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राशन कार्डों को कथित तौर पर "फर्जी तरीके से रद्द" किए जाने का मुद्दा उठा है, जिससे बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने, चार चक्का वाहन का मालिकाना हक, पेंशनभोगी होने, नौकरी में होने या किसान समृद्धि योजना का लाभार्थी होने जैसे मापदंडों के आधार पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कदम की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया गया है कि इतनी आय पाने वाले अधिकांश लोग भी आज की महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। बताया गया है कि जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी सहित कई ज़रूरतमंदों के राशन कार्ड इसी आधार पर गलत तरीके से रद्द कर दिए गए हैं।
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राशन कार्डों को कथित तौर पर "फर्जी तरीके से रद्द" किए जाने का मुद्दा उठा है, जिससे बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने, चार चक्का वाहन का मालिकाना हक, पेंशनभोगी होने, नौकरी में होने या किसान समृद्धि योजना का लाभार्थी होने जैसे मापदंडों के आधार पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कदम की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया गया है कि इतनी आय पाने वाले अधिकांश लोग भी आज की महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। बताया गया है कि जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी सहित कई ज़रूरतमंदों के राशन कार्ड इसी आधार पर गलत तरीके से रद्द कर दिए गए हैं।
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- राशन कार्डों को कथित तौर पर "फर्जी तरीके से रद्द" किए जाने का मुद्दा उठा है, जिससे बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने, चार चक्का वाहन का मालिकाना हक, पेंशनभोगी होने, नौकरी में होने या किसान समृद्धि योजना का लाभार्थी होने जैसे मापदंडों के आधार पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कदम की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया गया है कि इतनी आय पाने वाले अधिकांश लोग भी आज की महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। बताया गया है कि जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी सहित कई ज़रूरतमंदों के राशन कार्ड इसी आधार पर गलत तरीके से रद्द कर दिए गए हैं।2
- समस्तीपुर शहर के आजाद नगर मोहल्ला स्थित एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में विद्युत परिवार संघ का एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों से बिजली विभाग के अधिकारी, अभियंता, कर्मी, मानव बल और संवेदकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक अश्वमेध देवी, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के जिलाध्यक्ष धीरज ठाकुर, और संगठन के अध्यक्ष अभियंता प्रवीण कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा दीप प्रज्ज्वलित करके किया। सम्मेलन के दौरान विभागीय समस्याओं, कर्मचारियों के अधिकारों और उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मी दिन-रात मेहनत करके उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे में सभी कर्मियों के बीच एकता, समन्वय और सहयोग बनाए रखना वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कार्यक्रम में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन संगठन सचिव सुधीर चौधरी ने किया। इस अवसर पर संतोष कुमार, अरुण कुमार, हरेश कुमार, भरत कुमार, अमित झा, मिंटू शर्मा, घनंजय कुमार उर्फ झुनझुन ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद रहे।1
- मोहनपुर के पत्थलघाट में सीतापुर तक जाने वाला एक पुल बनाया जा रहा है। स्थानीय लोग इस पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। यह पुल हरदा से सभा जाने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस पुल के निर्माण में पंचायत समिति का भी जिक्र है। जनता यह जानना चाहती है कि पुल निर्माण की तैयारियां कब तक पूरी हो जाएंगी।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ जनता पार्टी के सदस्यों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें 'सरकार को बदलने वाले लोग' बताया गया है। इस पोस्ट के माध्यम से जनता से पूछा गया है कि वे इन सदस्यों के बारे में क्या कहना चाहेंगे।1
- दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित अकराहा गांव में 13 वर्षीय विजय सहनी की करेह नदी में डूबने से हुई मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी में डूबने की सूचना मिलने के बावजूद, शनिवार सुबह तक न तो SDRF और न ही NDRF की कोई टीम घटनास्थल पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, विजय सहनी शुक्रवार शाम घर से निकलकर नदी में नहाने गया था, तभी उसके डूबने की खबर फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन रोक दी गई। परिजनों ने रात में ही नदी के बहाव क्षेत्र में पड़ने वाले दिघरा घाट के लोगों को बच्चे के शव मिलने पर तुरंत सूचित करने को कहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिघरा घाट के लोगों ने विजय के दादा कलेश्वर सहनी को नदी में एक शव मिलने की सूचना दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद भी SDRF या NDRF की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जैसे कि क्या एपीएम थाना द्वारा बचाव दलों को सूचना नहीं दी गई थी? यदि सूचना दी गई थी तो राहत एवं बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंचा? और यदि सूचना नहीं दी गई, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही क्यों न माना जाए? परिवार ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और निसहाय लोगों के बच्चों की जान भी उतनी ही कीमती है जितनी किसी अन्य की, और प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बचाव दल की मदद समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाई। इस पूरे मामले पर मृतक विजय सहनी के दादा कलेश्वर सहनी ने भी अपनी बात रखी।1
- समस्तीपुर जिले के पूसा बाजार के वार्ड नंबर एक में सड़क को बंद कर दिया गया है। यह सड़क लगभग दो महीने पहले नाले के निर्माण के उद्देश्य से खोदी गई थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क खुदी होने के कारण वहां से गुजरने वाले आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मोतीपुर वार्ड 26-27 स्थित ततमा-सहनी सुमदाय की गरीब बस्ती में कार्डधारियों के बीच जन संपर्क अभियान चलाते हुए भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सालाना आय ₹1.2 लाख से अधिक होने, चार पहिया वाहन होने, पेंशन या नौकरी पाने वाले, या किसान समृद्धि योजना के लाभार्थी होने जैसे आधारों पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। सिंह ने दावा किया कि इस आय वर्ग के अधिकांश लोग भी मौजूदा महंगाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। उन्होंने विशेष रूप से जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी जैसे कई जरूरतमंदों के राशन कार्ड को 'फर्जी तरीके से' रद्द किए जाने का उदाहरण दिया। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि जनक्रांति रिपोर्टवोट लेकर सरकार बनाने के बाद भाजपा अब 'गरीब हटाओ अभियान' चला रही है।1
- बिहार में कागज़ों पर भले ही शराबबंदी लागू हो, लेकिन ज़मीन पर इसका उल्लंघन करते हुए मौत का खूनी खेल जारी है। इसी का एक ताज़ा और दुखद मामला समस्तीपुर में सामने आया है, जहाँ देसी शराब माफिया ने एक गरीब व्यक्ति धर्मनाथ सहनी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जब जनता के रक्षक ही भक्षकों के मददगार बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए कहाँ जाएं? इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो देखने और जनता से अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की गई है।1