कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग सुरियावां (भदोही)। ब्लॉक क्षेत्र के कैड़ा गांव में वर्ष 2010 में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 144 कांशीराम आवास आज पूरी तरह बदहाली का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। गरीब, निराश्रित और बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना अब उपेक्षा और लापरवाही की मिसाल बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के वर्षों बाद भी इन आवासों का विधिवत हस्तांतरण (हैंडओवर) संबंधित विभाग को नहीं किया गया। परिणामस्वरूप न तो इनका नियमित रखरखाव हो सका और न ही पात्र लाभार्थियों को आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से भी इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई। आवासों में शुरू से ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा। कई मकानों में दरवाजे और खिड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। अराजक तत्वों द्वारा दरवाजे-खिड़कियां उखाड़ लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बिजली कनेक्शन और पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कोई भी परिवार यहां स्थायी रूप से निवास नहीं कर सका। धीरे-धीरे पूरा परिसर झाड़-झंखाड़ से घिर गया और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खाली पड़े इन आवासों में अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां जुआ खेलने और शराब सेवन जैसी गतिविधियां होने की चर्चा है, जिससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में कांशीराम आवास योजना के तहत इन भवनों का निर्माण कराया गया था। उस समय इसे गरीबों के लिए एक बड़ी पहल के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन आज हालत यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 144 आवास उपयोग में नहीं आ सके। अब क्षेत्रीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और शीघ्र ही आवासों का जीर्णोद्धार कर पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग सुरियावां (भदोही)। ब्लॉक क्षेत्र के कैड़ा गांव में वर्ष 2010 में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 144 कांशीराम आवास आज पूरी तरह बदहाली का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। गरीब, निराश्रित और बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना अब उपेक्षा और लापरवाही की मिसाल बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के वर्षों बाद भी इन आवासों का विधिवत हस्तांतरण (हैंडओवर) संबंधित विभाग को नहीं किया गया। परिणामस्वरूप न तो इनका नियमित रखरखाव हो सका और न ही पात्र लाभार्थियों को आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से भी इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई। आवासों में शुरू से ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा। कई मकानों में दरवाजे और खिड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। अराजक तत्वों द्वारा दरवाजे-खिड़कियां उखाड़ लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बिजली कनेक्शन और पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कोई भी परिवार यहां स्थायी रूप से निवास नहीं कर सका। धीरे-धीरे पूरा परिसर झाड़-झंखाड़ से घिर गया और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खाली पड़े इन आवासों में अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां जुआ खेलने और शराब सेवन जैसी गतिविधियां होने की चर्चा है, जिससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में कांशीराम आवास योजना के तहत इन भवनों का निर्माण कराया गया था। उस समय इसे गरीबों के लिए एक बड़ी पहल के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन आज हालत यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 144 आवास उपयोग में नहीं आ सके। अब क्षेत्रीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और शीघ्र ही आवासों का जीर्णोद्धार कर पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।
