महमूदाबाद में गरजा प्रशासन का बुलडोजर: तालाब और चकमार्ग की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा महमूदाबाद में गरजा प्रशासन का बुलडोजर: तालाब और चकमार्ग की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा संवाददाता,, नरेश गुप्ता महमूदाबाद (सीतापुर): उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत स्थानीय प्रशासन ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार शाम महमूदाबाद नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया। प्रमुख कार्रवाई: तालाब और चकमार्ग पर चला बुलडोजर नगर पालिका की टीम ने अधिशासी अधिकारी (EO) और क्षेत्रीय लेखपाल की देखरेख में दो प्रमुख स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की: तालाब की जमीन पर अवैध दीवार ध्वस्त: पुरानी बाजार क्षेत्र में स्थित तालाब की गाटा संख्या 748 पर रिजवान (निवासी गुलरामऊ) ने अवैध रूप से दीवार खड़ी कर रखी थी। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इस निर्माण को जमींदोज कर दिया। चकमार्ग से हटा अतिक्रमण: तालाब के पास ही चकमार्ग की सुरक्षित भूमि पर सद्दन (निवासी संगत किला) द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुँचकर इस निर्माण को भी ढहा दिया। चेतावनी के बाद भी नहीं हटा था कब्जा प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर लंबे समय से कब्जा जमाया गया था। नगर पालिका प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। निर्देशों की अनदेखी और समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। "सरकारी भूमि, तालाब और चकमार्ग सार्वजनिक संपत्ति हैं। इन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान अभी थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।" — प्रशासनिक अधिकारी अवैध कब्जेदारों में मचा हड़कंप बुधवार शाम हुई इस अचानक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कब्जेदारों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महमूदाबाद में गरजा प्रशासन का बुलडोजर: तालाब और चकमार्ग की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा महमूदाबाद में गरजा प्रशासन का बुलडोजर: तालाब और चकमार्ग की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा संवाददाता,, नरेश गुप्ता महमूदाबाद (सीतापुर): उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत स्थानीय प्रशासन ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार शाम महमूदाबाद नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया। प्रमुख कार्रवाई: तालाब और चकमार्ग पर चला बुलडोजर नगर पालिका की टीम ने अधिशासी अधिकारी (EO) और क्षेत्रीय लेखपाल की देखरेख में दो प्रमुख स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की: तालाब की जमीन पर अवैध दीवार ध्वस्त: पुरानी बाजार क्षेत्र में स्थित तालाब की गाटा संख्या 748 पर रिजवान (निवासी गुलरामऊ) ने अवैध रूप से दीवार खड़ी कर रखी थी। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर इस निर्माण को जमींदोज कर दिया। चकमार्ग से हटा अतिक्रमण: तालाब के पास ही चकमार्ग की सुरक्षित भूमि पर
सद्दन (निवासी संगत किला) द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुँचकर इस निर्माण को भी ढहा दिया। चेतावनी के बाद भी नहीं हटा था कब्जा प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर लंबे समय से कब्जा जमाया गया था। नगर पालिका प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। निर्देशों की अनदेखी और समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। "सरकारी भूमि, तालाब और चकमार्ग सार्वजनिक संपत्ति हैं। इन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान अभी थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।" — प्रशासनिक अधिकारी अवैध कब्जेदारों में मचा हड़कंप बुधवार शाम हुई इस अचानक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कब्जेदारों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- पानी निकासी विवाद ने लिया उग्र रूप, भीखपुर में मारपीट—दो गंभीर घायल सीतापुर के थाना बिसवां क्षेत्र के ग्राम भीखपुर में 1 अप्रैल 2026 को पानी निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। धर्मपाल पुत्र पुत्तू लाल और विपक्षी शिवपाल, सूरज, जगदीश व संतोष के बीच हुई झड़प में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल सीतापुर रेफर किया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। पुलिस के अनुसार प्रकरण में जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।3
- सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र के ग्राम महराजनगर में अंग्रेजी शराब व बीयर की दुकान के सामने आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान पर आने वाले लोग सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं और वहीं बैठकर शराब पीते हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से आबकारी विभाग से शिकायत की गई, लेकिन अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई कर लौट जाते हैं। जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके। निरपेक्ष रिपोर्ट सत्य प्रकाश शुक्ला जिला ब्यूरो चीफ सीतापुर बिसवां3
