100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध साइबर लेनदेन का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई, लैपटॉप-मोबाइल समेत फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री बरामद सतर्क भारत। ब्यूरो पीलीभीत। ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत थाना जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित कथित बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहसिन और राहुल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 200 साइबर शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, 16 फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की हैं। साइबर शिकायतों से जुड़े खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर 47 BET गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए लोगों को निवेश पर लाभ का लालच देकर साइबर ठगी करता था। आरोप है कि ठगी की रकम के लेनदेन के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। पुलिस के प्रारंभिक विश्लेषण में कई बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक हारून के खाते से जुड़ी 85 शिकायतों में करीब 42.54 करोड़ रुपये, मोहसिन के खाते से जुड़ी 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल के खाते से जुड़ी 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेनदेन का विवरण सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों को फिलहाल संदिग्ध लेनदेन के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें वास्तविक साइबर ठगी की धनराशि कितनी है, इसका निर्धारण विस्तृत वित्तीय और तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले की जांच स्थानीय स्तर पर दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत से शुरू हुई थी। जांच के दौरान कई अन्य स्थानीय लोगों के खाते भी सामने आए, जिनमें 50 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड संबंधी लेनदेन पाए जाने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में विशाल मौर्य और फरमान की भूमिका भी सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल डाटा का फॉरेंसिक/एफएसएल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस मनी ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों का विश्लेषण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, लाभार्थियों और म्यूल अकाउंट की पहचान में जुटी है।
100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध साइबर लेनदेन का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई, लैपटॉप-मोबाइल समेत फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री बरामद सतर्क भारत। ब्यूरो पीलीभीत। ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत थाना जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित कथित बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहसिन और राहुल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 200 साइबर शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, 16 फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की हैं। साइबर शिकायतों से जुड़े खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर 47 BET गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए लोगों को निवेश पर लाभ का लालच देकर साइबर ठगी करता था। आरोप है कि ठगी की रकम के लेनदेन के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। पुलिस के प्रारंभिक विश्लेषण में कई बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक हारून के खाते से जुड़ी 85 शिकायतों में करीब 42.54 करोड़ रुपये, मोहसिन के खाते से जुड़ी 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल के खाते से जुड़ी 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेनदेन का विवरण सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों को फिलहाल संदिग्ध लेनदेन के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें वास्तविक साइबर ठगी की धनराशि कितनी है, इसका निर्धारण विस्तृत वित्तीय और तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले की जांच स्थानीय स्तर पर दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत से शुरू हुई थी। जांच के दौरान कई अन्य स्थानीय लोगों के खाते भी सामने आए, जिनमें 50 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड संबंधी लेनदेन पाए जाने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में विशाल मौर्य और फरमान की भूमिका भी सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल डाटा का फॉरेंसिक/एफएसएल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस मनी ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों का विश्लेषण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, लाभार्थियों और म्यूल अकाउंट की पहचान में जुटी है।
- सपा जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बीसलपुर पहुंचे धर्मेश गंगवार, कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत बीसलपुर। सपा का जिलाध्यक्ष बनने के बाद धर्मेश गंगवार पहली बार बीसलपुर पहुंचे। उनके पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।1
- धूमधाम से निकली गणेश चौथ की शोभायात्रा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल ‘निक्की’ की अगुवाई में उमड़ा जनसैलाब1
