सतेंद्र केवट ने पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने और उनसे मिलीभगत कर नागरिकों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। केवट का दावा है कि जब वे अपराधियों द्वारा किए गए घर घेराव, मारपीट, आगजनी और कट्टा-अधिया दिखाकर धमकाने जैसे कृत्यों की शिकायत लेकर पुलिस के पास जाते हैं, तो पुलिस सहयोग करने के बजाय बार-बार थानों के दरवाजे बंद कर देती है या जमानत के नाम पर शिकायतकर्ताओं को तहसीलों में ले जाती है। केवट के अनुसार, मदद करने के बजाय, पुलिस झूठे मुकदमों में फंसाकर उन्हें ही जेल में डाल देती है। उनका आरोप है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिलकर इतना डर और दहशत फैला रही है कि उनकी पत्नी और बच्चों को अपने ही घर में रहने नहीं दिया जा रहा है, जिसे सतेंद्र केवट ने 'इनका कानून' बताया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने भरेह थाना, बकेवर थाना और अजीतमल थाना क्षेत्र के ससुराल वालों से मिलकर दिनदहाड़े उनके घर में लूटपाट कराई है। केवट ने पुलिस की इस कार्रवाई और ससुराल से उनकी पत्नी और बच्चों को वापस न आने देने के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया है। वे कहते हैं कि पुलिस को अपराधियों के अपराध दिखते ही नहीं हैं और वे उनके परिवार को अपने घर में नहीं रहने दे रहे हैं।
सतेंद्र केवट ने पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने और उनसे मिलीभगत कर नागरिकों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। केवट का दावा है कि जब वे अपराधियों द्वारा किए गए घर घेराव, मारपीट, आगजनी और कट्टा-अधिया दिखाकर धमकाने जैसे कृत्यों की शिकायत लेकर पुलिस के पास जाते हैं, तो पुलिस सहयोग करने के बजाय बार-बार थानों के दरवाजे बंद कर देती है या जमानत के नाम पर शिकायतकर्ताओं को तहसीलों में ले जाती है। केवट के अनुसार, मदद करने के बजाय, पुलिस झूठे मुकदमों में फंसाकर उन्हें ही जेल में डाल देती है। उनका आरोप है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिलकर इतना डर और दहशत फैला रही है कि उनकी पत्नी और बच्चों को अपने ही घर में रहने नहीं दिया जा रहा है, जिसे सतेंद्र केवट ने 'इनका कानून' बताया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने भरेह थाना, बकेवर थाना और अजीतमल थाना क्षेत्र के ससुराल वालों से मिलकर दिनदहाड़े उनके घर में लूटपाट कराई है। केवट ने पुलिस की इस कार्रवाई और ससुराल से उनकी पत्नी और बच्चों को वापस न आने देने के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया है। वे कहते हैं कि पुलिस को अपराधियों के अपराध दिखते ही नहीं हैं और वे उनके परिवार को अपने घर में नहीं रहने दे रहे हैं।
- सतेंद्र केवट ने पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने और उनसे मिलीभगत कर नागरिकों को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। केवट का दावा है कि जब वे अपराधियों द्वारा किए गए घर घेराव, मारपीट, आगजनी और कट्टा-अधिया दिखाकर धमकाने जैसे कृत्यों की शिकायत लेकर पुलिस के पास जाते हैं, तो पुलिस सहयोग करने के बजाय बार-बार थानों के दरवाजे बंद कर देती है या जमानत के नाम पर शिकायतकर्ताओं को तहसीलों में ले जाती है। केवट के अनुसार, मदद करने के बजाय, पुलिस झूठे मुकदमों में फंसाकर उन्हें ही जेल में डाल देती है। उनका आरोप है कि पुलिस अपराधियों के साथ मिलकर इतना डर और दहशत फैला रही है कि उनकी पत्नी और बच्चों को अपने ही घर में रहने नहीं दिया जा रहा है, जिसे सतेंद्र केवट ने 'इनका कानून' बताया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने भरेह थाना, बकेवर थाना और अजीतमल थाना क्षेत्र के ससुराल वालों से मिलकर दिनदहाड़े उनके घर में लूटपाट कराई है। केवट ने पुलिस की इस कार्रवाई और ससुराल से उनकी पत्नी और बच्चों को वापस न आने देने के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया है। वे कहते हैं कि पुलिस को अपराधियों के अपराध दिखते ही नहीं हैं और वे उनके परिवार को अपने घर में नहीं रहने दे रहे हैं।1
- इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित दिव्यांशी हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से गुरुवार देर शाम हड़कंप मच गया। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन पर गलत इलाज व लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। भिंड निवासी 28 वर्षीय पूनम पांडे, जो हिमांशु पांडे की पत्नी थीं, को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार को दिव्यांशी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले दो यूनिट रक्त की आवश्यकता बताई थी, जिसके बाद शहर के एक चैरिटेबल ब्लड बैंक से ओ निगेटिव रक्त लिया गया। आरोप है कि रक्त चढ़ाने के कुछ ही देर बाद पूनम की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बुधवार को पूनम ने ऑपरेशन के जरिए एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। हालांकि, परिजनों का कहना है कि गुरुवार दोपहर अचानक उसकी हालत फिर बिगड़ने लगी, शरीर का रंग नीला पड़ गया और किडनी समेत अन्य अंग प्रभावित होने लगे। हालत नाजुक होने पर उसे आगरा रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही पूनम की मौत हो गई। मृतका के पति हिमांशु पांडे और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना समुचित जांच के रक्त चढ़ाए जाने से रिएक्शन हुआ, जिससे पूनम की जान चली गई। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने समय रहते उन्हें सही जानकारी भी नहीं दी। सूचना मिलते ही फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला, जहाँ उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा आगे की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।3
