logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित अकराहा गांव में 13 वर्षीय विजय सहनी की करेह नदी में डूबने से हुई मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी में डूबने की सूचना मिलने के बावजूद, शनिवार सुबह तक न तो SDRF और न ही NDRF की कोई टीम घटनास्थल पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, विजय सहनी शुक्रवार शाम घर से निकलकर नदी में नहाने गया था, तभी उसके डूबने की खबर फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन रोक दी गई। परिजनों ने रात में ही नदी के बहाव क्षेत्र में पड़ने वाले दिघरा घाट के लोगों को बच्चे के शव मिलने पर तुरंत सूचित करने को कहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिघरा घाट के लोगों ने विजय के दादा कलेश्वर सहनी को नदी में एक शव मिलने की सूचना दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद भी SDRF या NDRF की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जैसे कि क्या एपीएम थाना द्वारा बचाव दलों को सूचना नहीं दी गई थी? यदि सूचना दी गई थी तो राहत एवं बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंचा? और यदि सूचना नहीं दी गई, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही क्यों न माना जाए? परिवार ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और निसहाय लोगों के बच्चों की जान भी उतनी ही कीमती है जितनी किसी अन्य की, और प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बचाव दल की मदद समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाई। इस पूरे मामले पर मृतक विजय सहनी के दादा कलेश्वर सहनी ने भी अपनी बात रखी।

5 hrs ago
user_Raman kumar Darbhanga Tak
Raman kumar Darbhanga Tak
हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
5 hrs ago

दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित अकराहा गांव में 13 वर्षीय विजय सहनी की करेह नदी में डूबने से हुई मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी में डूबने की सूचना मिलने के बावजूद, शनिवार सुबह तक न तो SDRF और न ही NDRF की कोई टीम घटनास्थल पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, विजय सहनी शुक्रवार शाम घर से निकलकर नदी में नहाने गया था, तभी उसके डूबने की खबर फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन रोक दी गई। परिजनों ने रात में ही नदी के बहाव क्षेत्र में पड़ने वाले दिघरा घाट के लोगों को बच्चे के शव मिलने पर तुरंत सूचित करने को कहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिघरा घाट के लोगों ने विजय के दादा कलेश्वर सहनी को नदी में एक शव मिलने की सूचना दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद भी SDRF या NDRF की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जैसे कि क्या एपीएम थाना द्वारा बचाव दलों को सूचना नहीं दी गई थी? यदि सूचना दी गई थी तो राहत एवं बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंचा? और यदि सूचना नहीं दी गई, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही क्यों न माना जाए? परिवार ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और निसहाय लोगों के बच्चों की जान भी उतनी ही कीमती है जितनी किसी अन्य की, और प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बचाव दल की मदद समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाई। इस पूरे मामले पर मृतक विजय सहनी के दादा कलेश्वर सहनी ने भी अपनी बात रखी।

More news from बिहार and nearby areas
  • दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित अकराहा गांव में 13 वर्षीय विजय सहनी की करेह नदी में डूबने से हुई मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी में डूबने की सूचना मिलने के बावजूद, शनिवार सुबह तक न तो SDRF और न ही NDRF की कोई टीम घटनास्थल पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, विजय सहनी शुक्रवार शाम घर से निकलकर नदी में नहाने गया था, तभी उसके डूबने की खबर फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन रोक दी गई। परिजनों ने रात में ही नदी के बहाव क्षेत्र में पड़ने वाले दिघरा घाट के लोगों को बच्चे के शव मिलने पर तुरंत सूचित करने को कहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिघरा घाट के लोगों ने विजय के दादा कलेश्वर सहनी को नदी में एक शव मिलने की सूचना दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद भी SDRF या NDRF की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जैसे कि क्या एपीएम थाना द्वारा बचाव दलों को सूचना नहीं दी गई थी? यदि सूचना दी गई थी तो राहत एवं बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंचा? और यदि सूचना नहीं दी गई, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही क्यों न माना जाए? परिवार ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और निसहाय लोगों के बच्चों की जान भी उतनी ही कीमती है जितनी किसी अन्य की, और प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बचाव दल की मदद समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाई। इस पूरे मामले पर मृतक विजय सहनी के दादा कलेश्वर सहनी ने भी अपनी बात रखी।
    1
    दरभंगा जिले के एपीएम थाना क्षेत्र स्थित अकराहा गांव में 13 वर्षीय विजय सहनी की करेह नदी में डूबने से हुई मौत के बाद प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम करीब 4 बजे नदी में डूबने की सूचना मिलने के बावजूद, शनिवार सुबह तक न तो SDRF और न ही NDRF की कोई टीम घटनास्थल पर पहुंची।