- जानकीपुरम ट्रामा सेंटर में इलाज के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। युवती कामिनी वर्मा का आरोप है कि प्लास्टर के लिए ₹600 और दोबारा जाने पर ₹700 वसूले गए। विरोध करने पर अभद्रता और भाई के साथ हाथापाई की गई। वहीं भाजपा बूथ अध्यक्ष पुष्पा तिवारी ने भी पोती के इलाज के लिए ₹800 वसूले जाने का आरोप लगाया है। सवाल: क्या सरकारी अस्पतालों में अब ‘कैश दो, इलाज लो’ का सिस्टम चल रहा है?1
- तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहपुर-रामनगर मार्ग पर स्थित गुरसेल माता मंदिर पर चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भाव से भोजन वितरण में भी भाग लिया। भंडारों में पूड़ी, सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर माह पूर्णिमा के अवसर पर यहां मेला लगता है, लेकिन इस बार चैत्र पूर्णिमा के साथ हनुमान जयंती होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक रही। मंदिर परिसर को सजाया गया था और भक्तिमय भजन-कीर्तन से वातावरण गूंज उठा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।1
- बाराबंकी। विकासखंड निंदूरा क्षेत्र के ग्राम बहरौली स्थित सुप्रसिद्ध बाबा मस्तराम दास आश्रम में गुरुवार को आयोजित हवन-पूजन एवं भंडारे में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचे और बाबा मस्तराम दास के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बताया जाता है कि हर महीने की पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र आश्रम में हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर बाबा मस्तराम दास सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि गुरुवार को सीतापुर, बहराइच, गोंडा, कानपुर, लखीमपुर और लखनऊ सहित कई जिलों से भक्त यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आश्रम पहुंचकर विधि-विधान से हवन में आहुति दी और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में “बाबा मस्तराम दास की जय” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां आए हुए श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुकानों पर खरीदारी का भी आनंद लिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुर्सी थाना पुलिस मुस्तैद रही। पुलिस बल पूरे समय मौके पर तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करता नजर आया। वहीं, आश्रम समिति के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सहयोग के लिए सक्रिय रूप से लगे रहे। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।1
- *लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन* लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। 200 से ज्यादा कर्मचारी '1076 हाय-हाय' के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर कूच कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके ¹ ²। *क्या है मामला?* कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये वेतन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन केवल 7000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इसके अलावा दो महीने का वेतन रोके जाने की भी शिकायत सामने आई है। कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं ¹ ²। क्या आप जानना चाहेंगे कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है या कर्मचारियों की मांगें क्या हैं?1
- बाराबंकी में गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक युवक को गैस डिलीवरी वाहन के आगे लेट गया। युवक ने दरियाबाद स्थित गैस एजेंसी पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कुशफर निवासी अशोक सिंह पुत्र अंबिका सिंह से संबंधित है। अशोक सिंह ने दरियाबाद ब्लॉक मुख्यालय के सामने स्थित ओम गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वह मिर्कापुर में गैस वितरण स्थल पर सिलेंडर लेने गए थे, लेकिन गैस न मिलने पर उन्होंने विरोध स्वरूप डिलीवरी गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया। पीड़ित ने दावा किया कि जब उसने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो उससे गैस सिलेंडर देने के बदले 2000 रुपये की मांग की गई। उसने कई दिनों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। अशोक सिंह को 150 नंबर का टोकन मिला था, लेकिन उन्हें गैस नहीं दी गई, जबकि 200 नंबर वाले लोगों को गैस मिल गई। अशोक सिंह ने 31 मार्च को आईजीआरएस के माध्यम से इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की TV हिंदुस्तान नहीं करता है युवक ने बताया कि उसने 15 मार्च को गैस बुक की थी, जिसका डीएसी कोड 16 मार्च को आ गया था। अशोक सिंह का आरोप है कि जब वह गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए तो कर्मचारियों ने उन्हें लाइन में खड़ा कर दिया, जबकि एजेंसी के कर्मचारी पीछे से कालाबाजारी कर अन्य लोगों को गैस सिलेंडर बेच रहे थे1
- लखनऊ के थाना गुडंबा क्षेत्र के आधार खेड़ा ग्राम में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष शुरू हो गया। मारपीट के दौरान आधार खेड़ा निवासी रामचंद्र यादव और उनके तीन बेटे अंकुर यादव, अजय यादव और प्रियांशु यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। झगड़े में चारों के सिर फूट गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है।1