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बच्चा चोर का आतंक, जी गाँव के कुछ बच्चों को बच्चा चोर चुराके मिट्टी मे बच्चे चोर अब किसी से डरते भी नहीं देखिये कैसे बच्चा चोर गाँव के ही कई बच्चों को चुरा कर गाँव के ही तालाब किनारे गड्ढा खोद के jinda ही गाड़ दिये....
Dainik news🏪 Pradeep Singh
बच्चा चोर का आतंक, जी गाँव के कुछ बच्चों को बच्चा चोर चुराके मिट्टी मे बच्चे चोर अब किसी से डरते भी नहीं देखिये कैसे बच्चा चोर गाँव के ही कई बच्चों को चुरा कर गाँव के ही तालाब किनारे गड्ढा खोद के jinda ही गाड़ दिये....
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- लांजी। बिसोनी पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम चिचटोला में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत गांव में पाइप लाइन बिछाये जाने वाले काले पीवीसी पाइपों में आग लग जाने से पूरी तरह जल कर नष्ट हो गए। आग कैसे एवं किन कारणों से लगी यह ज्ञात नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त पाइप लम्बे समय से वहां लावारिस हालत में पड़ेहुए थे, उक्त पाइप किनके थे एवं क्यों रखें गए थे के संबंध में पीएचई विभाग के एसडीओ से मोबाइल पर संपर्क कर जानना चाहा किन्तु एसडीओ पीएचई ने फोन रिसीव नहीं किया। बहरहाल यह आग कैसे लगी, वहां रखा पाइप विभाग का था अथवा ठेकेदार का, और इस आगजनी की घटना में कितना नुकसान हुआ होगा, यह सब संबंधित ठेकेदार अथवा विभाग ही बता सकता है। जानकारी के मुताबिक आसमान में काले धुएं का गुबार नजर आने लगा, जो दूर से ही दिखाई दे रहा था। करीब जाकर देखा गया तो चिचटोला चौक में खाली जगह में नल जल योजना में उपयोग किए जाने वाले काले पाइप थे, जिसमें भयंकर आग लगी हुई थी एवं काले धुएं का गुबार आसमान में उड़ रहा था। आसपास के लोगों द्वारा डायल 112 एवं फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके उपरांत फायर ब्रिगेड द्वारा मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया गया। किन्तु तब तक वहां रखे पुरे पाइप जलकर नष्ट हो गए थे।1
- कवर्धा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं ने अधीक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। आरोप है कि घटिया भोजन, कम बजट का हवाला देकर खाने में कटौती और खराब सब्जियां दी जा रही हैं, जिससे कई छात्राएं बीमार पड़ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि बीमार छात्रा को अस्पताल ले जाना पड़ा, जबकि छात्रावास प्रबंधन ने समुचित व्यवस्था नहीं की। छात्राओं ने निशुल्क सामग्री समय पर न मिलने, सुरक्षा में लापरवाही और शिकायत करने पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए हैं। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर मारपीट का आरोप भी सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि कर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। वहीं अधीक्षिका ने आरोपों को निराधार बताते हुए अनुशासन लागू होने से गलतफहमी बताई है। छात्राओं व अभिभावकों ने छात्रावास की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है, ताकि पढ़ाई और स्वास्थ्य प्रभावित न हो।1
- मुंगेली जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने किया, जबकि यह कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान मनरेगा में बदलाव, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती, पेयजल संकट, खराब सड़कों, आवास गड़बड़ियों, पेंशन समस्याओं और रजिस्ट्री शुल्क बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा गया। नेताओं ने कहा कि इन समस्याओं से आम जनता, किसान और मजदूर लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इस वीडियो में देखें — पूरा घटनाक्रम, नेताओं के बयान और जनता से जुड़े अहम मुद्दों की पूरी रिपोर्ट।1
- Post by Dilip kumar Yadav1
- Post by पत्रकार1
