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नेमिनगर मंदिर की निकली भव्य जलयात्रा, रजत पालकी में विराजे भगवान नेमिनाथ, सेठिया परिवार की नातीन ने 6.50 लाख रुपए की लागत से भगवान के पीछे चांदी का भामंडल कराया स्थापित, मुनि संघ का लिया आशीर्वाद दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को नेमिनगर स्थित श्री नेमिनाथ मंदिर से भव्य जलयात्रा निकाली गई। दोपहर में गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई जलयात्रा में भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा को आकर्षक रजत पालकी में विराजित किया गया। जलयात्रा ने नेमिनगर कॉलोनी एवं आसपास के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और धर्मप्रभावना की। जलयात्रा के मंदिर पहुंचने पर लाभार्थी श्रद्धालुओं ने भगवान नेमिनाथ की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। समाजजनों ने मुनि संघ के पाद प्रक्षालन तथा शास्त्र भेंट का लाभ भी प्राप्त किया। इस अवसर पर सेठिया परिवार की नातीन की ओर से भगवान नेमिनाथ की भव्य प्रतिमा के पीछे लगने वाला चांदी का भामंडल अर्पित किया गया। दिवंगत अनोखीलालजी सेठिया की बेटी मधुकांता जबेरी मुंबई की बेटी रचना ने अपनी माता की स्मृति में करीब साढ़े छह लाख रुपए की लागत से भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा के पीछे चांदी का भामंडल लगवाने के लिए राशि प्रदान की थी। मंगलवार को इस पावन अवसर पर सेठिया परिवार के सदस्यों ने मुनि संघ का आशीर्वाद लेकर भामंडल स्थापित कराया। जलयात्रा से होती है धर्म की प्रभावना : मुनि सागर समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री नेमिनाथ मंदिर में आशीर्वचन देते हुए कहा कि वर्ष 2011 में दो नहीं, बल्कि एक ही चातुर्मास था। उस समय सुबल सागर महाराज भले ही अरिहंतपुरम में अपना पहला चातुर्मास कर रहे थे, लेकिन उनकी भावना गुरुदेव भूतबली सागर महाराज से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय सुबल सागर महाराज को केशलोच करना भी नहीं आता था और हमने अपने हाथों से उनका केशलोच किया था। मुनि सागर महाराज ने कहा कि जलयात्रा के माध्यम से भगवान का विहार होता है और इससे धर्म की प्रभावना होती है। उन्होंने किला मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि आष्टा में कितने ही नए मंदिर बन जाएं, लेकिन किला मंदिर जैन समाज का प्रमुख केंद्र रहेगा। सभी मंदिरों में शांति है, लेकिन किला मंदिर पर महाशांति की अनुभूति होती है। किला मंदिर की महिमा अलग है। यहां गुरु मंदिर का निर्माण भी हो रहा है और आने वाले समय में किला मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि किला मंदिर सर्वोपरि है। समाज के बच्चों को संस्कार और धर्म से जोड़ने पर वे आगे चलकर आचार्य विद्यासागर महाराज और भूतबली सागर महाराज जैसे महान संतों के मार्ग पर चल सकते हैं। इच्छाओं का अंत होने पर ही संसार का अंत : मुनि अगर्भ सागर जलयात्रा के पश्चात मुनि अगर्भ सागर महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि तप के माध्यम से व्यक्ति अपने कर्मों की निर्जरा कर सकता है। सांसारिक इच्छाएं अनंत हैं और उनका कोई अंत नहीं है। जब तक इच्छाएं समाप्त नहीं होतीं, तब तक संसार का अंत भी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इच्छा और तप दोनों ही कर्मों की निर्जरा का माध्यम बन सकते हैं। बिना तप के कोई पद प्राप्त नहीं होता। व्यक्ति को तप के माध्यम से अपने कर्मों को धोने का प्रयास करना चाहिए। आत्मा को कर्मों से मुक्त कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना ही मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। बुधवार को महिला ग्रुप की भजन संध्या दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत 23 सितंबर बुधवार को उत्तम त्याग धर्म दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर रात्रि में किला मंदिर परिसर में महिला ग्रुप के लिए भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आयोजन दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के तत्वावधान में होगा।

