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ग्राम ढोंढ़ा विकासखण्ड शहपुरा जिला डिण्डौरी मे वे मौसम बरसात और ओले गिरा जिसके कारण फसलों को हुई छति हानि नुकसान को लेकर किसान चिंतित.... जिला प्रशासन से विशेष आग्रह है सर्वे कराकर मुआवजा दिलाई जाए। #डिण्डौरी #शहपुरा #ढोंढ़ा #मध्यप्रदेश ग्राम ढोंढ़ा विकासखण्ड शहपुरा जिला डिण्डौरी मे वे मौसम बरसात और ओले गिरा जिसके कारण फसलों को हुई छति हानि नुकसान को लेकर किसान चिंतित.... जिला प्रशासन से विशेष आग्रह है सर्वे कराकर मुआवजा दिलाई जाए। #डिण्डौरी #शहपुरा #ढोंढ़ा #मध्यप्रदेश #
Neeraj rajak Press
ग्राम ढोंढ़ा विकासखण्ड शहपुरा जिला डिण्डौरी मे वे मौसम बरसात और ओले गिरा जिसके कारण फसलों को हुई छति हानि नुकसान को लेकर किसान चिंतित.... जिला प्रशासन से विशेष आग्रह है सर्वे कराकर मुआवजा दिलाई जाए। #डिण्डौरी #शहपुरा #ढोंढ़ा #मध्यप्रदेश ग्राम ढोंढ़ा विकासखण्ड शहपुरा जिला डिण्डौरी मे वे मौसम बरसात और ओले गिरा जिसके कारण फसलों को हुई छति हानि नुकसान को लेकर किसान चिंतित.... जिला प्रशासन से विशेष आग्रह है सर्वे कराकर मुआवजा दिलाई जाए। #डिण्डौरी #शहपुरा #ढोंढ़ा #मध्यप्रदेश #
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- ग्राम ढोंढ़ा विकासखण्ड शहपुरा जिला डिण्डौरी मे वे मौसम बरसात और ओले गिरा जिसके कारण फसलों को हुई छति हानि नुकसान को लेकर किसान चिंतित.... जिला प्रशासन से विशेष आग्रह है सर्वे कराकर मुआवजा दिलाई जाए। #डिण्डौरी #शहपुरा #ढोंढ़ा #मध्यप्रदेश #1
- असमय बारिश और ओलावृष्टि से ढोंढ़ा के खेत तबाह, किसानों की मेहनत पर पानी डिंडोरी -- विकासखण्ड शहपुरा अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ा में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे अन्नदाता गहरे संकट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने गेहूं, चना एवं अन्य फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया। खेतों में फसलें झुक गईं और कई जगह पूरी तरह बर्बाद हो गईं। किसानों का कहना है कि कटाई के ठीक पहले हुई इस प्राकृतिक मार ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्थानीय किसानों ने बताया कि इस नुकसान से उन्हें आर्थिक रूप से भारी झटका लगेगा। पहले से ही लागत और मौसम की मार झेल रहे किसान अब अपनी आजीविका को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। किसानों एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो कई परिवार आर्थिक संकट में फंस सकते हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।3
- बांधवगढ़ में गूंजती वन्यजीवों की दस्तक हाथियों का बढ़ता कुनबा सतर्क निगरानी से सुरक्षित संतुलन देश के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में शुमार बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्रभावी प्रबंधन को लेकर चर्चा में है। 20 नवंबर 2026 को वन परिक्षेत्र पतौर में गश्ती के दौरान वन अमले ने हाथियों के एक संगठित झुण्ड को देखा जिसमें नर मादा और शावक शामिल थे। यह दृश्य न केवल जंगल की जीवंतता का प्रमाण है बल्कि वन विभाग की सतत निगरानी और संरक्षण प्रयासों की सफलता भी दर्शाता है। विशेष रूप से क्षेत्र का चर्चित टेढ़ा दांत वाला विशालकाय हाथी अपने झुण्ड के साथ नजर आया जो अपने प्रभावशाली आकार और सजग स्वभाव के लिए जाना जाता है। गश्ती दल के सामने उसका सूंड उठाकर गंध लेना और वाहन की दिशा में बढ़ना इस बात का संकेत है कि हाथी अपने क्षेत्र में किसी भी हलचल को गंभीरता से लेते हैं। वन विभाग के अनुसार बांधवगढ़ में बाघों के साथ-साथ लगभग 70 हाथियों की सक्रिय मौजूदगी दर्ज की जा रही है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि यह क्षेत्र अब हाथियों के सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में भी उभर रहा है। फील्ड अधिकारियों और वनकर्मियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे हाथियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलती है और आसपास के गांवों को समय रहते सतर्क किया जा सकता है। प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करने की लगातार समझाइश दी जा रही है जिससे मानव-हाथी संघर्ष की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। यह समन्वित प्रयास न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती दे रहा है बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अब केवल बाघों की पहचान तक सीमित नहीं रहा बल्कि हाथियों के बढ़ते कुनबे के साथ यह क्षेत्र जैव विविधता के संतुलन का जीवंत उदाहरण बनता जा रहा है। वन विभाग की सक्रियता और दूरदर्शी प्रबंधन इस संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।1
- Post by देशबंधु समाचार पत्र आशीष कुमार1
- Post by Ashok Sondhiya1
- मंडला में 148वीं वाहिनी द्वारा सीआरपीएफ दिवस पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत क्वार्टर गार्ड पर ध्वज फहराने से हुई। इस अवसर पर कमांडेंट विक्रांत सारंणपाणी सहित अन्य अधिकारियों एवं जवानों ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में देश सेवा और बलिदान की भावना को याद करते हुए जवानों ने कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लिया।1
- *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!* *शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।* *स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*1
- *ब्रेकिंग न्यूज़* *मामला शाहपुर थाना का* *बच्चा चोरी के शंका में बाबाओ के साथ मारपीट किया गया*1