- औरैया जनपद के अजीतमल तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत एलची नगर के माजरा खरगे का पुरवा में कान्हा गौशाला के निर्माण पर ग्रामीणों ने अटसू नगर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें वृक्षारोपण के लिए जमीन पट्टे पर दी गई थी, लेकिन अब उनके ये पट्टे निरस्त कराकर, चिन्हित सरकारी जमीन से कहीं ज्यादा भूमि पर अटसू नगर प्रशासन द्वारा जबरन कब्जा कर गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। राजस्व विभाग द्वारा कान्हा गौशाला के लिए केवल 57 डिसमिल जमीन का ही सीमांकन किया गया था। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि नगर प्रशासन वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित लगभग चार एकड़ जमीन पर गौशाला के नाम पर अवैध कब्जा कर रहा है। आरोप है कि यह अतिरिक्त परिक्षेत्र एलचीनगर में आता है। इस अवैध कब्जे और पट्टे निरस्त किए जाने के आरोपों को लेकर किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका दावा है कि कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि गौशाला का निर्माण केवल सीमांकित 57 डिसमिल जमीन पर ही हो और बाकी जमीन को वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित रखा जाए। मंगलवार को तहसील दिवस में भी यह मुद्दा उठाया गया, जहाँ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष ध्यान सिंह राजपूत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं, इस संबंध में अटसू नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गौतम ने मीडिया को बताया है कि गौशाला का निर्माण शासन के निर्देशानुसार सरकारी जमीन को कब्जे में लेकर ही कराया जा रहा है।4
- औरैया में 6 जून को श्री पोरवाल सभा रजि. औरैया ने सैनिक कॉलोनी स्थित एक पीड़ित परिवार को मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई। यह परिवार 2 मई की रात करीब 2 बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग का शिकार हो गया था, जिसमें दीपू पोरवाल का पूरा घर और गृहस्थी का समस्त सामान जलकर राख हो गया था। इस हादसे में उनकी 60 वर्षीय वृद्ध माता सुशीला देवी गंभीर रूप से झुलस गई थीं। सैनिक कॉलोनी के ब्लॉक-9 की चौथी मंजिल पर अपने छोटे भाई संजीव पोरवाल और माता के साथ निवास करने वाला दीपू पोरवाल का यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस आपदा के बाद गहरे संकट में आ गया था, और पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के कई दिन बाद तक कोई सहायता नहीं पहुँचने से वे काफी परेशान और निराश थे। घटना की जानकारी मिलने पर श्री पोरवाल सभा रजि. औरैया के अध्यक्ष आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट, अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद गुप्ता डाबर, एक विचित्र पहल सेवा समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), भाजपा नगर महामंत्री कपिल गुप्ता तथा विपुल पोरवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था। इसी क्रम में, शनिवार शाम श्री पोरवाल सभा का एक प्रतिनिधिमंडल सैनिक कॉलोनी पहुंचा और परिवार को फोल्डिंग, चारपाई, गद्दा, तकिए, बेडशीट, दरी, बाल्टियां, मग, दैनिक उपयोग की सामग्री, गैस चूल्हा एवं रेगुलेटर, सीलिंग पंखा, इलेक्ट्रिक प्रेस, वाटर कूल जग, आटा, चावल, दाल, तेल, शक्कर, नमक, मसाले, चाय, कपड़े सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भेंट किया। राहत सामग्री प्राप्त कर पीड़ित परिवार के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी, वहीं सैनिक कॉलोनी के निवासियों ने संस्था की इस मानवीय पहल की खुले दिल से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। इस अवसर पर सभा के संरक्षक भगवान पोरवाल (मामा लोहे वाले), अध्यक्ष आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट, मंत्री आनंद गुप्ता डाबर, कोषाध्यक्ष कपिल गुप्ता, समाजसेवी राजीव पोरवाल (रानू) सहित कमलकांत पोरवाल, रामआसरे गुप्ता, सुनील पोरवाल, विजय प्रकाश पोरवाल, पंकज पोरवाल, राजेश पोरवाल, रामकुमार, प्रशांत पोरवाल, सल्लू बिश्नोई, सचिन कुमार पोरवाल, योगेश पोरवाल, अमित पोरवाल, महावीर प्रसाद पोरवाल और अनेक समाजसेवियों एवं दानवीरों का सराहनीय योगदान रहा। मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक एकजुटता का यह उदाहरण संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची। गोरखपुर से प्रारंभ हुई इस 81 दिवसीय यात्रा के इटावा आगमन पर सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम में पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं के आभार और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस लाइन के बास्केटबॉल मैदान में सिपाही अजीत यादव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण करने के बाद मृतक सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिपाही अजीत यादव कानपुर देहात के निवासी थे और साल 2005 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। मृतक सिपाही के परिजनों के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। अजीत यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस लाइन में ही रहते थे। मृतक सिपाही अजीत यादव के भाई अरविंद यादव, जो स्वयं पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर इटावा में ही तैनात हैं, ने बताया कि आज सुबह अजीत ने बास्केटबॉल मैदान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।3
- जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सैफई पहुंचने पर पूरे सैफई परिवार और क्षेत्रवासियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाजवादी परिवार के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा, माल्यार्पण और पारंपरिक सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया। इस भव्य स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जहाँ शंकराचार्य जी ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव सहित सैफई परिवार के कई सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची, जहां सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। गोरखपुर से प्रारंभ हुई यह 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के इटावा आगमन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिससे पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम के दौरान, पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान भी किया। यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करने और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुआ। इस आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।1