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कांकेर बाजार में हुई मोबाइल चोरी, खाते से 50 हजार रुपये पार,रिपोर्ट दर्ज
Ashish parihar Parihar
कांकेर बाजार में हुई मोबाइल चोरी, खाते से 50 हजार रुपये पार,रिपोर्ट दर्ज
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- *🟥नेशनल हाईवे पर बस पलटी तीन की हालत गंभीर कोंडागांव क्षेत्र में बड़ा हादसा* *🛑Bus overturned on National Highway, condition of three critical, major accident in Kondagaon area* *📽️ VIDEO पूरा अंत तक देखें ...*2
- ज्ञानभारतम अभियान के अंतर्गत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संग्रहण कार्य को गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा एवं पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने नेता जी सुभाष वार्ड के पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं से संपर्क कर उनके पास सुरक्षित प्राचीन दस्तावेजों एवं पांडुलिपियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने पुरातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान3
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से सामने आया मामला सिर्फ एक चोरी का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। जब पुलिस कस्टडी में रखी गई संपत्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा—यही सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। क्या है पूरा मामला? उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी अपने पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056) में 67 बोरी धान लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे थे। इसी दौरान बसंतपुर थाना पुलिस ने वाहन को रोका और बाद में उसे अपने कब्जे में ले लिया। वाहन को थाना परिसर में रखा गया तहसीलदार के आदेश से वाहन जब्त किया गया 24 अप्रैल 2026 को कोर्ट आदेश के बाद वाहन रिलीज हुआ लेकिन जब मालिक गाड़ी लेने पहुंचे, तो मामला पलट चुका था। क्या-क्या गड़बड़ी सामने आई? वाहन मालिक के अनुसार— गाड़ी के 2 नए टायर गायब उनकी जगह पुराने और सड़े टायर लगाए गए 67 बोरी में से 4 बोरी धान कम मौके पर पहुंचे पत्रकार ने भी इन तथ्यों की पुष्टि की, जिससे संदेह और गहरा गया कि मामला साधारण लापरवाही नहीं हो सकता। पीड़ित का सीधा सवाल “जब थाना ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे होगी?” मटुकधारी ने साफ कहा कि जब तक उनका पूरा सामान वापस नहीं मिलता, वे वाहन नहीं ले जाएंगे। पुलिस की प्रतिक्रिया पुलिस अधीक्षक से संपर्क नहीं हो सका डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने जांच का भरोसा दिया दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई उठते बड़े सवाल क्या पुलिस कस्टडी में भी चोरी संभव है? क्या यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है? जब्त वाहनों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन? पहले भी हो चुका है ऐसा मामला यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सरगुजा जिले के दरिमा थाना में भी ऐसा ही मामला सामने आया था— जब्त ट्रैक्टर से टायर और पार्ट्स चोरी जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई आरोपी: संतोष कुमार गुप्ता (प्रधान आरक्षक) जगेश्वर बघेल (आरक्षक) कार्रवाई: तत्कालीन एसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कदम उठाए एक को डिमोट किया गया, दूसरे को न्यूनतम वेतनमान पर रखा गया क्या फिर दोहराया गया वही पैटर्न? बसंतपुर का ताजा मामला पुराने केस की तरह ही संकेत दे रहा है— जब्त संपत्ति की सुरक्षा में भारी चूक निगरानी व्यवस्था कमजोर जवाबदेही तय नहीं निष्कर्ष लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह साफ है कि— थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा अभी भी चुनौती बनी हुई है आंतरिक निगरानी और पारदर्शिता की कमी है सख्त और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस बार क्या कदम उठाता है— क्या सिर्फ जांच होगी, या सिस्टम में बदलाव भी देखने को मिलेगा?4
- Post by गोविंद राम 92947315371
- बालाघाट पुलिस की अवैध उत्खनन व परिवहन करने वाले रेत माफियाओं पर लगातार धरपकड़ कार्रवाई । थाना कोतवाली क्षेत्र गोंगलई घाट बेनगंगा नदी मे अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करते 07 ट्रैक्टर-ट्रॉली कीमती करीबन 50 लाख रूपये के जब्त । वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन मे 06 विशेष टीमों का गठन कर की गई घेराबंदी । बालाघाट। जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं तस्करी करने वालों के विरुद्ध धरपकड़ कर सख्त कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन मे लगातार जारी है। इसी क्रम मे थाना कोतवाली पुलिस, थाना ग्रामीण पुलिस एवं विशेष गठित टीम द्वारा