि साईखेड़ा में लंबे समय से विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में कलेक्टर के दौरे के बावजूद भी इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे आम जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस दौरान समाजसेवी रंजीत तोमर ने आंदोलन को नया मोड़ देते हुए घोषणा की कि वे शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने नगर के विकास कार्यों की पारदर्शी जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बहाल हो। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन यदि उनकी अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: 1.2 करोड़ के मुक्ति धाम, नगर परिषद भवन, तालाब एवं नाले के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नरहरियानंद तालाब का NGT आदेश अनुसार संरक्षण प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच नगर परिषद की दुकानों का शीघ्र आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच कृषि उपज मंडी और सब्जी बाजार का विकास खेल मैदान का संरक्षण स्वच्छ भारत अभियान की राशि और सामग्री की जांच नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों
साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा। नगर में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि साईखेड़ा में लंबे समय से विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में कलेक्टर के दौरे के बावजूद भी इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे आम जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस दौरान समाजसेवी रंजीत तोमर ने आंदोलन को नया मोड़ देते हुए घोषणा की कि वे शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने नगर के विकास कार्यों की पारदर्शी जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बहाल हो। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन यदि उनकी अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: 1.2 करोड़ के मुक्ति धाम, नगर परिषद भवन, तालाब एवं नाले के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नरहरियानंद तालाब का NGT आदेश अनुसार संरक्षण प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच नगर परिषद की दुकानों का शीघ्र आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच कृषि उपज मंडी और सब्जी बाजार का विकास खेल मैदान का संरक्षण स्वच्छ भारत अभियान की राशि और सामग्री की जांच नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों
- साईखेड़ा में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी, कल से भूख हड़ताल का ऐलान जिला नरसिंहपुर | तहसील गाडरवारा | नगर परिषद साईखेड़ा रिपोर्ट: विकास सियारिया साईखेड़ा। नगर में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि साईखेड़ा में लंबे समय से विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में कलेक्टर के दौरे के बावजूद भी इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे आम जनता में आक्रोश और बढ़ गया है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। इस दौरान समाजसेवी रंजीत तोमर ने आंदोलन को नया मोड़ देते हुए घोषणा की कि वे शनिवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। उन्होंने नगर के विकास कार्यों की पारदर्शी जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास बहाल हो। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन यदि उनकी अनदेखी जारी रही तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें: 1.2 करोड़ के मुक्ति धाम, नगर परिषद भवन, तालाब एवं नाले के निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की उच्च स्तरीय जांच नरहरियानंद तालाब का NGT आदेश अनुसार संरक्षण प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच नगर परिषद की दुकानों का शीघ्र आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं की जांच कृषि उपज मंडी और सब्जी बाजार का विकास खेल मैदान का संरक्षण स्वच्छ भारत अभियान की राशि और सामग्री की जांच नगर परिषद द्वारा खरीदे गए वाहनों1
- Post by Jay kanare1
