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दिपक प्रजापति हिटची वाले
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- Post by दिपक प्रजापति हिटची वाले1
- हनुमना राखी द्विवेदी का गणतंत्र दिवस के अवसर पर गाई हुई गीत तेजी से वायरल1
- Post by BHADOHI REPUBLIC NEWS (BRN BHARAT)1
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- Post by लकी लला1
- Post by ज्वाला प्रसाद2
- apnon ko apnon se Koi tanav Yun Hi nahin hota Apne apnon ke liye कभी-कभी harkat hi Aisa Kar dete Hain ki automatic tanav paida ho jata hai good morning1
- कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग सुरियावां (भदोही)। ब्लॉक क्षेत्र के कैड़ा गांव में वर्ष 2010 में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 144 कांशीराम आवास आज पूरी तरह बदहाली का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। गरीब, निराश्रित और बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना अब उपेक्षा और लापरवाही की मिसाल बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के वर्षों बाद भी इन आवासों का विधिवत हस्तांतरण (हैंडओवर) संबंधित विभाग को नहीं किया गया। परिणामस्वरूप न तो इनका नियमित रखरखाव हो सका और न ही पात्र लाभार्थियों को आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से भी इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई। आवासों में शुरू से ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा। कई मकानों में दरवाजे और खिड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। अराजक तत्वों द्वारा दरवाजे-खिड़कियां उखाड़ लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बिजली कनेक्शन और पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कोई भी परिवार यहां स्थायी रूप से निवास नहीं कर सका। धीरे-धीरे पूरा परिसर झाड़-झंखाड़ से घिर गया और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खाली पड़े इन आवासों में अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां जुआ खेलने और शराब सेवन जैसी गतिविधियां होने की चर्चा है, जिससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में कांशीराम आवास योजना के तहत इन भवनों का निर्माण कराया गया था। उस समय इसे गरीबों के लिए एक बड़ी पहल के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन आज हालत यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 144 आवास उपयोग में नहीं आ सके। अब क्षेत्रीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और शीघ्र ही आवासों का जीर्णोद्धार कर पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।1