द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए रेत से भरे एवं परिवहन में प्रयुक्त 07 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत गोंगलई घाट मे अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। दिनांक 25.04.2026 को थाना कोतवाली पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि गोंगलई घाट में अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। रेत माफियाओं के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य एकत्रित करने हेतु गठित पुलिस टीम द्वारा ड्रोन कैमरों का स्तेमाल कर ट्रैक्टर के आने जाने के स्थान एवं घटना स्थल को ट्रैक कर रेड कार्यवाही की योजना बनाई। गठित पुलिस टीम द्वारा मौके पर दबिश कार्यवाही की गई, जिसमें 07 ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर ही पकड़कर जप्त किया गया। सभी ट्रैक्टरों में अवैध रूप से रेत भरी हुई पाई गई। सभी ट्रैक्टर मालिकों एवं चालकों के विरुद्ध धारा 303 (2), 317 (5) बीएनएस, म.प्र. गौण खनिज अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।1
- माओवादी संगठन में काम करने वाले माओवादियों का नसबंदी कराया जाता है. शादी के बाद उन्हें बच्चे पैदा करने की अनुमति नहीं थी.1
- उड़ीसा संस्कृति से जुड़ी लगभग 85 पांडुलिपियों का मिला संग्रह... जगदलपुर। ज्ञानभारतम अभियान के अंतर्गत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संग्रहण कार्य को गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा एवं पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने नेताजी सुभाष वार्ड के पांडुलिपि संग्रहकर्ताओं से संपर्क कर उनके पास सुरक्षित प्राचीन दस्तावेजों एवं पांडुलिपियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने पुरातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और इतिहास की अमूल्य धरोहर है। निरीक्षण एवं संपर्क अभियान के दौरान उड़ीसा संस्कृति से संबंधित पांडुलिपि संग्रहणकर्ता नरहरि दास और रविन्द्र दास के यहाँ से लगभग 85 पांडुलिपियों का संग्रह पाया गया। इनमें उड़िया साहित्य में लिखित पांडुलिपि में आयुर्वेद, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संरक्षित हैं। प्रशासन द्वारा इन पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं सुरक्षित संधारण की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही है। कलेक्टर छिकारा ने कहा कि ज्ञानभारतम अभियान के माध्यम से जिले में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सिन्हा ने भी नागरिकों एवं संग्रहकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां या ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित हैं, तो उनकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि उनका उचित संरक्षण किया जा सके।इस अवसर पर नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी, आयुक्त नगर निगम श्री प्रवीण वर्मा और राजस्व विभाग के अमले मौजूद रहे। बाइट - आकाश छिकारा, कलेक्टर, बस्तर1
- तिल्दा-नेवरा | 24 अप्रैल 2026 रायपुर (ग्रामीण) पुलिस के अंतर्गत तिल्दा नेवरा थाना पुलिस ने बिजली पोल तोड़कर वायर चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7 लाख रुपये की चोरी की सामग्री और वाहन जब्त किए हैं। 🔍 क्या है पूरा मामला ग्राम कोनारी में किसानों के कृषि पंप कनेक्शन के लिए स्थापित बिजली लाइन को अज्ञात चोरों ने नुकसान पहुंचाते हुए सीमेंट पोल तोड़ दिए और तार चोरी कर लिया। घटना 13-14 अप्रैल की दरम्यानी रात की बताई जा रही है, जिसके बाद विभाग की शिकायत पर तिल्दा नेवरा थाना में अपराध दर्ज किया गया। 🕵️♂️ ऐसे खुला मामला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान खरोरा निवासी देव प्रसाद पारधी पर संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। 👥 गिरफ्तार आरोपी देव प्रसाद पारधी (38 वर्ष) मनमोहन नारंग (25 वर्ष) हेमलाल धृतलहरे (33 वर्ष) पंकज कुमार टंडन (19 वर्ष) ⚡ 5 वारदातों का खुलासा पूछताछ में आरोपियों ने तिल्दा नेवरा और खरोरा क्षेत्र में कुल 5 चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। वर्ष 2025 में भी इसी प्रकार की चोरी में इनकी संलिप्तता सामने आई है। 💰 क्या-क्या हुआ बरामद 5500 मीटर एल्यूमिनियम वायर 30 मीटर केबल वायर 4 व्ही क्रॉस एंगल 2 एल्यूमिनियम कटर मशीन 1 ओमनी कार व 1 दोपहिया वाहन 👉 कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये ⚖️ पहले भी जा चुके हैं जेल चारों आरोपी पूर्व में डकैती, मारपीट, आबकारी और अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं, जिससे इनके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है। पुलिस की अहम भूमिका तिल्दा नेवरा पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से इस गिरोह का पर्दाफाश संभव हो पाया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।3