10 hrs ago
user_Rajendra Gangwal
Rajendra Gangwal
Ashta, Sehore•
10 hrs ago

नेमिनगर मंदिर की निकली भव्य जलयात्रा, रजत पालकी में विराजे भगवान नेमिनाथ, सेठिया परिवार की नातीन ने 6.50 लाख रुपए की लागत से भगवान के पीछे चांदी का भामंडल कराया स्थापित, मुनि संघ का लिया आशीर्वाद दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को नेमिनगर स्थित श्री नेमिनाथ मंदिर से भव्य जलयात्रा निकाली गई। दोपहर में गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई जलयात्रा में भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा को आकर्षक रजत पालकी में विराजित किया गया। जलयात्रा ने नेमिनगर कॉलोनी एवं आसपास के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और धर्मप्रभावना की। जलयात्रा के मंदिर पहुंचने पर लाभार्थी श्रद्धालुओं ने भगवान नेमिनाथ की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। समाजजनों ने मुनि संघ के पाद प्रक्षालन तथा शास्त्र भेंट का लाभ भी प्राप्त किया। इस अवसर पर सेठिया परिवार की नातीन की ओर से भगवान नेमिनाथ की भव्य प्रतिमा के पीछे लगने वाला चांदी का भामंडल अर्पित किया गया। दिवंगत अनोखीलालजी सेठिया की बेटी मधुकांता जबेरी मुंबई की बेटी रचना ने अपनी माता की स्मृति में करीब साढ़े छह लाख रुपए की लागत से भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा के पीछे चांदी का भामंडल लगवाने के लिए राशि प्रदान की थी। मंगलवार को

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इस पावन अवसर पर सेठिया परिवार के सदस्यों ने मुनि संघ का आशीर्वाद लेकर भामंडल स्थापित कराया। जलयात्रा से होती है धर्म की प्रभावना : मुनि सागर समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री नेमिनाथ मंदिर में आशीर्वचन देते हुए कहा कि वर्ष 2011 में दो नहीं, बल्कि एक ही चातुर्मास था। उस समय सुबल सागर महाराज भले ही अरिहंतपुरम में अपना पहला चातुर्मास कर रहे थे, लेकिन उनकी भावना गुरुदेव भूतबली सागर महाराज से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय सुबल सागर महाराज को केशलोच करना भी नहीं आता था और हमने अपने हाथों से उनका केशलोच किया था। मुनि सागर महाराज ने कहा कि जलयात्रा के माध्यम से भगवान का विहार होता है और इससे धर्म की प्रभावना होती है। उन्होंने किला मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि आष्टा में कितने ही नए मंदिर बन जाएं, लेकिन किला मंदिर जैन समाज का प्रमुख केंद्र रहेगा। सभी मंदिरों में शांति है, लेकिन किला मंदिर पर महाशांति की अनुभूति होती है। किला मंदिर की महिमा अलग है। यहां गुरु मंदिर का निर्माण भी हो रहा है और आने वाले समय में किला मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा

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कि किला मंदिर सर्वोपरि है। समाज के बच्चों को संस्कार और धर्म से जोड़ने पर वे आगे चलकर आचार्य विद्यासागर महाराज और भूतबली सागर महाराज जैसे महान संतों के मार्ग पर चल सकते हैं। इच्छाओं का अंत होने पर ही संसार का अंत : मुनि अगर्भ सागर जलयात्रा के पश्चात मुनि अगर्भ सागर महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि तप के माध्यम से व्यक्ति अपने कर्मों की निर्जरा कर सकता है। सांसारिक इच्छाएं अनंत हैं और उनका कोई अंत नहीं है। जब तक इच्छाएं समाप्त नहीं होतीं, तब तक संसार का अंत भी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इच्छा और तप दोनों ही कर्मों की निर्जरा का माध्यम बन सकते हैं। बिना तप के कोई पद प्राप्त नहीं होता। व्यक्ति को तप के माध्यम से अपने कर्मों को धोने का प्रयास करना चाहिए। आत्मा को कर्मों से मुक्त कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना ही मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। बुधवार को महिला ग्रुप की भजन संध्या दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत 23 सितंबर बुधवार को उत्तम त्याग धर्म दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर रात्रि में किला मंदिर परिसर में महिला ग्रुप के लिए भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आयोजन दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के तत्वावधान में होगा।

