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Its Arvind
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- Post by Its Arvind1
- Post by देवेन्द्र प्रताप सिंह1
- सिकंदराराऊ। नगर के मोहल्ला शिव कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने UPPCS-2024 परीक्षा में 51वीं बी रैंक हासिल कर न केवल सिकंदराराऊ, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से नगर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और मिठाई बांटकर उनका भव्य स्वागत किया। अमित कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, अगसौली से हुई, जहां वह हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आते थे। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा उन्हें लगातार प्रशस्ति पत्र और सराहना मिलती रही, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत होता गया। उन्होंने बताया कि एक बार स्कूल में सम्मान समारोह के दौरान उप जिलाधिकारी (SDM) मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उस समय एसडीएम का व्यक्तित्व, रुतबा और सम्मान देखकर उनके मन में भी एक प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा जगी। तभी उन्होंने ठान लिया कि वह UPPCS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी अलग पहचान बनाएंगे। अमित ने इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। मेहनत के बल पर उनका चयन लेखपाल पद पर हो गया और उनकी तैनाती सहारनपुर नगर में हुई। लेखपाल की नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपने सपने को नहीं छोड़ा और पूरी लगन के साथ UPPCS की तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में उन्होंने मेंस परीक्षा तक सफलता प्राप्त की, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। दूसरे प्रयास में भी उन्होंने प्री और मेंस परीक्षा पास की, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में अपनी पिछली कमियों को दूर करते हुए पूरे आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के साथ फिर परीक्षा दी। आखिरकार UPPCS-2024 में सफलता प्राप्त कर 51वीं बी रैंक हासिल की और उनका चयन कमर्शियल टैक्स ऑफिसर पद पर हुआ। अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में रहकर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सरकारी कोचिंग से तैयारी की, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमित की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर और क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मोहल्ले और नगर के लोगों, रिश्तेदारों व मित्रों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। अमित कुमार के निजी जीवन की बात करें तो कुछ वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उनकी माता सरकारी सेवा में थीं, लेकिन बेटे के चयन के बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अमित की यह सफलता संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।1
- Tahsil sahaswan Mein Aaj sampurn Samadhan Divas Kiya gaya hai jismein up jiladhikari sign aashrit ki adhyakshata mein kiya gaya hai jismein 15 Sthal kar diya gaya hai shikayati Prathna Patra ko jaldi se nistaan karne ka Aadesh Diya gaya hai samvaddata Deepak Saksena4
- Post by अंशुल Yadav1
- *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सकीट द्वारा थाना मलावन क्षेत्रांतर्गत आमजन में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से भारी पुलिस बल सहित किया गया फ्लैग मार्च।* *(रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा)* एटा-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 इलामारन के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सकीट नीतीश गर्ग द्वारा थाना मलावन क्षेत्रांतर्गत कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, तथा आम जन में सुरक्षा की भावना जागृत करने के उद्देश्य से भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया गया। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह/भ्रामक सूचना या झूठी सूचना प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु शख्त हिदायत दी गयी है तथा सभी से सौहार्द बनाए रखने की अपील की गयी।1
- अतरौली: तीन बीघा गेहूं के लांक में लगी भीषण आग, पूरी फसल हुई जलकर खाक अतरौली: तीन बीघा गेहूं के लांक में लगी भीषण आग, पूरी फसल हुई जलकर खाक1
- सिकंदराराऊ। उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एवं मूल रूप से सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड स्थित गांव अरनौट से संबंध रखने वाले आर्यन जादौन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 104वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस उपलब्धि से गांव से लेकर शहर तक खुशी और गर्व का माहौल है। आर्यन जादौन वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित त्रिमूर्ति नगर के निवासी हैं, जबकि उनका पैतृक संबंध सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अरनौट से है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 104वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। आर्यन ने मुंबई से फॉरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। परिजनों के अनुसार, आर्यन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं और उनका सपना हमेशा से जनसेवा के क्षेत्र में जाने का था। उनके पिता पुष्पेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने आर्यन को हर कदम पर सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले प्रयास में आर्यन इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहले प्रयास के अनुभव को अपनी ताकत बनाते हुए दोबारा तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और मजबूत रणनीति के दम पर उन्होंने दूसरी बार में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। मंगलवार को आर्यन जादौन अपने पैतृक गांव अरनौट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवारजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नोटों की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। उनकी सफलता पर रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। आर्यन के घर पर बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा रहा। आर्यन की एक छोटी बहन भी है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है। परिवार ने इस सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्यन जादौन की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और इससे बच्चों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला बढ़ेगा। मंगलवार को ग्राम अरनौट, ब्लॉक सिकंदराराऊ में आर्यन जादौन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है। आर्यन जादौन की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि सिकंदराराऊ क्षेत्र और उत्तराखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, संघर्ष और सतत मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।2