- सोहागपुर (नर्मदापुरम)- बाबई निवासी नर्मदांचल के वरिष्ठ एवं अनुभवी चिकित्सक आदरणीय डॉक्टर डी.के.रैना जी की बहन ग्वालियर निवासी श्रीमती मंजू दर द्वारा अपनी पूज्यनीय माताजी स्वर्गीय श्रीमती आशा रैना जी की पुण्यतिथि पर उनकी पुण्य स्मृति में सोहागपुर में अपने करीबी मैकेनिकल इंजीनियर श्री मकसूद खान जी के माध्यम से सहयोग राशि भिजवाकर इन जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों को फलफ्रूट,मिष्ठान,नमकीन के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य व सराहनीय कार्य किया गया। ग्वालियर निवासी दीदी मंजू दर का समिति ह्रदय से आभार व्यक्त करती है। ईश्वर आपकी पूज्यनीय माता जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं उनकी दिवंगत पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें ।1
- नशे में बस चला रहे ड्राइवर को सवारियों ने ग्राम शोभापुर के पास रुकवाया, वीडियो वायरल सोहागपुर शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एक बड़ा हादसा टल गया, जब शिव शक्ति बस के चालक द्वारा लापरवाही से वाहन चलाने पर यात्रियों ने बस रुकवा दी। घटना ग्राम शोभापुर के पास व्यास पेट्रोल पंप, महुआ के नजदीक की बताई जा रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस चालक कथित रूप से नशे की हालत में था और तेज रफ्तार में बस चला रहा था। इसी दौरान उसने एक पिकअप वाहन को अचानक कट मार दिया, जिससे बस में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि बस पिपरिया से होशंगाबाद की ओर जा रही थी और रास्ते भर चालक की हरकतों से यात्री पहले से ही परेशान थे। जैसे ही यह घटना हुई, यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बस रुकवाने की मांग कर दी। स्थिति को बिगड़ता देख बस कंडक्टर ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत बस रुकवाई और यात्रियों को शांत कराया। उसकी सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना का वीडियो शनिवार दोपहर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं यात्रियों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते बस नहीं रुकती, तो कोई गंभीर हादसा हो सकता था। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- वन विभाग की सूझबूझ से दोनों की सुरक्षित जान बची; तेंदुए को गांव से दूर जंगल की राह दिखाकर टाला गया संभावित खतरा_ दक्षिण पन्ना वनमण्डल के अंतर्गत रैपुरा रेंज की अलौनी बीट के पास ग्राम मक्केपाला में एक तेंदुए के रेस्क्यू का कार्य वन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। सूचना प्राप्त होते ही वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थल को सुरक्षित किया, भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया तथा सुविचारित रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग ने अत्यंत सूझबूझ एवं तकनीकी समझ का परिचय देते हुए लकड़ी के लट्ठों को आपस में बांधकर तथा उन पर रस्सी लपेटकर एक मजबूत अस्थायी “सीढ़ी” तैयार की। इसे इस प्रकार स्थापित किया गया कि तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकल सके। तेंदुआ गांव की ओर न जाए और केवल जंगल की दिशा में ही अग्रसर हो, इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। गांव की ओर अवरोध के रूप में कई वाहन एवं ग्रामीणों के ट्रैक्टर खड़े किए गए, जबकि जंगल की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह साफ किया गया तथा कुछ खेतों की फेंसिंग/बाड़ी को अस्थायी रूप से हटाया गया। साथ ही, पूरे ऑपरेशन के दौरान ऐसी रणनीति अपनाई गई कि तेंदुआ बाहर निकलने के बाद गांव की ओर न जाकर सीधे नजदीकी वन क्षेत्र की ओर अग्रसर हो। विभाग की इस रणनीति के परिणामस्वरूप तेंदुआ सुरक्षित रूप से बाहर निकलकर जंगल की दिशा में चला गया, जिससे किसी भी प्रकार के मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। इस रेस्क्यू की एक विशेष बात यह भी रही कि तेंदुए के साथ एक बछड़ा भी कुएं में गिर गया था। वन विभाग ने न केवल तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता की, बल्कि बछड़े को भी सकुशल बचा लिया। इस प्रकार दोनों ही