- 100 करोड़ से अधिक के संदिग्ध साइबर लेनदेन का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई, लैपटॉप-मोबाइल समेत फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री बरामद सतर्क भारत। ब्यूरो पीलीभीत। ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत थाना जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित कथित बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहसिन और राहुल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 200 साइबर शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, 16 फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की हैं। साइबर शिकायतों से जुड़े खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर 47 BET गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए लोगों को निवेश पर लाभ का लालच देकर साइबर ठगी करता था। आरोप है कि ठगी की रकम के लेनदेन के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद खातों की पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। पुलिस के प्रारंभिक विश्लेषण में कई बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक हारून के खाते से जुड़ी 85 शिकायतों में करीब 42.54 करोड़ रुपये, मोहसिन के खाते से जुड़ी 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल के खाते से जुड़ी 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेनदेन का विवरण सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों को फिलहाल संदिग्ध लेनदेन के तौर पर देखा जा रहा है। इनमें वास्तविक साइबर ठगी की धनराशि कितनी है, इसका निर्धारण विस्तृत वित्तीय और तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगा। मामले की जांच स्थानीय स्तर पर दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें संदिग्ध लेनदेन में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत से शुरू हुई थी। जांच के दौरान कई अन्य स्थानीय लोगों के खाते भी सामने आए, जिनमें 50 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड संबंधी लेनदेन पाए जाने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, मामले में विशाल मौर्य और फरमान की भूमिका भी सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल डाटा का फॉरेंसिक/एफएसएल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस मनी ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों का विश्लेषण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, लाभार्थियों और म्यूल अकाउंट की पहचान में जुटी है।1
- बिजनौर पटाखा फैक्ट्री के पास में धमाका दो बच्चे झुलसे आस्था बरेली न्यूज लाईव1
- Dr Anish veg ki charcha/ voting ko lekar Kya kuchh kaha yah aapane Jana is khabar ke andar/ kis tarah Se marij Ki fikr ya kadar ek doctor Karta Hai kis tarah Se tamam baten doctor Anish Veg dwara batai gai/ doctoron ke hit aur Samaj Seva ka bada byan/ Dr Anish veg ki charcha/ voting ko lekar Kya kuchh kaha yah aapane Jana is khabar ke andar/ kis tarah Se marij Ki fikr ya kadar ek doctor Karta Hai kis tarah Se tamam baten doctor Anish Veg dwara batai gai/ doctoron ke hit aur Samaj Seva ka bada byan/1
- डॉ. अनीस बेग की पहल पर पीडीए पंचायत, एकजुटता के साथ चीनी, सुरक्षा, चिकित्सा, रोजगार और महंगाई के मुद्दे उठे बरेली। होटल किंग हेरिटेज में डॉ. अनीस बेग की पहल और नेतृत्व में पीडीए पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में सामाजिक एकजुटता, आपसी भाईचारे, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ आम जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे पंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. अनीस बेग ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी के सामने रोजगार, महंगाई, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर लगातार जनता के बीच संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने की जरूरत है डॉ. अनीस बेग ने चीनी की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम परिवार की रसोई पर बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएं उचित कीमत पर उपलब्ध हों, इसके बीच संतुलन जरूरी है। मौजूदा समय में चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर सरकार ने भी उपलब्धता और कीमतों की निगरानी के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। महंगाई का असर मध्यम वर्ग, गरीब और मजदूर परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है चिकित्सा व्यवस्था पर बोलते हुए डॉ. अनीस बेग ने कहा कि आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनाने की आवश्यकता है उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कहा कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें संबंधित स्तर तक पहुंचाने की अपील की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुभलेश यादव ने कहा कि पीडीए समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने, उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए आपसी समन्वय को जरूरी बताया वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के प्रत्येक वर्ग से संवाद स्थापित करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की पंचायत के दौरान डॉ. अनीस बेग ने उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन की गतिविधियों को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को केवल बैठकों तक सीमित न रहकर लगातार जनता के बीच जाना चाहिए और स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने लाना चाहिए। कार्यक्रम में महानगर उपाध्यक्ष प्रभारी कैंट राजेश मौर्य ने सामाजिक भाईचारे, संगठन की मजबूती, रोजगार, चिकित्सा, सुरक्षा, महंगाई तथा आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया अंत में डॉ. अनीस बेग ने पंचायत में शामिल हुए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया तथा संगठन को मजबूत करने और समाज के बीच लगातार संवाद बनाए रखने के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही कार्यक्रम में सुरेंद्र सोनकर ,प्रमोद विष्ट, गजल अंसारी, हुरिया रहमान ,ओमपाल प्रजापति, स्मिता यादव,धीरज मधुकर, प्रशांत बाल्मीकि,सिंपल कन्नोजिया, शीवा नाज़, मनीषा सक्सेना,पंकज बाल्मीकि, कुलदीप बाल्मीकि,नीरज,ऊषा करण सागर,मोहित सक्सेना आदि लोग उपस्थित रहे।1
- सपा जिलाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बीसलपुर पहुंचे धर्मेश गंगवार, कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत बीसलपुर। सपा का जिलाध्यक्ष बनने के बाद धर्मेश गंगवार पहली बार बीसलपुर पहुंचे। उनके पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।1
- पीलीभीत: PM मोदी के जन्मदिन पर बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा ने कराया विशाल भंडारा, उमड़ी भारी भीड़1