जानकारी के अनुसार, विजय सहनी शुक्रवार शाम घर से निकलकर नदी में नहाने गया था, तभी उसके डूबने की खबर फैल गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन रोक दी गई। परिजनों ने रात में ही नदी के बहाव क्षेत्र में पड़ने वाले दिघरा घाट के लोगों को बच्चे के शव मिलने पर तुरंत सूचित करने को कहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे दिघरा घाट के लोगों ने विजय के दादा कलेश्वर सहनी को नदी में एक शव मिलने की सूचना दी। इसके बाद परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना के लगभग 16 घंटे बीत जाने के बाद भी SDRF या NDRF की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, जैसे कि क्या एपीएम थाना द्वारा बचाव दलों को सूचना नहीं दी गई थी? यदि सूचना दी गई थी तो राहत एवं बचाव दल समय पर क्यों नहीं पहुंचा? और यदि सूचना नहीं दी गई, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही क्यों न माना जाए? परिवार ने इस बात पर जोर दिया कि गरीब और निसहाय लोगों के बच्चों की जान भी उतनी ही कीमती है जितनी किसी अन्य की, और प्रशासन को इस मामले में स्पष्टीकरण देना चाहिए कि बचाव दल की मदद समय पर क्यों उपलब्ध नहीं हो पाई। इस पूरे मामले पर मृतक विजय सहनी के दादा कलेश्वर सहनी ने भी अपनी बात रखी।
    user_Raman kumar Darbhanga Tak
    Raman kumar Darbhanga Tak
    हयाघाट, दरभंगा, बिहार•
    5 hrs ago
  • बहादुरपुर प्रखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही या भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक खुला और असुरक्षित ट्रांसफार्मर खुलेआम किसी अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है। यह चिंताजनक दृश्य बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग के ठीक सामने का है, जबकि बहादुरपुर ब्लॉक कार्यालय भी वहाँ से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है। बताया गया है कि इसी मार्ग से जिलाधिकारी का महीने में कई बार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद भी इस खतरनाक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जंगल-झाड़ियों से घिरा यह ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। जनता में यह धारणा बनी हुई है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की नींद तभी खुलेगी, जब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।
    1
    बहादुरपुर प्रखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही या भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक खुला और असुरक्षित ट्रांसफार्मर खुलेआम किसी अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है। यह चिंताजनक दृश्य बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग के ठीक सामने का है, जबकि बहादुरपुर ब्लॉक कार्यालय भी वहाँ से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है।

बताया गया है कि इसी मार्ग से जिलाधिकारी का महीने में कई बार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद भी इस खतरनाक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जंगल-झाड़ियों से घिरा यह ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

जनता में यह धारणा बनी हुई है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की नींद तभी खुलेगी, जब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।
    user_News city
    News city
    Social Media Manager बहादुरपुर, दरभंगा, बिहार•
    5 hrs ago
  • राशन कार्डों को कथित तौर पर "फर्जी तरीके से रद्द" किए जाने का मुद्दा उठा है, जिससे बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने, चार चक्का वाहन का मालिकाना हक, पेंशनभोगी होने, नौकरी में होने या किसान समृद्धि योजना का लाभार्थी होने जैसे मापदंडों के आधार पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, इस कदम की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया गया है कि इतनी आय पाने वाले अधिकांश लोग भी आज की महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। बताया गया है कि जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी सहित कई ज़रूरतमंदों के राशन कार्ड इसी आधार पर गलत तरीके से रद्द कर दिए गए हैं।
    2
    राशन कार्डों को कथित तौर पर "फर्जी तरीके से रद्द" किए जाने का मुद्दा उठा है, जिससे बड़ी संख्या में ज़रूरतमंद लोग प्रभावित हुए हैं। सरकार की ओर से वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने, चार चक्का वाहन का मालिकाना हक, पेंशनभोगी होने, नौकरी में होने या किसान समृद्धि योजना का लाभार्थी होने जैसे मापदंडों के आधार पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं।