- कांकेर: जिले में अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों (Anti-Naxal Operations) को अधिक सशक्त व गतिशील बनाने की दिशा में कांकेर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा (IPS) के निर्देशन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान डीआरजी (DRG) और थाना के जवानों को 100 अत्याधुनिक मोटरसाइकिलें सौंपी गईं। विधायक ने दिखाई हरी झंडी इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत विधायक कांकेर आशाराम नेताम की उपस्थिति में हुई। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जवानों को वाहनों की चाबियां सुपुर्द कीं और हरी झंडी दिखाकर इन मोटरसाइकिलों को ड्यूटी के लिए रवाना किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सायरन और लाउडस्पीकर से लैस हैं वाहन ये नई मोटरसाइकिलें सायरन, लाउडस्पीकर और अन्य नवीन संसाधनों से लैस हैं। 100 सीसी की ये हाई-पावर मोटरसाइकिलें विशेष रूप से दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में त्वरित मूवमेंट के लिए डिजाइन की गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य जवानों की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इन वाहनों से निम्नलिखित लाभ मिलेंगे: त्वरित मूवमेंट: दुर्गम रास्तों और घने जंगलों में जवान तेजी से पहुंच सकेंगे। बेहतर समन्वय: थाना और कैंपों के बीच संचार व आवाजाही सुगम होगी। सर्च ऑपरेशन में तेजी: नक्सल विरोधी अभियानों और गश्त व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आपातकालीन प्रतिक्रिया: किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकाल में पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग बेहतर होगी। सुरक्षा का नया अध्याय "रफ्तार, संसाधन और संकल्प" के मंत्र के साथ शुरू हुई यह पहल कांकेर में सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन आधुनिक संसाधनों से न केवल जवानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और विश्वास का नया अध्याय भी लिखा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू, गिरिजा शंकर साव डीएसपी (नक्सल ऑप्स), डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह डीएसपी (बस्तर फाइटर्स), अविनाश ठाकुर डीएसपी (डीआरजी), आरआई दीपक साव व आरआई गोविन्द वर्मा व अन्य अधिकारी- कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधि व मीडियाकर्मी मौजूद थे।4
- लांजी। स्थानीय मिनी स्टेडियम जो कि नगर परिषद लांजी के तहत आता है और उसमें की जाने वाली विद्युत व्यवस्था हेतु बिल का वहन नगर परिषद द्वारा ही किया जाता है, ऐसे में शिकायत की गई है कि उक्त विद्युत व्यवस्था से शासकीय विद्यालय द्वारा अवैध विद्युत कनेक्शन लिया गया है, समाजसेवी दिपांकर भार्गव ने इस बाबद नगर परिषद लांजी सीएमओ को शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लांजी के द्वारा लगभग 2 वर्ष से स्वयं के मीटर से अपने स्कूल के खेल मैदान में लगे एलईडी लाईट को बिजली ना देकर नगर परिषद मिनी स्टेडियम से बिजली दी जा रही है, जो कि पूर्णतः अवैध है, जिसकी जांच कर स्कूल द्वारा उपयोग की गई बिजली की राशि वसूली कर कार्यवाही करने की मांग की गई है।1
- कवर्धा। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन संस्थानों पर है, उन्हीं के अधीन वाहन नियमों को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। भोरमदेव शक्कर कारखाना के अधीन एक शासकीय वाहन CG 04 A 0401 का पंजीयन प्रमाणपत्र (RC) रद्द होने के बावजूद उसके बेधड़क सड़क पर दौड़ने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वाहन के पास न तो वैध RC है, न HSRP नंबर प्लेट और न ही प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) सहित अन्य जरूरी दस्तावेज। इसके बावजूद वाहन लंबे समय से उपयोग में बना हुआ है, जिससे कारखाने की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि यही वाहन किसी दुर्घटना में शामिल हो जाए तो जवाबदेही किसकी तय होगी — चालक की, कारखाना प्रबंधन की या संबंधित विभागों की? मोटर वाहन नियमों के अनुसार बिना वैध दस्तावेज किसी भी वाहन का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। आम नागरिकों के वाहनों पर तो नियमित जांच और चालानी कार्रवाई होती है, लेकिन शासकीय वाहन के मामले में अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आना व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भोरमदेव शक्कर कारखाना जैसे संस्थान ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करते हैं या यह वाहन यूं ही नियमों को चुनौती देता रहेगा।1
- Post by पत्रकार1