UPSC में 104वीं रैंक हासिल कर आर्यन जादौन ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, पैतृक गांव अरनौट में हुआ भव्य स्वागत सिकंदराराऊ। उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एवं मूल रूप से सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड स्थित गांव अरनौट से संबंध रखने वाले आर्यन जादौन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 104वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस उपलब्धि से गांव से लेकर शहर तक खुशी और गर्व का माहौल है। आर्यन जादौन वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित त्रिमूर्ति नगर के निवासी हैं, जबकि उनका पैतृक संबंध सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अरनौट से है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 104वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। आर्यन ने मुंबई से फॉरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। परिजनों के अनुसार, आर्यन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं और उनका सपना हमेशा से जनसेवा के क्षेत्र में जाने का था। उनके पिता पुष्पेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने आर्यन को हर कदम पर सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले प्रयास में आर्यन इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहले प्रयास के अनुभव को अपनी ताकत बनाते हुए दोबारा तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और मजबूत रणनीति के दम पर उन्होंने दूसरी बार में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। मंगलवार को आर्यन जादौन अपने पैतृक गांव अरनौट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवारजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नोटों की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। उनकी सफलता पर रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। आर्यन के घर पर बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा रहा। आर्यन की एक छोटी बहन भी है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है। परिवार ने इस सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्यन जादौन की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और इससे बच्चों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला बढ़ेगा। मंगलवार को ग्राम अरनौट, ब्लॉक सिकंदराराऊ में आर्यन जादौन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है। आर्यन जादौन की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि सिकंदराराऊ क्षेत्र और उत्तराखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, संघर्ष और सतत मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
UPSC में 104वीं रैंक हासिल कर आर्यन जादौन ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, पैतृक गांव अरनौट में हुआ भव्य स्वागत सिकंदराराऊ। उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एवं मूल रूप से सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड स्थित गांव अरनौट से संबंध रखने वाले आर्यन जादौन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 104वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस उपलब्धि से गांव से लेकर शहर तक खुशी और गर्व का माहौल है। आर्यन जादौन वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित त्रिमूर्ति नगर के निवासी हैं, जबकि उनका पैतृक संबंध सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अरनौट से है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 104वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। आर्यन ने मुंबई से फॉरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। परिजनों के अनुसार, आर्यन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं और उनका सपना हमेशा से जनसेवा के क्षेत्र में जाने का था। उनके पिता पुष्पेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने आर्यन को हर कदम पर सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले प्रयास में आर्यन इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और
पहले प्रयास के अनुभव को अपनी ताकत बनाते हुए दोबारा तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और मजबूत रणनीति के दम पर उन्होंने दूसरी बार में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। मंगलवार को आर्यन जादौन अपने पैतृक गांव अरनौट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवारजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नोटों की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। उनकी सफलता पर रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। आर्यन के घर पर बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा रहा। आर्यन की एक छोटी बहन भी है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है। परिवार ने इस सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्यन जादौन की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और इससे बच्चों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला बढ़ेगा। मंगलवार को ग्राम अरनौट, ब्लॉक सिकंदराराऊ में आर्यन जादौन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है। आर्यन जादौन की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि सिकंदराराऊ क्षेत्र और उत्तराखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, संघर्ष और सतत मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- सिकंदराराऊ। नगर के मोहल्ला शिव कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने UPPCS-2024 परीक्षा में 51वीं बी रैंक हासिल कर न केवल सिकंदराराऊ, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से नगर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और मिठाई बांटकर उनका भव्य स्वागत किया। अमित कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, अगसौली से हुई, जहां वह हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आते थे। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा उन्हें लगातार प्रशस्ति पत्र और सराहना मिलती रही, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत होता गया। उन्होंने बताया कि एक बार स्कूल में सम्मान समारोह के दौरान उप जिलाधिकारी (SDM) मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उस समय एसडीएम का व्यक्तित्व, रुतबा और सम्मान देखकर उनके मन में भी एक प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा जगी। तभी उन्होंने ठान लिया कि वह UPPCS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी अलग पहचान बनाएंगे। अमित ने इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। मेहनत के बल पर उनका चयन लेखपाल पद पर हो गया और उनकी तैनाती सहारनपुर नगर में हुई। लेखपाल की नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपने सपने को नहीं छोड़ा और पूरी लगन के साथ UPPCS की तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में उन्होंने मेंस परीक्षा तक सफलता प्राप्त की, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। दूसरे प्रयास में भी उन्होंने प्री और मेंस परीक्षा पास की, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में अपनी पिछली कमियों को दूर करते हुए पूरे आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के साथ फिर परीक्षा दी। आखिरकार UPPCS-2024 में सफलता प्राप्त कर 51वीं बी रैंक हासिल की और उनका चयन कमर्शियल टैक्स ऑफिसर पद पर हुआ। अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में रहकर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सरकारी कोचिंग से तैयारी की, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमित की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर और क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मोहल्ले और नगर के लोगों, रिश्तेदारों व मित्रों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। अमित कुमार के निजी जीवन की बात करें तो कुछ वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उनकी माता सरकारी सेवा में थीं, लेकिन बेटे के चयन के बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अमित की यह सफलता संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।1