हालांकि, इस कदम की आलोचना करते हुए यह तर्क दिया गया है कि इतनी आय पाने वाले अधिकांश लोग भी आज की महंगाई के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। बताया गया है कि जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी सहित कई ज़रूरतमंदों के राशन कार्ड इसी आधार पर गलत तरीके से रद्द कर दिए गए हैं।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    11 hrs ago
  • बिहार के दरभंगा जिले में एक जमीनी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जहाँ एक युवक को कथित तौर पर गार्डन में रस्सी लगाकर जान से मारने का प्रयास किया गया।
    1
    बिहार के दरभंगा जिले में एक जमीनी विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जहाँ एक युवक को कथित तौर पर गार्डन में रस्सी लगाकर जान से मारने का प्रयास किया गया।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    11 hrs ago
  • बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी एकजुटता और राबड़ी आवास सुरक्षा विवाद पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इंडी एलायंस के पास स्वार्थ के सिवा और कुछ भी नहीं है।
    1
    बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी एकजुटता और राबड़ी आवास सुरक्षा विवाद पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इंडी एलायंस के पास स्वार्थ के सिवा और कुछ भी नहीं है।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    13 hrs ago
  • दरभंगा ज़िला मोहर्रम चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिसके तहत एक नई टीम का ऐलान किया गया है। इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
    1
    दरभंगा ज़िला मोहर्रम चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिसके तहत एक नई टीम का ऐलान किया गया है। इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
    user_Darbhanga Samachar
    Darbhanga Samachar
    Photographer गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    14 hrs ago
  • मोतीपुर वार्ड 26-27 स्थित ततमा-सहनी सुमदाय की गरीब बस्ती में कार्डधारियों के बीच जन संपर्क अभियान चलाते हुए भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सालाना आय ₹1.2 लाख से अधिक होने, चार पहिया वाहन होने, पेंशन या नौकरी पाने वाले, या किसान समृद्धि योजना के लाभार्थी होने जैसे आधारों पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। सिंह ने दावा किया कि इस आय वर्ग के अधिकांश लोग भी मौजूदा महंगाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं। उन्होंने विशेष रूप से जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी जैसे कई जरूरतमंदों के राशन कार्ड को 'फर्जी तरीके से' रद्द किए जाने का उदाहरण दिया। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि जनक्रांति रिपोर्टवोट लेकर सरकार बनाने के बाद भाजपा अब 'गरीब हटाओ अभियान' चला रही है।
    1
    मोतीपुर वार्ड 26-27 स्थित ततमा-सहनी सुमदाय की गरीब बस्ती में कार्डधारियों के बीच जन संपर्क अभियान चलाते हुए भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सालाना आय ₹1.2 लाख से अधिक होने, चार पहिया वाहन होने, पेंशन या नौकरी पाने वाले, या किसान समृद्धि योजना के लाभार्थी होने जैसे आधारों पर राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। सिंह ने दावा किया कि इस आय वर्ग के अधिकांश लोग भी मौजूदा महंगाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं।

उन्होंने विशेष रूप से जोखन दास की बेसहारा विधवा मंजू देवी और मुनेश्वर दास की विधवा कौशल्या देवी जैसे कई जरूरतमंदों के राशन कार्ड को 'फर्जी तरीके से' रद्द किए जाने का उदाहरण दिया। सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि जनक्रांति रिपोर्टवोट लेकर सरकार बनाने के बाद भाजपा अब 'गरीब हटाओ अभियान' चला रही है।
    user_Jan-Kranti hindi news bulletin
    Jan-Kranti hindi news bulletin
    Voice of people समस्तीपुर, समस्तीपुर, बिहार•
    11 hrs ago
  • बिहार में कागज़ों पर भले ही शराबबंदी लागू हो, लेकिन ज़मीन पर इसका उल्लंघन करते हुए मौत का खूनी खेल जारी है। इसी का एक ताज़ा और दुखद मामला समस्तीपुर में सामने आया है, जहाँ देसी शराब माफिया ने एक गरीब व्यक्ति धर्मनाथ सहनी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जब जनता के रक्षक ही भक्षकों के मददगार बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए कहाँ जाएं? इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो देखने और जनता से अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की गई है।
    1
    बिहार में कागज़ों पर भले ही शराबबंदी लागू हो, लेकिन ज़मीन पर इसका उल्लंघन करते हुए मौत का खूनी खेल जारी है। इसी का एक ताज़ा और दुखद मामला समस्तीपुर में सामने आया है, जहाँ देसी शराब माफिया ने एक गरीब व्यक्ति धर्मनाथ सहनी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जब जनता के रक्षक ही भक्षकों के मददगार बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए कहाँ जाएं? इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो देखने और जनता से अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की गई है।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Samastipur, Bihar•
    16 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.