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    नेमिनगर मंदिर की निकली भव्य जलयात्रा, रजत पालकी में विराजे भगवान नेमिनाथ,
सेठिया परिवार की नातीन ने 6.50 लाख रुपए की लागत से भगवान के पीछे चांदी का भामंडल कराया स्थापित, मुनि संघ का लिया आशीर्वाद
दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के तहत मंगलवार को नेमिनगर स्थित श्री नेमिनाथ मंदिर से भव्य जलयात्रा निकाली गई। दोपहर में गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई जलयात्रा में भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा को आकर्षक रजत पालकी में विराजित किया गया। जलयात्रा ने नेमिनगर कॉलोनी एवं आसपास के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और धर्मप्रभावना की।
जलयात्रा के मंदिर पहुंचने पर लाभार्थी श्रद्धालुओं ने भगवान नेमिनाथ की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। समाजजनों ने मुनि संघ के पाद प्रक्षालन तथा शास्त्र भेंट का लाभ भी प्राप्त किया।
इस अवसर पर सेठिया परिवार की नातीन की ओर से भगवान नेमिनाथ की भव्य प्रतिमा के पीछे लगने वाला चांदी का भामंडल अर्पित किया गया। दिवंगत अनोखीलालजी सेठिया की बेटी मधुकांता जबेरी मुंबई की बेटी रचना ने अपनी माता की स्मृति में करीब साढ़े छह लाख रुपए की लागत से भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा के पीछे चांदी का भामंडल लगवाने के लिए राशि प्रदान की थी। मंगलवार को इस पावन अवसर पर सेठिया परिवार के सदस्यों ने मुनि संघ का आशीर्वाद लेकर भामंडल स्थापित कराया।
जलयात्रा से होती है धर्म की प्रभावना : मुनि सागर
समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबली सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री नेमिनाथ मंदिर में आशीर्वचन देते हुए कहा कि वर्ष 2011 में दो नहीं, बल्कि एक ही चातुर्मास था। उस समय सुबल सागर महाराज भले ही अरिहंतपुरम में अपना पहला चातुर्मास कर रहे थे, लेकिन उनकी भावना गुरुदेव भूतबली सागर महाराज से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय सुबल सागर महाराज को केशलोच करना भी नहीं आता था और हमने अपने हाथों से उनका केशलोच किया था।
मुनि सागर महाराज ने कहा कि जलयात्रा के माध्यम से भगवान का विहार होता है और इससे धर्म की प्रभावना होती है। उन्होंने किला मंदिर की महिमा बताते हुए कहा कि आष्टा में कितने ही नए मंदिर बन जाएं, लेकिन किला मंदिर जैन समाज का प्रमुख केंद्र रहेगा। सभी मंदिरों में शांति है, लेकिन किला मंदिर पर महाशांति की अनुभूति होती है। किला मंदिर की महिमा अलग है। यहां गुरु मंदिर का निर्माण भी हो रहा है और आने वाले समय में किला मंदिर एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि किला मंदिर सर्वोपरि है। समाज के बच्चों को संस्कार और धर्म से जोड़ने पर वे आगे चलकर आचार्य विद्यासागर महाराज और भूतबली सागर महाराज जैसे महान संतों के मार्ग पर चल सकते हैं।
इच्छाओं का अंत होने पर ही संसार का अंत : मुनि अगर्भ सागर
जलयात्रा के पश्चात मुनि अगर्भ सागर महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि तप के माध्यम से व्यक्ति अपने कर्मों की निर्जरा कर सकता है। सांसारिक इच्छाएं अनंत हैं और उनका कोई अंत नहीं है। जब तक इच्छाएं समाप्त नहीं होतीं, तब तक संसार का अंत भी नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि इच्छा और तप दोनों ही कर्मों की निर्जरा का माध्यम बन सकते हैं। बिना तप के कोई पद प्राप्त नहीं होता। व्यक्ति को तप के माध्यम से अपने कर्मों को धोने का प्रयास करना चाहिए। आत्मा को कर्मों से मुक्त कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना ही मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।