जीवों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित किया गया, जो वन्यजीव प्रबंधन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेस्क्यू के दौरान एक रोचक व्यवहार भी देखने को मिला, जिसमें बछड़ा समय-समय पर तेंदुए के पास जाकर उसे चाटता एवं उसके साथ सहज रूप से रहता देखा गया। आश्चर्यजनक रूप से तेंदुए ने भी बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और पूरी अवधि में आक्रामक व्यवहार नहीं दिखाया। यह घटना वन्यजीवों के व्यवहार के एक अनोखे पक्ष को दर्शाती है, जहां तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शिकारी एवं शिकार के बीच असामान्य सह-अस्तित्व देखने को मिला। इस अभियान में नवागत उपवनमण्डल अधिकारी श्रीमती रचना शर्मा, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक श्री अंकुर गुप्ता, रैपुरा रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं रैपुरा वन परिक्षेत्र के समस्त वन अमले की सराहनीय भूमिका रही। वनपाल श्रीमती रंजना नागर, श्री रामप्रताप गौतम तथा वनरक्षक श्री बद्री प्रसाद यादव, श्री अरविंद विश्वकर्मा, श्री धीरेन्द्र सिंह, श्री रजनीश चौरसिया, श्री सतीश द्विवेदी, श्री अरविंद सिंह, श्री प्रकाश प्रजापति, श्री कमल प्यासी, श्री सुमंत सिंह, श्री लक्ष्मीकांत तिवारी एवं श्री रामकुंवर सिंह ने इस कार्य में सक्रिय योगदान दिया। इसके अतिरिक्त सरपंच ग्राम पंचायत फतेहपुर श्री नित्यपाल सिंह एवं सहायक सचिव श्री जगदीश सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वनमण्डल द्वारा मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) तथा छतरपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक को स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया गया, जिसके अनुरूप पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। रेस्क्यू के उपरांत भी रेंज अधिकारी श्री विवेक जैन एवं परिक्षेत्र सहायक श्रीमती रंजना नागर के नेतृत्व में एहतियात के तौर पर निकटवर्ती ग्रामों में मुनादी करवाई गई है। साथ ही, क्षेत्र में निरंतर रात्रि गश्त जारी रखी गई है, ताकि तेंदुआ पुनः भटककर गांव की ओर न आए और स्थिति पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे।1
- श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय, नरसिंहपुर, विषय :- हीरा कतिया, बड्डू धानक परमू धानक, मुलायम धानक द्वारा प्रार्थनी की पुत्री पूजा धानक के विवाह में गुण्डागर्दी कर उत्पादन करने एवं बरातियों के साथ मारपीट, गंदी गंदी माँ बहिन की गाली गलोच करने बावत्। महोदय जी, निवेदन है कि मैं प्रार्थनी श्रीमती मीना धानक पति श्री खेमचंद धानक, ग्राम इमलिया, थाना व तहसील गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर (म.प्र.) की निवासी हॅू। तथा विषयांतर्गत लेख है कि दिनांक 21/04/2026 को मेरी पुत्री पूजा धानक का विवाह ग्राम इमलिया से सम्पन्न होने के दौरान रात्रि करीब 11:00 बजे मेरी पुत्री की बरात लगने के दौरान ग्राम इमलिया निवासी हीरा कतिया, बड्डू धानक परमू धानक, मुलायम धानक आये और बरातियों एवं मेरे 8 घर के परिजनों को गंदी गंदी माँ बहिन की गालिया देने लगे मेरे पति खेमचंद धानक एवं पुत्र- संजय धानक ने उन्हे मना किया तो उक्त सभी ने एक राय होकर मेरे पति व पुत्र के साथ अत्याधिक मारपीट तथा बरातियों के साथ भी मारपीट की जिसकी शिकायत मेरे द्वारा पुलिस थाना गाडरवारा में की थी किन्तु उक्त आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे उनके हौसलें बुलंद है और वह ग्राम में कहते फिर रहे है कि अभी तो सिर्फ मेरे पति व पुत्र के साथ मारपीट की थी अब कही मिले तो जान से मार देगें। उक्त व्यक्ति दंदीफंदी व्यक्ति है जिनसे मैं व मेरे परिजन अत्याधिक डरे व भयभती है उक्त व्यक्ति मेरे एवं मेरे परिजनों के साथ कोई भी गम्भीर घटना कारित कर सकते है। अतः श्रीमान् जी से निवेदन है कि मैं उक्त हीरा कतिया एवं उसके साथी बड्डू धानक परमू धानक, मुलायम धानक के विरूद्ध दण्डात्मक एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर मुझे व मेरे परिजनों को भयमुक्त करने की दया करे ।2
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1