- कांशीराम आवास बने खंडहर, करोड़ों की योजना पर जिम्मेदारी तय करने की मांग सुरियावां (भदोही)। ब्लॉक क्षेत्र के कैड़ा गांव में वर्ष 2010 में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 144 कांशीराम आवास आज पूरी तरह बदहाली का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। गरीब, निराश्रित और बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई यह योजना अब उपेक्षा और लापरवाही की मिसाल बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के वर्षों बाद भी इन आवासों का विधिवत हस्तांतरण (हैंडओवर) संबंधित विभाग को नहीं किया गया। परिणामस्वरूप न तो इनका नियमित रखरखाव हो सका और न ही पात्र लाभार्थियों को आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से भी इस ओर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई। आवासों में शुरू से ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा। कई मकानों में दरवाजे और खिड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। अराजक तत्वों द्वारा दरवाजे-खिड़कियां उखाड़ लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बिजली कनेक्शन और पेयजल की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कोई भी परिवार यहां स्थायी रूप से निवास नहीं कर सका। धीरे-धीरे पूरा परिसर झाड़-झंखाड़ से घिर गया और भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि खाली पड़े इन आवासों में अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। यहां जुआ खेलने और शराब सेवन जैसी गतिविधियां होने की चर्चा है, जिससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में कांशीराम आवास योजना के तहत इन भवनों का निर्माण कराया गया था। उस समय इसे गरीबों के लिए एक बड़ी पहल के रूप में प्रचारित किया गया था। लेकिन आज हालत यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 144 आवास उपयोग में नहीं आ सके। अब क्षेत्रीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए और शीघ्र ही आवासों का जीर्णोद्धार कर पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाए, ताकि योजना का उद्देश्य पूरा हो सके।1
- Post by ज्वाला प्रसाद2
- अकोढा स्थित निजी इंटर कॉलेज में गणतंत्र दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम वाराणसी जिले के पिंडरा तहसील अंतर्गत बड़ागांव ब्लॉक के अकोढा स्थित एक निजी इंटर कॉलेज में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, नाटक और भाषण के माध्यम से अपनी सृजनात्मक और कलात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अकोढा गांव के पूर्व प्रधान नागेश्वर सिंह रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान से जुड़े 30 प्रश्न पूछे, जिनका छात्रों ने त्वरित और सटीक उत्तर देकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। प्रश्न के सही उत्तर पर छात्रों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया गया। छात्रों की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामान्य ज्ञान के स्तर को देखकर उपस्थित अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश उभरकर सामने आया कि बच्चों की प्रतिभा देश के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करती है और 77वां गणतंत्र दिवस भी उपलब्धियों से भरा सिद्ध होगा।2
- बड़ी खबर मिर्जापुर से मिर्जापुर _ जिम धर्मांतरण के मुख्य आरोपी ईमरान द्वारा सपा नेता सतीश मिश्रा पर फसाने का आरोप लगाने के बाद सपा नेता ने किया पलटवार सपा नेता सतीश मिश्रा ने ईमरान के आरोप के बाद किया पलटवार धर्मांतरण के मुख्य आरोपी ईमरान को आगे कर मेरी राजनैतिक हत्या कराने की रची जा रही साजिश आरोपी का बड़े भाजपा नेताओं से है सीधा कनेक्शन तस्वीरें हुई वायरल_सपा नेता आरोपी की ज्यादातर गाड़ियों पर लगा है भाजपा का झंडा पुलिस विभाग में भी कुछ बड़े अधिकारी आरोपी ईमरान को देते थे संरक्षण आरोपी पर आसपास के जनपदों पर दर्ज़ है कई मुकदमे मई में ही देश छोड़कर भागने की फ़िराक़ में था आरोपी, शिकायत के बावजूद पुलिस ने पासपोर्ट वीजा नहीं किया कैंसिल सपा नेता ने सीओ सिटी पर भी लगाए गंभीर आरोप कहा शिकायत पर लगाई गई गलत रिपोर्ट आरोपी ईमरान द्वारा कल कोर्ट में पेशी के दौरान सपा नेता सतीश मिश्रा पर फर्जी ढंग से फसाने का लगाया गया था आरोप बाइट _ सतीश मिश्रा, सपा नेता1
- आज 26 जनवरी को लेकर हाई स्कूलों में बच्चों में उत्साह देखा जा रहा है, आज का दिन बड़ा महान है, मेरा भारत महान है, #26jaunvery1