- Post by पंडित श्री विष्णु उपाध्याय जी1
- *दो डंपरो में आमने सामने की भिडंत, दोनों चालकों की मौत। दोनों परिचालक घायल।* *संवाददाता:रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा✍️* जनपद एटा और फिरोजाबाद की सीमा पर इसौली चौराहे के नजदीक डीएनपी पब्लिक स्कूल इमलिया के पास दो डंपर आमने-सामने भिड गए।भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी की डंपरों के भिड़ते ही दोनों डंपरों में आग लग गई। मौके पर ही दोनों डंपरों के ड्राइवरों की मौत हो गई और दो कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिनको उपचार के लिए भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर आ चुकी है। एटा और फिरोजाबाद की सीमा पर हुए हादसे के कारण सकरौली थाने की पुलिस और रजावली थाने की पुलिस मौके पर मौजूद है। दमकल की दो गाड़ियांआग बुझाने में लगी हुई हैं। घटनास्थल पर सैकड़ो लोगों की भीड़ जमा है। एटा टूंडला मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है। एटा की तरफ से आने वाले वाहनों को पुलिस द्वारा इसौली चौराहे से डाइवर्ट किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन स्थिति को काबू करने में करने में लगा हुआ है। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक एक्सीडेंट इतना जबरदस्त था की एक्सीडेंट होते ही दोनों गाड़ियों में आग लग गई और आग की लपटों में धूं धूं करके गाड़ियां जलने लगी। दोनों ही डंपर आर एस उपाध्याय के बताए जा रहे हैं। एक डंपर टूंडला की तरफ से एटा की ओर जा रहा था और दूसरा डंपर एटा की तरफ से आगरा के लिए रहा था। यह घटना दोपहर बाद 3:30 बजे के लगभग हुई है। मौके पर काफी मात्रा में पुलिस फ़ोर्स तैनात है और कड़ी मशक्कत के साथ आग बुझाने में दमकल कर्मी लगे हुए हैं।2
- मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय अभद्रता पर कड़ी कार्यवाही की मांग एटा जिले में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता एवं अन्य पत्रकारों के साथ आज मेडिकल कॉलेज में तैनात ऑर्थो डॉक्टर (हड्डी रोग विशेषज्ञ) मुकेश परमार के द्वारा की गई अभद्रता अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़े इस पेशे में ऐसे गैरजिम्मेदार व्यवहार को कभी भी सहन नहीं किया जा सकता। जब पत्रकार शासन और प्रशासन तक गंभीर स्वास्थ्य एवं सेवा संबंधी समस्याओं को अपने कलम और न्यूज के माध्यम से उजागर करते हैं, तब उनका अपमान करना और अभद्रता दिखाना पूरी तरह अनुचित है। यह न केवल पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है, बल्कि जनता की आवाज को दबाने का प्रयास भी है। अतः हम जिलाधिकारी एटा से तत्काल अनुरोध और कड़ी मांग करते हैं, कि इस मामले में दोषी डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल जांच कर, नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि न केवल पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, बल्कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का संदेश भी सशक्त रूप से दिया जा सके। इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और प्रशासन को जनता और मीडिया के प्रति अपनी जवाबदेही निभानी होगी।3
- गुरू जी ने एक फल दिया . . . . ..1
- सासनी कोतवाली परिसर में हनुमान जयंती के पावन पर्व पर प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर विभिन्न देवी देवताओं के प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। बता दें कि वर्ष 1997 से स्थापित प्राचीन मंदिर का पुलिस अधीक्षक की प्रेरणा से भव्य जीर्णोद्धार कराया गया। इस अवसर पर विधि-विधान से हवन-पूजन के साथ विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाहा ने आचार्य द्वारा बोले गए वेद मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कर किया। आचार्यों द्वारा कराए गए हवन-यज्ञ में पुलिस अधिकारियों ने आहुतियां देकर क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की। प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी, जिसे देख उन्होंने इसके जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। पुलिस परिवार और क्षेत्रीय जनता के सहयोग से यह संकल्प सिद्ध हुआ। मंदिर को न केवल नया स्वरूप दिया गया, बल्कि भव्य शिखर का निर्माण भी कराया गया है। साथ ही मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमा खाटू श्याम जी का दरबार भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई है। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कृष्ण नारायण, एसडीएम नीरज शर्मा समेत पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी, कर्मचारी तथा किसान संघ के राजपाल सिंह चौधरी मुरसान, सादाबाद ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, टीटू ठाकुर, सादाबाद महिला प्रमुख चौधरी माधवी सिंह, और क्षेत्र के संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया ।3
- भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय सचिव ठाकुर राम जादौन एवं जिला अध्यक्ष ठाकुर आशीष सिंह की प्रेस वार्ता।2
- सिकंदराराऊ। उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एवं मूल रूप से सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड स्थित गांव अरनौट से संबंध रखने वाले आर्यन जादौन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 104वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस उपलब्धि से गांव से लेकर शहर तक खुशी और गर्व का माहौल है। आर्यन जादौन वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित त्रिमूर्ति नगर के निवासी हैं, जबकि उनका पैतृक संबंध सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अरनौट से है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 104वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। आर्यन ने मुंबई से फॉरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। परिजनों के अनुसार, आर्यन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं और उनका सपना हमेशा से जनसेवा के क्षेत्र में जाने का था। उनके पिता पुष्पेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने आर्यन को हर कदम पर सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले प्रयास में आर्यन इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहले प्रयास के अनुभव को अपनी ताकत बनाते हुए दोबारा तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और मजबूत रणनीति के दम पर उन्होंने दूसरी बार में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। मंगलवार को आर्यन जादौन अपने पैतृक गांव अरनौट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवारजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नोटों की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। उनकी सफलता पर रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। आर्यन के घर पर बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा रहा। आर्यन की एक छोटी बहन भी है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है। परिवार ने इस सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्यन जादौन की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और इससे बच्चों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला बढ़ेगा। मंगलवार को ग्राम अरनौट, ब्लॉक सिकंदराराऊ में आर्यन जादौन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है। आर्यन जादौन की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि सिकंदराराऊ क्षेत्र और उत्तराखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, संघर्ष और सतत मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।2