बुधवार को महिला ग्रुप की भजन संध्या
दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के अंतर्गत 23 सितंबर बुधवार को उत्तम त्याग धर्म दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर रात्रि में किला मंदिर परिसर में महिला ग्रुप के लिए भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आयोजन दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के तत्वावधान में होगा।
    user_Rajendra Gangwal
    Rajendra Gangwal
    Ashta, Sehore•
    10 hrs ago
  • पीपल रावा के वार्ड क्रमांक 6 में गणेश पंडाल में भगवा 2 समिति द्वारा विशेष स्वागत प्रोग्राम
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    पीपल रावा  के वार्ड क्रमांक 6 में गणेश पंडाल में भगवा 2  समिति द्वारा विशेष स्वागत प्रोग्राम
    user_Pipalrawan News
    Pipalrawan News
    सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बाबा डोलनाथ की पावन नगरी बेहरावल में डोलग्यारस का भव्य आयोजन। 14 डोल और 5 निशान एकसाथ तालाब के जल में झुलाए गए तो जयकारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र। हजारों श्रद्धालु बने आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम के साक्षी। अखाड़े के कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, वहीं कालापीपल नगर सहित आसपास के गांवों में भी निकले भगवान के विमान। #डोलग्यारस #बेहरावल #बाबाडोलनाथ #डोलग्यारसमहापर्व #कालापीपल #धार्मिकआस्था #भक्तिऔरश्रद्धा #आस्थाकामहासैलाब #14डोल5निशान #भगवानकाविमान #बेहरावलडोलग्यारस #धार्मिकपरंपरा #सनातनपरंपरा #आस्थाकापर्व #कालापीपलक्षेत्र
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    बाबा डोलनाथ की पावन नगरी बेहरावल में डोलग्यारस का भव्य आयोजन।
14 डोल और 5 निशान एकसाथ तालाब के जल में झुलाए गए तो जयकारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र। हजारों श्रद्धालु बने आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम के साक्षी। अखाड़े के कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, वहीं कालापीपल नगर सहित आसपास के गांवों में भी निकले भगवान के विमान।
#डोलग्यारस
#बेहरावल
#बाबाडोलनाथ
#डोलग्यारसमहापर्व
#कालापीपल
#धार्मिकआस्था
#भक्तिऔरश्रद्धा
#आस्थाकामहासैलाब
#14डोल5निशान
#भगवानकाविमान
#बेहरावलडोलग्यारस
#धार्मिकपरंपरा
#सनातनपरंपरा
#आस्थाकापर्व
#कालापीपलक्षेत्र
    user_Anil Sharma
    Anil Sharma
    Local News Reporter कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में किराना दुकानों और छोटी-छोटी गुमटियों सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। डोकाकुई में शराब बिक्री बंद कराने ग्रामीणों ने उठाई आवाज, तहसीलदार को सौंपा आवेदन कन्नौद। ग्राम डोकाकुई को शराबमुक्त गांव बनाने और गांव में शराब की बिक्री एवं उपलब्धता बंद कराने की मांग को लेकर मंगलवार को दोपहर 1 बजे ग्रामीणों एवं युवाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को सामूहिक आवेदन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में किराना दुकानों और छोटी-छोटी गुमटियों सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में शराब सेवन के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए शराब की अवैध बिक्री एवं उपलब्धता पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। आवेदन में ग्रामीणों ने कन्नौद स्थित मुख्य शराब ठेके से डोकाकुई तक शराब की आपूर्ति बंद कराने, संबंधित शराब ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश देने तथा यदि किसी दुकान या व्यक्ति द्वारा शराब उपलब्ध कराई जाती है तो कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी एक दुकान को बंद करवाना नहीं, बल्कि पूरे ग्राम डोकाकुई को शराब से मुक्त कराना है। साथ ही गांव में शराब के कारण होने वाली सामाजिक समस्याओं को रोकने के लिए नियमित पुलिस निगरानी की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शराब सेवन से हुई मौत और अवैध बिक्री के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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    ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में किराना दुकानों और छोटी-छोटी गुमटियों सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
डोकाकुई में शराब बिक्री बंद कराने ग्रामीणों ने उठाई आवाज, तहसीलदार को सौंपा आवेदन
कन्नौद। ग्राम डोकाकुई को शराबमुक्त गांव बनाने और गांव में शराब की बिक्री एवं उपलब्धता बंद कराने की मांग को लेकर मंगलवार को दोपहर 1 बजे ग्रामीणों एवं युवाओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को सामूहिक आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में किराना दुकानों और छोटी-छोटी गुमटियों सहित कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में शराब सेवन के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए शराब की अवैध बिक्री एवं उपलब्धता पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में ग्रामीणों ने कन्नौद स्थित मुख्य शराब ठेके से डोकाकुई तक शराब की आपूर्ति बंद कराने, संबंधित शराब ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश देने तथा यदि किसी दुकान या व्यक्ति द्वारा शराब उपलब्ध कराई जाती है तो कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी एक दुकान को बंद करवाना नहीं, बल्कि पूरे ग्राम डोकाकुई को शराब से मुक्त कराना है। साथ ही गांव में शराब के कारण होने वाली सामाजिक समस्याओं को रोकने के लिए नियमित पुलिस निगरानी की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शराब सेवन से हुई मौत और अवैध बिक्री के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बागली में हाईवोल्टेज ड्रामा: 200 फिट ऊंचे टॉवर पर चढ़ी युवती, प्रेमी के आने पर उतरी नीचे।
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    बागली में हाईवोल्टेज ड्रामा: 200 फिट ऊंचे टॉवर पर चढ़ी युवती, प्रेमी के आने पर उतरी नीचे।
    user_Sajid Pathan
    Sajid Pathan
    सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • तेजा दशमी पर बेहरावल में गूंजा बाबा रामदेव का जयघोष, धनगर समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
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    तेजा दशमी पर बेहरावल में गूंजा बाबा रामदेव का जयघोष, धनगर समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
    user_Sandeep Gehlot
    Sandeep Gehlot
    Local News Reporter कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • शाजापुर में आधी रात को पुलिस का बड़ा एक्शन! 300 से ज्यादा जवान उतरे, अपराधियों में मचा हड़कंप
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    शाजापुर में आधी रात को पुलिस का बड़ा एक्शन! 300 से ज्यादा जवान उतरे, अपराधियों में मचा हड़कंप
    user_सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    सत्य एक्सप्रेस न्यूज
    पत्रकार Shujalpur, Shajapur•
    21 hrs ago
  • पीपल रावा में लगातार विकास कार्य जारी है आज नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा किया गया निरीक्षण
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    पीपल रावा में लगातार विकास कार्य जारी है  आज नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा किया गया निरीक्षण
    user_Pipalrawan News
    Pipalrawan News
    सोनकच्छ, देवास, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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