- ग्राम सभा रामपुर भोड़ी निभापुर जौनपुर यहां कभी विकास नहीं हो सकता क्योंकि यहां की जनता सो गई है 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯1
- Post by कलीम अशरफ2
- *प्रेस-नोट* *जनपद भदोही* *दिनांक-25.01.2026* श्रीमान पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जनपद भदोही में गुम हुये मोबाईल फोनों की बरामदगी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत भदोही पुलिस द्वारा *राष्ट्रीय पर्व 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर आम जन मानस के गुम/खोये हुए 115 मोबाईल फोन* कीमत करीब *₹18,40,000 (अठारह लाख चालीस हजार मात्र)* बरामद कर मोबाईल स्वामियों को सुपुर्द किया गया। *श्री अभिमन्यु मांगलिक,* पुलिस अधीक्षक भदोही के दिशा-निर्देशन में जनपद भदोही में गुम हुये मोबाईल फोनों की बरामदगी हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम जनमानस के गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुँचाना है। उक्त निर्देशों के अनुपालन में श्री शुभम अग्रवाल, *अपर पुलिस अधीक्षक* भदोही द्वारा जनपद के समस्त थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को (CEIR) पोर्टल के प्रभावी उपयोग के माध्यम से गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी को और अधिक तीव्र करने हेतु पोर्टल, जनसुनवाई, डायल 112 इत्यादि माध्यम से शिकायत प्राप्त होते ही तुरंत CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर और संबंधित जानकारी दर्ज कर,पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स, जैसे सिम नंबर और लोकेशन, का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्यवाही करते हुए नियमित समीक्षा और फॉलो-अप करते हुए अधिक से अधिक मोबाइलों की बरामदगी करने हेतु निर्देश दिए गए हैं । जनपद भदोही के अधीनस्थ थानों पर नियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, जनसुनवाई, डायल 112 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सतत प्रयास करके कुल 115 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किया गया है। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत लगभग *₹18,40,000 (अठारह लाख चालीस हजार मात्र)* है । आज दिनांक 25.01.2026 को इन बरामद मोबाइल फोनों को रिजर्व पुलिस लाइन्स ज्ञानपुर सभागार में *श्री अभिमन्यु मांगलिक ,* पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा उनके स्वामियों को सौंपा गया। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर मोबाईल स्वामियों द्वारा अपार प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक भदोही व जनपदीय पुलिस टीम को धन्यवाद प्रकट करते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी। *CEIR पोर्टल से बरामद मोबाइल फोन की सूची जनपद भदोही।* 1.ज्ञानपुर -19 2.गोपीगंज -20 3.कोईरौना-06 4.भदोही-11 5.चौरी-06 6.औराई-23 7.ऊँज-09 8.सुरियावां-17 9.दुर्गागंज- 04 *योग 115* 🔸 _*एसपी महोदय द्वारा आमजन को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के संबंध में जानकारी दी गई। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो CEIR पोर्टल के माध्यम से उसे ब्लॉक कराया जा सकता है, जिससे गुम/गिरे हुए मोबाइल का दुरुपयोग रोका जा सके। महोदय द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से बचाव हेतु जानकारी देकर जागरूक किया गया एवं लोगों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें एवं अपने परिजनों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें, ताकि साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।*_ *गुम हुए मोबाइल CEIR पोर्टल पर शिकायत करने का तरीका-* ✅CEIR पोर्टल पर जाएं: ceir.gov.in/Home/index-hin… (CEIR) वेबसाइट पर जाएं. ✅ब्लॉक स्टोलेन मोबाइल (Block Stolen Mobile): 'Block Stolen/Lost Mobile' विकल्प चुनें. ✅जानकारी भरें: अपना मोबाइल नंबर, IMEI नंबर, बिल, आधार कार्ड और पुलिस शिकायत की कॉपी (FIR) अपलोड करें. ✅रिक्वेस्ट आईडी: सबमिट करने के बाद आपको एक रिक्वेस्ट आईडी मिलेगी, जिससे आप स्टेटस चेक कर सकते हैं और फोन ब्लॉक होने पर अलर्ट भी पा सकते हैं। *यह उपलब्धि भदोही पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।* #भदोही_पुलिस_की_मिसाल #CEIR_सफलता_यात्रा1